राष्ट्रीय समाचार
भारतमाला घोटाले की जांच तेज: रायपुर और महासमुंद में 9 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी
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रायपुर, 29 दिसंबर: छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम आर्थिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण में मुआवजा भुगतान से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के रायपुर जोनल कार्यालय द्वारा रायपुर और महासमुंद जिलों में कुल 9 परिसरों पर तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की जा रही है।
ईडी की यह कार्रवाई उन आरोपों की जांच के तहत की जा रही है, जिनमें भूमि अधिग्रहण के दौरान मुआवजा भुगतान में गड़बड़ियों की आशंका जताई गई है। तलाशी अभियान के दायरे में हरमीत सिंह खनूजा, उनके सहयोगियों, संबंधित सरकारी अधिकारियों और भूमि मालिकों से जुड़े ठिकाने शामिल हैं।
ईडी की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया, “ईडी, रायपुर जोनल कार्यालय द्वारा छत्तीसगढ़ के रायपुर और महासमुंद में कुल नौ परिसरों पर तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम आर्थिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण में मुआवजा भुगतान से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के संबंध में की जा रही है।”
बता दें कि भारतमाला परियोजना भारत सरकार की एक परियोजना है। इसका मकसद 50 कॉरिडोर (अभी के छह से) करके 550 जिला मुख्यालयों (अभी के 300 से) को कम से कम 4-लेन हाईवे से जोड़ना और 24 लॉजिस्टिक्स पार्क, कुल 8,000 किमी के 66 इंटर-कॉरिडोर, कुल 7,500 किमी के 116 फीडर मार्गों को जोड़कर 80 प्रतिशत माल ढुलाई (अभी 40 प्रतिशत) को नेशनल हाईवे पर लाना था।
इस पूरे मामले की जांच में यह सामने आया कि जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया में 43 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। जमीन के टुकड़ों को बांटकर और रिकॉर्ड में हेराफेरी करके, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को कुल 78 करोड़ रुपए का गलत भुगतान दिखाया गया।
एसडीएम, पटवारियों और जमीन माफियाओं के एक सिंडिकेट ने पुरानी तारीख के दस्तावेजों के जरिए यह धोखा किया। आरोपियों में पांच अधिकारी शामिल हैं, जिनमें निर्भय कुमार साहू भी शामिल हैं, जिन पर 43.18 करोड़ रुपए से ज्यादा के गबन का आरोप है। अभनपुर के नायकबंधा और उर्ला गांवों में जमीन माफियाओं ने राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर जमीन को 159 प्लॉट में बांट दिया, जिससे उसका मूल्यांकन 29.5 करोड़ रुपए से बढ़कर 78 करोड़ रुपए हो गया। अभानपुर बेल्ट में 9.38 किलोमीटर के हिस्से के लिए मुआवजा शुरू में 324 करोड़ रुपए तय किया गया था, जिसमें से 246 करोड़ रुपए बांट दिए गए हैं, जबकि 78 करोड़ रुपए अभी भी रोके गए हैं।
राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान,विपक्ष के नेता डॉ. चरणदास महंत ने भारतमाला प्रोजेक्ट पर चिंता जताई और सीबीआई जांच की मांग की। राजस्व मंत्री टैंक राम वर्मा ने अनियमितताओं को स्वीकार किया और बताया कि अगस्त 2022 में शुरू की गई रायपुर कलेक्टर की जांच में धोखाधड़ी की पुष्टि हुई है। जांच में अधिकारियों पर मालिकाना हक ट्रांसफर में हेराफेरी करने और मुआवज़े के दावों को बढ़ाने का आरोप लगा।
नतीजतन, सरकार ने कई अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया, जिनमें नायब तहसीलदार गोबरा नवापारा लखेश्वर प्रसाद किरण और पटवारी जितेंद्र प्रसाद साहू, दिनेश पटेल और लेखराम देवांगन शामिल हैं।
राजनीति
रायबरेली में राहुल गांधी के बिगड़े बोल, पीएम मोदी और अमित शाह पर की आपत्तिजनक टिप्पणी

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रायबरेली के लोधवारी गांव में आयोजित ‘बहुजन स्वाभिमान सभा’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आपत्तिजनक टिप्पणी की है। उन्होंने विवादित बयान देते हुए दोनों को गद्दार कहा और देश बेचने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण देश आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है और संविधान की मूल भावना को कमजोर किया जा रहा है।
सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि आने वाले समय में देश को गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और केंद्र सरकार की नीतियों का असर आम जनता पर पड़ेगा, जिससे महंगाई तेजी से बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल, गैस के साथ-साथ दाल और चावल जैसी जरूरी वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी होगी।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री जनता को सोना न खरीदने और विदेश यात्रा से बचने की सलाह देते हैं, जबकि सत्ता में बैठे लोग खुद आलीशान विमानों से विदेश दौरे करते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में किसानों को खाद जैसी जरूरी चीजों के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। राहुल गांधी ने संविधान का जिक्र करते हुए कहा कि यह देश की जनता की आवाज और अधिकारों का प्रतीक है।
उन्होंने लोगों से संविधान की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस और भाजपा संविधान की मूल भावना को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। सभा के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश की वर्तमान परिस्थितियों के लिए यही लोग जिम्मेदार हैं।
उन्होंने कहा कि आर्थिक संकट आने पर केंद्र सरकार जनता को राहत देने में विफल साबित होगी। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि कोविड महामारी और नोटबंदी के दौरान जिस तरह सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे, उसी तरह आने वाले समय में भी जनता कठिन हालात का सामना कर सकती है। राहुल गांधी दो दिवसीय दौरे पर 19 मई को रायबरेली पहुंचे थे। बुधवार को वह अमेठी भी पहुंचे, जहां उन्होंने संजय गांधी अस्पताल में मरीजों से मुलाकात की।
मनोरंजन
पैपराजी की हरकत पर नाराज हुए सलमान खान, सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर दी सख्त चेतावनी

अभिनेता सलमान खान ने मंगलवार को अस्पताल में पैपराजी के व्यवहार और प्राइवेसी को लेकर नाराजगी जताई थी। वहीं, बुधवार को उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए पैपराजी के रवैये पर अपनी गहरी निराशा जाहिर की। दरअसल, अभिनेता ने बुधवार सुबह लगातार चार पोस्ट किए, जिनमें उन्होंने पैपराजी को समझाने के लिए एक खास नोट लिखा।
पहली पोस्ट में सलमान ने लिखा, “अगर मैं अस्पताल में किसी मीडिया वाले को मेरे दर्द का मजा लेते हुए देखूं, तो मुझे बहुत दुख होगा। जिन पत्रकारों का मैंने हमेशा साथ दिया, उनसे बात की, उनका ध्यान रखा और यह सुनिश्चित किया कि उनका भी घर-परिवार अच्छे से चले।”
उन्होंने दूसरी पोस्ट में लिखा, “लेकिन अगर कोई मेरे दुख और नुकसान से पैसे कमाना चाहता है, तो कम से कम चुप रहे, उसका मजाक या तमाशा न बनाए। भाई, भाई, भाई… ये कोई फिल्म का सीन नहीं है। तस्वीर ज्यादा जरूरी है या किसी की जिंदगी?”
सलमान ने आगे लिखा, “ऐसे में मैं सौ बातें सुना दूंगा। भाई के दुख पर फायदा उठाने की कोशिश अगली बार मेरे साथ मत करना… बस कोशिश भी मत करना। जब तुम्हारे अपने घर का कोई अस्पताल में होगा, तब क्या मैं भी ऐसा ही बर्ताव करूंगा?”
अपनी आखिरी पोस्ट में अभिनेता ने चेतावनी देते हुए लिखा, “मैं 60 साल का हो गया हूं, लेकिन लड़ना अभी भी नहीं भूला… ये याद रखना और अगर जेल में डालोगे, तो वहां भी डटकर खड़ा रहूंगा।”
सलमान की पोस्ट पर फैंस और सेलेब्स ने जमकर प्रतिक्रिया दी। नगमा मिराजकर, राखी सावंत समेत कई कलाकारों ने कमेंट किए।
बता दें कि मंगलवार रात सलमान खान किसी से मिलने के लिए एक अस्पताल गए थे। जाते समय पैपराजी ने उन्हें घेर लिया, तो उन्होंने कूल अंदाज में पोज भी दिए। हालांकि, लौटते समय जब पैपराजी तस्वीर लेने के लिए जोर-जोर से सलमान का नाम और उनकी आगामी फिल्म ‘मातृभूमि’ का नाम लेने लगे, तो अभिनेता नाराज हो गए।
सलमान ने अपनी कार आगे बढ़ाते हुए गुस्से में पैपराजी को तमीज से पेश आने की नसीहत दी। इस दौरान सलमान ने उनसे पूछा, “पागल हो क्या?” इसके बाद पैपराजी ने माफी मांगी और वीडियो बनाना बंद कर दिया।
राजनीति
समाजवादी पार्टी मुख्यालय के बाहर पोस्टर से सरकार पर पीडीए आरक्षण पर हमले का आरोप

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी के मुख्यालय के बाहर एक बड़ा पोस्टर लगाया गया है, जिसमें भाजपा सरकार पर पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) समाज के आरक्षण को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पोस्टर के माध्यम से सपा ने दावा किया है कि प्रदेश में निकल रही विभिन्न सरकारी भर्तियों में ओबीसी, एससी और एसटी उम्मीदवारों के साथ धोखा किया जा रहा है और आरक्षण के संवैधानिक नियमों का पालन नहीं हो रहा है।
समाजवादी छात्र सभा के राष्ट्रीय महासचिव मनोज पासवान ने इस पोस्टर को जारी करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पीडीए समाज के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों में आरक्षण का हक छीना जा रहा है और कई भर्तियों में ओबीसी, एससी और एसटी को नियमानुसार आरक्षण नहीं दिया जा रहा है।
पोस्टर में कई ठोस उदाहरण देकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनमें सबसे प्रमुख 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती घोटाला है, जिसमें ओबीसी और एससी के आरक्षण की लूट का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि ओबीसी समुदाय को 27 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए था, लेकिन उन्हें मात्र 3.8 प्रतिशत ही आरक्षण दिया गया।
इसी प्रकार यूपीएसएससी प्राविधिक सहायक (विज्ञान एवं कृषि) भर्ती में कुल 3448 पदों पर एससी समुदाय को 21 प्रतिशत के हिसाब से 723 पद मिलने चाहिए थे, पर मात्र 509 पद (14 प्रतिशत) ही दिए गए। वहीं ओबीसी को 930 पद मिलने चाहिए थे, लेकिन केवल 629 पद ही आवंटित किए गए। ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती में 1468 पदों पर ओबीसी को 27 प्रतिशत के अनुसार 396 पद मिलने चाहिए थे, जबकि उन्हें सिर्फ 139 पद दिए गए।
बांदा कृषि विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर भर्ती में मुख्यमंत्री की स्वजातीय उम्मीदवारों का चयन 80 प्रतिशत तक बताया गया है। इसके अलावा यूपीपीएससी द्वारा ओबीसी, एससी/एसटी की ओवरलैपिंग खत्म करने, लेटरल एंट्री भर्ती, कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल, खंड शिक्षा अधिकारी परीक्षा 2019, विश्वविद्यालयों में एनएफएस आरक्षण और विश्वविद्यालयों के वीसी पदों पर 90 प्रतिशत गैर-पीडीए नियुक्तियों जैसे अनेक मुद्दों पर भी सवाल उठाए गए हैं। मनोज पासवान ने पोस्टर को सार्वजनिक करते हुए युवाओं से अपील की कि वे इन भर्ती घोटालों के खिलाफ आवाज उठाएं।
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