अंतरराष्ट्रीय
बाबर-रिजवान की दोहरी शतकीय साझेदारी से पाकिस्तान ने इंग्लैंड को 10 विकेट से पीटा
कप्तान बाबर आजम (नाबाद 110) और मोहम्मद रिजवान (नाबाद 88) के बीच ओपनिंग में दोहरी शतकीय साझेदारी की बदौलत पाकिस्तान ने दूसरे टी20 मैच में इंग्लैंड को 10 विकेट से मात देकर सात मैचों की सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली।
इंग्लैंड ने 20 ओवर में पांच विकेट पर 199 रन का मजबूत स्कोर बनाया जबकि पाकिस्तान ने 19.3 ओवर में बिना कोई विकेट खोये 203 रन बनाकर जीत अपने नाम की। बाबर आजम को उनके शानदार शतक के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला।
कराची के नेशनल स्टेडियम के अंदर हो रहे शोर को आप गगनभेदी ही कह सकते हैं। बाबर आजम ने डेविड विली को एक्स्ट्रा कवर के क्षेत्र में चौके के लिए मारा और फिर जश्न में उछल कर उन्होंने अपना हाथ हवा में फेरा। मोहम्मद रिजवान ने पहले अपने दोनों हाथ ऊपर किए. फिर अपना हेलमेट उतारा और आसमान की तरफ देखा। फिर अपने जोड़ीदार और कप्तान के पास गए और उनसे गले मिले।
बाबर और रिजवान ने उस पल में टी20 इतिहास में सबसे बड़ी 10-विकेट की जीत को अंजाम दिया था और साथ ही हर वर्ग के पुरुष टी20 क्रिकेट में दूसरी बल्लेबाजी करते हुए 200 रन की साझेदारी करने वाले पहले बल्लेबाज बने थे। उन्होंने ऐसा करने में अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ा था। हालांकि सबसे बड़ी बात थी कि हालिया समय में आलोचना और संदेह के माहौल में उन्होंने अपने समर्थकों को याद दिलाया कि दोनों जब चलते हैं, तो उनसे असरदार विश्व क्रिकेट में कोई नहीं।
पाकिस्तान टी20आई में चेज पसंद करता है, यह बात कोई रहस्य नहीं है। दिसंबर 2020 में रिजवान को पहली बार इस प्रारूप में ओपन करने को कहा गया था, और तब से पाकिस्तान ने दूसरी पारी में बल्लेबाजी करते हुए 15 मुकाबले जीते हैं और केवल तीन हारे, पहले खेलते हुए यह आंकड़े 10-10 बन जाते हैं।
पारी के ब्रेक में ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड ने 200 का लक्ष्य रख कर अच्छा काम किया है। पाकिस्तान के तेज गेंदबाज रन लुटा रहे थे लेकिन गेंद को कई बार नीची रख रहे थे, जबकि स्पिन गेंदबाजों के लिए भी लेंथ पर गेंद फंस कर आ रही थी।
इंग्लैंड के कप्तान मोईन अली ने भी मैच के बाद माना कि वह अपने टीम के स्कोर से संतुष्ट थे। ऐसे में पाकिस्तान की रणनीति एक रोचक बात बनने वाली थी। आधुनिक टी20 के पावर हिटिंग के जमाने में पाकिस्तान का रवैय्या कुछ और ही होता है। वह अमूमन पावरप्ले में ध्यानपूर्वक रन बनाकर आखिर के ओवरों में आक्रमण की सोचते हैं। इस नीति से टीम अक्सर जीतती है लेकिन शायद जरूरत से ज्यादा सावधानी कई बार हार की वजह भी बनी है।
मोईन ने कहा, “सच पूछिए तो मुझे लगा कि मेरे ओवर की वजह से ही हम हारे। वह उस समय एक दांव था कि शायद मेरे खिलाफ बड़े शॉट लगाने की फिराक में हमें कोई विकेट मिल जाए। ऐसा हुआ नहीं और मैच पाकिस्तान के पाले में चला गया।”
शायद गुरुवार को बड़े लक्ष्य का सामना करते हुए पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाजों को ज्यादा कुछ सोचे बिना आक्रमण पर उतरना पड़ा। रिजवान ने अपनी पहली चार गेंदों में से दो पर चौके जड़े, और फिर विली की गेंद पर स्लॉग स्वीप से छक्का लगाया। उन्हें 23 पर ऐलेक्स हेल्स ने पीछे दौड़ते हुए कैच छोड़कर एक जीवनदान जरूर दिया और 32 पर फिल सॉल्ट भी उन्हें आदिल रशीद की गेंद पर स्टंप आउट करने से चूके।
दोनों में बाबर ज्यादा धैर्य के साथ खेले, और रिजवान के 30 गेंदों के मुकाबले उन्हें पचासा पूरा करने में 39 गेंद लगी। बाएं हाथ के स्पिनर लियम डॉसन ने अपने चार ओवर के स्पेल में केवल 26 रन दिए और ऐसे में आठ ओवर रहते पाकिस्तान को लगभग हर गेंद में दो रनों की आवश्यकता थी। ऐसे में किसी एक गेंदबाज को टारगेट करने की जरूरत थी और बाबर ने मोईन के अगले ओवर में ठीक यही किया और एक ओवर में दो बार उन्हें डीप मिडविकेट के ऊपर गगनचुम्बी छक्कों के लिए दे मारा।
उसी ओवर की आखिरी गेंद पर रिजवान ने भी स्लॉग-स्वीप से छह रन बटोरकर ओवर पर 21 रन निकाल लिए। मोईन ने बाद में कहा, “सच पूछिए तो मुझे लगा मेरे ओवर की वजह से ही हम हारे। वह उस समय एक दांव था कि शायद मेरे खिलाफ बड़े शॉट लगाने की फिराक में हमें कोई विकेट मिल जाए। ऐसा हुआ नहीं और मैच पाकिस्तान के पाले में चला गया।
इसके बाद बाबर पूरे नियंत्रण में दिखे। उन्होंने सैम करेन को फाइन लेग की दिशा में फ्लिक किया और रशीद की गुगली को मिडविकेट को ऊपर से मारा। एक खराब एशिया कप के बाद यह बल्लेबाज अपने आलोचकों की बोलती बंद करने पर तुला था। 91 पर विली के खिलाफ मिडविकेट की तरफ हवाई शॉट को करेन रोकने के प्रयास में छह रन के लिए ही सीमा रेखा के ऊपर भेज सके। दर्शकों में “बाबर, बाबर, बाबर” का नारा गूंज उठा। कुछ देर बाद उन्होंने करेन को कवर में धकेलकर सिंगल पूरा किया और पाकिस्तान के लिए दो अंतर्राष्ट्रीय टी20 शतक बनाने वाले पहले खिलाड़ी बने। रिजवान भी अपने खुशी को छुपा नहीं पाए। कराची ने लाहौर के इस चैंपियन बल्लेबाज का अभिवादन किया।
यह बाबर और रिजवान के बीच पांचवीं 150 से अधिक की साझेदारी थी। इस प्रारूप में 31 बार साथ ओपन करने के बाद उन्हें रन लेने के लिए कॉल करने की भी जरूरत नहीं पड़ती।
अंतरराष्ट्रीय
चीनी राज्य परिषद ने ‘भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ की जारी

बीजिंग, 10 अप्रैल : चीनी राज्य परिषद द्वारा जारी ‘चीन (भीतरी मंगोलिया) पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ 9 अप्रैल को सार्वजनिक की गई। इसके साथ ही चीन में पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्रों की कुल संख्या 23 हो गई है।
समग्र योजना भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र को सुधारों में अधिक स्वायत्तता प्रदान करती है, जिससे इसे प्रायोगिक परियोजनाएं संचालित करने और व्यापक क्षेत्रों में गहन स्तर पर मौलिक, एकीकृत और विशिष्ट अन्वेषण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
इसमें 19 सुधार और नवाचार उपायों की रूपरेखा दी गई है, जिनमें सीमा व्यापार में नवाचार और विकास, अंतरराष्ट्रीय रसद सेवाओं को मजबूत करना, वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों के रूपांतरण और अनुप्रयोग की दक्षता में सुधार करना और विभिन्न क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान का विस्तार करना शामिल है।
अंतरराष्ट्रीय
वेंस की पाकिस्तान यात्रा से पहले सुरक्षा को लेकर चिंता, सालों बाद यूएस के किसी शीर्ष अधिकारी का पाक दौरा

नई दिल्ली, 10 अप्रैल : अमेरिका और ईरान के बीच इस हफ्ते के अंत में पाकिस्तान में बातचीत होने वाली है। अमेरिका की तरफ से इस बैठक में शामिल होने के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपने डेलिगेशन के साथ इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति के इस दौरे से संबंधित सुरक्षा को लेकर काफी चिंताएं हैं। सालों के बाद अमेरिका का कोई आला अधिकारी पाकिस्तान का दौरा कर सकता है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान के दौरे को लेकर गहरी चिंता है। व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सुरक्षा चिंता की वजह से वेंस को पाकिस्तान ना जाने की सलाह दी है।
फिलहाल यह कन्फर्म नहीं है कि जेडी वेंस इस बैठक में शामिल होने जाएंगे या नहीं, लेकिन व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा है कि विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इस्लामाबाद जाएंगे।
किसी भी अमेरिकी अधिकारी के लिए पाकिस्तान के दौरे पर जाने से पहले उनके लिए सबसे बड़ा खतरा आतंकवाद है। पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों की सक्रियता की वजह से वहां पर किसी भी दूसरे देश के नेता की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्न चिन्ह लगता है।
वेंस ऐसे समय में पाकिस्तान की यात्रा कर सकते हैं, जब अमेरिका ने खुद इस देश के लिए ‘लेवल 3: यात्रा पर पुनर्विचार करें’ की एडवाइजरी जारी की हुई है। इसकी मुख्य वजह आतंकवाद, अपराध और अशांति का खतरा है।
इसके अलावा अमेरिका ने हाल ही में लाहौर और कराची के वाणिज्य दूतावास से गैर-जरूरी अमेरिकी कर्मचारियों को सुरक्षा कारणों से हटा लिया गया था। यही सब कारण हैं, जिसकी वजह से अमेरिकी के कोई भी नेता या अधिकारी पाकिस्तान जाने से बचते हैं।
पाकिस्तान में अमेरिकी अधिकारियों और दूतावास पर हमले की कई घटनाएं इतिहास में सामने आई हैं। ताजा मामला, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद देखने को मिला था, जब उग्र भीड़ ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को घेरा और उसमें तोड़फोड़ की। इसके बाद पेशावर में अमेरिकी कांसुलेट बंद कर दिया गया और कराची और लाहौर में वीजा सेवाएं निलंबित हुईं।
आतंकवाद और सुरक्षा कारणों की वजह से अब तक केवल पांच अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने ही पाकिस्तान का दौरा किया, जिनमें ड्वाइट डी. आइजनहावर, लिंडन बी. जॉनसन, रिचर्ड निक्सन, बिल क्लिंटन और जॉर्ज डब्ल्यू. बुश शामिल हैं। 2006 के बाद किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया।
हालांकि, इसके पीछे एक कारण अमेरिका में हुए 26/11 का वो हमला भी है। अमेरिका को संदेह था कि इस हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान ने पनाह दी है। हालांकि, पाकिस्तान इससे इनकार करता रहा। फिर अमेरिका ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर ओसामा बिन लादेन को मारा, जिसके बाद से दोनों देशों के संबंधों में काफी दूरी आई।
इसके अलावा, पाकिस्तान में चीन का दबदबा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में यह भी एक कारण हो सकता है कि अमेरिका इस देश से दूरी बनाकर रखे हुए है। वहीं 2011 के बाद पहली बार अमेरिकी के किसी शीर्ष अधिकारी का पाकिस्तान का दौरा होने वाला है।
द संडे गार्जियन के अनुसार, सिक्योरिटी प्लानर्स ने आने वाले डेलिगेशन की सुरक्षा के लिए एक बड़ा मोटरकेड सिस्टम तैयार करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि अमेरिकी मिलिट्री एयरक्राफ्ट के लॉजिस्टिक्स टीम और इक्विपमेंट लेकर आने के बाद तैयारियां और तेज हो गईं। इस तरह के बड़े इंतजाम इस दौरे की सांकेतिक अहमियत और युद्ध के समय की डिप्लोमेसी से जुड़े असली सुरक्षा खतरों, दोनों को दिखाते हैं।
बीते दिन पाकिस्तान में ईरानी राजदूत रेजा अमीरी मोगादम ने ईरानी डेलिगेशन के पाकिस्तान पहुंचने को लेकर सोशल मीडिया पर जानकारी दी। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया।
ईरानी राजदूत ने अपने पोस्ट में अमेरिकी वार्ताकारों के साथ सीजफायर के मुद्दे पर बातचीत के लिए ईरान के एक डेलिगेशन के पाकिस्तान आने की घोषणा की थी। यह पोस्ट पहले रेजा अमीरी मोगादम के सोशल मीडिया हैंडल पर थी, जो अब नजर नहीं आ रही है। इसकी पीछे की वजह सुरक्षा से संबंधित हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय
‘इजरायल के विनाश की बात बर्दाश्त नहीं’, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के बयान पर भड़के पीएम नेतन्याहू; दी चेतावनी

तेल अवीव, 10 अप्रैल : ईरान के साथ अमेरिका के सीजफायर की घोषणा के कुछ घंटे बाद ही इजरायल ने लेबनान में हिज्बुल्लाह पर बड़ा हमला कर दिया। इस हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निंदा हुई। वहीं दोनों पक्षों के बीच सीजफायर की मध्यस्थता करने वाले पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायल के इस हमले को लेकर कुछ ऐसा कहा जिससे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भड़क उठे।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पाकिस्तान को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि इजरायल के विनाश की बात को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। पीएम नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का इजरायल को खत्म करने का आह्वान बहुत बुरा है। यह ऐसा बयान नहीं है जिसे किसी भी सरकार से बर्दाश्त किया जा सके, खासकर उस सरकार से जो शांति के लिए न्यूट्रल आर्बिटर होने का दावा करती है।”
दरअसल, पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक्स पर पोस्ट में लिखा “इजरायल बुरा है और इंसानियत के लिए श्राप है। इस्लामाबाद में शांति वार्ता चल रही है, लेबनान में नरसंहार हो रहा है। इजरायल बेगुनाह नागरिकों को मार रहा है, पहले गाजा, फिर ईरान और अब लेबनान, खून-खराबा लगातार जारी है।”
इजरायल के खिलाफ आग उगलते हुए पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा, “मैं उम्मीद और प्रार्थना करता हूं कि जिन लोगों ने फिलिस्तीनी धरती पर इस कैंसर जैसे राज्य का निर्माण किया है, वे यूरोपीय यहूदियों से छुटकारा पाएं और उन्हें नरक में जलाएं।”
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बीते दिन इजरायल के हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने बताया कि इजरायल के हमले के बाद लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम से फोन पर बातचीत की।
पीएम शहबाज ने एक्स पर लिखा, “मैंने आज शाम लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम से बात की। मैंने लेबनान के खिलाफ इजरायल के लगातार हमले की कड़ी निंदा की और इन दुश्मनी की वजह से लेबनान में हजारों लोगों की जान जाने पर दुख जताया। मैंने इस्लामाबाद में होने वाली ईरान-अमेरिका बातचीत के जरिए बातचीत को आसान बनाने समेत शांति की कोशिशों को आगे बढ़ाने के लिए पाकिस्तान की प्रतिबद्धता को फिर से सुनिश्चित किया।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नवाफ सलाम का शुक्रिया जिन्होंने पाकिस्तान की शांति की कोशिशों की सराहना की और लेबनान और उसके लोगों को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों को तुरंत खत्म करने के लिए हमारे लगातार समर्थन की जरूरत पर जोर दिया।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय इजरायली कार्रवाई इस इलाके में शांति और स्थिरता बनाने की अंतरराष्ट्रीय कोशिशों को कमजोर करती है और अंतरराष्ट्रीय कानून और बुनियादी मानवीय सिद्धांतों का खुला उल्लंघन है। पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय से लेबनान के खिलाफ इजरायल के हमलों को खत्म करने के लिए तुरंत और ठोस कदम उठाने की अपील करता है।
बता दें, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर लागू होने के कुछ ही घंटों बाद, इजरायल ने लेबनान पर एक दिन का सबसे बड़ा हमला किया, जिसमें 300 से ज्यादा लोग मारे गए और 1,100 से ज्यादा घायल हुए।
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