मनोरंजन
‘बिग बॉस 17’: अरुण महाशेट्टी और अनुराग डोभाल के बीच तीखी नोकझोंक
‘बिग बॉस 17’ के नवीनतम एपिसोड में अनुराग डोभाल को सह-घर के सदस्य अरुण महाशेट्टी के साथ लड़ते हुए देखा गया। यह झगड़ा बढ़़ते-बढ़़ते शारीरिक विवाद तक पहुंच गया।
एपिसोड में सबसे पहले अरुण और अनुराग के बीच नोकझोंक होती दिखी।
बाद में अनुराग तब परेशान हो गए जब अरुण ने पूर्व के बारे में बयान दिया कि उन्हें एक महिला के साथ एक होटल में प्रवेश करते और दूसरी के साथ निकलते देखा गया था।
अरुण ने कहा था, ”तेरा पता है, देखा मैंने सब, होटल में कोई साथ गया था, अगले दिन किस के साथ निकला था।”
उसकी बात पर गुस्साएं अनुराग ने उत्तर दिया, “वो मेरी बहन थी। तू नेशनल टेलीविजन पर आकर मेरी बहन को ट्रैक कर रहा है? तू मेरी बहन के बारे में राष्ट्रीय टेलीविजन पर बोला? की में रात को किसी से साथ घुसके, किसी और के साथ निकला? परिवार को मत लेके आ, ऐसा मत करो।”
बाद में झगड़ा बढ़ गया, जहां अनुराग ने अरुण का कॉलर पकड़ लिया। हालांकि, घरवाले तुरंत बीच में आ गए और इसे रोक दिया।
बाद में अरुण और अनुराग के बीच रसोई में फिर से बहस हो गई, जहां अनुराग ने एक प्लेट तोड़ दी। इन सबके बीच, बिग बॉस ने घोषणा कर दी कि सजा के तौर पर उनकी अगली घोषणा तक रसोई बंद रहेगी।
मनोरंजन
अजय देवगन और तनिषा मुखर्जी ने काजोल के जन्मदिन पर शेयर किए फनी मूमेंट्स

अभिनेत्री काजोल देवगन बुधवार को अपना जन्मदिन मना रही हैं। इस मौके पर उनके परिवार के सदस्यों अजय देवगन और बहन तनिषा मुखर्जी ने सोशल मीडिया के जरिए जन्मदिन की बधाई दी।
अभिनेता अजय देवगन ने इंस्टाग्राम पर काजोल के साथ वीडियो पोस्ट किया। इस वीडियो में काजोल के हंसी वाले मूमेंट शामिल हैं। अभिनेता ने इस वीडियो के जरिए काजोल के लिए लिखा, “पता चला कि मेरे सबसे अच्छे जोक्स को इतने सालों से वही ऑडियंस मिली है। हैप्पी बर्थडे, काजोल।”
अभिनेत्री काजोल की छोटी बहन तनिषा मुखर्जी ने भी जन्मदिन की बधाई देते हुए इंस्टाग्राम पर काजोल के साथ तस्वीर पोस्ट की, जिसमें दोनों फनी मूमेंट्स शेयर करती दिख रही हैं। तनिषा ने अपनी बहन के लिए लिखा, “मेरी प्यारी कैडी (काजोल), तुम जिंदगी भर हंसती रहो। जन्मदिन की अनंत शुभकामनाएं मेरी प्यारी बहन। ढेर सारा प्यार।”
अभिनेत्री की बात करें, तो कला उन्हें विरासत में मिली थी। दरअसल, अभिनेत्री की मां तनुजा बीते जमाने जानी-मानी अभिनेत्री थीं और पिता शोमू मुखर्जी एक जाने-माने फिल्म निर्माता और निर्देशक थे।
1992 से फिल्म ‘बेखुदी’ से करियर की शुरुआत करने के बाद, अभिनेत्री को 1993 की थ्रिलर फिल्म ‘बाजीगर’ से पहचान मिली थी। उन्होंने ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘कुछ कुछ होता है’, और ‘कभी खुशी कभी गम’ जैसी सुपरहिट फिल्मों में काम किया। उन्हें छह बार फिल्मफेयर पुरस्कार और 2011 में पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है।
साल 1995 में फिल्म ‘हलचल’ के सेट पर काजोल और अजय देवगन की प्रेम कहानी की शुरुआत हुई। पहले दोस्ती और फिर प्यार परवान चढ़ा और लगभग चार साल डेटिंग के बाद, दोनों ने 24 फरवरी 1999 को मुंबई में अजय देवगन के आवास पर बहुत ही सादगी और निजी तरीके से शादी कर ली। आज उनके दो बच्चे, बेटी न्यासा और बेटा युग हैं।
शादी के कुछ सालों के बाद ब्रेक लेने के बाद, अभिनेत्री ने 2006 में फिल्म ‘फना’ से शानदार वापसी की और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार जीता। 2010 में, ‘माई नेम इज खान’ में बेहतरीन अभिनय किया। 2023 में, वेब सीरीज ‘द ट्रायल’ के जरिए डिजिटल स्ट्रीमिंग की दुनिया में कदम रखा।
मनोरंजन
झारखंड छात्र आंदोलन को मिला इमरान खान का समर्थन, जेपीएससी-जेएसएससी विवाद पर उठाई आवाज

झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन को अब बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान का समर्थन मिला है। अभिनेता ने सोशल मीडिया के जरिए आंदोलन कर रहे छात्रों का मुद्दा उठाया और लोगों से उनकी आवाज को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की। इमरान खान ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर करते हुए सरकार और आम लोगों का ध्यान झारखंड के छात्रों के प्रदर्शन की ओर खींचा।
इमरान खान ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, ”झारखंड में छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। चलो हम सब उन्हें इग्नोर कर दें, क्या गलत हो सकता है।” उनके इस पोस्ट को छात्रों के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले भी कुछ कलाकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने छात्रों की मांगों को लेकर अपनी बात रखी है।
दरअसल, झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के विरोध में पिछले कई दिनों से छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। बड़ी संख्या में छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना दे रहे हैं। छात्रों की मुख्य मांग है कि विवादित परीक्षाओं को रद्द किया जाए और पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
छात्रों का कहना है कि बार-बार होने वाली भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के कारण युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है, इसके लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। इस आंदोलन को छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर शुरू किया है। आंदोलन के दौरान छात्रों ने कई कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें मशाल जुलूस और शांतिपूर्ण प्रदर्शन शामिल हैं।
छात्रों के आंदोलन को कई सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) समेत कुछ संगठनों ने छात्रों की मांगों का समर्थन किया है। वहीं, देश के अलग-अलग राज्यों से भी छात्रों को सहयोग मिल रहा है। इस आंदोलन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि सरकार छात्रों की चिंताओं से अवगत है और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। मामले की जांच चल रही है और जल्द ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
वहीं, विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर है। विपक्षी नेताओं ने भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए सरकार से जवाब मांगा है।
जीवन शैली
गुजरात में बाढ़ प्रभावित 1.74 लाख लोगों का किया गया इलाज, सर्विलांस टीमें घर-घर कर रहीं जांच

गुजरात में भारी बारिश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े अपने प्रयासों को तेज कर दिया है। विभाग ने निगरानी और आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए हजारों टीमें तैनात की हैं और बाढ़ प्रभावित इलाकों में बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए मेडिकल कैंपों के जरिए 1.74 लाख से अधिक लोगों का इलाज किया है।
राज्य सरकार के अनुसार, मानसून से पहले और उसके दौरान सभी 34 जिलों और आठ नगर निगमों में एक व्यापक ‘मानसून एक्शन प्लान’ लागू किया गया था, जिससे स्वास्थ्य अधिकारियों को बाढ़ और उससे जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों से तेजी से निपटने में मदद मिली।
सरकार ने कहा कि अब तक सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी कोई बड़ी आपातकालीन स्थिति सामने नहीं आई है और भारी बारिश व बाढ़ के बावजूद बीमारियों का प्रकोप काफी हद तक नियंत्रण में रहा है। विभाग ने राज्य स्तर, सभी जिलों और आठों नगर निगमों में चौबीसों घंटे काम करने वाले हेल्थ कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए हैं।
राज्य, जिला और तालुका स्तर पर रैपिड रिस्पॉन्स टीमें काम कर रही हैं जबकि हर जिले को पांच अतिरिक्त इमरजेंसी मेडिकल टीमें दी गई हैं, जिन्हें खास गाड़ियां और स्टाफ़ भी उपलब्ध कराया गया है। स्वास्थ्य सेवा सहायता में कमजोर वर्गों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
विभाग ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों की 675 गर्भवती महिलाओं को पहले ही हेल्थकेयर सेंटर्स में शिफ्ट कर दिया गया था, जहां 272 संस्थागत प्रसव सफलतापूर्वक कराए गए। बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए बनाए गए राहत कैंपों में रह रहे लोगों की नियमित स्वास्थ्य जांच भी की जा रही है।
108 इमरजेंसी सर्विस के तहत 1,496 एम्बुलेंस और प्राइमरी हेल्थ सेंटर्स व कम्युनिटी हेल्थ सेंटर्स से जुड़ी 816 एम्बुलेंस को स्टैंडबाय पर रखकर इमरजेंसी मेडिकल सेवाओं को मजबूत किया गया है। बिजली कटौती के दौरान भी सेवाएं बिना रुकावट जारी रखने के लिए प्राइमरी और कम्युनिटी हेल्थ सेंटर्स में जनरेटर और पर्याप्त डीजल की व्यवस्था की गई है।
बाढ़ के बाद होने वाली बीमारियों के जोखिम को कम करने के लिए विभाग ने 6,868 मेडिकल कैंप लगाए, जिनमें 1.74 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई और उन्हें मौके पर ही इलाज दिया गया।
18,000 से अधिक सर्विलांस टीमें प्रभावित इलाकों में रोज़ाना घर-घर जाकर जांच कर रही हैं। इन दौरों के दौरान, 1.05 करोड़ से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 10.29 लाख से अधिक ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) पैकेट बांटे गए।
अधिकारियों ने बताया कि पीने के सुरक्षित पानी को सुनिश्चित करने के लिए 10.52 लाख से अधिक रेजिडुअल क्लोरीन टेस्ट किए गए जबकि पीने के पानी की पाइपलाइन में हुई 3,061 से ज्यादा लीकेज को प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया गया।
विभाग ने हेल्थकेयर सेंटर्स में 1.5 करोड़ से ज़्यादा क्लोरीन टैबलेट, 60 लाख से ज़्यादा ओआरएस पैकेट और 1,38,234 एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन भी उपलब्ध कराए हैं।
बाढ़ के मौसम में सांप के काटने के मामलों का तुरंत इलाज करने के लिए 108 एम्बुलेंस में एंटी-स्नेक वेनम भी उपलब्ध कराया गया है।
बाढ़ का पानी उतरने के बाद लेप्टोस्पायरोसिस को रोकने के लिए वलसाड, सूरत, नवसारी और तापी जिलों के 562 गांवों में ज्यादा जोखिम वाले 7.61 लाख से ज्यादा लोगों को कीमोप्रोफिलैक्सिस के तौर पर डॉक्सीसाइक्लिन दी गई है।
राज्य सरकार ने मच्छर से फैलने वाली बीमारियों को कम करने के मकसद से एंटी-लार्वल उपाय और जन-जागरूकता गतिविधियां चलाने के लिए 497 अतिरिक्त वेक्टर कंट्रोल टीमें भी तैनात की हैं। अधिकारियों ने बताया कि ज़्यादा जोखिम वाले 106 गांवों में इनडोर रेसिडुअल स्प्रेइंग का पहला दौर पूरा हो चुका है और दूसरा दौर 1 अगस्त से शुरू होगा।
मच्छरों के पनपने पर रोक लगाने के लिए 4,998 स्थायी जल निकायों में लार्विवोरस गैम्बूसिया मछलियां भी छोड़ी गई हैं। अधिकारियों ने कहा, “हम मानसून से जुड़ी बीमारियों से बचाव के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए आशा वर्करों और वेक्टर कंट्रोल टीमों के ज़रिए जन-जागरूकता अभियान जारी रखे हुए हैं। मौजूदा मानसून सीज़न में पैदा होने वाली किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति से निपटने के लिए भी तैयार हैं।”
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