अंतरराष्ट्रीय समाचार
अयातुल्लाह सैय्यद मोजतबा हुसैनी खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की मौत के बाद देश को उसका नया नेता मिल गया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने जानकारी दी है कि मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया है। ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति ‘गरिमा और ताकत के नए युग’ की शुरुआत है।
अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, मसूद पेजेश्कियान ने ईरानी असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स द्वारा नए सुप्रीम लीडर के चुनाव का स्वागत किया है। उन्होंने कहा है कि मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति देश के लिए “गरिमा और ताकत के नए युग” की शुरुआत है।
फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पेजेश्कियान ने एक बयान में कहा, “यह अहम चुनाव इस्लामिक देश की राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की इच्छा का सबूत है; एक ऐसी एकता जिसने, एक मजबूत रुकावट की तरह, ईरान को दुश्मनों की साजिशों का जवाब करने लायक बनाया है।”
मोजतबा ईरान की सिक्योरिटी फोर्स में असर रखने वाली शख्सियत हैं। उनके बारे में कहा जाता है कि वे अपने पिता अयातुल्लाह खामेनेई के नेतृत्व में बड़े बिजनेस नेटवर्क का संचालन करते थे। उन्हें रविवार को होने वाले वोट से पहले विशेषज्ञों की असेंबली ने सबसे आगे माना था। बता दें, असेंबली 88 मौलवियों की एक बॉडी है जिसे अली खामेनेई का वारिस चुनने का काम सौंपा गया।
असेंबली की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, “विशेषज्ञों की असेंबली ने एक अहम वोट से अयातुल्लाह सैय्यद मोजतबा हुसैनी खामेनेई को इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का तीसरा नेता नियुक्त किया है।”
इस पद से मोजतबा को इस्लामिक रिपब्लिक में देश के सभी मामलों में आखिरी फैसला लेने का हक मिल गया है। 56 साल के मोजतबा खामेनेई को लंबे समय से देश के राजनीतिक और धार्मिक संगठन में एक ताकतवर व्यक्ति माना जाता है। हालांकि, वे कभी किसी चुने हुए पद पर नहीं रहे या लीडरशिप के लिए सार्वजनिक रूप से प्रचार नहीं किया।
मोजतबा ने दशकों तक पूर्व सुप्रीम लीडर के करीबी लोगों के साथ काम किया है, लेकिन फिर भी वे ज्यादातर लोगों की नजरों से दूर रहे हैं। अपने पिता के पूरे नेतृत्व के दौरान, मोजतबा खामेनेई के बारे में माना जाता था कि वे पर्दे के पीछे, खासकर सुप्रीम लीडर के ऑफिस और कंजर्वेटिव राजनीतिक नेटवर्क में काफी असर रखते थे।
बता दें, ईरान के अगले सुप्रीम लीडर के चुनाव की रेस में कई लोगों का नाम सामने आया। हालांकि, मोजतबा के नाम को लेकर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद से ही चर्चा हो रही थी, लेकिन बाद में इस रेस में कई अन्य नाम भी आए।
मोजतबा के अलावा, इस रेस में आयतुल्लाह सैय्यद मोहम्मद मेहदी मीर बाघेरी, हसन खुमैनी, गोलाम-होसैन मोहसिनी-एजे’ई, और अयातुल्लाह अली रेजा अराफी का नाम रेस में था।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में मस्जिद के पास विस्फोट, 15 लोगों की मौत; 50 से अधिक घायल

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट जिले में शुक्रवार को पुलिस लाइंस क्षेत्र स्थित एक मस्जिद के पास हुए भीषण विस्फोट में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हो गए। यह धमाका जुमे की नमाज के दौरान हुआ, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
पाकिस्तान के स्थानीय मीडिया जियो न्यूज के मुताबिक, जिला मुख्यालय (डीएचक्यू) अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट ताहिर अली शाह ने बताया कि अस्पताल में 15 शव और 50 से अधिक घायल लोगों को लाया गया है। घायलों में कई पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, विस्फोट मस्जिद के पास हुआ, जिससे वहां एक बड़ा गड्ढा बन गया। धमाके की वजह से मस्जिद का बाहरी हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसकी एक दीवार भी ढह गई।
घटना के तुरंत बाद पुलिस लाइंस क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में जुट गए। अधिकारियों के मुताबिक, बचाव अभियान जारी है।
यह विस्फोट ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान में, खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में, कानून-व्यवस्था से जुड़े कर्मियों को निशाना बनाकर हमलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।
इससे पहले 10 सितंबर को बलूचिस्तान के मस्तुंग जिले के कंक क्षेत्र में एक पुलिस चौकी पर अज्ञात हमलावरों ने हमला किया था, जिसमें एक पुलिस कांस्टेबल की मौत हो गई थी और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हुआ था। हमले के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया था।
इस्लामाबाद स्थित थिंक टैंक पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज की मासिक सुरक्षा रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त में पाकिस्तान में 199 आतंकी हमले दर्ज किए गए, जबकि जुलाई में इनकी संख्या 144 थी। अगस्त के हमलों में 158 लोगों की मौत हुई और 181 लोग घायल हुए।
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हूती नेता ने मक्का को निशाना बनाने की बात से किया इनकार, आरोपों को मनगढ़ंत और गलत बताया

यमन के हूती नेता अब्दुल-मलिक अल-हूती ने पवित्र शहर मक्का पर हमले के आरोपों को गलत बताया। उनके अनुसार, उनके संगठन की ओर से इस्लाम के पवित्र शहर मक्का पर हमला करने की कोशिश की बात झूठ है। सऊदी अरब के साथ बढ़ते तनाव के बीच उन्होंने इन आरोपों को ‘मनगढ़ंत और गलत’ बताया।
हूती संगठन के अल-मसीरा टीवी पर गुरुवार को प्रसारित भाषण में अल-हूती ने कहा कि हूती बलों की ओर से मक्का को निशाना बनाए जाने का दावा ‘झूठ’ है। उनका कहना था कि इस आरोप का इस्तेमाल यमन के खिलाफ उठाए जा रहे कथित ‘सैन्य कदमों’ के लिए ज्यादा समर्थन जुटाने के मकसद से किया जा रहा है।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक, अल-हूती ने सऊदी अरब पर यह आरोप भी लगाया कि हालिया तनाव बढ़ने से पहले जब हालात कुछ समय के लिए शांत थे, तब उसने राजनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
इसके बजाय, उन्होंने कहा कि यमन में हूती के नियंत्रण वाले इलाकों पर पाबंदियां और कड़ी कर दी गईं। एयरपोर्ट के संचालन और सामान के आयात पर लगी पाबंदियां अब भी उन अहम मुद्दों में शामिल हैं जिनका समाधान नहीं हुआ है।
अल-हूती ने पूरे यमन में अपने समर्थकों से शुक्रवार को बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ये प्रदर्शन सऊदी अरब के कथित ‘मनगढ़ंत आरोपों और बदनामी’ के खिलाफ किए जाएं।
उनका यह बयान सऊदी अरब की ओर से हूती पर मक्का की तरफ ड्रोन भेजने का आरोप लगाए जाने के एक दिन बाद आया।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने बुधवार को कहा कि रॉयल सऊदी एयर डिफेंस फोर्सेज ने मंगलवार शाम मक्का के दक्षिण में उस ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया था। गठबंधन के मुताबिक, ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में घुसने से पहले ही मार गिराया गया।
गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मल्की ने इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थलों और वहां आने वाले तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ‘रेड लाइन’ बताया। उन्होंने कहा कि इस घटना के जवाब में जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
अल-मल्की के मुताबिक, यह मक्का को निशाना बनाने की हूती की कथित दूसरी कोशिश थी। इससे पहले गठबंधन ने दावा किया था कि 27 जुलाई 2017 को हूती ने मक्का को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल हमला करने की कोशिश की थी।
दोनों पक्षों के बीच ये आरोप-प्रत्यारोप ऐसे समय में सामने आए हैं, जब टकराव लगातार बढ़ रहा है। तीन सितंबर से हूती लड़ाकों ने यमन के लाल सागर तट और रणनीतिक रूप से अहम बाब अल-मंदब स्ट्रेट के आसपास बड़ी बढ़त हासिल की है। इसके साथ ही सऊदी अरब के सैन्य और तेल ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले भी तेज किए गए हैं।
दूसरी ओर, हूती का कहना है कि सऊदी लड़ाकू विमानों ने पूरे यमन में हवाई हमले तेज कर दिए हैं। यमन में संघर्ष 2014 के आखिर में उस समय शुरू हुआ था, जब हूती लड़ाकों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था।
इसके बाद मार्च 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार के समर्थन में सैन्य दखल दिया था।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
मेलोनी ने ‘मित्र’ प्रधानमंत्री मोदी को दी जन्मदिन की शुभकामनाएं

इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने भारत के पीएम नरेंद्र मोदी को उनके 76वें जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने संदेश में प्रधानमंत्री के अच्छे स्वास्थ्य और सफलता की कामना की।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री को ‘मित्र’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने लिखा, “मैं ‘अपने मित्र’ पीएम नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देती हूं।”
उनके अच्छे स्वास्थ्य, ऊर्जा संपन्न और सफल बने रहने की कामना करते हुए उन्होंने भारत और इटली के बीच गहरी दोस्ती और आपसी सहयोग को आगे भी मजबूत करते रहने की भी बात कही।
प्रधानमंत्री मोदी को उनके जन्मदिन पर बधाई देने वालों का तांता लगा है। अमेरिका से लेकर अफ्रीकी देश अपनी शुभकामनाएं सोशल मीडिया के माध्यम से पहुंचा रहे हैं।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खास संदेश के साथ जन्मदिन की बधाई दी। इसमें उन्होंने भारत-रूस की साझेदारी को मजबूत करने में उनके योगदान की सराहना की और ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान मिले सम्मान के लिए आभार जताया।
क्रेमलिन ने संदेश का कुछ हिस्सा साझा किया है। पीएम को सम्मानित शख्स बताते हुए लिखा, “आप (पीएम मोदी) अपने देशवासियों और वैश्विक स्तर पर बहुत अधिक सम्मानित शख्स हैं। भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में आपके व्यक्तिगत योगदान को जितना भी सराहा जाए, कम है।”
रूसी राष्ट्रपति ने हाल ही में दिल्ली में हुई ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (12-13 सितंबर) के लिए भारत का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने नरेंद्र मोदी के साथ बैठक की थी। इसका जिक्र भी संदेश में है। भारत में मिली मेहमाननवाजी की प्रशंसा करते हुए आगे लिखा,” पिछले सप्ताह नई दिल्ली की मेरी यात्रा के दौरान मुझे और रूसी प्रतिनिधिमंडल को मिले गर्मजोशी भरे और स्नेहपूर्ण स्वागत और मेहमाननवाजी के लिए मैं अपना आभार व्यक्त करना चाहता हूं।”
वहीं इजरायली राष्ट्रपति ने पीएम मोदी के नेतृत्व क्षमता की तारीफ करते हुए कहा कि आपके कौशल ने भारत को दुनिया के दमदार देश के तौर पर स्थापित कर दिया है।
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