अपराध
अवैध कब्जे पर बीएमसी का साबुसिद्दीक हॉस्पिटल को नोटिस, चेरिटेबल अस्पताल के नाम पर प्राइवेट अस्पताल जैसी बिल
मुंबई का साबू सिद्दिक हॉस्पिटल इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ। हालांकि यह हॉस्पिटल चैरिटेबल कहलाता है लेकिन यहां की फीस किसी प्राइवेट हॉस्पिटल से कम नहीं है। मुस्लिम एंबुलेंस सोसाइटी द्वारा चलाए जाने वाला ये हॉस्पिटल इससे पहले भी कई बार विवादों का शिकार होता रहा है। यहां पर भर्ती होने वाले मरीजों को चैरिटी हॉस्पिटल के नाम पर भारी रकम देनी पड़ती है। मिली जानकारी के मुताबिक इस अस्पताल में कई अवैध काम हुए हैं और अब इसे लेकर इन दिनों बीएमसी सक्रिय हो गई है बीएमसी ने इस अस्पताल को शो कॉज नोटिस जारी किया है। सूत्रों की माने तो MRI और पैथोलॉजी लैब जहां बनाया गया है वो दरअसल कार पार्किंग की जगह है जिसे अस्पताल प्रशाशन ने कब्जा कर लैब मैं बदल दिया है और प्राइवेट कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट पर दे दिया है जो मनमाने तरीके से मरीजों से MRI और खून तपास के नाम से पैसे वसूलती है। इसके साथ ही इस अस्पताल के ऊपरी मंजिल को अवैध तरीके से जनरल वार्ड में तब्दील कर दिया गया है। इसी सिलसिल में मुंबई महानगरपालिका की एग्जीक्यूटिव हेल्थ ऑफिसर डॉक्टर दक्षा शाह ने इस पर जांच के आदेश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक बी वार्ड के हेल्थ विभाग के कई अधिकारी भी इस पूरे मामले में शामिल रहे है। हालांकि अस्पताल की माने तो उन्होंने पार्किंग में बनाए गए अवैध कामों को बीएमसी से पास करवाया था लेकिन वह उस के दस्तावेज दिखने मैं नाकाम रहे हैं। जिस पर अब बीएमसी ने अस्पताल से वह सारे डॉक्यूमेंट मांगे हैं जिसके आधार पर इस अवैध निर्माण को लीगल बनाकर इस पर पैथालॉजी और MRI सैंटर बनाए गए हैं। रिपोर्ट्स की माने तो एमआरआई सेंटर और पैथोलॉजी लैब में लोगों से मोटी रकम वसूल की जाती है। मरीजों की माने तो एमआरआई करने के लिए उन्हें साढे तीन हजार से लेकर पंद्रह हजार तक का चार्ज देना पड़ता है।
वही पैथोलॉजी लैब में सीबीसी के लिए 1500 और अन्य टेस्ट करने के लिए मोटी रकम लोगों से वसूला जाता है। चैरिटेबल के नाम पर लूट का यह धंधा कई सालों से चल रहा है। जो अब बीएमसी की नजर में आया है। जनरल वार्ड की आड़ में उपरी मंजिल पर कब्जा करके लोगों से मोटी रकम वसूला जा रहा है। इसके अलावा पूरी बिल्डिंग में फायर सिस्टम और सीढियों पर स्टोरेज के सामन रखे गए हैं जो कि सरकारी नॉर्म्स के खिलाफ है। अस्पताल के पास भाभा अटॉमिक रिसर्च सेंटर का लाइसेंस भी नहीं है जो कि एक्स-रे के लिए जरूरी बताया गया है। अब देखना यह होगा के कई सालों से चल रही यह लूट की कहानी पर बीएमसी किस तरह लगाम लगाती है।
अपराध
कैमरे में कैद: नागपुर में होली के दौरान दादी ने 4 साल के बच्चे पर गर्म पानी डाल दिया, जिससे बच्चा 45% तक जल गया।

नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर जिले में होली का जश्न एक चार वर्षीय बच्चे के लिए भयावह रूप ले लिया। जब उसकी दादी ने कथित तौर पर गुस्से में आकर उस पर गर्म पानी डाल दिया, जिससे वह गंभीर रूप से जल गया।
यह घटना 3 मार्च को कोराडी क्षेत्र के आरामशिन इलाके में घटी और सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई। ऑनलाइन सामने आए वीडियो में महिला पानी की बाल्टी लेकर चलती हुई दिखाई दे रही है, तभी एक बच्चा पेंट से भरी स्प्रे बोतल लेकर उसके पास आता है।
पुलिस के मुताबिक, लड़का घर के बाहर खेलते समय गलती से अपनी दादी सिंधु ठाकरे पर रंग छिड़क बैठा। इस घटना से क्रोधित होकर दादी ने कथित तौर पर बाल्टी से गर्म पानी बच्चे पर फेंक दिया।
फुटेज में दिख रहा है कि पानी डालने के कुछ ही क्षण बाद लड़का दर्द से चीखता हुआ और उछलकर दूर भाग जाता है। थोड़ी देर बाद, एक और महिला, जिसके पास ठंडे पानी की बाल्टी बताई जा रही है, बच्चे की ओर दौड़ती है और उसके जलने के घावों को शांत करने के प्रयास में उस पर पानी डालती है। बाद में दादी भी घायल बच्चे पर ठंडा पानी डालते हुए दिखाई देती हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार , होली की आग में पानी पहले से गर्म किया गया था। पुलिस का मानना है कि महिला गर्म पानी से बाल्टी भर रही थी, तभी बच्चे ने उस पर रंग छिड़क दिया, जिससे यह प्रतिक्रिया हुई।
लड़के की पहचान ओम के रूप में हुई है, जो कमर के नीचे बुरी तरह जल गया था और उसे नागपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज कर रहे डॉक्टरों का अनुमान है कि वह लगभग 45 प्रतिशत जल गया है। पुलिस ने महिला के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और आगे की जांच जारी है।
अपराध
देश के 50 जगहों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला आरोपी पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार

मुंबई, 5 मार्च : मुंबई के स्कूलों, स्टॉक एक्सचेंज और मेट्रो स्टेशनों समेत देश के कई अन्य राज्यों में बम से उड़ाने धमकी भेजकर दहशत फैलाने वाले आरोपी को मुंबई पुलिस ने पश्चिम बंगाल के 24 परगना इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान सौरव विश्वास (28) के रूप में हुई है।
मुंबई पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पिछले पांच दिनों में मुंबई, दिल्ली, गुजरात, समेत देश के कई अन्य राज्यों में 50 से अधिक जगहों को बम धमाके की धमकियां भेजकर दहशत फैलाने की कोशिश की थी। उसने यह धमकियां सिर्फ अफरा-तफरी फैलाने के इरादे से भेजी थी। इस मामले में पुलिस लगातार आरोपी से पूछताछ कर रही है।
पुलिस के अनुसार, 27 फरवरी को सुबह 8.46 बजे इंटरनेट के जरिए मुंबई के स्कूलों और मेट्रो स्टेशनों को एक धमकी भरा ईमेल भेजा गया, जिसमें अगले दो दिनों के भीतर बम विस्फोट करने की बात कही गई थी। धमकी भरे ईमेल से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिंडोशी पुलिस स्टेशन में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज़ कर तत्काल जांच शुरू की गई। तकनीकी विश्लेषण और ईमेल ट्रैकिंग के जरिए पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।
जांच में खुलासा हुआ कि यह ईमेल पश्चिम बंगाल के न्यू बराकपुर इलाके में रहने वाले सौरव विश्वास नामक शख्स ने भेजा था। आरोपी की तलाश में दिंडोशी पुलिस की विशेष टीम पश्चिम बंगाल रवाना हुई। इसी दौरान एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया।
आरोपी इससे पहले भी 16 फरवरी 2026 को अहमदाबाद में इसी तरह का धमकी भरा ईमेल भेज चुका था। अहमदाबाद साइबर पुलिस ने इस मामले में पहले ही केस दर्ज कर रखा था और 1 मार्च 2026 को आरोपी को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद मुंबई पुलिस ने आरोपी को वहां से हिरासत में लिया। अब मुंबई पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने यह धमकी भरा संदेश महज शरारत में किया था या इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क और साजिश का हाथ है। इस मामले में फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
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पश्चिम बंगाल: सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज, सांप्रदायिक बयान देने का आरोप

कोलकाता, 4 मार्च : पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ बुधवार को कोलकाता के एक पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई। उन पर डोल यात्रा उत्सव के अवसर पर सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील बयान देने का आरोप है।
अधिकारी ने मंगलवार को साधुओं, स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं और दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं के साथ यह उत्सव मनाया। इस क्षेत्र में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वर्तमान में विधायक हैं।
भवानीपुर के मतदाताओं से बातचीत के दौरान, अधिकारी ने सार्वजनिक बयान देते हुए मतदाताओं को ‘छद्म धर्मनिरपेक्षता’ और ‘नास्तिकता’ के खतरों के बारे में आगाह किया और आगामी विधानसभा चुनावों में ‘व्यापक हिंदू एकता’ का आह्वान किया।
बाद में मंगलवार को, युवा सीपीआई-एम नेता सैनिक सुर ने कोलकाता पुलिस के दक्षिण प्रभाग के अंतर्गत बालीगंज पुलिस स्टेशन में अधिकारी के खिलाफ सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील बयान देने का आरोप लगाते हुए एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
मीडिया के पास उपलब्ध अपनी शिकायत की प्रति में, सुर ने तर्क दिया कि विपक्ष के नेता की टिप्पणियां न केवल राजनीतिक रूप से उत्तेजक हैं, बल्कि धर्मनिरपेक्ष नागरिकों और नास्तिकों के खिलाफ सांप्रदायिक भेदभाव और नफरत भड़काने में भी सक्षम हैं।
सुर ने बाद में मीडियाकर्मियों से कहा कि सुवेंदु अधिकारी की टिप्पणियों ने पहले ही जनता में अशांति और विरोध प्रदर्शन को जन्म दिया है। ये बयान सार्वजनिक शांति को भंग करने में सक्षम हैं। एक बहुलवादी समाज में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए सांप्रदायिक सद्भाव आवश्यक है, जो अब अप्रत्यक्ष रूप से खतरे में पड़ रहा है।
उन्होंने मीडियाकर्मियों पर विपक्ष के नेता की ऐसी सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील टिप्पणियों को व्यापक प्रचार देने का भी आरोप लगाया।
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