Connect with us
Monday,29-June-2026
ताज़ा खबर

राष्ट्रीय समाचार

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने की ड्रोन व युद्धक तैयारियों की समीक्षा

Published

on

नई दिल्ली, 4 नवंबर: थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी लगातार सैन्य तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। बीते दिनों कई सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा कर चुके सेना प्रमुख ने अब ड्रोन तैयारियों, प्रशिक्षण में नवाचार समेत विभिन्न विषयों का निरीक्षण किया।

दरअसल थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने खड़गा कोर का दौरा किया है। यहां उन्होंने ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्हें युद्धक क्षमता को सुदृढ़ करने, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के एकीकरण, अंतर-एजेंसी समन्वय को बढ़ाने तथा राष्ट्र निर्माण से जुड़ी पहलों के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया।

गौरतलब है आधुनिक युद्धों के तौर तरीके व तकनीक लगातार बदल रही है। अब पारंपरिक युद्धों की भांति जंग केवल बंदूक व तोपों तक सीमित नहीं रह गई है। आज के युद्धों में ड्रोन व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। इसके अलावा रोबोट और डेटा वॉरफेयर ने भी इन्फैंट्री को नई दिशा दी है। इसकी एक मजबूत तस्वीर खड़गा कोर में देखने को मिलती है। यहां ड्रोन जैसी तकनीक को व्यापक स्तर पर उपयोग में लाया जा चुका है।

सेनाध्यक्ष ने जहां यहां ड्रोन तैयारियों की जानकारी ली वहीं उन्होंने कोर द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रदर्शित उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना भी की। उन्होंने ड्रोन डिजाइन एवं प्रशिक्षण में नवाचार, लॉजिस्टिक्स और प्रशासन में उन्नत तकनीकी समाधान अपनाने, पूर्व सैनिकों व परिवारों के कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों तथा ऑपरेशन राहत के अंतर्गत मानवीय सहायता गतिविधियों की प्रशंसा की।

थलसेना प्रमुख ने यह भी रेखांकित किया कि खड़गा कोर द्वारा मिलिटरी-सिविल फ्यूजन को प्रोत्साहन देकर सस्टेनेबल सिक्योरिटी की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दिया जा रहा है। यहां मौजूद सभी अधिकारियों और जवानों के साथ बातचीत के दौरान, जनरल द्विवेदी ने उनकी पेशेवर दक्षता, निष्ठा और राष्ट्र सेवा के प्रति अटूट समर्पण की प्रशंसा की। भारतीय सेना की शक्ति उसके कर्मयोगियों की प्रतिबद्धता, साहस और अनुशासन में निहित है, और यही भावना सेना को हर चुनौती का सामना करने में सक्षम बनाती है।

सेनाध्यक्ष का यह दौरा न केवल कोर की तैयारियों का मूल्यांकन था, बल्कि यह सैनिकों के उत्साहवर्धन और भारतीय थलसेना की सतत आधुनिकीकरण प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। गौरतलब है कि पिछले दिनों भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बीकानेर मिलिट्री स्टेशन और यहां के सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा भी किया था। सेनाध्यक्ष ने वहां भारतीय सेना की ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने यहां सैनिकों और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर उनसे बात की।

थलसेना अध्यक्ष ने इस दौरान सेना के आधुनिकीकरण, युद्धक तैयारियों, तकनीकी क्षमताओं को सुदृढ़ करने और परिचालन उत्कृष्टता पर बल दिया। बीकानेर के सैनिकों और पूर्व सैन्य दिग्गजों को संबोधित करते हुए सेना प्रमुख ने कठोर मरुस्थलीय एवं अर्ध-मरुस्थलीय इलाके में ड्यूटी निभाने के लिए उनकी प्रतिबद्धता, समर्पण और मल्टी-एजेंसी समन्वय की सराहना की थी।

उन्होंने कहा कि उच्च ऑपरेशनल रेडीनेस बनाए रखने के लिए तकनीक का सभी स्तरों पर आत्मसात करना अनिवार्य है। सेना प्रमुख ने कहा था कि मौजूदा जटिल सुरक्षा माहौल में सशस्त्र बलों, सरकारी एजेंसियों, उद्योग, शिक्षाविदों और समाज के बीच निर्बाध समन्वय आवश्यक है। उन्होंने मिलिट्री-सिविल फ्यूजन के महत्व को रेखांकित किया और पूर्व सैनिकों के योगदान की सराहना की। ये वे सैनिक हैं जिन्होंने भारत की रक्षा तैयारी और युद्धक प्रभुत्व को मजबूत किया है।

राष्ट्रीय समाचार

सेशेल्स में पीएम मोदी ने कई अहम एमओयू पर किए हस्ताक्षर, यूपीआई लागू करने पर बनी सहमति

Published

on

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच कई एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। भारत और सेशेल्स ने कृषि, एक्जिम बैंक, बाहरी अंतरिक्ष में खोज और नए सेशेल्स नेशनल हॉस्पिटल पर चर्चा के लिए ज्ञापन समझौता (एमओयू) एक्सचेंज किया।

पीएम मोदी ने कहा, “डॉ. पैट्रिक हर्मिनी, दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल और मीडिया के साथियों का धन्यवाद। हमारे इस महत्वपूर्ण स्वागत और आतिथ्य सत्कार के लिए मैं राष्ट्रपति हार्मिनी का हार्दिक अभिनंदन करता हूं। उनके द्वारा ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया जाना मेरे लिए और 140 करोड़ भारतवासियों के लिए हर्ष का विषय है। मैं इस सम्मान को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करते हुए उन सभी देशों को समर्पित करता हूं, जो क्लाइमेट चेंज की चुनौती से लड़ रहे हैं और पर्यावरण संरक्षण को भावी पीढ़ियों के प्रति अपना दायित्व मानते हैं।”

‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सेशेल्स गणराज्य द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया गया एक सर्वोच्च नागरिक और पर्यावरण सम्मान है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरी यात्रा ऐसे ऐतिहासिक अवसर पर हो रही है, जब सेशेल्स अपनी आजादी के 150 वर्ष पूरे कर रहा है। हम भारत-सेशेल्स राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। इन 50 वर्षों की यात्रा में हमने मित्रता को विश्वास में, विश्वास को सहयोग में और सहयोग को जनकल्याण में बदला है।

उन्होंने कहा कि हिंद महासागर ने सदियों से भारत और सेशेल्स के संबंधों को सींचा है। इसकी लहरों ने हमारे बीच व्यापार, संस्कृति और मानवीय संबंधों को निरंतर पोषित किया है। हम विश्वास करते हैं कि हिंद महासागर हमारा साझा घर है और इसकी सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि हमारी साझा जिम्मेदारी है। यही भावना हमारे महासागर विजन का आधार है। इस साल फरवरी में राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी की भारत यात्रा के दौरान जारी किए गए संयुक्त विजन से हमारी भावी साझेदारी का ब्लूप्रिंट तैयार हुआ है। इस पर आगे बढ़ते हुए हर क्षेत्र में हमारा सहयोग मजबूत हो रहा है।

उन्होंने कहा, “आज हमने हमारे आर्थिक सहयोग को और अधिक लचीला बनाने पर चर्चा की। हम दोनों देशों के उद्योगों के नए अवसरों की तलाश जारी रखेंगे। भारत और सेशेल्स के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भी काम किया जाएगा। इससे हमारा व्यापार तो बढ़ेगा ही, इसके साथ-साथ पूर्वी अफ्रीकी और हिंद महासागर क्षेत्र के साथ संबंधों को भी बल मिलेगा। हमारा विश्वास है कि डिजिटल तकनीक दोनों देशों की दूरी को कम करने का प्रभावी माध्यम है। हम डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में भारत के सफल अनुभवों को सेशेल्स के साथ साझा करेंगे।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमें खुशी है कि आज यूपीआई को सेशेल्स में लागू करने के लिए एमओयू किया जा रहा है। विकास साझेदारी हमारे संबंधों की मजबूत पहचान रही है। भारत हमेशा की प्राथमिकताओं, आकांक्षाओं और आवश्यकताओं को केंद्र में रखकर आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति के भारत दौरे के दौरान हमने 175 मिलियन डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी। इसके अंतर्गत सोशल हाउसिंग, ट्रांसपोर्ट, स्किलिंग, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में काम किया जा रहा है। सेशेल्स के मनावीय संसाधनों विकास में सहयोग भारत की विशेष प्राथमिकता रही है। मुझे खुशी है कि हम सेशेल्स के सिविल सर्वेंट्स की ट्रेनिंग में योगदान दे रहे हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज प्रोफेशनल और टेक्निकल सेंटर की वर्चुअल ग्राउंड ब्रेकिंग भी की जा रही है। हमारा विश्वास है कि यह सेंटर सेशेल्स की युवाओं के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई देगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारी साझेदारी समय की कसौटी पर खड़ी उतरी है। कोविड के मुस्किल समय में वैक्सीन की आपूर्ति से हमने एक मित्र के रूप में अपना दायित्व निभाया।

पीएम मोदी ने कहा, “आज जनऔषधि पर किए गए एमओयू से सेशेल्स के लोगों को क्वालिटी और उनके पहुंच तक दवाई उपलब्ध कराने में सहयोग मिलेगा। हम कैपेसिटी बिल्डिंग और ट्रेनिंग के जरिए सेशेल्स के मेडिकल केयर को और सशक्त बनाने का प्रयास करेंगे। ऊर्जा और क्लाइमेट एक्शन में भी हमारा सहयोग निरंतर आगे बढ़ रहा है। हम ग्रीन हाइड्रोजन सहित क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में सहयोग जारी रखेंगे। हम ओसियन ऑब्जर्वेशन, मरीन साइंस और कोस्टल मेनेजमेंट के भारत की विशेशज्ञत सेशेल्स के साथ साझा करेंगे।”

उन्होंने कहा कि स्पेस के क्षेत्र में हम मिलकर आगे बढ़ रहे हैं। इस विषय पर दोनों देशों में एमओयू किया गया। भारत और सेशेल्स की रक्षा और सुरक्षा एक-दूसरे से अभिन्न हैं। हम इस दिशा में अपना करीबी सहयोग जारी रखेंगे। भारत सेशेल्स संबंधों की असली शक्ति हमारे लोगों के जुड़ाव हैं। हमारी आज की चर्चाओं से यह संबंध और मजबूत होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “दोनों देशों के खिलाड़ियों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए हम संस्थागत रूप से आगे बढ़ेंगे। सेशेल्स में योग और भारतीय फिल्म उद्योग की लोकप्रियाता हमारे सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाती हैं। इसी भावना के साथ हम दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने का प्रयास जारी रखेंगे। मेरी सेशेल्स की यात्रा का संदेश स्पष्ट है कि भारत ऐसे हिंद महासागर की कल्पना करता है, जहां समुद्री सुरक्षा के साथ आर्थिक समृद्धि भी बढ़े, जहां हमारी साझेदारी आकार नहीं आपसी सम्मान और विश्वास पर आधारित हो। जहां हम हर देश के पास-पास नहीं, साथ-साथ चलें। हमारे संबंधों के पिछले 50 साल गहरे विश्वास और साझा प्रगति के रहे हैं। आने वाले 50 साल इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी और साझा संप्रभुता के होंगे। मैं एकबार फिर भारत के प्रति आपकी मित्रता और हमारे संबंधों के प्रति आपकी अटूट प्रतिबद्धता के लिए आभार व्यक्त करता हूं। आप सबका धन्यवाद।”

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

केतन अग्रवाल हत्याकांड: पुलिस ने किया क्राइम सीन रीक्रिएट, सिया गोयल ने उगला सच

Published

on

देश के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में रविवार सुबह एक बेहद अहम और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। मामले की जांच कर रही लोनावाला पुलिस आज सुबह ठीक 7:00 बजे आरोपी सिया गोयल को लेकर लोहगढ़ किले पर पहुंची। इस मौके पर पुलिस अपने साथ फाइबर से बना एक पुतला (डमी) भी लेकर आई थी ताकि वारदात वाले दिन की कड़ियों को जोड़ा जा सके।

जब पुलिस ने सिया गोयल की मौजूदगी में पूरे घटनाक्रम का क्राइम सीन रीक्रिएट करना शुरू किया, तो सिया ने पुलिस के सामने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताई हुई गठित जानकारी के अनुसार, सिया ने पूछताछ और रीक्रिएशन के दौरान कबूल किया कि केतन को रास्ते से हटाने के लिए उसने अपने साथी चेतन के साथ मिलकर एक खौफनाक प्लान तैयार किया था। सिया के मुताबिक, तय प्लान के तहत सिया को लोहगढ़ किले की ऊंचाई पर जाकर अपने जूतों के फीते (लेस) बांधने का नाटक करना था। जैसे ही सिया फीते बांधने के बहाने झुकी, पीछे से चेतन को आकर केतन पर हमला करना था।

चेतन ने योजना के मुताबिक पीछे से आकर केतन को अचानक धक्का दे दिया, जिससे वह संतुलन खो बैठा और सीधे 400 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस दर्दनाक हादसे में केतन की मौके पर ही मौत हो गई थी।

पुलिस ने सिया के इस कबूलनामे और रीक्रिएशन की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग की है, जिसे कोर्ट में पुख्ता सबूत के तौर पर पेश किया जाएगा। मामले की आगे की कार्रवाई जारी है।

जांचकर्ताओं के अनुसार, पूछताछ के दौरान गोयल ने माना कि केतन अग्रवाल से तय शादी को रद्द करने के बजाय उन्हें खत्म करना ज्यादा आसान लगा, क्योंकि वह अपने परिवार को निराश नहीं करना चाहती थी।

सूत्रों का कहना है कि यह कथित कबूलनामा तब सामने आया है, जब पुलिस गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी की भूमिकाओं की जांच का दायरा बढ़ा रही है। जांच टीम परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रही है और साजिश का पता लगाने के लिए डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है।

पुणे में केतन अग्रवाल हत्याकांड में एक अहम मोड़ आया है, क्योंकि पुलिस आरोपी सिया गोयल और उनके प्रेमी चेतन चौधरी की जिंदगी के कई पहलुओं की जांच कर रही है।

पुलिस का दावा है कि केतन अग्रवाल की मौत 18 जून को लोहगढ़ किले में एक चट्टान से गिरने से हुई थी। जांचकर्ताओं का आरोप है कि गोयल और चौधरी ने उन्हें मारने की साजिश रची, क्योंकि गोयल नवंबर में अग्रवाल से तय शादी को आगे नहीं बढ़ाना चाहती थी।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

रुपए में स्थिरता, कोरियाई और ताइवानी बाजार में उतार-चढ़ाव से भारत में हो सकती है विदेशी निवेशकों की वापसी

Published

on

कच्चे तेल की कीमत में गिरावट और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की ओर से चुनिंदा खरीदारी के चलते बिकवाली का दबाव कम होने से भारतीय शेयर बाजार की धारणा में सुधार हुआ है। यह जानकारी विश्लेषकों की ओर से दी गई।

पिछले नौ ट्रेडिंग दिनों (15 जून – 25 जून) के दौरान, एफआईआई ने कैश मार्केट में पांच दिन खरीदारी की, हालांकि यह खरीदारी सीमित मात्रा में थी। इससे विदेशी निवेशकों की तरफ से लगातार हो रही भारी बिकवाली अब खत्म होती दिख रही है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी.के. विजयकुमार ने कहा, “विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की गतिविधियों में इस बदलाव के लिए दो बातें जिम्मेदार हैं। पहली, रुपया स्थिर हो गया है और 15 मई को डॉलर के मुकाबले 96.96 के निचले स्तर से मजबूत भी हुआ है। अब रुपया डॉलर के मुकाबले लगभग 94.40 पर है।”

जब रुपया मजबूत हो रहा हो, तो एफपीआई के लिए बिकवाली करना समझदारी नहीं है।

दूसरी बात, दक्षिण कोरियाई और ताइवानी बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव एफपीआई को इन बाजारों में बिकवाली करने के लिए मजबूर कर रहा है।

उन्होंने कहा, “एक दिन दक्षिण कोरियाई बाजार 8 प्रतिशत गिर गया, जिससे ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। इससे भारी मुनाफा कमाने वाले एफपीआई दक्षिण कोरिया और ताइवान में बिकवाली कर रहे हैं। यह एफआईआई को भारत में कम कमाई के बावजूद फिर से निवेश करने पर विचार करने के लिए प्रेरित कर रहा है।”

वहीं, कच्चे तेल की कीमतों का 73 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आना भारत के लिए बहुत अच्छी बात है।

भारत जिस ‘बैलेंस ऑफ पेमेंट्स’ संकट का सामना कर रहा था, वह अब खत्म हो चुका है। इस कारण यह निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि लगातार एफपीआई बिकवाली का दौर खत्म हो गया है। हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि एफपीआई को भारत में लगातार खरीदार बनने में कुछ समय लग सकता है।

भारत-अमेरिका के बीच संभावित ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर उम्मीदों ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जबकि बीच-बीच में पैसे निकलने के बाद चुनिंदा एफआईआई की खरीदारी लौटने से बाजार का भरोसा बढ़ा।

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च एसवीपी अजीत मिश्रा ने कहा कि व्यापक घरेलू आर्थिक संकेतों में सुस्ती और ग्लोबल मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण निवेश का एक अनुशासित और शेयर विशिष्ट तरीका अपनाने की जरूरत है।

उन्होंने आगे कहा कि ग्लोबल स्तर पर, कच्चे तेल की कीमतों का ट्रेंड, पश्चिम एशिया में अस्थिरता और एफआईआई के निवेश का ट्रेंड बाजार के सेंटीमेंट को तय करने वाले मुख्य कारक बने रहेंगे। भारत-अमेरिका के बीच संभावित ट्रेड एग्रीमेंट पर हो रही प्रगति पर भी करीबी नजर रखी जाएगी।

Continue Reading
Advertisement
अपराध18 hours ago

अहमदाबाद एयरपोर्ट पर 11 करोड़ का हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद, बैंकाक से आया यात्री गिरफ्तार

राष्ट्रीय समाचार19 hours ago

देश की शीर्ष 10 में से छह कंपनियों का मार्केटकैप 88 हजार करोड़ रुपए से अधिक बढ़ा, आईसीआईसीआई बैंक टॉप गेनर रहा

राष्ट्रीय समाचार20 hours ago

सेशेल्स में पीएम मोदी ने कई अहम एमओयू पर किए हस्ताक्षर, यूपीआई लागू करने पर बनी सहमति

व्यापार21 hours ago

सरकार ने मेडिकल डिवाइस बनाने के लाइसेंस के लिए मंजूरी की प्रक्रिया को तेज करने का दिया प्रस्ताव

राष्ट्रीय समाचार21 hours ago

मार्केट आउटलुक: भारत-अमेरिका ट्रेड डील, कच्चे तेल की कीमत और घरेलू आर्थिक आंकड़ों से तय होगी शेयर बाजार की चाल

राजनीति22 hours ago

कांग्रेस नेतृत्व में अपने दम पर सरकार बनाने का जोश नहीं, अब तक जनादेश न आना राहुल की असफलता: शर्मिष्ठा मुखर्जी

खेल22 hours ago

फीफा वर्ल्ड कप: डीआर कांगो ने रचा इतिहास, 52 साल बाद जीत दर्ज कर बनाई नॉकआउट स्टेज में जगह

खेल22 hours ago

फीफा वर्ल्ड कप: अर्जेंटीना ने जॉर्डन को 3-1 से हराया, मेसी के नाम जुड़ी एक और बड़ी उपलब्धि

राष्ट्रीय समाचार22 hours ago

मध्य प्रदेश में 65 पुलिस अधिकारियों के तबादले, बालाघाट में 18 डीएसपी की तैनाती

महाराष्ट्र23 hours ago

‘दादा, वी मिस यू’, सुप्रिया सुले ने अजित पवार को किया याद, सोशल मीडिया पर लिखा भावुक मैसेज

अंतरराष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

पीएम मोदी के 12 साल के कार्यकाल में देश में क्या-क्या बदल गया, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गिनाईं उपलब्धियां

अंतरराष्ट्रीय3 weeks ago

फिसीपींस में भूकंप के बाद 37 हुई मृतकों की संख्या, 20 हजार लोग हुए विस्थापित

राजनीति4 weeks ago

मालवीय नगर अग्निकांड: पीएम मोदी ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा

व्यापार2 weeks ago

स्पेसएक्स के आईपीओ से एलन मस्क की संपत्ति 970 अरब डॉलर के पार पहुंची, दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बनने के करीब

राजनीति3 weeks ago

कर्नाटक: देवेगौड़ा के राज्यसभा नामांकन मुद्दे पर भाजपा ने कांग्रेस पर लगाया मगरमच्छ के आंसू बहाने का आरोप

अंतरराष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

फिलीपींस के विनाशकारी भूकंप में अब तक 47 की मौत, सैकड़ों घायल

अंतरराष्ट्रीय3 weeks ago

मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव: ईरान के समर्थन में उतरा इराकी ‘कताइब हिज्‍बुल्लाह’, अमेरिका को चेताया

महाराष्ट्र4 weeks ago

भाजपा सरकार मुसलमानों और विपक्ष को निशाना बना रही है, कानून से सज़ा देने के बजाय बुलडोज़र और एनकाउंटर चला रही है: अबू आसिम आज़मी

अंतरराष्ट्रीय4 weeks ago

अंतहीन प्रक्र‍िया की ओर बढ़ रहा ईरान-अमेरिका समझौता, दोनों देश नई शर्तों के साथ कर रहे संशोधन की तैयारी

खेल3 weeks ago

फीफा वर्ल्ड कप: भारत में मेक्सिको बनाम साउथ अफ्रीका मैच कब और कहां देखें? जानें सभी जानकारी

रुझान