अपराध
अंकिता हत्याकांड मामले में बीजेपी नेता के बेटे पुलकित आर्य सहित 2 अन्य गिरफ्तार
लक्ष्मणझूला पुलिस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में मुख्य अभियुक्त वनंतरा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित सहित 2 अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर केस वर्कआउट कर लिया है।
विगत 5 दिनों से गुमशुदा चल रही अंकिता भंडारी मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया है, पुलिस ने आरोपी रिसोर्ट मालिक पुलकित आर्य समेत दो अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद आरोपियों ने खुलासा किया है कि उनके द्वारा अंकिता भंडारी को सुनसान जगह पर ले जाकर शराब पिलाई और तत्पश्चात शराब के नशे में हत्या कर उसका शव नहर में फेंक दिया, पुलिस द्वारा अंकिता भंडारी का शव खोजा जा रहा है।
अंकिता भंडारी हत्या मामले में लोगों में आक्रोश है। आक्रोशित ग्रामीणों ने रिजॉर्ट तोड़फोड़ करते हुए आग लगाने की कोशिश की। ऐसे में मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने बमुश्किल ग्रामीणों को रोका है। खबर आ रही है कि ग्रामीणों ने पुलकित आर्य को कोर्ट ले जा रही पुलिस की गाड़ी को रोककर उसमें तोड़फोड़ की, इसके साथ ही आरोपियों की भी पिटाई की गई।
उल्लेखनीय है कि ग्राम श्रीकोट, पट्टी नादलस्यूं, पौड़ी गढ़वाल निवासी 19 वर्षीय अंकिता भण्डारी की गुमशुदगी के सम्बन्ध में राजस्व पुलिस चौकी उदयपुर तल्ला में 6 दिन पहले मुकदमा पंजीकृत हुआ था। जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल द्वारा उपरोक्त मुकदमा 22 सितम्बर को राजस्व पुलिस से थाना लक्ष्मणझूला पुलिस को स्थानान्तरित किया गया।
गौर हो कि रिजॉर्ट से लापता हुई अंकिता भंडारी मामले का खुलासा हो गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उसकी हत्या करके उसको चीला बैराजद में फेंक दिया गया था।
बता दें कि पहले यह मामला राजस्व पुलिस के पास था लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए इसके बाद इसे लक्ष्मण झूला पुलिस को ट्रांसफर के गया था, जिसके बाद मामले में लक्ष्मणझूला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बेटी की हत्या की खबर के बाद परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है अंकिता दवे शुद्ध हो गए और न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर अंकित सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। सूत्रों की मानें तो गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने कई राज उगले हैं। पुलिस इस मामले की जल्द खुलासा कर सकती है। अंकिता के परिवार का रो रोकर बुरा हाल है।
आपको बता दें कि पुलकित आर्य बीजेपी के वरिष्ठ नेता का बेटा बताया जा रहा है जो कि उत्तराखंड सरकार में राज्य मंत्री रह चुके हैं। लड़की के दोस्तों से हुई बातचीत में पता चला है कि रिजॉर्ट के मालिक व किसी कर्मचारी द्वारा लड़की को किसी स्पेशल गेस्ट को विशेष सेवा ऑफर करने की बात की गई। लड़की ने मना किया और अंकिता गायब हो गई। अब सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि अंकिता हैवानों की हैवानियत का शिकार हुई है। अंकिता के व्हाट्सएप चैट से कई खुलासे हुए हैं।
वनंतरा रिसोर्ट के कर्मचारी के अनुसार 18 सितंबर को शाम छ: बजे के आसपास एक घंटे तक अंकिता के रूम में था पुलकित, अंकिता रो रही थी और हेल्प-हेल्प चिल्ला रही थी, उसके बाद पुलकित, अंकित और सौरभ उसे दुपहिया में बैठा के ऋषिकेश की ओर ले गये और जब वापस आये तो अंकिता इनके साथ नहीं थी, चीला बैराज की सीसीटीवी फुटेज चेक की गई है। अंकिता केस को सुलझाने में अहम कड़ी हो सकती है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए लक्ष्मणझूला पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के अन्दर मुख्य अभियुक्त वनंतरा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित सहित 02 अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर केस वर्कआउट कर लिया गया है।
पौड़ी के डोभ श्रीकोट की लड़की के रहस्यमय तरीके से गायब होने के प्रकरण की रेगुलर पुलिस को जांच सौंप दी गई थी। जिसके बाद पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही थी। जनपद पौड़ी के गंगाभोगपुर में स्थित एक रिजॉर्ट से रहस्यमय परिस्थितियों में डोभ श्रीकोट की रहने वाली लड़की के लापता होने के मामले में अब जांच राजस्व से रेगुलर पुलिस को सौंप दी गयी है। जिसके बाद मामले में लक्ष्मणझूला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। श्रीनगर सीओ श्याम दत्त नौटियाल के अनुसार पुलिस ने रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर अंकित सहित तीन लोगों को अरेस्ट कर लिया है।
वनंतरा रिजॉर्ट का मालिका पुलकित आर्य पूर्व राज्य मंत्री भाजपा विनोद आर्य का बेटा है। यह पुलकित आर्य लॉकडाउन में भी विवादों में आया था। जब उत्तर प्रदेश के विवादित नेता अमरमणि त्रिपाठी के साथ उत्तरकाशी में प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंच गया था। अमरमणि त्रिपाठी पर मधुमिता शुक्ला की हत्या का आरोप है। मधुमिता शुक्ला की हत्या के आरोप में अमरमणि त्रिपाठी 14 साल तक जेल में रहा है।
अपराध
मुंबई: ईओडब्ल्यू ने 30 करोड़ के शेयर बाज़ार निवेश घोटाले में कार्रवाई की, आरोपी गिरफ़्तार, 1 करोड़ बरामद।

ARREST
मुंबई; मुंबई इकोनॉमिक विंग ईओडब्ल्यू ने इनविस्टॉक ऐप के नाम पर शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करने की आड़ में इन्वेस्टर्स को 2 से 5 परसेंट का प्रॉफिट देने में फ्रॉड और गड़बड़ी के एक मामले में आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया है। ईओडब्ल्यू में एमपीआईडी एक्ट समेत फ्रॉड का एक केस दर्ज किया गया था जिसमें इनविस्टॉक नाम की कंपनी ने 30 करोड़ रुपये की फ्रॉड की है, जिसमें 42 इन्वेस्टर्स के साथ ठगी की गई है, जिसकी कीमत 30 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मुंबई ईओडब्ल्यू यूनिट 5 को जानकारी मिली थी कि लोगों से ठगी करने वाला शख्स गुजरात में छिपा हुआ है, जिस पर ईओडब्ल्यू टीम ने आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से 1.65 करोड़ रुपये भी बरामद किए गए हैं और नागरिकों से अपील की है कि वे कैपिटल स्कीम में इन्वेस्ट न करें ताकि वे फ्रॉड का शिकार न हों। इसके साथ ही नागरिक अबी आई की स्कीम के हिसाब से ही इन्वेस्ट करें।
अपराध
मुंबई पुलिस ने 1.07 करोड़ रुपए के ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग फ्रॉड का किया पर्दाफाश, 6 आरोपी गिरफ्तार

मुंबई पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने एक संगठित साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो कथित तौर पर फर्जी ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग योजनाओं के माध्यम से निवेशकों से 1.07 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी करने में शामिल था।
अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के तहत पुलिस ने छह ऐसे व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है जिन पर फर्जी निवेश के अवसरों का लालच देकर पीड़ितों को ठगने और धोखाधड़ी करने का आरोप है।
साइबर पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर व्हाट्सएप ग्रुप, फर्जी ट्रेडिंग एप्लिकेशन और कई बैंक खातों के माध्यम से धोखाधड़ी की, जिसमें उन्होंने फर्जी शेयर ट्रेडिंग और आईपीओ निवेश योजनाओं के जरिए आकर्षक रिटर्न का वादा किया था।
इस मामले में गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों में से चार को गुजरात के वडोदरा से पकड़ा गया, जबकि बाकी दो को मुंबई से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि जांच में पता चला है कि यह गिरोह एक सुनियोजित नेटवर्क के रूप में काम करता था, जिसमें अलग-अलग सदस्यों को स्पष्ट रूप से भूमिकाएं सौंपी गई थीं।
जांचकर्ताओं के अनुसार, यह ऑपरेशन कई चरणों में अंजाम दिया गया। पहले चरण में उन व्यक्तियों की पहचान करना शामिल था जो अपने बैंक खातों की जानकारी देने के इच्छुक थे।
इसके बाद, कथित तौर पर कंपनियों के नाम पर सेविंग अकाउंट खोले गए, जिसके बाद धोखाधड़ी से प्राप्त धन को कई बैंक खातों के माध्यम से आगे स्थानांतरित किया गया ताकि इसके निशान को छिपाया जा सके।
पुलिस का मानना है कि यह पूरी व्यवस्था संगठित साइबर धोखाधड़ी रैकेट का हिस्सा थी जिसे पकड़े जाने से बचने के लिए बनाया गया था।
यह मामला तब सामने आया जब मुंबई के एक 43 वर्षीय निवेश पेशेवर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
जांचकर्ताओं के अनुसार, उसे व्हाट्सएप पर ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग का विज्ञापन मिला और उसने मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक किया।
पुलिस ने बताया कि लिंक खोलने के बाद महिला ‘अर्जुन मेहता, कुआ सिक्योरिटीज, यूके’ नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़ गई, जहां कई लोग खुद को बाजार विशेषज्ञ बताकर नियमित रूप से शेयर बाजार की अपडेट, निवेश सलाह और असाधारण रूप से उच्च रिटर्न के दावे साझा करते थे, जिसका मकसद ग्रुप के सदस्यों का विश्वास जीतना था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पेशेवर दिखने वाली बातचीत और निवेश संबंधी चर्चाओं के माध्यम से धीरे-धीरे पीड़ित का विश्वास जीत लिया।
अंततः उसे एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के रूप में प्रस्तुत किए गए प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण करने और एक मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए राजी किया गया, जिसका इंटरफेस वास्तविक स्टॉक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से काफी मिलता-जुलता था।
इस प्लेटफॉर्म को वैध मानते हुए पीड़िता ने अपने बैंक खातों के साथ-साथ अपने परिवार के सदस्यों के खातों से भी कई किस्तों में आरोपी द्वारा उपलब्ध कराए गए विभिन्न बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जालसाजों ने कथित तौर पर पीड़ित से कुल 1,07,37,208 रुपए की धोखाधड़ी की थी।
साइबर क्राइम ब्रांच अब आरोपी से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है, धोखाधड़ी से प्राप्त धन की आवाजाही का पता लगा रही है और उन अन्य व्यक्तियों की पहचान कर रही है जो इस नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं।
जांचकर्ता यह पता लगाने की भी कोशिश कर रहे हैं कि क्या विभिन्न राज्यों में और भी निवेशक इसी तरह की कार्यप्रणाली का शिकार हुए होंगे।
अपराध
नई दिल्ली: ‘डिजिटल अरेस्ट’ साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का भंडाफोड़, पश्चिम बंगाल से 3 गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की ओर से ‘डिजिटल अरेस्ट’ साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया गया है। पुलिस ने पश्चिम बंगाल से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पुलिस ने छह मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 18 डेबिट/क्रेडिट कार्ड, 15 सिम कार्ड और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया है।
पुलिस को शिकायत मिली थी कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम के जरिए 7.22 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई है। ठगों ने पीड़िता को लगातार व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर बनाए रखा और उसे आरटीजीएस के माध्यम से रकम ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना और हावड़ा में छापेमारी कर समीरन रॉय, प्रिंस शॉ और समर चटर्जी को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी संगठित साइबर ठगों को म्यूल बैंक खाते, सिम कार्ड और बैंकिंग क्रेडेंशियल उपलब्ध कराते थे। पीड़ितों को फर्जी ‘डिजिटल अरेस्ट’ कॉल के जरिए डराकर सिंडिकेट की ओर से तैयार किए गए बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया जाता था।
दक्षिण जिला (साउथ डिस्ट्रिक्ट) की साइबर पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान ‘डिजिटल अरेस्ट’ सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने और अपराध से अर्जित धन का पता लगाने के लिए आगे की जांच कर रही है।
इससे पहले, 29 जून को भी दिल्ली पुलिस ने एक बड़े अभियान के दौरान साइबर फ्रॉड रैकेट का भंडाफोड़ किया था। पुलिस ने जामताड़ा समेत कई स्थानों पर छापेमारी कर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई ऑनलाइन धोखाधड़ी में शामिल संगठित साइबर अपराध नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा थी।
दक्षिण-पश्चिम जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) अभिमन्यु पोसवाल ने बताया था कि जिले की पुलिस ने करीब 26 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी से जुड़े चार अलग-अलग मामलों की जांच के दौरान 10 लोगों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान एक महिंद्रा थार रॉक्स वाहन, 14 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और अपराध से जुड़े कई अन्य साक्ष्य बरामद किए गए।
-
दुर्घटना10 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
