अपराध
रिपब्लिक को नंबर 1 बनाने के लिए अर्नब गोस्वामी की साजिश का पर्दाफाश, क्राइम ब्रांच ने पेश किए सबूत
फर्जी टीआरपी केस की जांच कर रही क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) ने पिछले सप्ताह तीन आरोपियों– रिपब्लिक टीवी के विकास खानचंदानी, ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) के पूर्व CEO पार्थो दासगुप्ता और BARC के ही COO रोमिल रामगढ़िया के खिलाफ 3600 पेज की सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी।
इस चार्जशीट में कई दर्जन पेजों में पार्थो दासगुप्ता की रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी से वॉट्सऐप चैट्स को भी बतौर सबूत दायर किया गया था। शुक्रवार को ये चैट्स सोशल मीडिया में लीक हो गए।
CIU ने पिछले महीने जब पार्थ दासगुप्ता को गिरफ्तार किया था, तो उन्हें फर्जी टीआरपी केस का मास्टरमाइंड बताया है। CIU ने उस दौरान कोर्ट को यह भी बताया था कि अर्नब ने टीआरपी में हेर-फेर के लिए पार्थ दासगुप्ता को लाखों रुपये दिए थे। अपने दावे को मजबूत करने के लिए ही क्राइम ब्रांच ने तमाम ऐसे वॉट्सऐप चैट्स को भी चार्जशीट का हिस्सा बनाया, ताकि दोनों के रिश्तों और दोनों की ऊपर तक पहुंच को साबित किया जा सके।
इन वॉट्सऐप चैट्स से पता चलता है कि अर्नब ने दासगुप्ता की मदद से अपने प्रतिद्वंद्वी चैनलों और लोगों को फिक्स करने की कोशिश की और रिपब्लिक टीवी को नंबर वन बनाने के लिए एक साजिश रची। इसी के तहत पार्थ दासगुप्ता ने BARC को गोपनीय डेटा को वॉट्सऐप और ई-मेल से अर्नब को लीक किया। बदले में अर्नब के जरिए केंद्र सरकार में मीडिया सलाहकार बनाने में मदद मांगी।
एक चैट में दासगुप्ता कहते हैं कि NBA को जाम कर दिया गया है और मैं बहुत कॉन्फिडेंस से यह बता रहा हूं। पार्थो दासगुप्ता एक जगह अर्नब से कहते हैं कि आपके कुछ कहे बिना मैंने आपको सपोर्ट किया है। मैंने बाकी सब चैनल, लोगों को जाम कर दिया है। पार्थो दासगुप्ता और रोमिल रामगढ़िया की गिरफ्तारी के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच चीफ मिलिंद भारंबे ने कहा था कि दोनों के खिलाफ CIU को BARC के सर्वर से महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं, जिससे यह साबित होता है कि इन दोनों आरोपियों ने अर्नब गोस्वामी के साथ मिलकर एक साजिश रची और उसी के तहत टाइम्स नाउ को नंबर 1 से नंबर 2 किया गया और रिपब्लिक टीवी को अवैध तरीके से नंबर वन बनाया गया।
CIU के अधिकारियों का यह भी कहना है कि उनके पास अर्नब और पार्थो दासगुप्ता की मुंबई के अलग-अलग होटलों में हुई मुलाकातों के भी पर्याप्त सबूत हैं। इस केस की मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से प्रवर्तन निदेशालय यानी ED भी जांच कर रहा है।
अपराध
मुंबई: 84 लाख रुपये से ज़्यादा का चोरी का सामान असली मालिकों को सौंपा गया, डीसीपी की पहल पर चार महीने के अंदर चोरी का सामान बांटा गया

मुंबई पुलिस ने चोरी के अलग-अलग मामलों में ज़ब्त किए गए चोरी के सामान और मोबाइल फ़ोन उनके असली मालिकों को लौटा दिए हैं। ज़ोन 8 के तहत आने वाले निर्मल नगर, बीकेसी, वकोला, खेरवाड़ी, विले पार्ले, सहार पुलिस स्टेशनों से चोरी के सामान बरामद करने के बाद, पुलिस ने आज 84 लाख रुपये से ज़्यादा कीमत के मोबाइल फ़ोन, चोरी की मोटरसाइकिलें और गाड़ियां उनके असली मालिकों को लौटा दीं। डीसीपी ज़ोन 8 मनीष कलवानिया ने बताया कि पुलिस ऐसे प्रोग्राम करती रहती है जिसमें चोरी का सामान बांटा जाता है और यह सामान उनके असली मालिकों को सौंप दिया जाता है। उन्होंने बताया कि हर चार महीने में उनका सामान असली मालिकों को लौटा दिया जाता है। इसमें ज़्यादातर चोरी हुए मोबाइल फ़ोन बरामद हुए हैं। चोरी हुए मोबाइल फ़ोन बरामद होने के बाद, नागरिकों और पीड़ितों की खुशी दोगुनी हो गई है क्योंकि उन्होंने अपने सामान को लेकर उम्मीद और उम्मीद छोड़ दी थी। आज 277 चोरी हुए मोबाइल फ़ोन भी लौटाए गए हैं। ये मोबाइल फ़ोन टेक्निकल जांच के बाद बरामद किए गए, साथ ही गाड़ियां और चोरी का सामान भी लौटा दिया गया।
अपराध
मुंबई एटीएस की बड़ी कार्रवाई: खैर वुड तस्करी मामले में आकिब नाचन समेत दो गिरफ्तार

मुंबई, 3 अप्रैल : मुंबई एटीएस ने खैर वुड की तस्करी से जुड़े एक मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें से एक आरोपी आईएसआईएस से जुड़े साकिब नाचन का बेटा आकिब नाचन शामिल है।
मुंबई एटीएस ने जानकारी दी कि अवैध तस्करी के मामले में दो आरोपियों की 29 मार्च को गिरफ्तारी की गई। इनमें एक आकिब नाचन और दूसरे आरोपी की पहचान साहिल चिखलेकर के रूप में की गई। दोनों आरोपियों को एक विशेष अदालत के सामने पेश किया गया और आगे की जांच के लिए 6 अप्रैल तक एटीएस की हिरासत में भेज दिया गया।
यह मामला 24 जुलाई 2025 को मुंबई के एटीएस कालाचौकी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। इनमें चोरी, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, संदिग्ध संपत्ति रखने और अन्य संबंधित अपराधों से जुड़ी धाराएं शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि ये गिरफ्तारियां एक ऐसे तस्करी नेटवर्क की चल रही जांच का हिस्सा हैं, जिसके तार कथित तौर पर आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों में शामिल लोगों से जुड़े हैं। जांच एजेंसियां इस मामले के तार टेरर फंडिंग से जुड़े होने की भी जांच कर रही हैं। ऐसा इसलिए कि आकिब नाचन के पिता साकिब नाचन पर आईएसआईएस का ऑपरेटिव होने का आरोप था। हालांकि, साकिब नाचन की मौत हो चुकी है।
जांच एजेंसियों को शक है कि इस तस्करी रैकेट से कमाए गए पैसे का इस्तेमाल देश-विरोधी गतिविधियों में किया गया हो सकता है। एजेंसियां खैरी वुड तस्करी मामले और संदिग्ध टेरर फंडिंग नेटवर्क के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही हैं, जिसमें वित्तीय और लॉजिस्टिक संबंध भी शामिल हैं।
अपराध
मुंबई में बिल को लेकर बवाल, ग्राहक ने दांतों से काटकर अलग कर दी दुकानदार की अंगुली

CRIME
मुंबई, 31 मार्च : मुंबई के मलाड पूर्व इलाके में एक मामूली बिल विवाद ने ऐसा खौफनाक रूप ले लिया कि सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएं। सहारा वडापाव की दुकान पर समोसा-कटलेट खाने आए एक ग्राहक ने दुकान मालिक की अंगुली ही अपने दांत से काटकर अलग कर दी।
दरअसल, ग्राहक समोसा-कटलेट खाने आया था। उसने खाने के बाद पैसे भी दे दिए, लेकिन इसी दौरान दुकान मालिक के बेटे से बिल को लेकर बहस शुरू हो गई। इस दौरान दुकानदार रंजीत हरिवंश सिंह बीच बचाव के लिए आया, जिससे ग्राहक और गुस्सा हो गया और उसने दुकानदार की अंगुली ही काट दी। इस मामले में दिंडोशी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, यह घटना सोमवार शाम करीब 8:30 बजे शिवाजी चौक के पास हुई। रंजीत हरिवंश सिंह के अनुसार, ग्राहक ने समोसा-कटलेट खाने के बाद ऑनलाइन पेमेंट कर दिया था, लेकिन जब उनके बेटे आर्यन ने पैसे की पुष्टि मांगी, तो वह भड़क गया और गाली-गलौज करने लगा। माहौल बिगड़ते देख रंजीत ने उसे शांत रहने और जाने को कहा, लेकिन आरोपी का गुस्सा और बढ़ गया।
अचानक उसने रंजीत पर हमला कर दिया। देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए। आरोपी ने रंजीत के दाहिने हाथ की बीच वाली अंगुली को अपने मुंह में दबाकर जोर से काट दिया, जिससे अंगुली का अगला हिस्सा अलग हो गया। इतना ही नहीं, उसने बाएं हाथ की दो उंगलियों को भी काटकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया।
दुकान पर मौजूद कर्मचारी और रंजीत के बेटे ने किसी तरह आरोपी को काबू में किया। खून से लथपथ रंजीत को तुरंत परेल के केईएम अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
पुलिस ने आरोपी की पहचान लक्ष्मीधर मंगल मलिक के रूप में की है। उसे हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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