अपराध
बांग्लादेश : 9 महीनों में 975 महिलाओं के साथ दुष्कर्म
बांग्लादेश के नोआखली जिले में हाल ही में हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने देश में महिलाओं के खिलाफ क्रूर अत्याचार और अपराध को उजागर किया है।
मानव अधिकार निकाय ऐन ओ सलिश केंद्र (एएसके) ने कहा है कि बांग्लादेश में इस साल जनवरी से 30 सितंबर तक कम से कम 975 महिलाओं के साथ दुष्कर्म किया गया, जिनमें से 208 सामूहिक दुष्कर्म की शिकार हुईं।
इन पीड़िताओं में से 45 की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई और 12 अन्य ने खुदकुशी कर ली। इसके अलावा, 161 महिलाओं ने यौन उत्पीड़न का सामना किया और उनमें से 12 ने उसी अवधि के दौरान आत्महत्या कर ली।
नोआखली में सामूहिक दुष्कर्म की शिकार महिला के साथ पूर्व में भी बंदूक की नोंक पर मुख्य अरोपी दिलवर हुसैन द्वारा कई बार दुष्कर्म किया गया था। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने सोमवार को महिला से मुलाकात की, जिसके बाद यह पता चला।
एनएचआरसी में जांच के निदेशक अल महमूद फैजुल कबीर ने कहा, “जब भी महिला ने विरोध किया, तो उसे ‘दिलवर बाहिनी’ की पूरी टीम ने सामूहिक दुष्कर्म की धमकी दी।”
एएसके के अनुसार, यौन उत्पीड़न के विरोध के लिए तीन महिलाओं और नौ पुरुषों की हत्या की गई। इसके अलावा, 627 बच्चों के साथ दुष्कर्म किया गया और 20 लड़कों के साथ छेड़छाड़ हुई, जबकि 21 महिलाएं एसिड हमलों का शिकार हुईं।
ऐन ओ सलिश केंद्र की पूर्व कार्यकारी निदेशक सलीश केंद्र, शिपा हफीजा ने आईएएनएस को बताया, “महिलाओं के खिलाफ दुष्कर्म, यौन उत्पीड़न और हिंसा धीरे-धीरे बढ़ रही है जो मुख्य रूप से सजा से छूट जाने की संस्कृति और इसे नियंत्रित करने के लिए राज्य की उदासीनता के कारण बढ़ी है।”
उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकतों की संख्या में वृद्धि हुई है क्योंकि अपराधियों को यह मालूम है कि वे सजा से बच जाएंगे।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि देश दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न को एक गंभीर अपराध के रूप में नहीं मान रहा है। राजनेता अभी भी यह नहीं कह रहे हैं कि वे इस तरह की क्रूरता पर शर्मिदा हैं और पीड़ितों को न्याय दिलाने को लेकर आश्वस्त नहीं कर रहे हैं। दुष्कर्मियों को 150 साल पुराने कानून के तहत उचित सजा नहीं दी जा रही।”
उन्होंने आगे कहा कि कानून में संशोधन किया जाना चाहिए और इसे ठीक से लागू करना चाहिए।
एनएचआरसी के प्रतिनिधि ने आईएएनएस को बताया कि कुख्यात दिलवर ने न केवल एक साल तक महिला का यौन शोषण किया, बल्कि यह भी महसूस किया कि महिला का शरीर उसकी निजी संपत्ति है।
बेगमगंज मॉडल थाना के प्रभारी अधिकारी हरुनूर रशीद चौधरी ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि पीड़िता के साथ आरोपी द्वारा बार-बार दुष्कर्म किया गया।
उन्होंने कहा, “वीडियो फुटेज वायरल होने के बाद, उसने न तो मुझे बताया और न ही सोमवार को मजिस्ट्रेट को बताया। मुझे यह तभी पता चला जब एनएचआरसी ने मुझे बताया।”
आरएबी-11के कमांडिंग ऑफिसर सैफुल आलम ने कहा, “दिलवर ने बंदूक की नोंक पर उसके साथ ऐसा किया जो गलत है। उसके खिलाफ हत्या के दो मौजूदा आरोप हैं। उसे आगे की पूछताछ के लिए शिधिरगंज पुलिस थाने में ट्रांसफर किया जाएगा, जबकि उसके साथी बादल को बेगमगंज पुलिस स्टेशन भेजा जाएगा।”
इस बीच, हाईकोर्ट द्वारा बांग्लादेश टेलीकॉम रेगुलेटरी कमीशन (बीटीआरसी) को यह सुनिश्चित करने का निर्देश देने के 24 घंटे बाद भी कि वीडियो को वेबसाइटों और सोशल मीडिया से हटा दिया जाए, वीडियो अभी भी सर्च करने पर सहजता से उपलब्ध है।
न सिर्फ पीड़िता बल्कि उसके परिवार के सदस्य भी गांव से दूर छिपते फिर रहे हैं। उसके पिता इलाके में चाय की दुकान चलाते है, लेकिन उन्हें अपनी दुकान बंद करनी पड़ी है।
सिलहट शहर के शमीमाबाद इलाके में एक गृहिणी के साथ दुष्कर्म के आरोप में जाटिया श्रमिक लीग के एक नेता और एक अन्य व्यक्ति को सोमवार तड़के गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों की पहचान 40 वर्षीय दिलवर और 35 वर्षीय हारून मिया उर्फ चक्कू हारुन के रूप में हुई।
कोतवाली पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर रेजाउल करीम ने कहा कि दिलवर और उसके दो साथी रविवार को पीड़िता के घर गए और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने सोमवार सुबह कोतवाली पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया।
अपराध
पंजाब : अमृतसर में 10 किलो हेरोइन और 10 अवैध पिस्तौल के साथ 4 तस्कर गिरफ्तार

अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले दो नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इसके साथ ही 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 10 किलो हेरोइन व 10 अवैध पिस्तौलें बरामद की हैं। यह जानकारी पंजाब पुलिस के महानिदेशक के सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर शुक्रवार को दो गई।
डीजीपी के मुताबिक, शुरुआती जांच से पता चला है कि आरोपी कथित तौर पर विदेश में बैठे तस्करों से जुड़े हैं और अवैध हथियार व नशीले पदार्थ हासिल करने में शामिल हैं। अमृतसर के थाना घरिंडा में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पूरे नेटवर्क का पता लगाने और इसके पीछे और आगे के कनेक्शन का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
पंजाब पुलिस लगातार इस तरह के गिरोहों पर कार्रवाई कर रही है। सीमा से सटे जिलों में पुलिस हथियारों और ड्रग्स के साथ आरोपी लगातार पकड़े जा रहे हैं।
डीजीपी ने गुरुवार को एक्स पोस्ट के जरिए बताया था, “गुरदासपुर पुलिस ने हथियारों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से सात पिस्तौल (जिनमें एक ग्लॉक और छह .30 कैलिबर की पिस्तौलें शामिल हैं) और आठ मैगजीन बरामद की हैं।”
डीजीपी ने बताया, “शुरुआती जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपियों के दुबई में मौजूद एक व्यक्ति से ‘बैकवर्ड लिंकेज’ (पीछे के संपर्क) और अमेरिका में मौजूद एक व्यक्ति से ‘फॉरवर्ड लिंकेज’ (आगे के संपर्क) थे। माना जा रहा है कि इन्हीं लोगों ने उन्हें अवैध हथियार इकट्ठा करने के निर्देश दिए थे। कलानौर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी है।”
डीजीपी ने दोहराया कि नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध हथियारों के नेटवर्क को खत्म करने तथा पंजाब को एक सुरक्षित और नशामुक्त राज्य बनाने के अपने संकल्प पर पंजाब पुलिस अडिग है।
अपराध
असम पुलिस ने 60 लाख रुपए की नशीली टैबलेट जब्त कीं, दो गिरफ्तार

असम पुलिस ने हैलाकांडी जिले में लगभग 60 लाख रुपए मूल्य की संदिग्ध नशीली टैबलेट की एक बड़ी खेप जब्त की है और दो लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
यह कार्रवाई जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध परिवहन के खिलाफ तेज की गई मुहिम के तहत की गई। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस ने ऑपरेशन के दौरान 816.9 ग्राम संदिग्ध याबा टैबलेट बरामद कीं। इस जब्ती के सिलसिले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनकी पहचान बहारुल आलम मजूमदार और चायेक हुसैन लस्कर के रूप में हुई।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस द्वारा रोके जाने और उनके पास से प्रतिबंधित सामान बरामद होने के बाद आरोपियों को हिरासत में लिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस की ओर से आरोपियों को रोककर उनके पास से प्रतिबंधित सामग्री बरामद करने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।
जब्त की गई टैबलेट के याबा होने का संदेह है, जो मेथम्फेटामाइन और कैफीन वाली एक सिंथेटिक ड्रग है। आमतौर पर पूर्वोत्तर क्षेत्र में इसकी तस्करी की जाती है। अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए प्रतिबंधित सामान की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 60 लाख रुपए है।
एक मामला दर्ज किया गया है और नशीले पदार्थों के स्रोत का पता लगाने व इसे लेने वाले लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच चल रही है। जांच टीमें यह भी पता लगा रही हैं कि क्या गिरफ्तार किए गए आरोपी असम और पड़ोसी राज्यों में चल रहे नशीले पदार्थों की तस्करी के किसी बड़े अंतर-राज्यीय नेटवर्क से जुड़े हैं।
पुलिस दोनों आरोपियों से सप्लाई चेन के बारे में जानकारी जुटाने के लिए पूछताछ कर रही है, जिसमें खेप का स्रोत, इसके गंतव्य और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील इलाकों और नशीले पदार्थों के परिवहन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले संदिग्ध रास्तों पर निगरानी और चेकिंग बढ़ा दी गई है।
अपराध
8 लाख कीमत का 41 किलो 400 ग्राम गांजा बरामद, तस्करी के आरोप में युवक गिरफ्तार

नोएडा के थाना फेस-2 की पुलिस ने अवैध गांजे की बिक्री और तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 41 किलो 400 ग्राम अवैध गांजा, गांजा बिक्री से प्राप्त 1,800 रुपए नकद और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के अनुसार बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपए बताई गई है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 को थाना फेस-2 पुलिस की टीम इलाके में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को शमशान घाट भंगेल के पास गंदे नाले की पटरी पर एक संदिग्ध व्यक्ति के मौजूद होने की जानकारी मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और संदिग्ध गतिविधियां मिलने पर युवक को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।
पुलिस ने आरोपी की पहचान प्रिन्स कुमार साहू पुत्र बैजू प्रसाद साहू, उम्र करीब 28 वर्ष, के रूप में की है। आरोपी मूलरूप से ग्राम फिरोजपुर, थाना महरमा, जनपद गोड्डा, झारखंड का रहने वाला बताया गया है। वर्तमान में वह थाना बिसरख क्षेत्र में तिगरी गोल चक्कर के पास किराये के कमरे में रह रहा था।
आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह ट्रेन के माध्यम से बिहार से गांजा सस्ते दामों पर लाता था और नोएडा में उसे महंगे दामों पर बेचता था। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर गांजा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और स्रोतों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा कहां से लाया गया था और इसे नोएडा-एनसीआर में किन लोगों को सप्लाई किया जाना था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से टीवीएस स्पोर्ट्स मोटरसाइकिल बरामद की है।
पुलिस के अनुसार इसी वाहन का इस्तेमाल गांजे की तस्करी में किया जाता था। वाहन को सीज कर दिया गया है। इसके अलावा गांजा बिक्री से प्राप्त 1,800 रुपए नकद भी बरामद किए गए हैं। बरामदगी के संबंध में थाना फेस-2 में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही आरोपी से पूछताछ के आधार पर तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई में बरामद 41 किलो 400 ग्राम गांजे की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपए है। भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद होने के बाद पुलिस अब इसके सप्लाई नेटवर्क और इसके पीछे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
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