राजनीति
मणिपुर, नागालैंड उपचुनाव में भाजपा 2, कांग्रेस 1 सीट पर आगे
मणिपुर में सत्ताधारी भाजपा के उम्मीदवार दो विधानसभा सीटों पर और विपक्षी कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवार एक-एक सीट पर आगे हैं जबकि नागालैंड में दो सीटों पर दो निर्दलीय उम्मीदवार आगे चल रहे हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
इम्फाल में चुनाव अधिकारियों ने कहा कि भाजपा के उम्मीदवार वांगोई और सैतु सीटों पर, कांग्रेस उम्मीदवार वांगजिंग-टेंथा में और एक निर्दलीय उम्मीदवार लिलॉन्ग सीट पर आगे चल रहे हैं।
7 नवंबर को मणिपुर की चार विधानसभा सीटों और 3 नवंबर को नागालैंड की दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए थे।
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार गिनसुआन्हू को 22 अक्टूबर को चुड़ाचांदपुर जिले की सिंघट सीट से निर्विरोध चुन लिया गया था, क्योंकि निर्दलीय उम्मीदवार चिनलुन्थांग ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी।
नागालैंड में, दक्षिणी अंगामी-1 और पुंग्रो-किफिरे दोनों सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार आगे चल रहे हैं।
मंगलवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मणिपुर और नागालैंड में वोटों की गिनती शुरू हुई और कोविड-19 दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन किया जा रहा है।
राष्ट्रीय समाचार
कर्नाटकः जंगल में ले जाकर पति ने पत्नी की बेरहमी से की हत्या

कर्नाटक के बीदर जिले में रिश्तों के कत्ल का मामला सामने आया है। जिले के भालकी तालुका में एक 26 साल की महिला की कथित तौर पर उसके पति ने हत्या कर दी। आरोप है कि पति के संबंध उसके घर के सामने रहने वाली एक लड़की से हो गए थे, इसलिए पत्नी को रास्ते से हटाने के लिए खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
आरोपी कथित तौर पर अपनी पत्नी को भालकी तालुक के गैमुख मंदिर के पास एक जंगल वाले इलाके में ले गया और बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। हमले के बाद, उसने कथित तौर पर जांच करने वालों को गुमराह करने के लिए घटना को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की।
मृतक महिला की पहचान बीदर तालुक के होन्नीकेरी गांव की रहने वाली संजना (26) के तौर पर हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने संजना को उसके मायके ले जाने के बहाने जंगल वाले इलाके में चलने के लिए राजी किया। इसके बाद जंगल में उसने लोहे की रॉड से पत्नी संजना पर हमला किया और उसके सिर व गर्दन पर गंभीर चोटें पहुंचाईं।
इलाज के बावजूद मंगलवार को संजना की चोटों के कारण मौत हो गई। मोर्चरी के बाहर दिल दहला देने वाले दृश्य देखने को मिले, जहां परिवार के सदस्य उसकी मौत पर शोक मना रहे थे। आरोपी की पहचान भालकी तालुक के बोलेगाओ गांव के रहने वाले भागवत ज्ञानेश्वर के तौर पर हुई है। दोनों की शादी दो साल पहले हुई थी। धनूर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच चल रही है।
इसके पहले 9 जून को कर्नाटक के मांड्या जिले में कपड़ा व्यापारी ने अपनी पत्नी और बेटे की हत्या करने के बाद आत्महत्या कर ली थी। सुसाइड नोट में राज्य सरकार की महिलाओं के लिए ‘शक्ति’ फ्री ट्रैवल स्कीम, बढ़ते कर्ज और व्यापार में नुकसान को इसकी वजह बताया गया है। मरने वालों की पहचान 65 वर्षीय प्रभाकर, उनकी पत्नी 55 वर्षीय ज्योति और उनके बेटे 30 वर्षीय संतोष के तौर पर हुई थी।
राष्ट्रीय समाचार
डेयरी संस्था आविन ने दूध की किल्लत वाली खबर का किया खंडन, कहा- ऐसी खबरें पूरी तरह भ्रामक

तमिलनाडु की राज्य संचालित डेयरी सहकारी संस्था आविन ने दूध की आपूर्ति में गिरावट संबंधी खबरों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि चेन्नई में दूध की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में दूध की बिक्री में वृद्धि दर्ज की गई है।
यह स्पष्टीकरण तमिलनाडु मिल्क एजेंट्स एंड वर्कर्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा लगाए गए उन आरोपों के बाद आया है, जिनमें कहा गया था कि निजी डेयरी कंपनियां आविन की तुलना में अधिक खरीद मूल्य देकर दूध उत्पादकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं।
एसोसिएशन के अनुसार, इसके कारण आविन के दूध खरीद में गिरावट आई है, जिससे कई इलाकों में दूध की आपूर्ति पर 30 प्रतिशत तक असर पड़ा है।
इन आरोपों को खारिज करते हुए आविन ने कहा कि दूध की खरीद या वितरण में किसी भी तरह की कोई बाधा नहीं आई है और चेन्नई के उपभोक्ताओं को प्रतिदिन आविन के सभी प्रकार के दूध के पैकेट बिना किसी कमी के उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
आधिकारिक बयान में आविन ने कहा कि वह वर्तमान में चेन्नई में प्रतिदिन औसतन 14.50 लाख लीटर दूध की आपूर्ति कर रहा है और अपने व्यापक वितरण नेटवर्क के माध्यम से निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित कर रहा है।
सहकारी संस्था ने कहा कि वह उपभोक्ताओं की मांग पूरी करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और दूध की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
बिक्री में गिरावट के दावों का जवाब देते हुए आविन ने जून महीने के दौरान दूध वितरण के तुलनात्मक आंकड़े भी जारी किए।
जारी आंकड़ों के अनुसार, जून 2025 में सहकारी संस्था ने प्रतिदिन औसतन 14.46 लाख लीटर दूध की बिक्री की थी। वहीं जून 2026 में औसत दैनिक बिक्री बढ़कर 14.82 लाख लीटर पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में प्रतिदिन लगभग 36,000 लीटर अधिक है।
आविन ने कहा कि ये आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि उपभोक्ता मांग या दूध वितरण में किसी प्रकार की कोई गिरावट नहीं आई है। इसके विपरीत, मिल्क एजेंट्स एसोसिएशन द्वारा जताई गई चिंताओं के बावजूद बिक्री में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है।
डेयरी सहकारी संस्था ने आगे कहा कि आविन दूध की कमी या आपूर्ति में व्यवधान संबंधी खबरें “निराधार और भ्रामक” हैं।
संस्था ने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे ऐसी खबरों से गुमराह न हों। उसने दोहराया कि पर्याप्त मात्रा में दूध उपलब्ध है और दूध वितरण का कार्य पूरी तरह सामान्य रूप से चल रहा है।
उपभोक्ताओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए आविन ने कहा कि निर्बाध दूध आपूर्ति उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और उसने जनता को आश्वस्त किया कि चेन्नई में सभी श्रेणियों के दूध के पैकेट बिना किसी कठिनाई के लगातार उपलब्ध रहेंगे।
सहकारी संस्था ने यह भी दोहराया कि वह दूध खरीद और वितरण की लगातार निगरानी करती रहेगी, ताकि शहर के उपभोक्ताओं को भरोसेमंद और निर्बाध दूध आपूर्ति मिलती रहे।
राष्ट्रीय समाचार
भारत में अमेरिकी मिशन ने बनाया रिकॉर्ड, अमेरिका में 20.5 अरब डॉलर का निवेश जुटाया

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने इस साल अमेरिका में 20.5 अरब डॉलर (20.5 बिलियन डॉलर) के नए निवेश आकर्षित किए हैं। इस उपलब्धि के साथ भारत में अमेरिकी मिशन निवेश बढ़ाने के मामले में दुनियाभर के सभी अमेरिकी दूतावासों में पहले स्थान पर पहुंच गया है।
अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) के लीडरशिप समिट में बोलते हुए सर्जियो गोर ने कहा कि यह उपलब्धि भारत में बढ़ते भरोसे और दोनों देशों के मजबूत होते आर्थिक संबंधों का बड़ा संकेत है।
उन्होंने कहा, “हमारी सभी अमेरिकी दूतावासों के बीच एक तरह की प्रतिस्पर्धा रहती है। इस साल नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने 20.5 अरब डॉलर का नया निवेश अमेरिका तक पहुंचाया और हम बाकी सभी मिशनों से काफी आगे रहे। यह हमारे लिए बेहद गर्व और संतोष की बात है।”
सर्जियो गोर ने कहा कि आज भारत एक भरोसेमंद निवेश गंतव्य बनकर उभरा है। यही वजह है कि अमेरिकी कंपनियां भारत के साथ काम करने में पहले से ज्यादा विश्वास दिखा रही हैं।
उन्होंने बताया कि जब कोई अमेरिकी कंपनी उनसे पूछती है कि क्या भारत में निवेश करना सुरक्षित है? क्या यहां उनकी बौद्धिक संपदा (आईपी) सुरक्षित रहेगी? क्या कानून अचानक नहीं बदलेंगे? क्या टैक्स व्यवस्था स्थिर और भरोसेमंद है? तब उन्हें गर्व के साथ जवाब देने का मौका मिलता है कि अमेरिका भारत पर भरोसा करता है और भारत के साथ मिलकर काम करता है।
राजदूत ने कहा कि उन्होंने भारत में अपने छह महीने के कार्यकाल के दौरान कई सकारात्मक बदलाव देखे हैं। अमेरिकी दूतावास अब केवल औपचारिक बैठकों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसका पूरा ध्यान ठोस आर्थिक परिणाम हासिल करने पर है।
उन्होंने कहा, “जैसा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कहते हैं, हम परिणामों पर काम करते हैं। मैं भारत सिर्फ स्वागत समारोहों में शामिल होने नहीं आया हूं। मेरा उद्देश्य इस महत्वपूर्ण साझेदारी को और मजबूत करना है, जो दोनों देशों के लिए बेहद जरूरी है।”
सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी दूतावास हमेशा निवेशकों और कारोबारियों के लिए खुला है। उन्होंने कंपनियों से अपील की कि अगर किसी निवेश या कारोबारी परियोजना में नियमों या सरकारी प्रक्रियाओं की वजह से कोई अड़चन आती है, तो वे सीधे दूतावास से संपर्क करें।
उन्होंने कहा, “हमारा दूतावास आपके लिए हमेशा खुला है। आइए, हमसे मिलिए और बताइए कि हम आपकी किस तरह मदद कर सकते हैं। कई बार दोनों देशों में फाइलें सरकारी प्रक्रियाओं में अटक जाती हैं। अगर हम सही व्यक्ति तक मामला पहुंचाकर उसे आगे बढ़ाने में मदद कर सकते हैं, तो जरूर करेंगे। आपको हमारा दूतावास हमेशा सहयोगी और सकारात्मक मिलेगा।”
अमेरिकी राजदूत ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार आर्थिक कूटनीति को विदेश नीति का अहम हिस्सा मानती है। उनका कहना था कि ट्रंप खुद भी अमेरिकी कंपनियों को विदेशों में कारोबार बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा, “कोई भी सौदा छोटा नहीं होता। अगर किसी निवेश से अमेरिका में रोजगार पैदा होता है, तो राष्ट्रपति खुद उस कंपनी के समर्थन में फोन करने के लिए भी तैयार रहते हैं। यह बेहद सक्रिय तरीका है, जैसा हमने पहले किसी भी राजनीतिक दल की सरकार में नहीं देखा।”
सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिका भारत के साथ तकनीक, रक्षा, विमानन (एविएशन) और विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कारोबारी और निवेश संबंधों को और मजबूत करना चाहता है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका का रिश्ता भरोसे, साझा अवसरों और दीर्घकालिक साझेदारी पर आधारित है।
उन्होंने यह भी कहा कि रक्षा, तकनीक और ऊर्जा सहयोग के साथ-साथ अब कॉमर्शियल डिप्लोमेसी भी भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी का एक मजबूत और महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुकी है।
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