महाराष्ट्र
एसटीपी प्लांट के विरोध मे नागरिकों का मतदान बहिष्कार।
भाजपा नेता रवि व्यास ने आयुक्त को लिखा पत्र, तत्काल कार्रवाई की मांग
मीरा भायंदर -आगामी लोकसभा चुनाव मे मीरा रोड़ के म्हाड़ा कॉम्प्लेक्स मे रहने वाले कई ईमारतो और आसपास के परिसर के लोगों ने मतदान बहिष्कार का फैसला लिया है। दरअसल इन लोगों का विरोध महानगरपालिका के उस एसटीपी प्लांट 6 बी को लेकर है जो इन कॉम्प्लेक्सओ के बीचोबीच मौजूद है।स्थानीय रहिवासियो का कहना है की इस प्लांट से लगातार आती दुर्गन्ध, मितेन गैस के रिसाव से होने वाले प्रदुषण और उसमे लगे यंत्रो की आवाज़ की वजह से उनका जीना दूभर हो गया है। इस बारे मे लगातार कई सालों से प्रशासन से शिकायत की गयी लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इस आंदोलन मे सहभागी गंगासागर बिल्डिंग निवासी चंद्रकांत पाटील का कहना है की सेंट्रल पोल्लुशन बोर्ड के नियमों के मुताबिक कोई भी एसटीपी प्लांट रिहायासी इलाके से 200 से 500 मीटर की दुरी पर होना चाहिए लेकिन ये प्लांट उस नियम के भी विरुद्ध है। वही नित्यानंद नगर रहिवासी एच आर यादव बताते है की ये मामला हाईकोर्ट तक भी पंहुचा था और अदालत ने भी मनपा को कड़े दिशनिर्देश देते हुए लोगों की परेशानी को दूर करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा था। जिसके बाद तत्कालीन आयुक्त दिलीप ढोले ने एक कमिटी बनाकर आईआईटी बॉम्बे के जरिये सर्वे कर हल निकालने का आश्वासन दिया था लेकिन उसका नतीजा भी सिफ़र ही रहा। इस प्लांट की वजह से सिर्फ म्हाड़ा ही नहीं बल्कि प्रेमनगर, नित्यानंद नगर और आसपास की सैकड़ो ईमारतो मे रहनेवाले हज़ारों नागरिक त्रस्त है। गौरतलब है की जून 2019 मे इसी प्लांट मे गैस रिसाव की वजह से वहाँ काम कर रहे तीन लोगों की मौत हो गयी थी। उस समय भी यहाँ के लोगों ने तीव्र आंदोलन किया था जिसके बाद मौके पर पहुँचे स्थानीय नेताओं, पुलिस अधिकारियो के दखल के बाद इसे कुछ दिनों के लिए बंद कर दिया था लेकिन मामला ठंडा होते ही इसे फिर से शुरू कर दिया गया। स्थानीय लोगों से मिल रही शिकायतों के बाद भाजपा मीरा भायंदर विधानसभा चुनाव प्रमुख रवि व्यास ने आयुक्त को पत्र लिखकर तत्काल इस समस्या का समाधान करने की मांग की है ताकि लोगों को इस समस्या से निजात मिल सके अन्यथा नागरिकों के साथ आंदोलन की चेतवानी भी दी है। स्थानीय लोग बताते है की इसके पहले भी वो कई राजनेताओं से संपर्क कर चुके है लेकिन कोई नतीजा नहीं आया और समस्या जस की तस बनी हुई है इसलिए उन्हें चुनाव बहिष्कार जैसा कड़ा कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। ठाणे लोकसभा मे 20 मई को मतदान होना है ऐसे मे इतनी बड़ी संख्या मे लोगों के मतदान बहिष्कार आंदोलन से सभी प्रमुख पार्टियों के उम्मीदवारो के लिए ये परेशानी का सबब बन सकता है।
महाराष्ट्र
मरीन ड्राइव के कोस्टल रोड पर तेज रफ्तार में कार चलाने वालों के खिलाफ मामला दर्ज

ACCIDENT
मुंबई: मरीन ड्राइव पुलिस ने कोस्टल रोड के साउथ बाउंड हिस्से में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाकर खुद के साथ-साथ अन्य लोगों की जान को खतरे में डालने के मामले में 6 से 7 अज्ञात कार चालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।तेज रफ़्तार से कर चलाने वालों की वीडियो मुंबईकर सना खान ने रिकॉर्ड कर के सोशल मीडिया पर पोस्ट को थी।जिसके बाद पुलिस हरकत में आई
पुलिस के अनुसार, घटना 3 सितंबर 2026 की रात करीब 11:15 बजे मरीन ड्राइव के पास कोस्टल रोड साउथ बाउंड पर हुई। शिकायतकर्ता सतीश निवृत्ती सांगळे (42) मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में पुलिस हवलदार के पद पर कार्यरत हैं।
बताया गया कि पीले, लाल और अन्य रंगों की करीब 6 से 7 मोटर कारों के अज्ञात चालकों ने बिना किसी यातायात अनुशासन का पालन किए तेज रफ्तार में वाहन चलाए, जिससे अपनी तथा अन्य लोगों की जान को खतरा उत्पन्न हुआ।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर गुन्हा रजिस्टर नंबर 341/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस) की धारा 281, 125 तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। मामला 4 सितंबर 2026 को रात 10:55 बजे दर्ज किया गया।
फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने संबंधित वाहनों की पहचान कर ली है और उन्हें कब्जे में लेने की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, अज्ञात कार चालकों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
महाराष्ट्र
सभी पार्टियों के कॉर्पोरेटर मुश्किल में! शिवसेना (यूबीटी), बीजेपी और कांग्रेस समेत सभी बड़ी पार्टियों के कॉर्पोरेटर कानूनी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।

BJP CONGRES
मुंबई: मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएमसी) चुनाव के नतीजे आने के बाद भी, जीतने वाले उम्मीदवारों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। चुनाव में हारे हुए उम्मीदवारों ने अलग-अलग वजहों से जीते हुए पार्षदों के चुनाव को चुनौती दी है। बीएमसी की तरफ से आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गिलगली को दी गई जानकारी के मुताबिक, कुल 79 चुनाव पिटीशन फाइल की गई हैं। इस बीच, हाल ही में पूर्व मेयर विशाखा राउत का पार्षद पद रद्द होने के बाद चुनाव पिटीशन का मुद्दा फिर से उठ गया है। इससे पता चलता है कि चुनाव जीतना आखिरी स्टेज नहीं है। चुनाव प्रक्रिया से जुड़े डॉक्यूमेंट्स जैसे एफिडेविट डिटेल्स, जाति सर्टिफिकेट और उम्मीदवार द्वारा की गई अलग-अलग घोषणाओं की कानूनी जांच भी उतनी ही ज़रूरी है। खास बात यह है कि ये पिटीशन किसी एक पार्टी के पार्षदों को टारगेट नहीं करती हैं। बल्कि, मुंबई की सभी बड़ी पार्टियों के पार्षदों के खिलाफ चैलेंज फाइल किए गए हैं। इससे चुनाव के बाद इन पार्षदों के पदों की कानूनी और सुरक्षा पर सवाल उठते हैं।
जाति सर्टिफिकेट से लेकर संपत्ति की डिटेल्स तक, हारे हुए उम्मीदवारों द्वारा फाइल की गई पिटीशन कई गंभीर मुद्दे उठाती हैं। इनमें जाति सर्टिफिकेट की वैलिडिटी पर आपत्ति, उम्मीदवारों द्वारा दी गई झूठी या गुमराह करने वाली जानकारी के आरोप, और क्रिमिनल केस, संपत्ति और फाइनेंशियल मामलों के बारे में जानकारी देने से जुड़े विवाद शामिल हैं। चुनाव लड़ते समय, उम्मीदवारों को एफिडेविट के ज़रिए पर्सनल, फाइनेंशियल और कानूनी जानकारी देनी होती है। अगर कोई गड़बड़ी या गलत जानकारी देने के आरोप हैं, तो कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सकती है। इस तरह, यह पूरा मामला चुनाव पिटीशन और एफिडेविट में दी गई हर जानकारी की अहमियत को दिखाता है। शिवसेना (यू बी टी) के खिलाफ सबसे ज़्यादा पिटीशन। नगर निगम के दिए गए डेटा के मुताबिक, पार्टी के हिसाब से एनालिसिस से पता चलता है कि शिवसेना (उद्धव ठाकरे) गुट के 24 कॉर्पोरेटर के खिलाफ सबसे ज़्यादा पिटीशन फाइल की गई हैं।
इसके बाद बीजेपी के खिलाफ 16, कांग्रेस के खिलाफ 10 और शिवसेना (शिंदे गुट) के खिलाफ 7 पिटीशन हैं। इसके अलावा, एआईएमआईएम के खिलाफ 5, एम एन एस के खिलाफ 2 और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के खिलाफ 1 पिटीशन फाइल की गई है। 5 नगरसेवकों का चुनाव रद्द कुल 79 याचिकाओं में से अब तक 5 नगरसेवकों के खिलाफ नकारात्मक निर्णय पारित किए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप उनके चुनाव रद्द कर दिए गए हैं। इनमें शिवसेना (यूबीटी) के 2, एआईएमआईएम के 2 और एनसीपी का 1 नगरसेवक शामिल हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि चुनाव जीतना अंतिम मील का पत्थर नहीं है। उम्मीदवार के नामांकन से लेकर हलफनामे में दी गई जानकारी की सटीकता और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की प्रामाणिकता जैसे कारक भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।
चुनावी पारदर्शिता का मुद्दा फिर सुर्खियों में ये आंकड़े आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गिलगली द्वारा मांगी गई जानकारी से सामने आए हैं। यह आवश्यक है कि जनप्रतिनिधि के रूप में चुने गए उम्मीदवारों द्वारा मतदाताओं को प्रस्तुत की जाने वाली जानकारी सटीक और तथ्यात्मक हो। त्रुटियों, विसंगतियों या तथ्यों को छिपाने का कोई भी आरोप संभावित रूप से चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकता है। 79 इलेक्शन पिटीशन फाइल होने, 5 कॉर्पोरेटर के चुनाव कैंसिल होने और हाल ही में पूर्व मेयर विशाखा रावत का टर्म कैंसिल होने से मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन इलेक्शन में कैंडिडेट के नॉमिनेशन और एफिडेविट को लेकर ट्रांसपेरेंसी का मुद्दा एक बार फिर सामने आ गया है। पॉलिटिकल गलियारों में अब सबकी निगाहें बाकी पिटीशन से जुड़े फैसलों पर टिकी हैं। अगर और कॉर्पोरेटर के इलेक्शन पर सवाल उठते हैं, तो इससे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में अलग-अलग पार्टियों की संख्या बदल सकती है। वोटर के मैन्डेट से जीतने के बावजूद, कैंडिडेट खुद को कोर्ट की जांच का सामना करते हुए पा रहे हैं। ऐसे में, मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में सभी पार्टियों के कॉर्पोरेटर के इलेक्शन को लेकर एक लीगल चैलेंज खड़ा हो गया है।
महाराष्ट्र
असली भारतीय नोटों के बजाय नकली नोटों को बढ़ावा देने वाला गिरफ्तार।

तारीख मुंबई 6 सितंबर को, क्राइम ब्रांच यूनिट 2 मुंबई को गोपनीय और विश्वसनीय जानकारी मिली कि एक महिला और एक पुरुष मेट्रो सिनेमा, वासुदेव बलवंत फड़के चौक, मुंबई के पास नकली भारतीय मुद्रा नोट रखे हुए हैं और अपने स्वयं के वित्तीय लाभ के लिए भारत में असली भारतीय मुद्रा नोटों के बदले उन्हें 2 लाख रुपये में बेच रहे हैं। उक्त स्थान पर क्राइम ब्रांच यूनिट 2 पुलिस द्वारा एक जाल बिछाया गया। इस दौरान उक्त स्थान पर एक महिला को 270 नकली नोटों के साथ पाया गया। उसने कहा कि उसने एक व्यक्ति से 500/- रुपये के नकली नोट प्राप्त किए थे।
उक्त महिला भी कुर्ला स्टेशन के पास पाई गई और उसके कब्जे से 500/- रुपये के 1848 नकली नोट पाए गए। 10,64,000/- और जाली नोटों के संबंध में केस नंबर 198, 180, 69(2), 3(9) बीएनएस 2023 के तहत मेट्रो पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर आगे की जांच क्राइम ब्रांच, यूनिट 2 को सौंप दी गई है। यह उत्कृष्ट प्रदर्शन पुलिस आयुक्त, मुंबई देविन भारती, पुलिस संयुक्त आयुक्त (क्राइम) अनिल कुंभारे, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम) कृष्णकांत उपाध्याय, पुलिस उप आयुक्त (डिटेक्शन) राज तिलक रोशन, सहायक पुलिस आयुक्त, डिविजन दिनकर शालवत के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक दिलीप तेनालकर, पुलिस उपनिरीक्षक संकल्प मुकेशी, क्राइम डिटेक्शन ब्रांच, यूनिट -2 द्वारा किया गया है।
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