राजनीति
लखीमपुर में हुई हिंसा के बाद अब विपक्ष की सियासत तेज, प्रशासन मुस्तैद
लखीमपुर की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। विपक्षी दल सरकार की घेराबंदी करने के लिए वहां जाने को बेताब दिख रहे है। प्रशासन ने पूरी मुस्तैदी से उन्हें रोकने की रणनीति बना रखी है। आप से राज्यसभा सदस्य संजय सिंह व भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर को सीतापुर में रोका गया है। सपा मुखिया अखिलेश यादव को लखनऊ में रोकने का प्रयास जारी है, जबकि छत्तसीगढ़ के सीएम भूपेश बघेल व पंजाब के उप मुख्यमंत्री को लखनऊ एयरपोर्ट पर रोकने का निर्देश जारी किया गया है। उधर योगी सरकार ने मामले को नियंत्रण में कर रखा है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार के साथ बड़े पुलिस अधिकारी तथा अपर मुख्य सचिव देवेश चतुर्वेदी व कृषि उत्पादन आयुक्त कल से लखीमपुर में डटे हैं। जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है, जबकि लखीमपुर खीरी जिला प्रशासन की किसान नेता राकेश टिकैत के साथ दो दौर की वार्ता के बाद अब तीसरे दौर की वार्ता भी जारी है।
कल रात प्रियंका किसानों से मुलाकात करने के लिए हालांकि लखनऊ से निकलने में कामयाब रहीं थी, लेकिन सीतापुर पुलिस ने हरगांव में उन्हें 4 बजे हिरासत में लिया है।
वहीं सतीश चंद्र मिश्रा को भी लखनऊ आवास में नजरबंद कर लिया गया। उधर, सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खीरी आने के एलान के बाद पुलिस हाउस अरेस्ट करने की तैयारी में है। अखिलेश के आवास के बाहर पुलिस का पहरा लगा दिया गया है। बकायदा ट्रक-गाड़ियां लगा दी गई हैं। सपा के कार्यकर्ता यहां धीरे-धीरे जुटने लगे हैं। हालांकि, कई और नेता जो लखीमपुर के लिए निकले थे उन्हें पुलिस ने रोक लिया है। उधर, रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी सोमवार को लखीमपुर खीरी जाने का एलान किया है। इधर कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी के घर के सामने पुलिस का पहरा लगा हुआ है।
बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा कि बसपा के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद एससी मिश्रा को कल देर रात यहां लखनऊ में उनके निवास पर नजरबन्द कर दिया गया जो अभी भी जारी हे ताकि उनके नेतृत्व में पार्टी का प्रतिनिधिमण्डल लखीमपुर खीरी जाकर किसान हत्याकांड की सही रिपोर्ट न प्राप्त कर सके। यह अति-दु:खद व निन्दनीय।
उन्होंने आगे कहा कि यूपी के दु:खद खीरी कांड में भाजपा के दो मंत्रियों की संलिप्तता के कारण इस घटना की सही सरकारी जांच व पीड़ितों के साथ न्याय तथा दोषियों को सख्त सजा संभव नहीं लगती है। इसलिए इस घटना की, जिसमें अब तक 8 लोगों के मरने की पुष्टि हुई है, न्यायिक जांच जरूरी, बसपा की यही मांग है।
जिलाधिकारी अरविन्द चौरसिया ने बताया कि किसानों से कई चीजों पर चर्चा हुई है। किसानों ने मांग पत्र दिया है। उनकी मांग गृह राज्य मंत्री को बर्खास्त करने, केस दर्ज करने, मृतकों के आश्रितों को मुआवजा धनराशि के साथ घर के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और पूरे घटनाक्रम की न्यायिक जांच कराने की है। हमने इसे उच्चस्तर पर भेजा है, हम एक दौर की वार्ता और करेंगे।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
आपदा प्रबंधन के लिए नेपाल-विश्व बैंक में करार, जारी होगा कैटास्ट्रॉफी बॉन्ड

नेपाल और विश्व बैंक समूह का हिस्सा, ‘इंटरनेशनल बैंक फॉर रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट’ (आईबीआरडी) ने डिजास्टर ‘कैटास्ट्रॉफी बॉन्ड’ बनाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह बॉन्ड हिमालयी देश नेपाल को किसी बड़ी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में तुरंत फंड (धनराशि) जुटाने में मदद कर सकता है।
वर्ल्ड बैंक ने एक बयान में कहा कि यह समझौता एक कैटास्ट्रॉफ बॉन्ड की फिजिबिलिटी और पोटेंशियल स्ट्रक्चर (व्यवहार्यता और संभावित संरचना) का आकलन करने में सहयोग की शुरुआत है, जिसके तहत नेपाल अपने आपदा संबंधी जोखिमों का कुछ हिस्सा इंटरनेशनल कैपिटल मार्केट में ट्रांसफर कर सकता है और प्राकृतिक आपदा के लिए अपनी वित्तीय संबंधी तैयारी को मजबूत कर सकता है।
समझौते के तहत, विश्व बैंक समूह कोषागार नेपाल सरकार और मार्केट पार्टिसिपेंट्स के साथ मिलकर प्रस्तावित लेन-देन का मूल्यांकन करेगा।
यह पहल ऐसे समय में हुई है जब नेपाल 26 अगस्त को भोटेकोशी और त्रिशूली नदी बेसिन में आई भयानक बाढ़ के बाद भविष्य की किसी भी प्राकृतिक आपदा से निपटने की तैयारी करने और उनसे उबरने की अपनी क्षमता को मजबूत करना चाहता है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम पुनर्निर्माण और प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ में लगभग 1,500 लोग मारे गए हैं, जबकि 5,000 से ज्यादा लापता हैं।
नेपाल-चीन बॉर्डर के पास एक भूस्खलन के कारण नदी का बहाव रुक गया था, जिससे बाढ़ आई और कई इंसानी बस्तियां, एक दर्जन हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट, एक सोलर प्लांट और कई सड़कें और पुल बह गए। वर्ल्ड बैंक की ग्लोबल रैपिड पोस्ट-डिजास्टर डैमेज एस्टिमेशन रिपोर्ट के मुताबिक, भौतिक या वस्तुगत नुकसान का अनुमान 1.66 बिलियन यूएस डॉलर है।
वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, नेपाल भूकंप, बाढ़, लैंडस्लाइड और मौसम से जुड़े दूसरे खतरों के लिए लिहाज से बहुत संवेदनशील देश है। इस वजह से इंफ्रास्ट्रक्चर को बहुत ज्यादा नुकसान हो सकता है, आर्थिक गतिविधियों में रुकावट आ सकती है और पब्लिक फाइनेंस पर काफी दबाव पड़ सकता है।
कैटास्ट्रॉफी बॉन्ड एक फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट (वित्तीय साधन) है जो प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न वित्तीय जोखिम को सरकारों या बीमा कंपनियों से हटाकर निजी निवेशकों पर स्थानांतरित करते हैं और यह प्रक्रिया वैश्विक वित्तीय बाजारों के माध्यम से होती है। बॉन्ड की शर्तों के आधार पर, अगर कोई खास आपदा आती है तो निवेशक अपना कुछ या पूरा मूलधन खो सकते हैं, जिससे फंड का इस्तेमाल पीड़ित संस्था या देश को सपोर्ट करने के लिए किया जा सकता है।
वर्ल्ड बैंक ने कहा, “ऐसे इंस्ट्रूमेंट आपदा फाइनेंसिंग का एक दूसरा सोर्स दे सकते हैं, जिससे सरकारें शायद सिर्फ बजट रीएलोकेशन या आपदा के बाद की मदद पर निर्भर रहने के बजाय ज्यादा तेजी से फंड एक्सेस कर सकेंगी।”
यह पहल वर्ल्ड बैंक ग्रुप के शुरू किए गए कैटास्ट्रॉफी बॉन्ड प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसने देशों को आपदा जोखिमों को ट्रांसफर करने और प्राकृतिक आपदाओं के खिलाफ फाइनेंशियल सुरक्षा हासिल करने के लिए इंटरनेशनल कैपिटल मार्केट तक पहुंचने में मदद की है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
उत्तर कोरिया ने दागी रणनीतिक क्रूज मिसाइलें, न्यूक्लियर अटैक सबमरीन से परीक्षण की आशंका

प्योंगयाग ने बुधवार को पूर्वी सागर में पनडुब्बी से दागी जाने वाली दो तरह की रणनीतिक क्रूज मिसाइलों का परीक्षण किया। आशंका जताई जा रही है कि 3,000-टन श्रेणी का परीक्षण उस न्यूक्लियर अटैक सबमरीन (पनडुब्बी) से किया गया है जिसे 2023 में लॉन्च किया गया था।
उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के हवाले से योनहाप न्यूज एजेंसी ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। हालिया परीक्षण में मिसाइलें पनडुब्बी से दागी गईं या किसी अन्य परीक्षण मंच से, इस बारे में केसीएनए रिपोर्ट में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
केसीएनए के अनुसार, परीक्षण का उद्देश्य पानी के भीतर संचालित होने वाली हथियार प्रणालियों की मौजूदा परिचालन तैयारी का आकलन करना था। उत्तर कोरिया ने दावा किया कि इस परीक्षण से नौसेना की रणनीतिक अभियानों को अंजाम देने की क्षमता मजबूत होगी और देश की प्रतिरोधक क्षमता की विश्वसनीयता प्रदर्शित होगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, परीक्षण की निगरानी सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की केंद्रीय सैन्य आयोग के सदस्य किम जोंग-सिक और मिसाइल प्रशासन के महानिदेशक जांग चांग-हा ने की। नौसेना की अंडरवाटर हथियार प्रणालियों से जुड़े इंजीनियर भी इस दौरान मौजूद थे।
हालांकि, केसीएनए ने मिसाइलों के नाम, उनकी मारक दूरी और परीक्षण के तकनीकी विवरणों का खुलासा नहीं किया। दक्षिण कोरिया की ओर से भी बुधवार के परीक्षण को लेकर तत्काल कोई विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई।
यह परीक्षण ऐसे समय हुआ है, जब उत्तर कोरिया ने सोमवार को भी प्योंगयांग क्षेत्र से पूर्वी सागर की ओर कई सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। केसीएनए ने मंगलवार को कहा था कि उस परीक्षण का उद्देश्य एक महत्वपूर्ण तकनीकी घटक के उन्नयन में मिली सफलता की पुष्टि करना था।
पनडुब्बी से दागी जाने वाली रणनीतिक मिसाइलों का विकास उत्तर कोरिया की सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने की व्यापक कोशिशों का हिस्सा है। ऐसी प्रणालियां समुद्र के भीतर से हमला करने की क्षमता प्रदान कर सकती हैं, जिससे विरोधी देशों के लिए उनके प्रक्षेपण स्थल का पता लगाना और समय रहते जवाबी कार्रवाई करना अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
उत्तर कोरिया ने अपने सैन्य कार्यक्रमों को देश की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने से जोड़ा है। वहीं, कोरियाई प्रायद्वीप में हाल के मिसाइल परीक्षणों और दोनों कोरियाई देशों के बीच बढ़ते तनाव ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं।
राजनीति
भाजपा फर्जी वोट को समझती है अपनी ताकत, 2027 में जीवन-मरण का चुनाव : अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा फर्जी वोट को अपनी ताकत समझती है और वोट चोरी एक बड़ा मुद्दा है। 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में सरकार बनाने का लक्ष्य है और यह चुनाव जीवन-मरण का चुनाव है।
बुधवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय लखनऊ में विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में आए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा के कुशासन से त्रस्त है। महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार चरम पर है। भाजपा पूरी तरह बदनाम हो चुकी है और विधानसभा चुनाव में भाजपा की पराजय तय है।
अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को मिशन-2027 को लेकर खास संदेश दिया और अनुशासन में रहने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को अनुशासन में रहना है। कोई भी ऐसा व्यवहार न करें जिससे किसी को शिकायत का मौका मिले। जनता की उम्मीदें समाजवादी पार्टी से हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश और जनता के हित में समाजवादी पार्टी की सरकार बनना जरूरी है। भाजपा ने उत्तर प्रदेश को हर क्षेत्र में बर्बाद कर दिया है। शिक्षा-परीक्षा ध्वस्त है, स्वास्थ्य सेवाएं खराब हो चुकी हैं। कानून-व्यवस्था बर्बाद है। हर विभाग और हर कार्य में भ्रष्टाचार और लूट हो रही है। भाजपाई बेलगाम हैं। गरीबों और असहायों की जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं और उनके हर अवैध कार्य में पुलिस उनका साथ दे रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बिगड़ी व्यवस्था को सुधारने और पारदर्शी व्यवस्था लाने के लिए ‘सपा’ सरकार बनना जरूरी है। सभी लोग चुनाव के लिए तैयार रहें, क्योंकि चुनाव में समय बहुत कम है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की सरकार में न किसी का जीवन सुरक्षित है और न सम्मान। अपराधी और अराजक तत्व बेखौफ हैं, उन्हें सत्ता का संरक्षण मिला हुआ है। भाजपा की सरकार कानून और संविधान को नहीं मान रही है, सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। गरीबों को बुलडोजर से डराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतंत्र को खत्म करना चाहती है। चुनाव में बेईमानी करती है और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी करने से बाज नहीं आ रही है। एसआईआर के बाद भी वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर फर्जी वोट हैं।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि एसआईआर के दौरान भाजपा ने समाजवादी पार्टी के समर्थकों के वोट कटवाने की साजिश की। सपा के लोगों ने सुल्तानपुर के नंदलाल निषाद और सरोजनी नगर लखनऊ के दशरथ के नाम से भाजपा द्वारा वोट कटवाने के लिए भरवाए गए फर्जी फॉर्म 7 को पकड़ा था।
उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यकों का वोट काटने की साजिश कर रही है। भाजपा पीडीए की दुश्मन है लेकिन पीडीए भाजपा की चालबाजी को समझ गया है। प्रदेश की जनता विधानसभा चुनाव में भाजपा को उसकी लूट और बेईमानी का जवाब देगी।
इसेके बाद सपा प्रमुख ने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा, “इलेक्शन कमीशन और भारतीय जनता पार्टी मिलकर भारत और भारत के नागरिकों को धोखा दे रहे हैं।” उन्होंने कहा, “आज समाजवादी, पीडीए परिवार लगातार बढ़ता चला जा रहा है। जहां पीड़ा, दुख, अपमान बढ़ रहा है उतना ही पीडीए परिवार बढ़ता जा रहा है। पीडीए आगे बढ़ेगा, रोकने वाले रोक नहीं पाएंगे।”
अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को बूथों पर सतर्क रहने को कहा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को बूथों पर सतर्क रहना है। 2027 का विधानसभा चुनाव वोट के अधिकार को बचाने का चुनाव है। अगर भाजपा की फिर सरकार आ गई तो वह बुलडोजर पर सवार रहेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा को हमेशा के लिए सत्ता से हटाकर ही संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की जा सकती है।
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