राजनीति
यूपी में बसपा नेता की मीट फैक्ट्री पर छापा
पूर्व मंत्री और बसपा नेता हाजी याकूब कुरैशी के स्वामित्व वाली एक मीट फैक्ट्री पर पुलिस, माप विभाग, प्रदूषण बोर्ड और अन्य विभागों की एक संयुक्त टीम ने छापेमारी की। एसपी (ग्रामीण) केशव मिश्रा ने कहा, “कारखाने का लाइसेंस समाप्त होने की शिकायतों के बाद छापेमारी की गई थी, लेकिन मांस का प्रसंस्करण/पैकेजिंग अभी भी जारी था। कारखाने में मांस की एक बड़ी खेप रखी गई थी और अधिकारी इसके वजन और कानूनी स्थिति का आकलन कर रहे थे।”
सूत्रों ने बताया कि ये छापेमारी गुरुवार की देर रात समाप्त हुई। फैक्ट्री में मिले संदिग्ध ‘गाय के मांस’ का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।
हापुड़ रोड पर स्थित फैक्ट्री, अल फहीम मीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड, मध्य पूर्व और अन्य देशों में पैकेज्ड मीट का निर्यात करती है।
हाजी याकूब के बेटे इमरान कुरैशी ने कहा कि वह शहर से बाहर हैं और उन्हें छापेमारी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि कारखाने में कोई अवैध काम नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा, “मांस के कुछ पैकेट स्थानांतरित करते समय क्षतिग्रस्त हो गए और उन्हें फिर से पैक किया जा रहा था।”
बसपा नेता हाजी याकूब ने 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा था और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के राजेंद्र अग्रवाल से मामूली अंतर से हार गए थे।
वह यूपी में बसपा सरकार में मंत्री थे और 2006 में पैगंबर मोहम्मद का कैरिकेचर बनाने वाले डेनिश कार्टूनिस्ट के सिर पर इनाम की घोषणा के बाद सुर्खियों में आए थे।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
यूएनजीए ने महासचिव पद के उम्मीदवार के साथ पांचवीं बैठक की, फर्नांडा एस्पिनोसा ने पेश की दावेदारी

संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) ने संयुक्त राष्ट्र के अगले महासचिव पद के उम्मीदवार के साथ अपनी पांचवीं बातचीत की, जिसमें उम्मीदवार के तौर पर फर्नांडा एस्पिनोसा ने अपनी दावेदारी ठोंकी।
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, सोमवार को हुए संवाद में संयुक्त राष्ट्र महासभा की पूर्व अध्यक्ष और इक्वाडोर की पूर्व विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा, जिन्हें मई में एंटीगुआ और बारबुडा द्वारा नामित किया गया था, ने अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के नेतृत्व कौशल, अनुभव और क्षमताओं, संयुक्त राष्ट्र सुधार और संयुक्त राष्ट्र के तीन स्तंभों शांति और सुरक्षा, मानवाधिकार और विकास से संबंधित प्रश्नों के जवाब दिए।
एस्पिनोसा ने अपने बयान में कहा कि वह यूएन प्रमुख का पद ऐसे समय में संभालना चाहती हैं, जब दुनिया को बहुपक्षीय आदर्शों को दोहराने की नहीं, बल्कि नतीजों की जरूरत है, एक ऐसा संयुक्त राष्ट्र जो संकट को पहले ही रोक सके, बेहतर ढंग से प्रतिक्रिया दे सके, ज्यादा असरदार तरीके से काम कर सके और सामूहिक कार्रवाई की अहमियत में भरोसा बहाल कर सके।
उन्होंने कहा कि उनका विजन परिवर्तन के पांच परस्पर जुड़े स्तंभों शांति और सुरक्षा, विकास, डिजिटल और ऊर्जा परिवर्तन, वितरण अंतर को कम करना और विश्वसनीयता का पुनर्निर्माण करना के इर्द-गिर्द संगठित है।
एस्पिनोसा ने कहा, “यह कोई विस्तृत और व्यापक कार्य योजना नहीं है, क्योंकि व्यापक राजनीतिक और वित्तीय नेतृत्व सदस्य देशों से आना चाहिए। बल्कि, यह उन क्षेत्रों को उजागर करती है जहां महासचिव अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर सबसे प्रभावी ढंग से कार्य कर सकती हैं और परिणाम देकर संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता और विश्वास को बहाल कर सकती हैं।”
अप्रैल के अंत में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अगले संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के लिए चार उम्मीदवारों के साथ दो दिवसीय संवादात्मक बैठक आयोजित की। इसके तहत ब्राजील और मैक्सिको द्वारा नामित चिली की पूर्व राष्ट्रपति और मानवाधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र की पूर्व उच्चायुक्त मिशेल बाचेलेट, अर्जेंटीना द्वारा नामित अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के वर्तमान महानिदेशक राफेल ग्रॉसी, बुरूंडी द्वारा नामित सेनेगल के पूर्व राष्ट्रपति मैकी साल और कोस्टा रिका द्वारा नामित अर्थशास्त्री और कोस्टा रिका की पूर्व उपराष्ट्रपति रेबेका ग्रिनस्पैन के नाम शामिल हैं।
संयुक्त राष्ट्र के वर्तमान और नौवें महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का कार्यकाल इस वर्ष के अंत में समाप्त हो जाएगा। अगले संयुक्त राष्ट्र महासचिव एक जनवरी, 2027 को पदभार ग्रहण करेंगे।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
अमेरिकी एयर फोर्स का बी-52 बॉम्बर टेकऑफ के तुरंत बाद हुआ क्रैश, आठ लोगों की मौत

कैलिफोर्निया के मोजावे रेगिस्तान में एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस से उड़ान भरने के तुरंत बाद अमेरिकी एयर फोर्स का बी-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस क्रैश हो गया। इस भयानक हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई।
बेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि क्रैश सोमवार को स्थानीय समय के हिसाब से सुबह करीब 11:20 बजे हुआ। इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया और ऑपरेशन अभी भी जारी हैं।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि एक्स पर एक अलग पोस्ट में, सैन्य बेस ने बताया कि एयरफील्ड बंद कर दिया गया है और आने वाले सभी एयरक्राफ्ट को डायवर्ट किया जा रहा है।
कर्नल जेम्स हेस ने मीडिया को बताया, “आज, एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस पर एक भयानक हादसा हुआ और हमने आठ महान अमेरिकियों को खो दिया।” उन्होंने मृतको को “मिलिट्री, सरकारी सिविलियन और सरकारी कॉन्ट्रैक्टर का मिला-जुला क्रू” बताया।
बेस ने कहा कि सभी नॉन-कमर्शियल विजिटर पास अगली सूचना तक सस्पेंड कर दिए गए हैं ताकि इंस्टॉलेशन पूरी तरह से इमरजेंसी रिस्पॉन्स ऑपरेशन पर फोकस कर सके।
बेस ने बताया कि बी-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस में आठ लोग सवार थे और एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस से टेकऑफ के तुरंत बाद क्रैश हो गया, जिसमें किसी के बचने की खबर नहीं है।
बेस ने एक्स पर बताया कि एयरक्राफ्ट एक रूटीन टेस्ट मिशन पर था। क्रैश से हवा में काले धुएं का एक बड़ा गुबार उठा जो मीलों दूर से देखा जा सकता था। शुरुआती संकेत हैं कि क्रैश में कोई बच नहीं सकता था।
अधिकारी इसमें शामिल सभी लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। क्रैश के कारण की जांच अभी चल रही है।
बी-52 एक लंबी दूरी का स्ट्रेटेजिक बॉम्बर है जो ईरान पर हाल ही में हुए अमेरिका-इजरायल युद्ध के दौरान बमबारी में भी शामिल रहा है। यह विशाल बमवर्षक विमान 50,000 फीट तक की ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम है, जबकि वाणिज्यिक यात्री विमान आमतौर पर लगभग 35,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ते हैं। इसकी 70,000 पाउंड की भारी पेलोड क्षमता में सैकड़ों पारंपरिक बमों के साथ-साथ 32 परमाणु क्रूज मिसाइलें भी शामिल हो सकती हैं।
राजनीति
इंडिया ब्लॉक के नेतृत्व पर बोले टीएस सिंहदेव, फैसला सभी सहयोगी दल मिलकर करें

कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने इंडिया ब्लॉक के नेतृत्व को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि गठबंधन का नेतृत्व कौन करेगा? इसका फैसला किसी एक व्यक्ति या पार्टी को नहीं, बल्कि इंडिया ब्लॉक में शामिल सभी सहयोगी दलों को मिलकर करना चाहिए।
टीएस सिंहदेव ने राहुल गांधी की कार्यशैली की सराहना करते हुए समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा कि उन्होंने कभी किसी पद या नेतृत्व की जिम्मेदारी पाने के लिए खुद पहल नहीं की। राहुल गांधी हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करते हैं और कई बार ऐसी परिस्थितियों में भी आगे नहीं आते जहां उनसे पहल की अपेक्षा की जाती है।
उन्होंने कहा कि यह केवल किसी पद का सवाल नहीं है, बल्कि देश के राजनीतिक भविष्य और पूरी व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा विषय है। इसलिए राहुल गांधी, कांग्रेस या किसी अन्य नेता को नेतृत्व मिले, इसका निर्णय गठबंधन के सभी घटक दलों को सामूहिक रूप से लेना चाहिए।
वहीं, राम जन्मभूमि दान मामले में गठित एसआईटी को लेकर भी टीएस सिंहदेव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस मुद्दे को बेहद संवेदनशील और चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि भगवान राम से जुड़े मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला करोड़ों लोगों की आस्था के आधार पर आया था। ऐसे में यदि वहां किसी तरह की भ्रष्टाचार या अनियमितता की बात सामने आती है तो यह देश के लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं और विश्वास पर सीधा आघात होगा।
उन्होंने कहा कि इससे पहले तिरुपति लड्डू और उसमें इस्तेमाल होने वाले घी को लेकर भी विवाद सामने आया था। ऐसे मामलों में लोगों की धार्मिक भावनाओं और आस्था के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए।
टीएस सिंहदेव ने कहा कि अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वयं संज्ञान लिया था और ऐतिहासिक फैसला दिया था, इसलिए इस मामले की भी निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए। यह विषय अत्यंत संवेदनशील है, और इसकी सच्चाई सामने आना देशहित में आवश्यक है।
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