राजनीति
बिहार: जेईई, नीट परीक्षा टालने की मांग को लेकर सड़क पर उतरे कांग्रेसी
बिहार की राजधानी पटना में जेईई, नीट परीक्षा को स्थगित कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि कोरोना महामारी के बीच परीक्षा कराना कहीं से भी उचित नहीं है। कांग्रेस के विभिन्न इकाईयों के नेता और कार्यकर्ता पटना के इनकम टैक्स गोलंबर पहुंचे और जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कोरोना महामारी और बाढ़ के बीच परीक्षा का आयोजन छात्रों की जान से खिलवाड़ है।
कांग्रेस नेता श्याम सुंदर सिंह धीरज ने कहा कि सरकार ने इस माहौल में परीक्षा लेने का फैसला बड़े-बड़े संस्थाओं को फोयदा पहुंचाने के लिए लिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को तत्काल इस परीक्षा को स्थगित करना चाहिए क्योंकि, बिहार में बाढ़ और कोरोना का खतरा विकराल रूप लेता जा रहा है। ऐसे में परीक्षा लेना बिल्कुल अनुचित है।
इधर, युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गुंजन पटेल ने कहा कि बाढ़, कोरोना के कारण परीक्षा केंद्रों तक पहुंचना खतरनाक और मुश्किल है। उन्होंने कहा कि यह ऑनलाइन सरकार चलाने वाले नीतीश-मोदी सरकार को समझ नहीं आएगा। उन्होंने कहा कि इस दौर में परीक्षा लेना छात्रों के साथ अन्याय है।
इस मौके पर कांग्रेस के कई नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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विरोध प्रदर्शन या दादी के अंतिम संस्कार में होंगे शामिल, अभिजीत दिपके को लेना है फैसला

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके पर शनिवार को दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दिपके की दादी का निधन हो गया है। दिपके अपने साथियों के साथ जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध जताने के लिए पहुंच रहे थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया।
अब दिपके के सामने सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि वह हिरासत में रहते हुए अपना विरोध जताते हैं या फिर दादी के निधन पर परिवार के पास लौट जाते हैं। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके को उनकी दादी के निधन की जानकारी दी है। अब उन्हें यह तय करना है कि वे हिरासत में रहकर विरोध-प्रदर्शन जारी रखें या अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए घर लौटें।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस की ओर से बताया गया है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश की और बस को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। बाद में उन सभी को फिर से हिरासत में ले लिया गया और तय जगह पर भेज दिया गया।
दिपके की दादी हिंगोली जिले के संतुक पिंपरी स्थित गांव में रहती थी। वह लंबे समय से बीमार थीं और उम्र ज्यादा होने की वजह से पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी।
अभिजीत के माता-पिता (अनिता और भगवान दिपके) अभी छत्रपति संभाजीनगर में हैं। उनके घर के बाहर पुलिस का बंदोबस्त है। दादी के निधन की खबर के बाद दोनों के तुरंत हिंगोली के लिए रवाना हो की जानकारी है।
इसी बीच, सीजेपी ने बताया कि दिल्ली पुलिस के जवान उस विमान के अंदर घुसे जिसमें अभिजीत दिपके राष्ट्रीय राजधानी आ रहे थे। फ्लाइट कुछ मिनट पहले ही आईजीआई एयरपोर्ट पर लैंड हुई थी।
हिरासत के दौरान अभिजीत दिपके ने दिल्ली पुलिस से कहा कि मैं यहां गिरफ्तार होने के लिए आया हूं। मुझे गिरफ्तार करो। इस दौरान दिल्ली पुलिस के जवान उससे कहते हैं कि नहीं, यह गिरफ्तारी नहीं है। कृपया सहयोग करें।
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तमिलनाडु: उपचुनावों में हार और गठबंधन के कमजोर होने के बावजूद डीएमके का वोट शेयर बरकरार

उपचुनाव में दोनों सीटें (मदुरंतकम और धारापुरम) हारने के बाद डीएमके की ओर से कहा गया कि उसने अपना वोट शेयर बनाए रखा है। कई पुराने सहयोगियों का साथ छोड़ देने के बाद भी उसके चुनावी समर्थन पर बहुत कम असर पड़ा है।
दोनों सीट पर पार्टी दूसरे नंबर पर रही। मदुरंतकम में डीएमके ने अपनी स्थिति बेहतर की। विधानसभा चुनाव में पार्टी तीसरे नंबर पर थी। वहीं, मदुरंतकम में उसके वोट शेयर में एक प्रतिशत से थोड़ा ज्यादा और धारापुरम में आधे प्रतिशत से कम की गिरावट आई है।
विधानसभा चुनाव में मदुरंतकम से मरगथम कुमारवेल और धारापुरम से सत्यभामा ने एआईएडीएमके के उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की थी। अब उपचुनाव में तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) उम्मीदवार के तौर पर दोनों ने जीत हासिल की है।
उपचुनाव में पांच पार्टियों के बीच मुकाबला था, लेकिन मुख्य लड़ाई सत्ताधारी टीवीके, डीएमके और एआईएडीएमके के बीच थी। नतीजों से समझा जा सकता है कि डीएमके के वोट शेयर में बहुत अंतर नहीं आया है, लेकिन उसका गठबंधन काफी कमजोर रहा।
कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथाइगल काची, एमडीएमके, सीपीआई (एम), सीपीआई और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग जैसी पार्टियां डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन से अलग हो गईं थी। डीएमके छोटी पार्टियों (मनिथानेया जननायगा काची और मनिथानेया मक्कल काची) के गठबंधन के साथ मुकाबले में उतरी थी।
मदुरंतकम में, डीएमके उम्मीदवार अमुलु पोनमलार को आम चुनाव में 59,838 वोट मिले थे। उन्हें 30.18 प्रतिशत वोट शेयर मिला था, लेकिन वे तीसरे नंबर पर रही थीं। उपचुनाव में, पार्टी उम्मीदवार आई. परंथमन 29.15 प्रतिशत वोट शेयर के साथ दूसरे नंबर पर रहे। 1.03 प्रतिशत वोटों की कमी आई।
धारापुरम में, डीएमके की इंद्राणी को आम चुनाव में 64,373 वोट मिले थे और वे 32.20 प्रतिशत वोट शेयर के साथ दूसरे नंबर पर रही थीं। वहीं, उपचुनाव में उम्मीदवार सुकन्या भी दूसरे नंबर पर रहीं; उन्हें 57,370 वोट मिले और 31.78 प्रतिशत वोट शेयर हासिल हुआ। इस बार उनको 0.42 प्रतिशत कम वोट मिले।
चेन्नई के कोडंबक्कम में पत्रकारों से बात करते हुए, डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने इस नतीजे को “डीएमके की हार के बीच जीत” और “टीवीके की जीत के बीच हार” बताया।
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हिरासत में ममता बनर्जी, मुंह पर बैंड-ऐड लगाकर कर रही थीं विरोध-प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ ने हिरासत में लिया है। वह मुंह पर बैंड-ऐड लगाकर विरोध-प्रदर्शन कर रही थीं। टीएमसी के हवाले से यह जानकारी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी ने विरोध के तौर पर अपने मुंह पर बैंड-ऐड चिपका रखा था। सूत्रों के मुताबिक, यह उनकी आवाज दबाए जाने के खिलाफ सांकेतिक विरोध था।
इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान उनके बस में मौजूद होने के विजुअल्स भी सामने आए हैं। बस के अंदर ही उन्होंने महिषासुर मर्दिनी का पाठ किया। वे “जागो दुर्गा, जागो दशप्रहरणधारिणी, जागो दुर्गा, जागो दशप्रहरणधारिणी। अभया शक्ति बलप्रदायिनी तुमि जागो, जागो तुमि जागो” गाती नजर आईं।
यह प्रसिद्ध पंक्ति महिषासुर मर्दिनी के आगमन और देवी दुर्गा के जागरण के लिए की जाने वाली प्रार्थना से हैं। यह मूल रूप से बंगाली भाषा में है।
इसका हिंदी में अर्थ है – “जागो दुर्गा, जागो दस हाथों में अस्त्र धारण करने वाली। हे भयमुक्त करने वाली, शक्ति और बल प्रदान करने वाली, तुम जागो। जागो, तुम जागो।”
यह दुर्गा पूजा से जुड़ा एक बेहद महत्वपूर्ण स्तोत्र है, जिसे बंगाल में शक्ति और न्याय की प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
बता दें कि शनिवार सुबह ही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फाउंडर अभिजीत दिपके और प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (आईजीआई) एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया गया था, जब वे प्रदर्शन से पहले पहुंचे थे।
दिल्ली पुलिस के जवान आईजीआई एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद उस विमान के अंदर गए और तीनों को हिरासत में ले लिया। दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वीडियो पोस्ट कर कहा कि दिल्ली पुलिस की टीम फ्लाइट के अंदर आती दिख रही है और उन्हें सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ फ्लाइट से ही हिरासत में लिया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में दिपके पुलिस से कहते हुए सुने गए, “मैं यहां गिरफ्तार होने के लिए आया हूं। मुझे गिरफ्तार करो।”
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