अपराध
भीमा कोरेगांव : तेलतुम्बडे ने जंगलों में हथियार प्रशिक्षण का आयोजन किया
भीमा कोरेगांव मामले में फरार आरोपी मिलिंद तेलतुम्बडे ने प्रतिबंधित संगठन कबीर कला मंच के तीन कार्यकतार्ओं के लिए महाराष्ट्र के गढ़चिरौली के कोरची वन क्षेत्र में हथियारों का प्रशिक्षण आयोजित किया था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भीमा कोरेगांव मामले में पिछले हफ्ते दायर किए गए अपने आरोप पत्र (चार्जशीट) में यह दावा किया है।
इन तीन कार्यकतार्ओं में सागर गोरखे, रमेश गाइचोर और ज्योति जगताप शामिल थे।
एनआईए ने अपने 10,000 पन्नों के आरोप पत्र में कहा कि मिलिंद तेलतुम्बडे के निर्देश पर गोरखे, गाइचोर और जगताप शहरी इलाकों में सीपीआई (माओवादी) की गतिविधियों को आगे बढ़ा रहे थे।
एनआईए के आरोप पत्र को आईएएनएस ने भी देखा है। इसमें कहा गया है, 2011 में मिलिंद तेलतुम्बडे की पत्नी एंजेला सोंटेक की गिरफ्तारी के बाद गाइचोर, गोरखे और जगताप ने गढ़चिरौली के कोरची वन क्षेत्र का दौरा किया और वे मिलिंद से मिले, जो भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) में महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ (सीएमएमसी) जोन के सीसीएम और सचिव हैं। वे वहां पर दो से तीन महीने तक रहे।
एनआईए ने दावा किया, गोरखे, गाइचोर और जगताप ने वन क्षेत्र में हथियारों और विस्फोटकों के उपयोग से संबंधित प्रशिक्षण लिया।
एनआईए ने आरोप लगाया कि 2012 में गोरखे और गाइचोर ने गोरखे की पत्नी रूपाली जाधव के साथ फिर से कोरची वन क्षेत्र का दौरा किया और वे वहां मिलिंद तेलतुम्बडे से मिले।
उन्होंने कहा, वे 20 दिनों तक वहां रहे और उन्होंने शहरी इलाकों में आगे की योजना पर चर्चा की।
मिलिंद तेलतुम्बडे दलित स्कॉलर प्रोफेसर आनंद तेलतुम्बडे के भाई हैं, जो भीमा कोरेगांव मामले में आरोपी हैं और उन्हें इसी साल अप्रैल में गिरफ्तार किया गया था।
एनआईए ने इस साल सात सितंबर को गोरखे और गाइचोर को गिरफ्तार किया था, जबकि जगताप को आठ सितंबर को गिरफ्त में लिया गया। इन पर यूएपीए और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एनआईए ने मुंबई में विशेष एनआईए अदालत में मामले से जुड़े आठ लोगों के खिलाफ हाल ही में अपना पहला आरोप पत्र दायर किया है। इसमें एनआईए ने गौतम नवलखा के अलावा हनी बाबू, स्टैन स्वामी, आनंद तेलतुम्बडे, सागर गोरखे, रमेश गाइचोर, ज्योति जगताप और मिलिंद तेलतुम्बडे को नामजद किया है। इन लोगों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के साथ ही गैरकानूनी रोकथाम गतिविधियां अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
10,000 पन्नों की चार्जशीट में प्रत्येक अभियुक्त का विवरण है कि उन्होंने जाति के आधार पर हिंसा की योजना किस तरह से बनाई। सूत्रों ने बताया कि संयुक्त राज्य अमेरिका की अपनी एक यात्रा के दौरान नवलखा ने एक कॉमन फ्रेंड के माध्यम से आईएसआई एजेंटों से मुलाकात की।
सूत्र ने कहा कि उससे आईएसआई एजेंटों की ओर से अमेरिका में संपर्क किया गया था, ताकि उन्हें भारत में उपयुक्त जासूसों को खोजने के लिए नवलखा से मदद मिल सके।
सूत्र ने हालांकि नवलखा की ओर से अमेरिका की यात्रा के संबंध में पूछे जाने पर इस जानकारी का खुलासा नहीं किया कि वह अमेरिका कब गए और उन्होंने आईएसआई एजेंटों के साथ कितनी बार संवाद किया।
भीमा कोरेगांव मामले में नवलखा की भूमिका और भागीदारी को उजागर करते हुए, एनआईए ने अपने आरोपपत्र में दावा किया कि जांच के दौरान यह पाया गया कि उसके भाकपा (माओवादी) कैडरों के बीच गुप्त संचार हुआ था।
मालूम हो कि पुणे के पास भीमा कोरेगांव में एक युद्ध स्मारक के पास एक जनवरी 2018 को हिंसा भड़क गई थी। इसके एक दिन पहले ही पुणे शहर में हुए एलगार परिषद सम्मेलन के दौरान कथित तौर पर उकसाने वाले भाषण दिए गए थे।
पुणे पुलिस ने इससे पहले इस मामले में क्रमश: 15 नवंबर, 2018 और 21 फरवरी, 2019 को एक आरोपपत्र और एक पूरक आरोपपत्र दायर किया था।
अपराध
बैंक धोखाधड़ी मामले में ईडी का बड़ा एक्शन, करीब 54 करोड़ रुपए की संपत्ति की जब्त

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2,200 करोड़ रुपए से अधिक के बैंक धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पारेख एल्युमिनेक्स लिमिटेड (पीएएल) से जुड़ी 53.95 करोड़ रुपए मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है।
ईडी के मुंबई जोन-1 कार्यालय के अनुसार, यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है। एजेंसी ने बताया कि इस मामले में अब तक कुल 546 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं।
यह जांच सीबीआई, ईओडब्ल्यू मुंबई और ईओबी मुंबई द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। मामले में पारेख एल्युमिनेक्स लिमिटेड और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 120-बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
ईडी की जांच में सामने आया कि कंपनी ने कथित तौर पर स्टॉक और देनदारियों से संबंधित बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों के आधार पर बैंकों के एक समूह (कंसोर्टियम) से ऋण प्राप्त किया। बाद में कंपनी के ऋण खाते गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) घोषित कर दिए गए, जिनकी कुल राशि 2,296 करोड़ रुपए से अधिक थी।
जांच एजेंसी के अनुसार, इस कथित धोखाधड़ी में जेके शाह ग्रुप ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और विभिन्न संस्थाओं तथा व्यक्तियों के जरिए 110.54 करोड़ रुपए की अपराध से अर्जित आय को इधर-उधर करने में मदद की।
ईडी ने दावा किया कि इस धनराशि का एक लाभार्थी 70.25 करोड़ रुपए का फायदा उठाने में सफल रहा, जो कुल 2,296.58 करोड़ रुपए की कथित अपराध आय का हिस्सा था।
एजेंसी ने बताया कि इससे पहले भी इस मामले में 493 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। साथ ही ईडी विशेष पीएमएलए अदालत, मुंबई में अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) भी दाखिल कर चुकी है, जिस पर अदालत ने संज्ञान ले लिया है।
जांच एजेंसी के अनुसार, इंडियन ओवरसीज बैंक के नेतृत्व वाले 17 बैंकों के कंसोर्टियम को इस कथित साजिश के कारण भारी वित्तीय नुकसान हुआ। ईडी अब छापों के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच कर रही है, ताकि इस बैंक धोखाधड़ी में शामिल अन्य व्यक्तियों और संस्थाओं की पहचान की जा सके।
एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच जारी है और धन के प्रवाह तथा अन्य संभावित लाभार्थियों की भूमिका का पता लगाने के लिए आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
अपराध
मध्य प्रदेश: शाजापुर में बाइक-पिकअप की टक्कर, 5 महीने के बच्चे और पति-पत्नी की मौत

मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन की टक्कर से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। इसमें एक पांच महीने का बच्चा भी शामिल है।
मृतकों की पहचान अजीत पंवार, उनकी पत्नी पूजा पंवार और उनके पांच माह के बेटे शिवांशु के रूप में हुई है। तीनों पड़ोसी जिले सीहोर के आष्टा नगर स्थित इंद्रा कॉलोनी के निवासी थे।
यह हादसा सलसलाई थाना क्षेत्र में उस समय हुआ, जब परिवार बाइक से बोलाई गांव से अय्यापुर मंदिर दर्शन के लिए जा रहा था।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, अचानक एक लावारिस कुत्ता उनकी मोटरसाइकिल के सामने आ गया। बाइक चला रहे अजीत ने कुत्ते को बचाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया। मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर सामने से आ रही पिकअप वाहन की चपेट में आ गई।
पिकअप की टक्कर इतनी जोरदार थी कि अजीत, उनकी पत्नी और मासूम बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में मोटरसाइकिल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
बताया गया है कि परिवार शनिवार को अपने बेटे शिवांशु के पांच महीने पूरे होने के अवसर पर मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए घर से निकला था। हालांकि, गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही वे हादसे का शिकार हो गए।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “परिवार अपने बच्चे के साथ मंदिर दर्शन के लिए जा रहा था। इसी दौरान एक लावारिस कुत्ता बाइक के सामने आ गया। चालक ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन बाइक से नियंत्रण खो बैठा और सामने से आ रही पिकअप से टकरा गया।”
हादसे के बाद पिकअप चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है और अज्ञात चालक के खिलाफ लापरवाही एवं तेज रफ्तार से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों की मदद से फरार चालक की तलाश की जा रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।
अपराध
महाराष्ट्र: पालघर में 15 वर्षीय नाबालिग से गैंगरेप का आरोप, दो सगे भाई गिरफ्तार

महाराष्ट्र के पालघर जिले के नालासोपारा पूर्व इलाके में 15 वर्षीय किशोरी के साथ कथित तौर पर जबरन शारीरिक संबंध बनाने और घटना उजागर करने पर फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है।
पेल्हार पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, घटना 27 अक्टूबर की सुबह 7.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे के बीच की है। आरोप है कि गावदेवी मंदिर के पास स्थित एक कपड़ा की दुकान के अंदर अमन नतीफ शेख (24) और उसके भाई अरबाज शेख (30) ने 15 वर्षीय किशोरी के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
दर्ज एफआईआर के अनुसार, आरोपियों ने किशोरी को धमकी दी कि अगर उसने इस घटना के बारे में किसी को बताया तो उसकी फोटो और वीडियो उसकी मां को भेजने के साथ ही वायरल कर दिए जाएंगे।
इस मामले में पेल्हार पुलिस थाने में 30 अक्टूबर को देर शाम को दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1), 65(1), 70(2), 351(2) और पॉक्सो (पोक्सो) अधिनियम 2012 की धारा 4 और 8 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पेल्हार पुलिस ने दोनों आरोपियों को देर रात्रि को गिरफ्तार कर लिया।
इसी तरह की एक घटना में मुंबई पुलिस ने सभी छह आरोपियों को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि मुंबई के पवई इलाके में 15 साल की एक नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर छह लोगों ने गैंगरेप किया था। पुलिस के अनुसार, यह घटना 27 और 28 अक्टूबर के बीच हुई।
अधिकारियों ने कहा, “पीड़िता की शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर ही, मुंबई पुलिस की टीमों ने कई जगहों पर छापेमारी की और सभी आरोपियों को पकड़ लिया।” अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए छह लोगों में से किसी का भी पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
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