Connect with us
Friday,02-January-2026
ताज़ा खबर

व्यापार

बांग्लादेश उच्च न्यायालय ने आपूर्ति कटौती के बीच अडानी समूह के साथ बिजली सौदों की उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया: रिपोर्ट

Published

on

बांग्लादेश के उच्च न्यायालय ने अडानी समूह के साथ सभी बिजली संबंधी समझौतों का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा और कानून विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय जांच समिति के गठन का आदेश दिया है, जैसा कि स्थानीय समाचार पोर्टल बिजनेस स्टैंडर्ड ने मंगलवार, 19 नवंबर को बताया।

न्यायमूर्ति फराह महबूब और न्यायमूर्ति देबाशीष रॉय चौधरी की पीठ ने कथित तौर पर कैबिनेट सचिव को एक महीने के भीतर समिति गठित करने और अगले दो महीनों में अदालत को रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। 

अडानी पावर के शेयर मंगलवार को 0.47 प्रतिशत गिरकर 524.10 रुपये पर बंद हुए, जबकि पिछले बाजार बंद के समय यह 526.60  रुपये पर थे।

कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए पूछा कि अडानी समूह के साथ किए गए असमान समझौतों को रद्द करने के निर्देश क्यों न दिए जाएं। साथ ही, एक महीने के भीतर सौदे पर हस्ताक्षर से संबंधित दस्तावेज भी मांगे हैं।

याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व करने वाले बैरिस्टर एम अब्दुल कय्यूम ने हाईकोर्ट में रिट दायर कर अडानी समूह के साथ सभी बिजली सौदों को रद्द करने की मांग की। रिपोर्ट के अनुसार, अडानी ने 2017 में 25 साल के बिजली खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए थे; उस समय बांग्लादेश में कोई भी आयातित कोयला आधारित बिजली संयंत्र चालू नहीं था।

अडानी की बांग्लादेश बिजली आपूर्ति

अडानी समूह की बांग्लादेश को बिजली झारखंड के 1,600 मेगावाट बिजली संयंत्र से मिलती है। रिपोर्ट में बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि बिजली की लागत 0.1008 डॉलर प्रति यूनिट या 12 टका प्रति यूनिट है।

यह दर भारत के अन्य निजी उत्पादकों की दर से 27 प्रतिशत अधिक है तथा भारत के सरकारी स्वामित्व वाले संयंत्रों की दर से 63 प्रतिशत अधिक है। 

अडानी पावर ने बकाया राशि के भुगतान को लेकर बांग्लादेश की बिजली आपूर्ति आधी कर दी थी। साथ ही कंपनी ने बकाया राशि के भुगतान पर स्पष्टता नहीं होने की स्थिति में 7 नवंबर तक बिजली आपूर्ति बंद करने की समयसीमा भी तय की थी।

बांग्लादेश पर कथित तौर पर अडानी का लगभग 850 मिलियन डॉलर बकाया है। रिपोर्ट के अनुसार, बाद में अडानी समूह ने स्पष्ट किया कि उसने सात दिनों में पूरा भुगतान नहीं मांगा था।

बिजली की कमी

अडानी समूह को आंशिक भुगतान करने के बाद भी बांग्लादेश में बिजली की कमी बनी हुई है, जिससे ब्लैकआउट का खतरा बढ़ रहा है। 

एजेंसी ने इस घटनाक्रम से अवगत दो लोगों के हवाले से बताया कि अदानी पावर को 170 मिलियन डॉलर का ऋण पत्र मिला है, जिससे ऋणदाताओं से दबाव कम हुआ है। अधिकारियों ने कहा कि आंशिक भुगतान से संकट हल नहीं होता, लेकिन कंपनी झारखंड में गोड्डा थर्मल प्लांट के ऋणदाताओं के साथ बातचीत लंबित रहने तक आपूर्ति नहीं रोकेगी। 

रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश बैंक के गवर्नर अहसान एच मंसूर ने शुक्रवार को फोन पर दिए साक्षात्कार में कहा, “इस समय तक भुगतान हो जाना चाहिए था।” मंसूर ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि केंद्रीय बैंक ने “भुगतान के लिए निर्देश जारी किया है।”

अडानी बिजली आपूर्ति बांग्लादेश की कुल आपूर्ति का लगभग 10 प्रतिशत है। समाचार रिपोर्ट में उद्धृत पावर ग्रिड बांग्लादेश से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, बिजली कंपनी ने गुरुवार को अपनी आपूर्ति को घटाकर 500 मेगावाट कर दिया, जबकि पहले इसे 700 मेगावाट तक घटा दिया था।

व्यापार

भारतीय शेयर बाजार साल के दूसरे दिन भी हरे निशान में खुला, सेंसेक्स-निफ्टी में उछाल

Published

on

मुंबई, 2 जनवरी: कैलेंडर वर्ष 2026 के दूसरे और सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख बेंचमार्क बढ़त के साथ हरे निशान में खुले। यह नए साल का लगातार दूसरा दिन है जब घरेलू बाजार में बढ़त देखने को मिली है।

नए साल 2026 के दूसरे कारोबारी दिन खबर लिखे जाने तक (9:20 बजे के करीब) निफ्टी 25.50 अंक यानी 0.11 प्रतिशत की बढ़त के साथ 26,172.35 पर था, जबकि सेंसेक्स 104.95 अंक या 0.12 प्रतिशत की तेजी के साथ 85,293.55 पर ट्रेड कर रहा था। इस दौरान ऑटो और मेटल शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।

व्यापक बाजार की बात करें, तो निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.31 प्रतिशत की तेजी रही, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.2 प्रतिशत ऊपर कारोबार कर रहा था।

सेक्टरवार देखें, तो निफ्टी ऑटो इंडेक्स 0.73 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा। इसके बाद निफ्टी पीएसयू बैंक 0.7 प्रतिशत और निफ्टी मेटल 0.56 प्रतिशत चढ़ा। दूसरी ओर निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स 1.2 प्रतिशत गिर गया, जिसमें आईटीसी के शेयर में आई तेज गिरावट का बड़ा योगदान रहा।

शुरुआती कारोबार में मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एशियन पेंट्स, बीईएल, एचडीएफसी बैंक, एनटीपीसी और टाटा स्टील के शेयरों में 1.3 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। वहीं आईटीसी का शेयर 4 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया और यह सबसे बड़ा नुकसान झेलने वाला स्टॉक रहा। इसके अलावा टाइटन, एचसीएल टेक, एक्सिस बैंक और टेक महिंद्रा के शेयरों में भी गिरावट देखी गई।

बाजार के जानकारों का कहना है कि दिसंबर महीने में पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में सालाना आधार पर 25.8 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी ऑटो सेक्टर के लिए एक अच्छा संकेत है। इससे भी ज्यादा अहम बात यह है कि यह आंकड़ा देश की अर्थव्यवस्था में जारी ग्रोथ की रफ्तार को साफ तौर पर दिखाता है। आगे यह देखना होगा कि क्या यह वृद्धि, भले ही धीमी गति से हो, आगे भी जारी रहती है। लेकिन अर्थव्यवस्था में ग्रोथ का बना रहना बेहद जरूरी है, क्योंकि यही बाजार के लिए जरूरी कमाई (अर्निंग्स) की बढ़ोतरी सुनिश्चित कर सकता है और बाजार को मजबूती के साथ धीरे-धीरे ऊपर ले जा सकता है।

एक्सपर्ट के अनुसार, ऑटो उद्योग से जुड़ी सकारात्मक खबरों का असर काफी हद तक पहले ही कीमतों में दिख चुका है। पिछले साल जो सेक्टर पीछे रह गया था, वह कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर है, जिसमें आगे चलकर तेजी आने की अच्छी संभावना है। ब्याज दरों में कटौती और जीएसटी में राहत का पूरा फायदा अभी तक इस सेक्टर की मांग में नजर नहीं आया है। ऐसे में अल्पकाल में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।

भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को साल के पहले कारोबारी सत्र में सपाट बंद हुआ। सेंसेक्स में मामूली गिरावट आई और निफ्टी में थोड़ी बढ़त दर्ज की गई। इस दौरान बीएसई सेंसेक्स 32 अंक या 0.04 प्रतिशत गिरकर 85,188.60 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 17 अंक या 0.06 प्रतिशत बढ़कर 26,146.55 पर बंद हुआ और 26,100 के स्तर से काफी ऊपर बना रहा।

Continue Reading

व्यापार

भारतीय शेयर बाजार में नए साल 2026 की शुरुआत हरे निशान के साथ, सेंसेक्स-निफ्टी में दिखी बढ़त

Published

on

मुंबई, 1 जनवरी: नए साल 2026 की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार ने हरे निशान के साथ की है। इस दौरान घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क एनएसई निफ्टी और बीएसई सेंसेक्स में बढ़त देखने को मिली।

कैलेंडर वर्ष 2026 के पहले कारोबारी सत्र में खबर लिखे जाने तक (9:20 बजे तक) निफ्टी 40.30 अंक यानी 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 26,171.45 पर था, जबकि सेंसेक्स 144.39 अंक या 0.17 प्रतिशत की तेजी के साथ 85,364.99 पर ट्रेड कर रहा था। किसी बड़े घरेलू या वैश्विक संकेत की कमी के कारण बाजार में सीमित तेजी देखने को मिली।

व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.05 प्रतिशत की मामूली बढ़त रही, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखा।

वहीं, सेक्टर के हिसाब से देखें, तो निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स 1 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर सबसे ज्यादा नुकसान में रहा। इसके अलावा निफ्टी हेल्थकेयर और फार्मा इंडेक्स भी दबाव में दिखे। वहीं, निफ्टी मीडिया इंडेक्स 0.9 प्रतिशत की तेजी के साथ सबसे आगे रहा और निफ्टी ऑटो इंडेक्स में 0.45 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

सेंसेक्स पैक में एम एंड एम, इटरनल, टीसीएस, एनटीपीसी, एलएंडटी, भारती एयरटेल, टाटा स्टील के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं दूसरी ओर, आईटीसी, बजाज फाइनेंस, बीईएल, एक्सिस बैंक और सन फार्मा के शेयर टॉप लूजर्स में शामिल रहे।

घरेलू बाजार की बात करें, तो निफ्टी 50 ने साल 2025 का अंत 10.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ किया, जिससे इसकी लगातार 10 साल की तेजी जारी रही। सेंसेक्स भी 2025 में 9.06 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 5.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ और इसकी लगातार छह साल की तेजी बनी रही। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 5.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ, जिससे इसकी दो साल की जीत का सिलसिला टूट गया।

चॉइस ब्रोकिंग की टेक्निकल एंड डेरिवेटिव एनालिस्ट अमृता शिंदे ने कहा कि बाजार का माहौल थोड़ा संभला हुआ और अच्छा दिख रहा है। घरेलू तकनीकी संकेत बेहतर हो रहे हैं, हालांकि वैश्विक संकेत मिले-जुले हैं और देश के अंदर कोई बड़ा कारण नहीं है। इसलिए निवेशक दुनिया के बाजार, कच्चे तेल की कीमतों, और बड़े निवेशकों के पैसे के आने-जाने पर नजर बनाए रखेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि बाजार ने पहले की सुस्ती से बाहर निकलकर तेजी दिखाई है। निफ्टी के लिए 26,250 से 26,300 का स्तर रेजिस्टेंस बन सकता है, जबकि 26,000 से 26,050 का स्तर सपोर्ट का काम कर सकता है।

एक्सपर्ट ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता और बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दी जाती है। गिरावट के समय अच्छे शेयरों में सीमित जोखिम के साथ खरीदारी करना बेहतर रहेगा। नई खरीदारी तभी करनी चाहिए, जब निफ्टी 26,300 के ऊपर मजबूती से टिक जाए।

Continue Reading

व्यापार

साल के आखिरी दिन सस्ता हुआ सोना-चांदी, रिकॉर्ड तेजी के बाद सिल्वर में 14,000 रुपए से ज्यादा की गिरावट

Published

on

gold

मुंबई, 31 दिसंबर: साल 2025 के आखिरी कारोबारी दिन, बुधवार को कीमती धातुओं, खासकर चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। इससे पहले चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंची थी, जिसके बाद निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए बिकवाली की।

घरेलू वायदा बाजार में शुरुआती कारोबार में चांदी 16,000 रुपए से ज्यादा गिर गई और यह 2,32,228 रुपए के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गई। हालांकि बाद में इसमें थोड़ी रिकवरी देखने को मिली। वहीं सोने की कीमतों में भी 900 रुपए से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली।

खबर लिखे जाने तक मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी 14,124 रुपए यानी 5.63 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,36,888 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। जबकि फरवरी डिलीवरी वाला सोना 782 रुपए यानी 0.57 प्रतिशत गिरकर 1,35,884 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया। कारोबारी सत्र के दौरान चांदी 2,32,228 रुपए तो सोना 1,35,618 रुपए के इंट्रा-डे लो तक पहुंच गया।

यह गिरावट 2025 में अधिकांश समय में हुई तेज बढ़त के बाद आई है। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के बंदरगाहों पर हमला और चीन के नौसैनिक अभ्यास जैसे अंतरराष्ट्रीय तनावों के चलते सप्ताह के शुरुआत में सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) की मांग तेजी से बढ़ी थी, जिनसे कीमती धातुओं की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखने को मिली थी।

विश्लेषकों के अनुसार, दिसंबर में चांदी की कीमत 24 प्रतिशत बढ़ी और पिछले एक साल में इसमें 135 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसका कारण मांग ज्यादा होना और सुरक्षित निवेश की ओर लोगों का झुकाव है।

घरेलू स्पॉट गोल्ड (तुरंत खरीदा-बेचा जाने वाला सोना) की कीमत इस साल अब तक 76 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ी, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 70 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ी है। यह 1979 के बाद सबसे अच्छी सालाना बढ़त मानी जा रही है।

मेहता इक्विटी लिमिटेड के कमोडिटी उपाध्यक्ष राहुल कलंत्री ने कहा कि मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया। अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ने से सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी। रूस और यूक्रेन के बीच शांति बातचीत में भी रुकावट आई, जब रूस ने यूक्रेन पर राष्ट्रपति के आवास पर ड्रोन हमला करने का आरोप लगाया।

इसी दौरान, अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के बंदरगाहों पर हमलों और चीन के नौसैनिक अभ्यासों ने अमेरिका-ताइवान तनाव को बढ़ा दिया, जिससे कीमती धातुओं को सपोर्ट मिला। लेकिन बाद में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के विवरण आने के बाद कीमतों में बढ़त सीमित हो गई, क्योंकि अगले साल ब्याज दरों में ज्यादा कटौती की उम्मीद कम हो गई।

एक्सपर्ट ने बताया कि चांदी को 2,45,150 से 2,42,780 रुपए के स्तर पर सपोर्ट, तो वहीं 2,54,810 से 2,56,970 रुपए के बीच रजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।

इस साल सोने और चांदी की कीमतें बढ़ने के पीछे कई कारण रहे, जैसे केंद्रीय बैंकों द्वारा ज्यादा खरीद, अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद, अमेरिकी टैरिफ को लेकर चिंता, भू-राजनीतिक तनाव और गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में मजबूत निवेश।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के बड़े बाजारों में चांदी का भंडार लगातार कम हो रहा है। शंघाई और कॉमेक्स बाजारों के बीच कीमतों का अंतर भी घट रहा है, जिससे यह साफ होता है कि चांदी की उपलब्धता सीमित होती जा रही है।

Continue Reading
Advertisement
व्यापार10 minutes ago

भारतीय शेयर बाजार साल के दूसरे दिन भी हरे निशान में खुला, सेंसेक्स-निफ्टी में उछाल

राष्ट्रीय समाचार37 minutes ago

पुणे: एमपीएससी भर्ती विज्ञापन में देरी से छात्र चिंतित, आयु सीमा में एक साल की छूट मांगी

अंतरराष्ट्रीय समाचार2 hours ago

ट्रंप ने भारत-अमेरिकी संबंधों को ‘पूरी तरह से बिगाड़’ दिया है : कांग्रेसमैन सुब्रमण्यम

पर्यावरण2 hours ago

एनसीआर में प्रदूषण से आंशिक राहत के संकेत, लेकिन ठंड और कोहरे की चुनौती बरकरार

राजनीति2 hours ago

बीएमसी चुनाव 2026: एनसीपी (एसपी) का नामांकन खारिज होने और शिवसेना (यूबीटी) और एमएनएस के चुनाव से बाहर रहने के कारण मुलुंड वार्ड 107 से भाजपा के नील सोमैया को मिली निर्बाध जीत।

nakabandi
अपराध16 hours ago

मुंबई शहर में नए साल के जश्न में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन… पुलिस नाकाबंदी के दौरान शराब पीकर गाड़ी चलाने के आरोप में 211 वाहन मालिकों के खिलाफ केस दर्ज

महाराष्ट्र17 hours ago

मुंबई नगर निगम में 10,231 पोलिंग स्टेशन, चुनाव के लिए बीएमसी प्रशासन पूरी तरह तैयार

महाराष्ट्र17 hours ago

BMC चुनाव : गड़बड़ियों की वजह से 167 उम्मीदवारों के पर्चे खारिज, 2231 उम्मीदवार योग्य, 2 जनवरी को पर्चे वापस, 3 जनवरी को चुनाव निशान बांटे जाएंगे

Rahul-Narvekar
महाराष्ट्र19 hours ago

बीएमसी चुनाव को लेकर राहुल नार्वेकर बोले, विपक्ष को अपनी हार साफ दिखाई दे रही

अपराध22 hours ago

हैदराबाद: नए साल की पार्टी के बाद एक की मौत, 15 लोग बीमार

महाराष्ट्र4 weeks ago

मुंबई के ठग बिल्डर पिता-पुत्र करोड़ों की धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार

राजनीति3 weeks ago

न्यायपालिका को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश कर रही है भाजपा: शिवसेना (यूबीटी)

व्यापार2 weeks ago

सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच उच्च स्तर पर खुला भारतीय शेयर बाजार

पर्यावरण4 weeks ago

8 दिसंबर, 2025 के लिए मुंबई मौसम अपडेट: शहर में ठंड का मौसम, फिर भी धुंध से भरा आसमान; AQI 255 पर अस्वस्थ बना हुआ है

व्यापार2 weeks ago

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट, जानें मार्केट में आज की कीमत

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

पटना में बढ़ती ठंड पर डीएम का बड़ा फैसला, सभी स्कूलों के समय में बदलाव

दुर्घटना4 weeks ago

पुणे: लोनावाला में लायन्स पॉइंट के पास कंटेनर से हुई घातक टक्कर में गोवा के दो पर्यटकों की मौत

महाराष्ट्र3 days ago

अंदरूनी कलह पड़ी भारी, 211 वार्ड में समाजवादी पार्टी के साथ सियासी खेल

अपराध4 weeks ago

मुंबई: रिटायर्ड पुलिसकर्मी ने सोसायटी की लिफ्ट में की नाबालिग से छेड़छाड़, गिरफ्तार

व्यापार3 weeks ago

चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, इन पांच कारण से तेजी को मिल रही हवा

रुझान