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Sunday,10-May-2026
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वैश्विक स्तर पर एप्पल वॉच के हुए 10 करोड़ से अधिक यूजर्स

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कोविड-19 से पूरी तरह उबरते हुए, इस साल की दूसरी तिमाही में वैश्विक स्मार्टवॉच शिपमेंट में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिसमें एप्पल शिपमेंट अपना शीर्ष स्थान बनाए हुए है। गुरुवार को सामने आई एक नई रिपोर्ट में यह जानकारी मिली है।

एप्पल वॉच का उपयोगकर्ता आधार वैश्विक स्तर पर 10 करोड़ को पार कर गया है।

काउंटरप्वाइंट रिसर्च के वरिष्ठ विश्लेषक सुजोंग लिम ने कहा, एप्पल के पारिस्थितिकी तंत्र में अधिक संलग्नता दर (अटैच रेट) देखी जा रही है, क्योंकि ब्रांड आकर्षक डिजाइन, स्वास्थ्य सुविधाओं और संबंधित सेवाओं में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।

अमेरिका एप्पल वॉच का प्रमुख बाजार बना हुआ है, जो उसके आधे से अधिक यूजर आधार में योगदान देता है, जिसकी संलग्न दर 30 प्रतिशत के करीब है।

वैश्विक शीर्ष 5 स्मार्टवॉच दिग्गजों में सैमसंग और गार्मिन ने क्रमश: 43 प्रतिशत और 62 प्रतिशत (वर्ष-दर-वर्ष) की शिपमेंट वृद्धि दिखाई है।

शीर्ष ब्रांडों में, पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में केवल हुआवे की शिपमेंट गिरी है।

ऐसा लगता है कि इसके स्मार्टफोन व्यवसाय में गिरावट ने इसकी स्मार्टवॉच की बिक्री को प्रभावित किया है।

लिम ने कहा, महामारी ने उपभोक्ताओं को अधिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने की ओर अग्रसर किया है और एसपीओ 2 और हृदय गति की निगरानी जैसी सुविधाओं ने उप- 100 डॉलर स्मार्टवॉच खंड में प्रवेश किया है।

पिछले साल की दूसरी तिमाही में भारत सबसे छोटा बाजार रहा है, जिसका कुल बाजार में 2 फीसदी से भी कम हिस्सा दर्ज किया गया है, लेकिन सिर्फ एक साल में इसकी हिस्सेदारी बढ़कर 6 फीसदी हो गई।

व्यापार

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रुपए की मजबूती के चलते इस हफ्ते चढ़ा शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी में अच्छी बढ़त

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कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, रुपए की मजबूती और 10 साल के बॉन्ड यील्ड में गिरावट के चलते इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में अच्छी बढ़त देखने को मिली, हालांकि भू-राजनीतिक तनाव अभी भी बाजार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

सप्ताह के दौरान निफ्टी में 0.76 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, आखिरी कारोबारी दिन यह 0.60 प्रतिशत गिरकर 24,180 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, सेंसेक्स 516 अंक यानी 0.66 प्रतिशत गिरकर 77,328 पर बंद हुआ, लेकिन पूरे सप्ताह में इसमें 0.54 प्रतिशत की बढ़त रही।

एक बाजार विश्लेषक ने कहा, “आर्थिक स्थितियों में सुधार के कारण बाजार का माहौल शुरुआती सतर्कता से निकलकर सकारात्मक दिशा में गया। इसी वजह से सप्ताह के आखिर में मुनाफावसूली के बावजूद बाजार मजबूत बना रहा।

राज्यों के चुनाव परिणाम और चौथी तिमाही के बेहतर नतीजों ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने प्रमुख सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया। वहीं, ऑटो, रक्षा, रियल एस्टेट और फार्मा सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।

सप्ताह के दौरान निफ्टी मिडकैप100 इंडेक्स में 3.49 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप100 में 4.05 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की स्थिर कीमतें और रुपए में मजबूती से बाजार को फिलहाल सपोर्ट मिल रहा है। लेकिन पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की स्थिति में कमोडिटी से जुड़े सेक्टरों पर दबाव बढ़ सकता है।

वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के चलते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन घरेलू बाजार में गिरावट देखने को मिली। इससे निवेशकों ने जल्द शांति समझौते की उम्मीदों पर दोबारा विचार करना शुरू कर दिया और ऊर्जा सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई।

ईरान ने दावा किया कि अमेरिका ने युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि युद्धविराम अब भी लागू है, जबकि ईरान ने भी स्थिति सामान्य होने की बात कही।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 3 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 95 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई। वहीं, घरेलू बाजार में कच्चे तेल के वायदा भाव भी 9,000 रुपए के स्तर से नीचे फिसल गए।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,250 से 24,300 का स्तर फिलहाल मजबूत रेजिस्टेंस जोन माना जा रहा है, जबकि 24,100 से 24,000 का दायरा अहम सपोर्ट स्तर बना हुआ है।

वहीं, बैंक निफ्टी में अगर 55,500 के ऊपर लगातार मजबूती बनी रहती है तो यह 55,800 से 56,000 के स्तर तक पहुंच सकता है, जिससे निकट अवधि में तेजी का रुख मजबूत होगा।

निवेशकों की नजर अब भारत और अमेरिका के महंगाई आंकड़ों के साथ-साथ घरेलू क्रेडिट ग्रोथ के आंकड़ों पर बनी हुई है, क्योंकि ये आरबीआई की ब्याज दरों और कंपनियों के मुनाफे को लेकर आगे की दिशा तय करेंगे।

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व्यापार

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के चलते शेयर बाजार लाल निशान में बंद, सेंसेक्स 516 अंक लुढ़का

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अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से तनाव बढ़ने के कारण नकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। यह लगातार दूसरा कारोबारी सत्र है जब प्रमुख बेंचमार्क निफ्टी50 और सेंसेक्स में गिरावट देखी गई।

इस दौरान 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 516.33 अंकों यानी 0.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,328.19 पर बंद हुआ, तो वहीं एनएसई निफ्टी50 150.50 अंक (0.62 प्रतिशत) गिरकर 24,176.15 पर पहुंच गया।

दिन के दौरान, सेंसेक्स 77,631.94 पर खुलकर एक समय 77,146.43 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया था। वहीं निफ्टी 24,233.65 पर खुलकर 24,126.65 के इंट्रा-डे लो पर पहुंच गया।

व्यापक बाजारों में भी मिला-जुला कारोबार हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.15 प्रतिशत की गिरावट आई तो वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.22 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

विभिन्न सेक्टर्स की बात करें तो निफ्टी आईटी में सबसे ज्यादा 1.21 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। इसके अलावा, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी मीडिया, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स भी बढ़त के साथ बंद हुए। जबकि निफ्टी पीएसयू बैंक में 3.06 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 1.52 प्रतिशत, निफ्टी मेटल में 0.87 प्रतिशत, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 0.82 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.94 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 0.29 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

निफ्टी 50 पैक में टाइटन, अपोलो हॉस्पिटल, एशियन पेंट्स, टाटा कंज्यूमर, अदाणी पोर्ट्स, इंफोसिस और एचसीएल टेक के शेयरों में करीब 4.8 प्रतिशत से 1.3 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली, और ये टॉप गेनर्स की लिस्ट में शामिल रहे, जबकि सबसे ज्यादा एसबीआई के शेयरों में 6.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही कोल इंडिया, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, ओएनजीसी और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर भी गिरावट के साथ ट्रेड करते नजर आए।

शुक्रवार के कारोबारी सत्र में बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप पिछले सत्र के 475 लाख करोड़ रुपए से घटकर 473 लाख करोड़ रुपए हो गया। यानी एक दिन में निवेशकों के करीब 2 लाख करोड़ रुपए डूब गए।

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व्यापार

वैश्विक अस्थिरता से फिर बढ़े सोने के दाम, चांदी 2.60 लाख रुपए के पार

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GOLD

वैश्विक स्तर पर अस्थिरता के चलते सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है और कीमतों में शुक्रवार को 0.81 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 5 जून 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,52,261 रुपए के मुकाबले 411 रुपए बढ़कर 1,52,672 रुपए पर खुला।

सुबह 9:43 पर यह 471 रुपए या 0.31 प्रतिशत की मजबूती के साथ 1,52,732 रुपए पर था।

अब तक के कारोबार में सोने ने 1,52,672 रुपए का न्यूनतम स्तर और 1,53,103 रुपए का उच्चतम स्तर बनाया है।

चांदी का 3 जुलाई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछ्ली क्लोजिंग 2,58,540 रुपए के मुकाबले 1,445 रुपए की बढ़त के साथ 2,59,999 रुपए पर खुला।

खबर लिखे जाते समय यह 2,118 रुपए या 0.82 प्रतिशत की मजबूती के साथ 2,60,658 रुपए पर था।

अब तक के कारोबार में चांदी का न्यूनतम स्तर 2,59,999 रुपए और उच्चतम स्तर 2,61,811 रुपए रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी में तेजी देखी जा रही है। कॉमेक्स पर सोना 0.28 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,725 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.17 प्रतिशत की मजबूती के साथ 80.30 डॉलर प्रति औंस पर थी।

सोने और चांदी की कीमतों में तेजी की वजह वैश्विक स्तर पर अस्थिरता का बढ़ना है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर से बढ़ने के चलते इसमें इजाफा हुआ है। इससे सुरक्षित माने जाने वाले सोने और चांदी की खरीद को बढ़ावा मिल रहा है।

हालांकि, शांति के लिए दोनों देशों के बीच बातचीत लगातार जारी है और उम्मीद की जा रही है कि एक अस्थायी समझौता जल्द ही हो सकता है।

अमेरिका और ईरान में तनाव बढ़ने के कारण भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला। इस दौरान सेंसेक्स 212.58 अंक या 0.27 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 77,631.94 और निफ्टी 93 अंक या 0.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,233.65 पर था।

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