राजनीति
बिहार : नीतीश सहित तमाम नेताओं ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन पर दी शुभकामनाए
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 70वें जन्मदिन पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित राज्य के विभिन्न राजनीतिक दलों के तमाम नेताओं ने शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घायु होने की कामना की। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीष कुमार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामना देते हुए कहा, “प्रधानमंत्री को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करता हूं।”
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामना दी है। उन्होंने अपने संदेश में कहा, “प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई। भगवान आपको स्वस्थ रखें और आप दीर्घायु हों।”
बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं देते हुए ट्वीट कर लिखा, ” समर्थ, सबल और आत्मनिर्भर नये भारत के निर्माण में अपने जीवन का क्षण-क्षण समर्पित करने वाले, राष्ट्र गौरव और अस्मिता को नई पहचान देने वाले, देश के सर्वाधिक लोकप्रिय, यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।”
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने ट्विटर पर ट्वीट कर प्रधानमंत्री को शुभकामना देते हुए लिखा, ” प्रार्थयामहे भव शतायुषी। इश्वर: सदा त्वां च रक्षतु। अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं और ठोस नेतृत्व से देशवासियों में एक नई उर्जा का संचार कर देने वाले प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिन की अनंत शुभकामनायें। जीवेत शरद: शतम।”
कांग्रेस प्रदेश युवक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ललन कुमार ने भी प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामना देते हुए कहा, “देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। आप सदैव स्वस्थ रहें, दीर्घायु हो ऐसी कामना है।”
उल्लेखनीय है कि बिहार भाजपा नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को ‘सेवा सप्ताह’ के रूप में मना रही है, जिसमें कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर हमले का दावा किया, रियाद और यानबू को बनाया निशाना

यमन के हूती समूह ने कहा है कि उसने सऊदी अरब की राजधानी रियाद और लाल सागर के तट पर स्थित बड़े औद्योगिक और ऊर्जा केंद्र यानबू को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। इसे दोनों पक्षों के बीच टकराव और अधिक बढ़ने की आशंका हो गई है।
हूती के नियंत्रण वाले अल-मसीरा टीवी पर जारी एक बयान में हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारिया ने कहा कि इन हमलों में ‘बड़ी संख्या में बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ ड्रोन’ का इस्तेमाल किया गया।
सारिया के मुताबिक, पहले ऑपरेशन में रियाद के उन ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिन्हें उन्होंने ‘संवेदनशील ठिकाने’ बताया। दूसरे ऑपरेशन में यानबू में सऊदी तेल कंपनी अरामको की एक फैसिलिटी पर हमला किया गया।
सारिया ने दावा किया कि दोनों ऑपरेशन सफल रहे। उन्होंने कहा कि जिन जगहों को निशाना बनाया गया, वहां भीषण आग लग गई।
हूती का यह बयान शनिवार को रियाद में दो बार धमाकों की आवाज सुनाई देने के बाद आया। दूसरी घटना के बाद राजधानी के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ उड़ानों में देरी भी हुई।
सऊदी अधिकारियों ने इससे पहले रियाद के लिए हवाई हमले के खतरे का अलर्ट जारी किया था। बाद में उन्होंने बताया कि खतरा टल गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल के दिनों में हूती और सऊदी अरब के बीच तनाव बढ़ने के बाद राजधानी रियाद के लिए इस तरह का यह पहला अलर्ट था।
बाद में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने रियाद को निशाना बनाकर दागी गई हूती की एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया। गठबंधन ने यह भी कहा कि उसने बैश, ताइफ, फरसान और यानबू पर हमलों को नाकाम कर दिया।
गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि इन हमलों में ‘आम नागरिकों और नागरिक ठिकानों’ को निशाना बनाया गया। उन्होंने आगे ऐसे हमलों को रोकने के लिए ‘उचित कदम’ उठाने की बात कही।
वहीं, हूती प्रवक्ता सारिया ने इस आरोप से इनकार किया कि उनके समूह ने जानबूझकर आम नागरिकों को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि रियाद पर हमले यमन में हूती के कब्जे वाले इलाकों पर सऊदी अरब के तेज होते हवाई हमलों के जवाब में किए गए।
सारिया ने कहा कि हूती जवाबी कार्रवाई जारी रखेंगे। उन्होंने इसे जैसे को तैसा वाली रणनीति बताया और कहा कि जब तक सऊदी हवाई हमले बंद नहीं होते और यमन पर लगी पाबंदियां नहीं हटाई जाती, तब तक उनकी जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी।
सऊदी अरब की राजधानी पर यह हमला यमन के हूती समूह और सऊदी अरब के बीच बढ़ते टकराव की ताजा घटना है।
मौजूदा टकराव की शुरुआत जुलाई के मध्य में हुई थी, जब यमन की सशस्त्र सेनाओं ने हूती के नियंत्रण वाले सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला किया था। इसका मकसद ईरान के एक यात्री विमान को वहां उतरने से रोकना था। इस विमान में हूती का एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल सवार था, जो खामनेई के अंतिम संस्कार की रस्मों में शामिल होने के बाद ईरान से लौट रहा था।
हूती समूह ने इन हमलों के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया। सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार का एक प्रमुख सहयोगी है। इसके बाद हूती ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले शुरू कर दिए।
इसके बाद हूती समूह ने 20 जुलाई को बाब अल-मंदब स्ट्रेट से सऊदी जहाजों की आवाजाही पर रोक लगाने का ऐलान किया। तब से समूह ने सऊदी तेल टैंकरों और सऊदी अरब में मौजूद तेल सुविधाओं पर कई हमले करने का दावा किया है।
यमन में संघर्ष की शुरुआत 2014 के आखिर में हुई थी, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार के समर्थन में मार्च 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में दखल दिया था।
–आईएएनएस
एवाई/एएसयमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर हमले का दावा किया, रियाद और यानबू को बनाया निशाना
रियाद/सना, 20 सितंबर (आईएएनएस)। यमन के हूती समूह ने कहा है कि उसने सऊदी अरब की राजधानी रियाद और लाल सागर के तट पर स्थित बड़े औद्योगिक और ऊर्जा केंद्र यानबू को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। इसे दोनों पक्षों के बीच टकराव और अधिक बढ़ने की आशंका हो गई है।
हूती के नियंत्रण वाले अल-मसीरा टीवी पर जारी एक बयान में हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारिया ने कहा कि इन हमलों में ‘बड़ी संख्या में बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ ड्रोन’ का इस्तेमाल किया गया।
सारिया के मुताबिक, पहले ऑपरेशन में रियाद के उन ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिन्हें उन्होंने ‘संवेदनशील ठिकाने’ बताया। दूसरे ऑपरेशन में यानबू में सऊदी तेल कंपनी अरामको की एक फैसिलिटी पर हमला किया गया।
सारिया ने दावा किया कि दोनों ऑपरेशन सफल रहे। उन्होंने कहा कि जिन जगहों को निशाना बनाया गया, वहां भीषण आग लग गई।
हूती का यह बयान शनिवार को रियाद में दो बार धमाकों की आवाज सुनाई देने के बाद आया। दूसरी घटना के बाद राजधानी के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ उड़ानों में देरी भी हुई।
सऊदी अधिकारियों ने इससे पहले रियाद के लिए हवाई हमले के खतरे का अलर्ट जारी किया था। बाद में उन्होंने बताया कि खतरा टल गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल के दिनों में हूती और सऊदी अरब के बीच तनाव बढ़ने के बाद राजधानी रियाद के लिए इस तरह का यह पहला अलर्ट था।
बाद में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने रियाद को निशाना बनाकर दागी गई हूती की एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया। गठबंधन ने यह भी कहा कि उसने बैश, ताइफ, फरसान और यानबू पर हमलों को नाकाम कर दिया।
गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि इन हमलों में ‘आम नागरिकों और नागरिक ठिकानों’ को निशाना बनाया गया। उन्होंने आगे ऐसे हमलों को रोकने के लिए ‘उचित कदम’ उठाने की बात कही।
वहीं, हूती प्रवक्ता सारिया ने इस आरोप से इनकार किया कि उनके समूह ने जानबूझकर आम नागरिकों को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि रियाद पर हमले यमन में हूती के कब्जे वाले इलाकों पर सऊदी अरब के तेज होते हवाई हमलों के जवाब में किए गए।
सारिया ने कहा कि हूती जवाबी कार्रवाई जारी रखेंगे। उन्होंने इसे जैसे को तैसा वाली रणनीति बताया और कहा कि जब तक सऊदी हवाई हमले बंद नहीं होते और यमन पर लगी पाबंदियां नहीं हटाई जाती, तब तक उनकी जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी।
सऊदी अरब की राजधानी पर यह हमला यमन के हूती समूह और सऊदी अरब के बीच बढ़ते टकराव की ताजा घटना है।
मौजूदा टकराव की शुरुआत जुलाई के मध्य में हुई थी, जब यमन की सशस्त्र सेनाओं ने हूती के नियंत्रण वाले सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला किया था। इसका मकसद ईरान के एक यात्री विमान को वहां उतरने से रोकना था। इस विमान में हूती का एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल सवार था, जो खामनेई के अंतिम संस्कार की रस्मों में शामिल होने के बाद ईरान से लौट रहा था।
हूती समूह ने इन हमलों के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया। सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार का एक प्रमुख सहयोगी है। इसके बाद हूती ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले शुरू कर दिए।
इसके बाद हूती समूह ने 20 जुलाई को बाब अल-मंदब स्ट्रेट से सऊदी जहाजों की आवाजाही पर रोक लगाने का ऐलान किया। तब से समूह ने सऊदी तेल टैंकरों और सऊदी अरब में मौजूद तेल सुविधाओं पर कई हमले करने का दावा किया है।
यमन में संघर्ष की शुरुआत 2014 के आखिर में हुई थी, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार के समर्थन में मार्च 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में दखल दिया था।
राजनीति
टीवीके ने तमिलनाडु उपचुनाव के लिए 40 स्टार प्रचारकों के नामों की घोषणा की

मदुरंतकम और धारापुरम की आरक्षित विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों की अंतिम सूची शनिवार को जारी की जाएगी। इसके साथ ही 6 अक्टूबर को होने वाले मतदान के लिए जोरदार प्रचार अभियान औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा।
शनिवार उम्मीदवारों के लिए अपना नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख है। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव अधिकारी अंतिम सूची जारी करेंगे और निर्दलीय उम्मीदवारों तथा गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियों के उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित करेंगे।
चेंगलपट्टू जिले में स्थित मदुरंतकम सीट के लिए 48 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। जांच के बाद 28 उम्मीदवारों के नामांकन स्वीकार किए गए, जिससे नामांकन वापसी की समय-सीमा से पहले मैदान में काफी उम्मीदवार बने हुए हैं।
प्रमुख उम्मीदवारों में टीएमसी की मरगथम कुमारवेल, डीएमके के परंथमन, एआईए़डीएमके की गनिथा संपत, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) की सुगंधि और नाम तमिलर काची के जानकीरमन शामिल हैं। चुनाव मैदान में बचे उम्मीदवारों की सही संख्या शनिवार को अधिकारियों द्वारा नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
धारापुरम निर्वाचन क्षेत्र में, चुनाव अधिकारियों ने जांच के बाद 22 नामांकन पत्र स्वीकार किए। यहां भी, अंतिम मुकाबले की तस्वीर तभी साफ होगी जब जो उम्मीदवार दौड़ में बने नहीं रहना चाहते, वे औपचारिक रूप से अपना नामांकन वापस ले लेंगे।
इन उपचुनावों ने काफी राजनीतिक ध्यान खींचा है, क्योंकि पार्टियां इन मुकाबलों को अपनी संगठनात्मक ताकत और जनता के समर्थन की एक अहम परीक्षा मान रही हैं। कई उम्मीदवार पहले ही मतदाताओं से मिलना, नुक्कड़ सभाएं करना और स्थानीय स्तर के कार्यकर्ताओं को एकजुट करना शुरू कर चुके हैं। उम्मीद है कि उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी होने के बाद चुनाव प्रचार में तेजी आएगी।
राजनीतिक पार्टियां प्रचार के बचे हुए समय में जनसभाएं, घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करने के कार्यक्रम और वरिष्ठ नेताओं की रैलियां आयोजित करने की तैयारी कर रही हैं।
इस बीच, टीवीके ने दो उपचुनावों के लिए 40 स्टार प्रचारकों के नामों की घोषणा की है। पार्टी द्वारा घोषित प्रमुख प्रचारकों में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय भी शामिल हैं। स्टार प्रचारकों की सूची में कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर, वीसीके अध्यक्ष थोल. थिरुमावलवन, एमडीएमके महासचिव वाइको, दुरई वाइको और कादर मोहिदीन के नाम भी शामिल हैं।
चुनाव अधिकारी दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में वोटिंग और वोटों की गिनती बिना किसी रुकावट के, सुचारू और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए पोलिंग स्टेशन तैयार करने, स्टाफ तैनात करने और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करने जैसे काम कर रहे हैं।
दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में गठबंधन के बड़े नेताओं की भागीदारी से राजनीतिक मुकाबला और तेज होने की उम्मीद है। वोटिंग के दिन से पहले मतदाताओं का समर्थन हासिल करने की कोशिश में पार्टियां अपने प्रचार अभियान को स्थानीय विकास के मुद्दों और राज्य-स्तर के बड़े राजनीतिक मुद्दों पर केंद्रित कर सकती हैं।
राष्ट्रीय समाचार
लिस्टिंग से पहले ठंडी पड़ी एनएसई आईपोओ की ग्रे मार्केट चमक, जीएमपी 60 प्रतिशत से ज्यादा टूटा

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) का ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) लिस्टिंग से पहले तेज गिरावट का शिकार हुआ है।
ग्रे मार्केट को कवर करने वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, शनिवार को 218 रुपए के उच्चतम स्तर पर पहुंचा जीएमपी शुक्रवार दोपहर तक घटकर 84 रुपए रह गया, जो अपने उच्चतम स्तर से करीब 61.46 प्रतिशत कम है।
हालांकि ग्रे मार्केट में उत्साह कमजोर पड़ा है, इसके बावजूद 22,569 करोड़ रुपए के एनएसई आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला। शुक्रवार को बोली के दूसरे दिन यह इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक, 8.86 करोड़ शेयरों के मुकाबले 10.28 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं।
यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) आधारित है, जिसके तहत मौजूदा शेयरधारक 12.64 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री कर रहे हैं। इसका मतलब है कि शेयर बिक्री से प्राप्त राशि सीधे एनएसई के पास नहीं जाएगी।
कंपनी ने आईपीओ के लिए 1,700 रुपए से 1,785 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। ऊपरी प्राइस बैंड पर एनएसई का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) लगभग 4.42 लाख करोड़ रुपए बैठता है।
यह सार्वजनिक निर्गम 21 सितंबर को बंद होगा, जबकि कंपनी के शेयरों के 24 सितंबर को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की उम्मीद है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रे मार्केट प्रीमियम केवल एक अनौपचारिक संकेतक होता है, जो यह दर्शाता है कि निवेशक सूचीबद्ध होने से पहले इश्यू मूल्य के ऊपर कितनी अतिरिक्त कीमत चुकाने को तैयार हैं। जीएमपी किसी भी तरह से यह सुनिश्चित नहीं करता कि शेयर प्रीमियम पर ही सूचीबद्ध होगा।
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो एनएसई का वित्त वर्ष 2025-26 में संचालन से राजस्व 16,601.31 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के 17,140.67 करोड़ रुपए की तुलना में तीन प्रतिशत से अधिक कम है।
इसी अवधि में एक्सचेंज की आय का प्रमुख स्रोत माने जाने वाले ट्रांजैक्शन शुल्क से राजस्व में भी गिरावट दर्ज की गई। यह वित्त वर्ष 2024-25 के 13,635.76 करोड़ रुपए से घटकर वित्त वर्ष 2025-26 में 13,057.01 करोड़ रुपए रह गया, जो लगभग 4 प्रतिशत की सालाना कमी को दर्शाता है।
बाजार की नजर अब आईपीओ के अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़ों और 24 सितंबर को होने वाली संभावित लिस्टिंग पर रहेगी, जहां निवेशकों की वास्तविक प्रतिक्रिया एनएसई के शेयर के प्रदर्शन को तय करेगी।
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