महाराष्ट्र
अतिरिक्त नगर आयुक्त ने मुंबई में प्रदूषित जल आपूर्ति की शिकायतों का तत्काल और प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने का निर्देश दिया है।
मुंबई; मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन मुंबई के लोगों को कई तरह की सिविक सर्विस और सुविधाएँ देता है। यह लोगों को हर दिन साफ़ पीने का पानी देता है। इस बारे में मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की समय-समय पर अलग-अलग लेवल पर तारीफ़ भी हुई है। हालाँकि, अभी कुछ जगहों से पानी सप्लाई से जुड़ी शिकायतें आ रही हैं। संबंधित अधिकारियों को इन शिकायतों को तुरंत हल करना चाहिए और पानी से जुड़ी सभी शिकायतों को गंभीरता से लेकर उन्हें समय पर हल करना चाहिए। इसके साथ ही, एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (प्रोजेक्ट) अभिजीत बांगर ने साफ़ निर्देश दिए हैं कि गंदे पानी की सप्लाई की शिकायतों को तुरंत और टॉप प्रायोरिटी पर हल किया जाना चाहिए। इसके अलावा, पानी के चैनलों में लीकेज का तुरंत पता लगाया जाना चाहिए और लीक का पता लगाने के लिए ज़रूरी जगहों पर टीमें तैनात की जानी चाहिए, यह निर्देश बांगर ने गुरुवार शाम को हुई वॉटर इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की एक स्पेशल रिव्यू मीटिंग के दौरान दिए। एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (प्रोजेक्ट) अभिजीत बांगर ने मीटिंग के दौरान मौजूद लोगों को गाइड करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों में कुछ जगहों से पानी की सप्लाई ठीक से न होने और कम प्रेशर से पानी सप्लाई होने की शिकायतें मिली हैं। इसलिए, अधिकारी बिना देर किए उस जगह का इंस्पेक्शन करें। अगर इस इंस्पेक्शन के दौरान मिली शिकायत सही पाई जाती है, तो बिना देर किए तुरंत ज़रूरी कदम उठाए जाने चाहिए। मौजूदा वॉटर सप्लाई डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम में, जहाँ ज़रूरी हो, इन उपायों में कुछ बदलाव करके रास्ता निकाला जा सकता है। जैसे, वॉटर सप्लाई के ‘ज़ोनिंग’ सिस्टम में सही सुधार, अगर पानी के पाइप में लीकेज है, तो उसे बिना देर किए ठीक किया जाना चाहिए, जबकि कुछ जगहों पर सिस्टम में स्ट्रक्चरल बदलाव; ज़रूरत के हिसाब से बिना किसी देरी के उपायों में एक्स्ट्रा ‘बूस्टिंग’ उपाय शामिल किए जा सकते हैं। ऊपर बताए अनुसार, लोकल पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव को कम पानी सप्लाई के बारे में उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी जानी चाहिए। अगर हो सके, तो पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव के साथ इंस्पेक्शन विज़िट किए जाने चाहिए, ताकि उनसे मिलने वाली जानकारी सीधे मिल सके, यह भी बांगर ने रिव्यू मीटिंग के दौरान सुझाव दिया। मीटिंग के दौरान गंदे पानी की शिकायतों के बारे में भी डिटेल में चर्चा हुई। इस बारे में बांगर ने आदेश दिया कि गंदे पानी से जुड़ी शिकायतों को बहुत गंभीरता से लिया जाना चाहिए। इन शिकायतों पर कार्रवाई करते समय बहुत तेज़ी दिखाई जानी चाहिए। अगर गंदे पानी की शिकायतों पर बिना देर किए एक्शन नहीं लिया गया, तो इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं, इसलिए संबंधित अधिकारियों को इन मामलों पर ध्यान देना ज़रूरी है। सीनियर अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि सभी संस्थाएं इस मामले में बहुत सेंसिटिव रहें। इसी मीटिंग के दौरान, सीनियर अधिकारियों को आदेश दिया गया कि वे गंदे पानी के सोर्स का पता लगाने के लिए बिना देर किए और बिना किसी रुकावट के ‘24×7’ तरीके से एक्शन लें। यह एक्शन लेते समय ज़रूरी मैनपावर का होना भी ज़रूरी है। गंदे पानी की शिकायतों को समय पर हल करने के लिए स्पेशल टीमें बनाई जानी चाहिए। ये टीमें ज़ोन-वाइज़ उपलब्ध कराई जानी चाहिए। ताकि शिकायतें मिलने के बाद बिना देर किए एक्शन लिया जा सके। अगर इसके लिए एक्स्ट्रा मैनपावर की ज़रूरत है, तो डिपार्टमेंट इसकी रिक्वेस्ट करे। इसके अनुसार, मैनपावर प्रायोरिटी के आधार पर उपलब्ध कराई जाएगी। मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के वॉटर इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के मुख्य सब-डिपार्टमेंट, यानी वॉटर सप्लाई, कंस्ट्रक्शन, प्लानिंग और मेंटेनेंस के लिए एक-दूसरे से रेगुलर संपर्क बनाए रखना ज़रूरी है। साथ ही, इस बारे में वॉटर इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के सब-डिपार्टमेंट को एक-दूसरे से रेगुलर संपर्क बनाए रखना चाहिए। वॉटर इंजीनियर को यह पक्का करना चाहिए और इस बारे में ज़रूरी सावधानी बरतनी चाहिए। अगर तय समय में वॉटर सप्लाई प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में मुश्किलें आ रही हैं, तो इंजीनियरों को ज़रूरत के हिसाब से सीनियर अधिकारियों से सहयोग और मदद मिलनी चाहिए। इसके अलावा, अगर कोई जानबूझकर लापरवाही कर रहा है, तो सभी को इस पर ध्यान देना चाहिए। इस बारे में ज़िम्मेदारी तय करने के साथ-साथ संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बांगर ने आज की मीटिंग के दौरान भी इसका ज़िक्र किया। वॉटर इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की इस मीटिंग में मौजूद सीनियर अधिकारियों को निर्देश देते हुए, श्री बांगर ने कहा कि जल्द ही वॉटर सप्लाई प्लानिंग का वार्ड लेवल रिव्यू किया जाएगा। इस संदर्भ में, हर डिपार्टमेंट के असिस्टेंट इंजीनियर (वॉटर वर्क्स) अपने-अपने काम के एरिया और अपने काम के इलाकों में किए गए कामों का रिव्यू करें और रिव्यू मीटिंग के दौरान इसके बारे में एक प्रेजेंटेशन दें। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और दूसरी अथॉरिटीज़ द्वारा बड़े पैमाने पर सड़क डेवलपमेंट और दूसरे काम किए जा रहे हैं। इन कामों की वजह से कुछ जगहों पर वॉटर सप्लाई चैनल्स को दूसरी जगहों पर शिफ्ट करना पड़ा है, जबकि कुछ जगहों पर वॉटर चैनल्स डैमेज हो सकते हैं। इससे संबंधित एरिया की वॉटर सप्लाई में कुछ समय के लिए रुकावट आ सकती है। अगर ऐसी कोई स्थिति आती है, तो इलाके में पानी के चैनलों को तुरंत ठीक किया जाना चाहिए या ज़रूरत के हिसाब से नए पानी के चैनल बनाए जाने चाहिए। इन सभी कामों को करते समय, वॉटर इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के अलग-अलग सब-डिवीजन के साथ-साथ नगर निगम और नगर निगम के अलग-अलग डिपार्टमेंट को मिलकर काम करना चाहिए।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र के दौंड में दो भाइयों गुंडागर्दी, 29 साल के व्यक्ति से मारपीट कर लूटा

महाराष्ट्र के पुणे के दौंड इलाके में एक 29 साल के व्यक्ति से मारपीट और लूटपाट की घटना सामने आई है। पुलिस ने इस मामले में दो भाइयों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित का नाम दिनेश भरत धनवे है। वहीं, आरोपियों की पहचान आदर्श अनिल जाधव और अमन अनिल जाधव के तौर पर हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता रेलवे ग्राउंड के पास खड़ा होकर फोन पर बात कर रहा था। उसी समय आरोपी उसके पास आए और पैसे की मांग करते हुए पूछा, “तुम हमारे इलाके में क्यों आए हो?”
जब शिकायतकर्ता ने वहां से हटने से इनकार किया, तो आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन तोड़ दिया और उसे थप्पड़ मारा, जिससे वह जमीन पर गिर गया। इसके बाद, आरोपी आदर्श जाधव ने धनवे पर हमला किया और लोहे की रॉड से उसकी पीठ, जांघ और सिर पर चोट पहुंचाई।
मारपीट के दौरान पीड़ित की पैंट की जेब से जबरन 3,500 रुपये निकाल लिए गए। इसके अलावा, जब शिकायतकर्ता ने अपने रिश्तेदारों को फोन किया, तो आरोपी ने अपने भाई अमन अनिल जाधव को मौके पर बुला लिया। दोनों ने मिलकर धनवे को अपशब्द कहे और जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ित की शिकायत पर दौंड पुलिस स्टेशन में आदर्श और अनिल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल मामले की आगे की जांच चल रही है।
इससे पहले, मई में दौंड से मेडिकल फ्रॉड का एक मामला सामने आया था, जिसमें गैर-कानूनी तरीके से इलाज कर रहे एक फर्जी डॉक्टर को पकड़ा गया था।
पुलिस ने बताया कि उसके पास से दवाइयां, इंजेक्शन और 6.54 लाख रुपये नकद जब्त किए गए थे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आरोपी ओमप्रकाश बंसीलाल स्वर्णकार ने यवत के कसुरदी गांव के अखदेवस्ती इलाके में एक अवैध क्लिनिक शुरू किया था। उसके पास कोई वैध मेडिकल डिग्री, महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन या दवाएं बेचने का लाइसेंस नहीं था।
पुलिस द्वारा क्लिनिक पर छापा मारने के बाद इस अवैध काम का पता चला था। छापे के दौरान, वहां से अलग-अलग कंपनियों की एलोपैथिक दवाएं, इंजेक्शन, सिरिंज, बिना लेबल वाली संदिग्ध तरल पदार्थों से भरी बोतलें और नकदी बरामद की गई थी।
महाराष्ट्र
मुंबई में गणेश विसर्जन के दौरान दो गुटों में हुआ विवाद, 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज

मुंबई के मालवणी (मलाड) इलाके में गणपति विसर्जन के दौरान विवाद, मारपीट, गाली-गलौज और जुलूस में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मालवाणी पुलिस ने शिकायतकर्ता के आधार पर आदिल (24), सुनील शेख (25), गौस (22), अजगर (23), जाकिर (26), जुबेर (25) और हुसेन (24) के खिलाफ का मामला दर्ज कर इनकी तलाश कर रही है।
पुलिस के अनुसार, 25 सितंबर की शाम करीब 7:15 बजे निरंकार नगर, एनटीसी स्कूल रोड, गेट नंबर 7, मालवणी, मालाड पश्चिम में गणपति विसर्जन के दौरान गणपति मंडप के प्रवेश द्वार के पास कोल्ड पायरो उपकरण लगाया गया था। इससे निकलने वाले कृत्रिम आग जैसे प्रभाव को लेकर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और कहा कि इससे सामने स्थित दुकान में आग लग सकती है। इसी बात को लेकर आदिल, सुनील शेख, गौस, अजगर और जाकिर ने गणपति मंडल के कार्यकर्ताओं से विवाद करने लगे।
पुलिस के मुताबिक, जुबेर और हुसैन ने रोहित ठाकुर और सुशील महतो के साथ हाथापाई की। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अयान शेख नामक व्यक्ति हाथ में एक मटका लेकर आया और महिला कार्यकर्ताओं के सामने गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने के लिए दौड़ा।
अनंत चतुर्दशी के दिन शुक्रवार सुबह, लालबाग, परेल, गिरगांव और अन्य क्षेत्रों के पूजनीय गणपति प्रतिमाओं की विसर्जन यात्रा शुरू हुई। ढोल-ताशा, नासिक बाजा और बैंजो की थापों पर लाउडस्पीकर के साथ-साथ गुलाल उड़ाते हुए और भीलतू वाद्ययंत्रों (बीम) का प्रयोग करते हुए जुलूस रवाना हुआ। ‘लालबागचा राजा,’ ‘मुंबईचा राजा,’ ‘परेलचा राजा,’ ‘गिरगांवचा राजा,’ ‘गिरगांवचा महाराजा,’ ‘भगवान गणपति’ और गणेशोत्सव मंडलों की गणेश प्रतिमाएं सुबह की ध्वनि के साथ विसर्जन स्थलों की ओर रवाना हुईं। ‘लालबागचा राजा’ के दर्शन के लिए लालबाग बाजार के बाहर भक्तों की भारी भीड़ जमा थी। पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। भगदड़ से बचने के लिए ‘सड़क अवरोध’ लगाकर भीड़ को नियंत्रित किया गया।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र के 265 तालुकों को सीएम फडणवीस ने किया सूखा घोषित, और सूखे से निपटने के कई उपायों की घोषणा

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सूखे से प्रभावित किसानों और नागरिकों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। राज्य के 358 तालुकों (तहसील) में से 265 में सूखा घोषित किया गया है। जिन 265 तालुकों में ‘ट्रिगर-1’ के मानक पूरे हुए हैं, उन्हें सूखा-प्रभावित घोषित किया गया है। इससे पता चलता है कि राज्य के लगभग 75 प्रतिशत तालुकों में अब सूखे जैसे हालात हैं।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने सूखे से निपटने के कई उपायों की घोषणा की है। इसके तहत लैंड रेवेन्यू में छूट, फसल लोन का रीस्ट्रक्चर, खेती से जुड़े लोन की रिकवरी पर रोक, खेती के पंपों के मौजूदा बिजली बिल में छूट (7.5 हॉर्सपावर कैपेसिटी वाले इलेक्ट्रिक पंपों का बिजली बिल पहले ही माफ है, अब उससे ज़्यादा कैपेसिटी वाले इलेक्ट्रिक पंपों को भी छूट), स्कूल-कॉलेज के छात्रों की परीक्षा शुल्क में छूट, एम्प्लॉयमेंट गारंटी स्कीम के तहत नियमों में ढील देकर अधिक से अधिक काम शुरू किए जाएंगे।
इसके अलावा, जहां जरूरी होगा वहां पीने के टैंकर पहुंचाए जाएंगे। किसानों के खेती के पंपों का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा, खेती पर निर्भर किसानों-खेती मजदूरों को अनाज मिलेगा, जानवरों के लिए चारे का इंतजाम, बड़े पैमाने पर पानी बचाने का काम किया जाएगा। पिछले आदेश के मुताबिक, पेयजल और जानवरों के लिए पानी की प्लानिंग जारी रहेगी। सभी डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को पंचनामा प्रक्रिया तुरंत पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही फसलों की हालत दिखाने वाली तस्वीरें और जीपीएस से डेटा इकट्ठा करने के आदेश जारी किए गए हैं।
इसके पहले 24 सितंबर वाशिम दौरे पर पहुंचे देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की थी कि राज्य सरकार जल्द ही प्रभावित इलाकों में गंभीर सूखा घोषित करने के लिए एक सरकारी आदेश (जीआर) जारी करेगी। साथ ही, खेती-किसानी के बढ़ते संकट से जूझ रहे राज्य में उन सभी पात्र किसानों को फसल कर्ज माफी का लाभ दिया जाएगा, जो पिछली योजनाओं में छूट गए थे।
सीएम ने गांव में किसानों को संबोधित करते हुए लोगों को भरोसा दिलाया था कि सरकारी तंत्र ग्रामीण राहत कार्यों को प्राथमिकता देगा। मुख्यमंत्री ने कहा था कि आर्थिक मदद के अलावा, राज्य प्रशासन पीने के पानी की बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित करने, मवेशियों के लिए चारा बांटने और फसल के नुकसान का आकलन (पंचनामा) तेजी से करने के लिए आपातकालीन उपाय कर रहा है।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
