Connect with us
Tuesday,14-April-2026
ताज़ा खबर

राजनीति

बिहार : दूसरे चरण का मतदाल मंगलवार को, तेजस्वी, तेजप्रताप का भविष्य दांव पर

Published

on

Tejashwi-Yadav

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर दूसरे चरण के 3 नवंबर को होने वाले मतदान में महागठबंधन के ‘चेहरा’ और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और उनके भाई तेजप्रताप यादव सहित कई युवा नेताओं के सियासी भविष्य भी दांव पर लगे हैं। दूसरे चरण में मंगलवार को 94 सीटों पर मतदान होना है। इस चरण में नीतीश मंत्रिमंडल के कई सदस्यों के राजनीतिक भविष्य को भी मतदाता तय करेंगे।

राजद के नेता तेजस्वी यादव बिहार मंत्रिमंडल के सदस्य रह चुके हैं तथा महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। चुनाव जीतने को लेकर तेजस्वी खूब पसीना बहा रहे हैं। तेजस्वी एकबार फिर राघोपुर से चुनावी मैदान में हैं।

इधर, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के पुत्र और तेजस्वी के भाई तेजप्रताप यादव का भी सियासी सफर दांव पर है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप इस चुनाव में महुआ विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर समस्तीपुर के हसनपुर से चुनावी मैदान में हैं। हसनपुर में जीत दर्ज करने को लेकर तेजप्रताप कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

इसके अलावे इस चरण में जिन सीटों पर मतदान होना है, उसमें पटना के बांकीपुर सीट भी शामिल है, जहां से कांग्रेस ने पटना साहिब के सांसद रहे और अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा के पुत्र लव सिन्हा को चुनावी मैदान में उतारा है। लव सिन्हा इस चुनाव से राजनीतिक सफर की शुरूआत कर रहे हैं।

इसके अलावा इस चरण में मतदाता प्लुरल्स पार्टी की अध्यक्ष पुष्पम प्रिया चौधरी के भी राजनीतिक सफर को तय करने वाले हैं। चौधरी बांकीपुर से चुनावी मैदान में हैं। बांकीपुर से ही भाजपा ने एकबार फिर नितिन नवीन को चुनावी अखाड़े में उतारा है।

इस चरण के चुनाव में पटना साहिब से पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, मधुबन से सहकारिता मंत्री रंधीर सिंह, नालंदा से ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार का भी राजनीतिक भविष्य दांव पर है।

चुनाव आयोग के मुताबिक, इस चरण में 1,463 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होना है, इनमें से 1316 पुरूष, 146 महिला और एक थर्ड जेंडर शामिल है।

दूसरे चरण में दो करोड़ 85 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस चरण के लिए 41,362 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इस चरण के चुनाव में महाराजगंज विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 27 प्रत्याशी हैं जबकि दरौली विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम चार प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।

आयोग के मुताबिक कोरोना काल में मतदान को लेकर कई तरह की व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

इस चरण में राजद के 56 तो जदयू के 43 उम्मीदवारों के अलावे भाजपा के 46, कांग्रेस के 24, सीपीआई के चार, सीपीएम के चार, लोकजनशक्ति पार्टी (लोजपा) के 52 तथा रालोसपा के 36 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।

बिहार के चुनावी दंगल में राजग से सीधी टक्कर विपक्षी दल के महागठबंधन से मानी जा रही है। भाजपा के नेतृत्व वाले राजग में जदयू, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा, विकासशील इंसान पार्टी शामिल हैं, जबकि केंद्र में राजग की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) यहां अलग होकर चुनाव मैदान में है। महागठबंधन में राजद, कांग्रेस और वामपंथी दल शामिल हैं।

महाराष्ट्र

पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण कपड़ा उद्योग का निर्यात प्रभावित, रईस शेख ने राज्य से पैकेज की मांग की

Published

on

मुंबई; वेस्ट एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से भारत के टेक्सटाइल एक्सपोर्ट पर असर पड़ा है और कॉटन और धागे जैसे कच्चे माल की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे इंडस्ट्री में तीन दिन का लॉकडाउन लगा है। इसलिए इंडस्ट्री को बचाने के लिए भिवंडी ईस्ट से समाजवादी पार्टी के एमएलए रईस शेख ने राज्य की महागठबंधन सरकार से स्पेशल फाइनेंशियल पैकेज की मांग की है। एमएलए रईस शेख ने हाल ही में राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और टेक्सटाइल मंत्री संजय सावक्रे को टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए तुरंत स्पेशल फाइनेंशियल पैकेज देने के लिए एक लेटर लिखा था। इस बारे में बात करते हुए एमएलए रईस शेख ने कहा कि स्टेट टेक्सटाइल कॉर्पोरेशन के एक सर्वे से पता चला है कि राज्य में टेक्सटाइल इंडस्ट्री को मार्च 2026 के महीने में 4,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

राज्य में 9,48,000 पावरलूम और 4,000 हैंडलूम हैं। देश के 39% पावरलूम अकेले महाराष्ट्र में हैं। अगर सरकार इस इंडस्ट्री की मदद नहीं करती है, तो कोरोना काल की तरह मज़दूरों का रिवर्स माइग्रेशन शुरू हो जाएगा। खेती के बाद सबसे ज़्यादा रोज़गार देने वाली इंडस्ट्री सिर्फ़ टेक्सटाइल इंडस्ट्री है। भिवंडी, मालेगांव और अचल करंजी टेक्सटाइल इंडस्ट्री के बड़े सेंटर हैं। खाड़ी युद्ध की वजह से इस इंडस्ट्री का कच्चा माल और एक्सपोर्ट चेन खत्म हो गया है और हफ़्ते में दो दिन प्रोडक्शन बंद हो गया है। इस बारे में एमएलए रईस शेख का कहना है कि राज्य सरकार को इस इंडस्ट्री को तुरंत फ़ाइनेंशियल पैकेज देने की ज़रूरत है। असल में, यह इंडस्ट्री महंगी बिजली की वजह से मुश्किलों का सामना कर रही है। अगर इस आर्थिक रूप से ज़रूरी इंडस्ट्री का एक्सपोर्ट बंद हो गया तो इसके बर्बाद होने का डर है। अगर ऐसा हुआ तो राज्य में लाखों स्किल्ड और अनस्किल्ड नौकरियाँ जाने का डर है। इसलिए एमएलए रईस शेख ने चिट्ठी में ज़ोर देकर मांग की है कि राज्य सरकार तुरंत टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए फ़ाइनेंशियल पैकेज का ऐलान करे।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

परमाणु मांगों पर विवाद के बीच अमेरिका और ईरान की वार्ता ठप

Published

on

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान के साथ वार्ता में “काफी प्रगति” हुई, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका। अमेरिका अपनी प्रमुख मांगों पर अड़ा रहा, जिनमें समृद्ध यूरेनियम को हटाना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सत्यापन योग्य सीमाएं शामिल हैं।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने फाक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि पाकिस्तान में उच्च स्तर पर हुई वार्ताओं ने लचीलेपन और अमेरिका की “रेड लाइन्स” दोनों को स्पष्ट किया।

उन्होंने कहा, “मैं यह नहीं कहूंगा कि चीजें गलत हुईं। मुझे लगता है कि कई चीजें सही भी हुईं। हमने काफी प्रगति की,” और जोड़ा कि यह “पहली बार था जब ईरानी और अमेरिकी सरकारें इतने उच्च स्तर पर मिलीं।”

वेंस के अनुसार, मुख्य विवाद का मुद्दा यह रहा कि अमेरिका इस बात पर अड़ा हुआ है कि ईरान “कभी भी परमाणु हथियार नहीं रख सकता,” जो उसकी सभी वार्ता स्थितियों का आधार है।

उन्होंने दो गैर-समझौताकारी मांगों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा,“हमें समृद्ध सामग्री (यूरेनियम) को ईरान से बाहर करना होगा।” दूसरी मांग थी “परमाणु हथियार विकसित न करने की निर्णायक प्रतिबद्धता,” जिसे सत्यापन तंत्र के जरिए सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा, “ईरान यह कह दे कि वह कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, यह एक बात है… लेकिन इन बातों का सत्यापन भी जरूरी है।”

वेंस के मुताबिक, ईरानी वार्ताकार “हमारी दिशा में बढ़े” लेकिन “पर्याप्त नहीं बढ़े” जिसके कारण दोनों पक्षों ने बातचीत रोककर अपने-अपने देशों में लौटने का फैसला किया।

उन्होंने कहा, “अब गेंद उनके पाले में है” और संकेत दिया कि आगे की बातचीत तेहरान की अमेरिकी शर्तें मानने की इच्छा पर निर्भर करेगी।

वेंस ने वार्ता की प्रगति को क्षेत्रीय मुद्दों से भी जोड़ा, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलना शामिल है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है।

उन्होंने कहा, “हमें जलडमरूमध्य को पूरी तरह खुला देखना होगा,” और ईरान पर बातचीत के दौरान “लक्ष्य बदलने” का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि जहाजों की आवाजाही में “कुछ बढ़ोतरी” हुई है लेकिन “पूरी तरह से खुलना अभी नहीं हुआ है।”

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पूरी पहुंच बहाल नहीं हुई, तो इससे वार्ता की दिशा “मौलिक रूप से बदल सकती है।”

कार्रवाई के बारे में वेंस ने पुष्टि की कि अमेरिकी नौसैनिक अभियान केवल ईरानी झंडे वाले जहाजों ही नहीं बल्कि ईरानी बंदरगाहों से जुड़े जहाजों को भी निशाना बना रहे हैं।

उन्होंने कहा, “जो भी जहाज ईरानी बंदरगाहों की ओर जा रहा है या वहां से आया है… हमें इसकी जानकारी होगी,” और अमेरिकी खुफिया क्षमताओं का हवाला दिया।

उन्होंने ईरान पर वैश्विक शिपिंग को खतरे में डालकर “पूरी दुनिया के खिलाफ आर्थिक आतंकवाद” करने का आरोप लगाया और कहा, “अगर ईरान ऐसा करता है, तो हम भी एक सिद्धांत पर काम करेंगे कि कोई भी ईरानी जहाज बाहर नहीं जा सकेगा।”

तनाव के बावजूद, वेंस ने कहा कि एक व्यापक समझौते की संभावना अभी भी बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप “खुश होंगे यदि ईरान एक सामान्य देश की तरह व्यवहार करे… और उसके लोग समृद्धि हासिल कर सकें” लेकिन इसके लिए उसे “परमाणु हथियार और आतंकवाद का पीछा न करना” होगा।

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ईरानी वार्ताकारों को किसी समझौते से पहले तेहरान में उच्च अधिकारियों से मंजूरी लेनी पड़ सकती है। उन्होंने कहा, “उन्हें वापस जाकर हमारी तय शर्तों के लिए मंजूरी लेनी होगी।”

वेंस ने वार्ता में अमेरिका की स्थिति को मजबूत बताते हुए “सैन्य बढ़त” और “नाकाबंदी के जरिए अतिरिक्त आर्थिक दबाव” का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “हमारे पास बहुत सारे पत्ते हैं। हमारे पास बढ़त है।”

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच रूसी विदेश मंत्री लावरोव दो दिवसीय दौरे पर चीन पहुंचे

Published

on

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव मंगलवार को चीन की दो-दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे। इस यात्रा का उद्देश्य प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ यूक्रेन और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों पर चर्चा करना है।

रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, 14-15 अप्रैल तक चीन की अपनी यात्रा के दौरान, विदेश मंत्री अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ बातचीत करेंगे।

मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों के विदेश मंत्री द्विपक्षीय सहयोग के मुद्दों की एक विस्तृत श्रृंखला, विभिन्न स्तरों पर संपर्कों की संभावनाओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर चर्चा करेंगे। इसमें संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स, एससीओ, जी20, एपीईसी और अन्य बहुपक्षीय तंत्रों व मंचों के भीतर संयुक्त कार्य पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यूक्रेन संकट और मध्य पूर्व की स्थिति सहित कई ज्वलंत विषयों और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का विस्तृत आदान-प्रदान होने की उम्मीद है।

इसी बीच, शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने एक नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि इस यात्रा के दौरान, दोनों देशों के विदेश मंत्री द्विपक्षीय संबंधों के विकास, विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग, और आपसी चिंता के अंतरराष्ट्रीय व क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे और अपने-अपने रुख में समन्वय स्थापित करेंगे।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने सोमवार को स्वीकार किया कि होर्मुज स्ट्रेट की अमेरिकी नाकेबंदी का अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है।

मॉस्को में एक नियमित मीडिया ब्रीफिंग के दौरान रूस की अग्रणी समाचार एजेंसी ‘तास’ ने क्रेमलिन प्रवक्ता के हवाले से कहा, “बहुत हद तक संभावना है कि इस तरह की कार्रवाइयों का अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ना जारी रहेगा। इस बात को काफी हद तक निश्चितता के साथ माना जा सकता है।”

उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को अवरुद्ध करने के अमेरिकी कदम से संबंधित विवरण अभी भी स्पष्ट नहीं हैं। स्ट्रेट को अवरुद्ध करने की अमेरिकी धमकी पर टिप्पणी करते हुए पेस्कोव ने कहा, “इस संबंध में कई विवरण अभी भी अस्पष्ट और समझ से परे हैं, इसलिए मैं इस समय कोई भी ठोस टिप्पणी करने से परहेज करूंगा।”

Continue Reading
Advertisement
महाराष्ट्र18 minutes ago

पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण कपड़ा उद्योग का निर्यात प्रभावित, रईस शेख ने राज्य से पैकेज की मांग की

मनोरंजन2 hours ago

है जवानी तो इश्क होना है: गिफ्ट पुराना लेकिन पैकेजिंग नई, क्या गोविंदा को बीट कर पाएंगे वरुण धवन

व्यापार2 hours ago

अदाणी ग्रीन एनर्जी ने भारत कंपनियों में सबसे अधिक 87.3 का ईएसजी स्कोर हासिल किया

खेल3 hours ago

जोफ्रा आर्चर के खिलाफ ईशान किशन ने दिखाई अपनी क्लास: संजय बांगड़

अंतरराष्ट्रीय समाचार3 hours ago

परमाणु मांगों पर विवाद के बीच अमेरिका और ईरान की वार्ता ठप

अंतरराष्ट्रीय समाचार3 hours ago

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच रूसी विदेश मंत्री लावरोव दो दिवसीय दौरे पर चीन पहुंचे

राजनीति3 hours ago

नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री का पद छोड़ने के फैसले से जनता दुखी: रामकृपाल यादव

महाराष्ट्र21 hours ago

मुंबई के डोंगरी में मौलाना खालिद अशरफ और उनके बेटों पर हमला, 4 आरोपी गिरफ्तार, तनाव शांत

मनोरंजन22 hours ago

पहली बार रियलिटी शो में हुई थी तारा सुतारिया और फराह खान की मुलाकात, ओपेरा गाकर जीता था सबका दिल

राष्ट्रीय समाचार24 hours ago

‘मेक इन इंडिया’ को बड़ा बढ़ावा: भारत में तेजस फाइटर जेट इंजन का रिपेयर सेंटर बनाने के लिए जीई एयरोस्पेस और भारतीय वायुसेना ने किया समझौता

महाराष्ट्र3 weeks ago

लॉकडाउन लागू नहीं होगा… तेल की कीमतें भी नहीं बढ़ेंगी, अफवाह फैलाने वालों पर क्रिमिनल केस दर्ज होंगे: देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र1 week ago

मुंबई : जय श्री राम विवाद में 5 गिरफ्तार, आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई, तनावपूर्ण स्थिति में शांति बनी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय2 weeks ago

व्हाइट हाउस ने ईरान संकट पर पीएम मोदी और ट्रंप की बातचीत की सराहना की

राजनीति2 weeks ago

गृह मंत्री शाह आज बंगाल में तृणमूल सरकार के खिलाफ ‘श्वेत पत्र’ जारी करेंगे

व्यापार1 week ago

ईरान के ऊपर अमेरिकी जेट विमान मार गिराए गए; बचाव कार्य जारी

अंतरराष्ट्रीय4 weeks ago

यूएई ने हबशान गैस प्लांट पर ईरान के हमले की कड़ी निंदा की, कुछ समय के लिए रोका गया ऑपरेशन

अपराध2 weeks ago

मुंबई में डिलीवरी वाहन से 27 गैस सिलेंडर चोरी, जांच जारी

अपराध4 weeks ago

मुंबई में अभिनेत्री निमिषा नायर की कैब का पीछा करने वाले दो युवक हिरासत में, पुलिस ने नोटिस देकर छोड़ा

महाराष्ट्र3 weeks ago

अबू आसिम आज़मी ने महाराष्ट्र में हेट स्पीच से जुड़े अपराधों की घटनाओं पर चिंता जताई, विधानसभा में सख्त कार्रवाई की मांग की

अंतरराष्ट्रीय3 weeks ago

ईरानी हमले के बाद हालात का जायजा लेने पहुंचे राष्ट्रपति हर्जोग, ईरान को कड़ी चेतावनी दी

रुझान