राजनीति
धोखाधड़ी के मामले में बैंकों को तुरंत खातों को ब्लॉक करने के लिए केंद्र को निर्देश देना चाहिए: हरियाणा सीएम
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार को साइबर अपराध के मामले में छुट्टी के दौरान भी बैंक खातों को ब्लॉक करने के लिए वित्तीय संस्थानों को निर्देश जारी करना चाहिए। उन्होंने सूरजकुंड में चिंतन शिविर के दूसरे दिन बोलते हुए कहा कि कभी-कभी जब कोई व्यक्ति साइबर अपराध की रिपोर्ट करता है, तो सप्ताहांत या सार्वजनिक छुट्टियों के कारण तत्काल कार्रवाई नहीं की जाती है। ऐसे अपराधों पर रोक लगाने के लिए बैंकिंग प्रणाली को चौबीसों घंटे सक्रिय रहना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने दो दिवसीय चिंतन शिविर के अंतिम दिन के प्रथम सत्र के दौरान चर्चा किए गए साइबर अपराध के विषय पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि वर्तमान में छुट्टियों के दौरान समय पर सूचना मिलने के बावजूद बैंक खातों को ब्लॉक न करने के कारण धोखाधड़ी के शिकार पीड़ितों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। चिंतन शिविर के दूसरे दिन की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन से हुई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में सूरजकुंड में चिंतन शिविर का आयोजन किया गया।
राज्य के राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों, गृह मंत्रियों, पुलिस महानिदेशकों और अन्य प्रतिनिधियों ने देश की कानून व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा से संबंधित चर्चा की। प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद साइबर क्राइम के विषय पर चर्चा हुई। जिसके बाद अपने संबोधन में खट्टर ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के युग में साइबर अपराधों के मामले भी बढ़े हैं। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए हर थाने में साइबर डेस्क स्थापित किए गए है। राज्य भर में 29 नए साइबर पुलिस स्टेशन खोले जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, इसके अलावा हम हेल्पलाइन नंबर 1930 और साइबरक्राइम डॉट जीओवी डॉट इन पोर्टल के माध्यम से लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए कई जागरूकता शिविर भी चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में साइबर अपराध से संबंधित लगभग 46,000 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिसमें 22,000 मामलों का समाधान किया गया है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को न्याय दिलाया गया है।
मुख्यमंत्री ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 70 में संशोधन कर साइबर अपराधों में शिकायतों की जांच का दायरा बढ़ाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य में केंद्रीय पुलिस बलों के लिए 10 केंद्र खोले गए हैं और तीन नए केंद्र स्थापित करने का काम प्रगति पर है। पुलिस आधुनिकीकरण कोष के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने इस कोष का पूरा उपयोग किया है। इसके साथ ही केंद्र को हरियाणा पुलिस के आधुनिकीकरण और आवश्यक संसाधनों के लिए विशेष पैकेज भी देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य में सुरक्षा एजेंसी नशीली दवाओं की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए लगातार काम कर रही है। पड़ोसी देशों के माध्यम से तस्करी रोकने के लिए अन्य पड़ोसी राज्यों के सहयोग से सराहनीय कार्य किया गया है। नशीली दवाओं की तस्करी में शामिल अपराधियों को सलाखों के पीछे डालने के साथ ही उन्हें आर्थिक दंड देने का भी काम किया जा रहा है। हरियाणा में क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क्स एंड सिस्टम्स (सीसीटीएनएस) प्रोजेक्ट भी लागू किया गया है।
सीएम ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध को रोकने के लिए राज्य में उपमंडल स्तर पर 33 नए थाने और 239 हेल्पडेस्क स्थापित किए गए हैं। महिलाओं को मुफ्त कानूनी सहायता भी प्रदान की जा रही है। साथ ही, महिला हेल्पलाइन को भी डायल 112 के साथ जोड़ा गया है।
राष्ट्रीय समाचार
जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने पर अभिजीत दिपके का हमला, बोले-सरकार को विरोध की आवाज से दिक्कत

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन पर रोक लगा दी है। कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दिपके ने निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र को लोगों के विरोध करने के विचार से दिक्कत थी।
अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “आज पीएम मोदी ने जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की तय जगह के तौर पर हटा दिया। कल वे लोकतंत्र को ही खत्म कर देंगे। तानाशाह को कभी विरोध-प्रदर्शन की जगह से दिक्कत नहीं थी। दिक्कत तो लोगों के विरोध करने के विचार से थी।”
दरअसल, गृह मंत्रालय की कमेटी की सिफारिश के आधार पर दिल्ली पुलिस ने नई गाइडलाइंस जारी करते हुए जंतर-मंतर को तय विरोध स्थल की सूची से हटा दिया है। अब विरोध प्रदर्शन के लिए तीन नई जगहें; रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबी मैदान (पूर्वी दिल्ली) तय की गई है।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने नागरिकों के विरोध-प्रदर्शन के अधिकार के लिए मौजूदा तय जगह के अलावा अन्य उपयुक्त स्थानों की जांच के लिए एक समिति बनाई थी। समिति की सिफारिशों के आधार पर यह फैसला किया गया है। इन तीनों जगहों पर प्रदर्शन के लिए विस्तृत और संशोधित एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) अलग से जारी की जाएगी। दिल्ली पुलिस का यह आदेश 28 अप्रैल 2022 के पुराने स्टैंडिंग ऑर्डर में आंशिक बदलाव है।
जंतर-मंतर लंबे समय से देश में लोकतांत्रिक विरोध का केंद्र रहा है। लगातार किसी न किसी मुद्दे को लेकर वहां प्रदर्शन होते रहे हैं। हाल ही में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन करने की कोशिश की थी। उस दौरान पुलिस और प्रशासन ने कई सख्त कदम उठाए थे। सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पहुंचने से पहले ही हिरासत में ले लिया गया था।
उस प्रदर्शन के दौरान स्थिति ऐसी बनी थी कि दिल्ली सरकार को करीब 45 मेट्रो स्टेशन बंद करने पड़े थे और कई ट्रेनों को भी रद्द करना पड़ा था, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सरकार का कहना है कि जंतर-मंतर पर बार-बार हो रहे विरोध-प्रदर्शनों से मध्य दिल्ली में यातायात और जनजीवन प्रभावित होता है। इसी को देखते हुए प्रदर्शन स्थलों को शहर के बाहरी इलाकों में शिफ्ट किया गया है। वहीं विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने इसे विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश बताया है।
राष्ट्रीय समाचार
वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में मिले-जुले रह सकते हैं नतीजे, चुनिंदा क्षेत्रों में मांग मजबूत : रिपोर्ट

वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में कॉरपोरेट नतीजे अलग-अलग सेक्टर्स में मिले-जुले रह सकते हैं। हालांकि, इस दौरान लागत पर दबाव बने रहने के बावजूद, कुछ खास इंडस्ट्रीज को मजबूत मांग से सहारा मिलेगा। यह जानकारी सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।
पीएल कैपिटल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (एएमसी) को मौजूदा अच्छे औसत इक्विटी एसेट्स से फायदा होने की उम्मीद है।
रिपोर्ट के अनुसार, कवरेज दायरे में आने वाली कंपनियों की मुख्य आय में तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 3.6 प्रतिशत और साल-दर-साल आधार पर 11.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है।
इसके अलावा, बैंकों में लोन ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद है, जबकि शुद्ध ब्याज मार्जिन पर निगरानी रखनी होगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑटो और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों की तरफ से लोन बांटने की स्थिर वृद्धि से ग्रोथ को सहारा मिल सकता है, लेकिन बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, ऑटो सेक्टर में रिटेल मांग और त्योहारों के लिए स्टॉक जमा करने से आपूर्ति को बढ़ावा मिला, लेकिन कच्चे माल की ऊंची लागत और सप्लाई-चेन में रुकावटों से मुनाफे पर असर पड़ने की उम्मीद है।
इसके अलावा, बिल्डिंग मटीरियल सेक्टर में अलग-अलग ट्रेंड देखने को मिल सकते हैं। पाइप का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहने की उम्मीद है, जबकि वुड पैनल को निर्यात से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सीमेंट इंडस्ट्री के वॉल्यूम में सालाना आधार पर लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है, हालांकि ईंधन की ऊंची लागत से मुनाफे पर दबाव पड़ने की संभावना है।
इसी तरह, कंज्यूमर स्टेपल्स में दोहरे अंकों की ग्रोथ का अनुमान है, हालांकि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में महंगाई और बारिश की अनिश्चितताओं का असर पड़ सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वायर और केबल की ग्रोथ से कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर को फायदा होने की उम्मीद है।
रिपोर्ट के अनुसार, इंडस्ट्रियल सेक्टर में ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन पर फोकस करने वाली कैपिटल गुड्स कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर रहने की उम्मीद है, जबकि इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन गतिविधियों पर काम पूरा करने से जुड़ी चुनौतियों का असर पड़ सकता है।
इसमें आगे कहा गया है कि इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े काम की रफ्तार स्थिर रहने की उम्मीद है, हालांकि नए ऑर्डर मिलने की गति धीमी हुई है।
अपराध
ओडिशा से रायपुर लाया जा रहा 23.5 किलो गांजा जब्त, चार तस्कर गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अंतर्राज्यीय चेकपोस्ट पर बड़ी सफलता हासिल की है।
पुलिस ने एक कार से 23.500 किलोग्राम गांजा बरामद कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में करीब 19.95 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की गई है।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि किआ कैरेंस कार (ओडी 02 सीटी 3301) में अवैध गांजा लेकर कुछ तस्कर ओडिशा से छत्तीसगढ़ की ओर आ रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने एनएच-53 स्थित अंतर्राज्यीय चेकपोस्ट पर नाकेबंदी की। कुछ देर बाद संदिग्ध वाहन को रोककर उसकी जांच की गई।
कार में सवार चारों व्यक्तियों से पूछताछ के दौरान उनके जवाब संदिग्ध पाए गए। पूछताछ करने पर उन्होंने कार में गांजा होने की बात स्वीकार की। तलाशी लेने पर वाहन की पिछली सीट के पीछे रखी सफेद रंग की बोरी से 23.500 किलो गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 11.75 लाख रुपए बताई गई है।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे गांजा ओडिशा के बौध जिले से लेकर रायपुर (छत्तीसगढ़) पहुंचाने जा रहे थे।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गांजे के अलावा तस्करी में प्रयुक्त किआ कैरेंस कार (कीमत 8 लाख रुपए) और चार मोबाइल फोन (कीमत 20,500 रुपए) भी जब्त कर लिए। कुल जब्त संपत्ति की कीमत 19,95,500 रुपए आंकी गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान केशव गाई गौउरिया (32), स्वागत महाकुल (26), मनतोष पौड (28) और रविन्द्र बस्तिया (26) के रूप में हुई है। सभी आरोपी ओडिशा के बौध जिले के निवासी हैं।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना सिंघोडा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) II(बी) के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब गांजे की सप्लाई चेन, सोर्स प्वाइंट, डेस्टिनेशन प्वाइंट और आर्थिक लेन-देन की भी जांच कर रही है।
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