राजनीति
केरल के निकाय चुनावों में दोगुनी सीटें जीतेगी भाजपा : सुरेंद्रन
केरल अगले सप्ताह से तीन चरण के स्थानीय निकाय चुनावों के लिए तैयार है। केरल भाजपा इकाई के अध्यक्ष के. सुरेंद्रन को यकीन है कि राज्य में भाजपा बेहतरीन प्रदर्शन करेगी।
यहां राज्य भाजपा मुख्यालय में आईएएनएस के साथ एक साक्षात्कार में, तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनावों में पार्टी के उम्मीदवारों के साथ बैठक के तुरंत बाद, 50 वर्षीय नेता ने कुछ सवालों के जवाब दिए।
सुरेंद्र से जब पूछा गया कि स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा के प्रदर्शन पर आपकी क्या भविष्यवाणी है? तो उन्होंने कहा, “हमारे पास जितनी सीटें हैं, हम उससे दोगुनी जीतने की उम्मीद कर रहे हैं। वर्तमान में, हमारे पास कुल 21,000 सीटों में से लगभग 1,200 सीटें हैं। हम पांच जिलों – तिरुवनंतपुरम, पत्तनमतिट्टा, त्रिशूर, पालक्काड़ और कासरगोड में बहुत अच्छा प्रदर्श करेंगे।”
यह पूछे जाने पर कि ये आत्मविश्वास कहां से आया, तो उन्होंने कहा, “इस बार, हम युवाओं और महिलाओं पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं। हमारा सबरीमाला मंदिर अभियान हमारी मदद भी करेगा, इसके अलावा हमने कोविड-19 स्थिति को भी जिस तरह संभाला, यह मदद करेगा। इसके अलावा कुल मिलाकर ‘मोदी इफेक्ट’ भी है।
इसके अलावा केरल में वाजपेयी युग से समय और स्थिति बदल गई है। उन समय में, भाजपा सिर्फ अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए शुरुआत कर रही थी और हमारे उम्मीदवारों में आत्मविश्वास की कमी थी। आज, स्थिति बदल गई है – हमने अपने उम्मीदवारों का नाम देना बहुत मुश्किल पाया, क्योंकि आवेदकों की लंबी फेहरिस्त थी। हमारे उम्मीदवारों का आत्मविश्वास बहुत अधिक है। इस बार, भाजपा का कोई भी प्रत्याशी सिर्फ चुनाव लड़ने के लिए चुनाव नहीं लड़ रहा है, क्योंकि सभी का लक्ष्य जीत दर्ज करना है।”
सुरेंदन ने यह पूछे जाने पर कि इस नए कायाकल्प का कारण क्या है? उन्होंने कहा कि संगठन को लगता है कि युवाओं और महिलाओं से उन्हें अच्छा-खासा समर्थन मिला है, क्योंकि उन्हें लगता है कि भाजपा तीसरा विकल्प है और इसमें केरल में सत्ता हासिल करने की ताकत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियां और कार्यक्रम दिशा और उद्देश्य की भावना के साथ हैं। बस केरल के गांवों में चहलकदमी करने पर आप जान जाएंगे कि लोगों को अब विभिन्न योजनाओं के तहत केंद्र से क्या मिला है, इस बारे में उन्हें पता है।
सुरेंद्र से जब पूछा गया कि क्या केरल भाजपा में एक पीढ़ीगत परिवर्तन प्रभाव है? तो उन्होंने कहा, “हां, है। किसी अन्य पार्टी के पास अपने नेताओं के लिए उम्र का मापदंड नहीं है। केरल में, 35 वर्ष से अधिक आयु का एक भी युवा मोर्चा सदस्य नहीं है। इसके अलावा, केरल में किसी भी स्तर पर हमारी किसी भी समिति की संरचना को देखें, और यहां तक कि फीडर संगठनों में भी – 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए निर्धारित हैं। साथ ही, पार्टी के शीर्ष पदों पर भी हमारे पास सभी धर्मो के लोग हैं। यहां तक कि पार्टी के शीर्ष पदों पर भी लॉबिंग का अस्तित्व समाप्त हो गया है और यह केवल कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता है जो किसी भी भाजपा सदस्य के लिए पुरस्कार लाएगा।”
आईएएनएस द्वारा यह पूछे जाने पर कि केरल में आगामी स्थानीय चुनावों में आपका प्रमुख राजनीतिक शत्रु कौन है? तो सुरेंद्र ने कहा कि कुछ स्थानों पर, हम वामपंथियों से लड़ रहे हैं, जबकि कुछ अन्य में यह कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फट्र है। आप बस इंतजार करें और देखें। हम मलप्पुरम जिले (मुस्लिम मतदाताओं के उच्च प्रतिशत वोटों के साथ) में जीतेंगे। मलप्पुरम से हमें जो प्रतिक्रिया मिली, उससे मैं वास्तव में हैरान था। न केवल हिंदू वोट मिलेंगे, बल्कि मुस्लिम वोट भी मिलेंगे। मोदी के 1 रुपये वाले सैनिटरी कैम्पेन प्रोग्राम को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।
पार्टी की वरिष्ठ नेता शोभा सुरेंद्रन के पार्टी से नाराज होने की मीडिया में आ रही खबरों के बारे में उन्होंने कहा कि मीडिया को इससे कोई समस्या है। यह मीडिया के प्रचार के अलावा कुछ नहीं है। हर समस्या के लिए एक समाधान है। लेकिन शोभा के साथ कोई समस्या नहीं है। तो, समाधान का सवाल ही नहीं उठता।
भाजपा नेता ने यह पूछे जाने पर कि जुलाई में सामने आए सोने की तस्करी मामले और अन्य आरोपों के मद्देनजर, क्या आपको लगता है कि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन 2021 के विधानसभा चुनावों में सत्ता बरकरार रखेंगे? तो उन्होंने कहा, “लेकिन वर्तमान गंभीर मुद्दों को दखते हुए बड़ा सवाल यह है कि क्या वह अपना वर्तमान कार्यकाल पूरा कर सकेंगे? मुझे संदेह है। वह परेशानी में हैं और सभी की निगाहें उनके करीबी सहयोगी और सहायक निजी सचिव सीएम रविंद्रन के साथ क्या होगा, इस पर है जब वह आखिरकार प्रवर्तन निदेशालय के सामने पूछताछ के लिए उपस्थित होंगे। चार मंत्री भी मुश्किल में पड़ सकते हैं। विजयन के लिए चीजें सही नहीं हैं।”
अंतरराष्ट्रीय समाचार
पीएम मोदी फ्रांस में भारत इनोवेट्स समिट से पहले वैश्विक निवेशकों से मिले

भारत इनोवेट्स समिट के उद्घाटन से पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारत, फ्रांस और कई अन्य देशों के चुनिंदा निवेशकों और वेंचर कैपिटल लीडर्स के साथ बातचीत की।
इस इनोवेशन-केंद्रित समिट को प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मिलकर शुरू करेंगे।
इस कार्यक्रम में प्रमुख स्टार्टअप, निवेशक, उद्यमी और टेक्नोलॉजी से जुड़े लोग एक साथ आएंगे। वे भारत, फ्रांस और व्यापक ग्लोबल इकोसिस्टम के बीच सहयोग, निवेश और इनोवेशन-आधारित पार्टनरशिप के मौकों पर चर्चा करेंगे।
निवेशकों के साथ यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब भारत और फ्रांस अपनी ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ के तहत उभरती टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और उद्यमिता के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करना चाहते हैं।
‘भारत इनोवेट्स समिट’ के दोनों देशों के स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच आपसी निवेश को बढ़ावा देने और संबंधों को मजबूत करने के लिए एक अहम मंच बनने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच नीस में द्विपक्षीय बातचीत होने की भी उम्मीद है, जिसमें वे भारत-फ्रांस संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे।
बातचीत मुख्य रूप से इनोवेशन, टेक्नोलॉजी, व्यापार, रक्षा सहयोग और व्यापक रणनीतिक मुद्दों पर केंद्रित होने की संभावना है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग के दायरे को दर्शाती है।
प्रधानमंत्री मोदी की फ्रांस यात्रा 13 जून से 18 जून तक चलेगी, जिसमें वह तीन प्रमुख शहर नीस, एवियन और पेरिस का दौरा करेंगे।
इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस पहुंचने के तुरंत बाद नीस में भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ अपनी बातचीत की।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “नीस में भारतीय समुदाय की ओर से यादगार स्वागत। भले ही वे अपने देश से कई किलोमीटर दूर हैं, लेकिन भारत के साथ हमारे प्रवासी समुदाय का रिश्ता पहले से कहीं अधिक मजबूत है।”
इससे पहले, नीस पहुंचने पर प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में अपनी फ्रांस यात्रा के बारे में जानकारी शेयर की थी और बताया था कि उनके कार्यक्रम नीस, एवियन और पेरिस में होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मैं अभी नीस पहुंचा हूं। नीस के अलावा, फ्रांस की इस यात्रा में एवियन और पेरिस में भी कार्यक्रम शामिल हैं।”
राजनीति
पीएम मोदी की फ्रांस यात्रा पर हुसैन दलवई बोले, ‘जबसे सत्ता में आए हैं तब से दुनिया की सैर कर रहे’

कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस दौरे समेत कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी है।
आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी जब से आए हैं, तब से दुनिया की सैर कर रहे हैं। इससे हासिल क्या हुआ? हमारी विदेश नीति बिल्कुल फेल हो गई है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध में हमने गलत भूमिका निभाई है।
सीपीआई (एम) के जनरल सेक्रेटरी एम.ए. बेबी के विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर दोहरे मापदंड अपनाने के आरोपों पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा, “केरल में कांग्रेस और सीपीआई (एम) के बीच राजनीतिक लड़ाई है। जहां राजनीतिक लड़ाई होती है, वहां कांग्रेस अपनी भूमिका निभाएगी। इसका मतलब यह नहीं है कि राहुल गांधी कोई गलती कर रहे हैं। राहुल गांधी स्वाभाविक रूप से अपनी पार्टी का ही पक्ष लेंगे।
टीएमसी के विधायकों और सांसदों के बीच मतभेद पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई कहते हैं, “यह हर जगह हो रहा है। उनके पास सत्ता है। लोगों को परेशान करने का काम किया जाता है। ईडी जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल करके धमकियां दी जाती हैं। आपराधिक कार्रवाई की जाती है। इसलिए कुछ लोग डरकर यहां-वहां जाते हैं। ये सभी नेता स्वार्थ के लिए जा रहे हैं।
शिवसेना (यूबीटी) सांसदों की बैठक पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि शिवसेना में ऐसा कुछ (टीएमसी जैसा) होगा। वे सांसद शिवसेना की वजह से ही चुने गए थे। दूसरी बात, ‘इंडिया’ गठबंधन के लोगों ने बड़े पैमाने पर मदद की है। कांग्रेस ने पूरी तरह से मदद की है। ऐसे हालात में, अगर वे (सांसद) कहीं और जाते हैं, तो कैसे चलेगा? अगर कोई पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में जाना चाहता है, तो उन्हें पहले इस्तीफा देना चाहिए।
‘370 रुपए बिरयानी’ विवाद पर स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे के माफी मांगने पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा, “उन्होंने जिस तरह से बात की है, वह बिल्कुल गलत है। इससे महिलाओं का अपमान होता है। आप स्टेज पर ऐसी बातें कहते हैं। यह कितना गलत है? आज भी हम समाज में महिलाओं को बराबरी की नजर से नहीं देखते; यह बहुत गलत है। इसमें सुधार लाना बहुत जरूरी है।
कर्नाटक सरकार की ओर से शराब को लेकर 21 वर्ष उम्र के मामले में हुसैन दलवई ने कहा कि सरकार की ओर से अच्छा निर्णय लिया जा रहा है। इससे हमारी युवा पीढ़ी खत्म हो रही है।
श्री राम मंदिर में कथित अनियमितता को लेकर हुसैन दलवई ने कहा कि एक शख्स को पकड़ कर कुछ नहीं होने वाला है। वहां इतना बड़ा घपला हो रहा था, तब सरकार क्या कर रही थी? श्री राम जी के नाम लेकर घपला किया जा रहा है।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की ओर से दत्तात्रेय होसबोले के बयान पर बचाव को लेकर हुसैन दलवई ने कहा कि मेरे अनुसार यह ठीक है। पाकिस्तान के सरकार की नीति पाकिस्तान के नागरिक पूरी तरह से नहीं मानते हैं। एक बार मैं वहां गया था और देखा है कि वहां के लोग सरकार से परेशान हैं। पाकिस्तान में ऐसे लोग भी हैं जो भारत से दोस्ती करना चाहते हैं।
संजय राउत की ओर से पीएम मोदी की अभद्र टिप्पणी पर हुसैन दलवई ने कहा कि उनको अभद्र टिप्पणी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि वे देश के प्रधानमंत्री हैं। प्रधानमंत्री की ओर से बहुत गलतियां की गई हैं। देश की इकॉनमी खत्म कर दी गई और भाईचारे को खत्म किया गया।
राष्ट्रीय समाचार
जून-अगस्त के दौरान अल नीनो होने की संभावना 80 प्रतिशत, महंगाई का मंडराया खतरा: रिपोर्ट

एक नई रिपोर्ट के अनुसार, जून-अगस्त के दौरान अल नीनो की घटना होने की संभावना 80 प्रतिशत है और इसके कम से कम नवंबर तक इसके बने रहने की संभावना 90 प्रतिशत या उससे अधिक है। हालांकि, देश में जलाशयों का जलस्तर सामान्य भंडारण से अधिक है (11 जून तक) और सब्जियों की आवक के आंकड़े भी संतोषजनक हैं।
बैंक ऑफ बड़ौदा की रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है, “आने वाले दिनों में ही पता चलेगा कि क्या सप्लाई की स्थिति ऐसी है जो खाने-पीने की चीजों और ईंधन की कीमतों में अचानक होने वाले बदलावों से महंगाई पर पड़ने वाले असर को संभाल पाएगी या नहीं।”
अर्थशास्त्री दिपान्विता मजूमदार के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 में सीपीआई महंगाई दर 5.2 प्रतिशत से 5.5 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। यह अनुमान अल नीनो के कुछ असर और कच्चे तेल की औसत कीमत 90 से 100 डॉलर प्रति बैरल रहने की संभावना पर आधारित है।
मई 2026 में हेडलाइन सीपीआई महंगाई दर 3.9 प्रतिशत रही, जो बीओबी रिसर्च के 4.1 प्रतिशत के अनुमान से कम थी, लेकिन अप्रैल के 3.5 प्रतिशत से ज्यादा थी।
इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह खाने-पीने की चीजों और ईंधन की कीमतों में तेजी थी; खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर बढ़कर 4.8 प्रतिशत हो गई।
हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण ट्रांसपोर्ट से जुड़ी महंगाई दर बढ़ी, जबकि रेस्टोरेंट और रहने-ठहरने की सेवाओं की महंगाई दर में भी बढ़ोतरी हुई।
कोर महंगाई दर (खाने-पीने की चीजों और ईंधन को छोड़कर) बढ़कर 3.9 प्रतिशत हो गई, जो कीमतों में अंदरूनी दबाव के संकेत हैं।
बीओबी रिसर्च को ईंधन की ज्यादा कीमतों और मौसम से जुड़ी अनिश्चितताओं, खासकर अल नीनो की वजह से खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर असर पड़ने की संभावना से महंगाई का जोखिम दिख रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है, “खाने-पीने की चीजों की महंगाई के मामले में, ईंधन की ज्यादा कीमतों का असर और माल ढुलाई (फ्रेट) की लागत में संभावित बढ़ोतरी से निकट भविष्य में महंगाई और बढ़ सकती है। इसलिए, ‘सेकंड-राउंड पास-थ्रू’ (यानी लागत बढ़ने का कीमतों पर बाद में पड़ने वाला असर) पर बारीकी से नज़र रखने की जरूरत है, खासकर तब जब इस साल मौसम से जुड़े जोखिम ज्यादा हैं।”
रिपोर्ट में आगे कहा गया है, “हमारा मानना है कि कोर महंगाई दर में बढ़ोतरी का जोखिम और बढ़ेगा क्योंकि मांग स्थिर रहने के बीच कंपनियां इनपुट लागत में हुई बढ़ोतरी का कुछ बोझ ग्राहकों पर डाल सकती हैं। आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों की महंगाई से जुड़े जोखिम भी बढ़ने की संभावना है।”
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