राष्ट्रीय
अदाणी ग्रुप की 100 अरब डॉलर की एआई डेटा सेंटर योजना भारत के लिए साबित हो सकती है गेमचेंजर
नई दिल्ली, 3 मार्च : अदाणी ग्रुप की 100 अरब डॉलर की महत्वाकांक्षी योजना, जिसके तहत 2035 तक नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित और एआई-तैयार हाइपरस्केल डेटा सेंटर बनाए जाएंगे, वैश्विक एआई अर्थव्यवस्था में भारत की भूमिका को नया आकार दे सकती है। यह बात कार्बन क्रेडिट्स डॉट कॉम नामक न्यूज पोर्टल में प्रकाशित एक लेख में कही गई है।
लेख में कहा गया है कि सबसे पहले इस निवेश का पैमाना ध्यान आकर्षित करता है। अदाणी का सीधा 100 अरब डॉलर का निवेश सर्वर मैन्युफैक्चरिंग, उन्नत विद्युत प्रणालियों, संप्रभु क्लाउड प्लेटफॉर्म और अन्य संबंधित उद्योगों में अतिरिक्त 150 अरब डॉलर के निवेश को प्रेरित कर सकता है। इससे अगले दशक में भारत में 250 अरब डॉलर का एआई इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम विकसित हो सकता है।
अदाणी समूह अपनी मौजूदा 2 गीगावाट क्षमता को बढ़ाकर 5 गीगावाट तक ले जाने की योजना बना रहा है। इससे भारत दुनिया के सबसे बड़े एकीकृत नवीकरणीय ऊर्जा संचालित एआई डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म में से एक बन सकता है।
लेख में यह भी बताया गया है कि अदाणी ग्रुप ने कई रणनीतिक साझेदारियां की हैं। इसमें अमेरिकी टेक दिग्गज गूगल के साथ विशाखापट्टनम में गीगावाट स्तर का एआई डेटा सेंटर कैंपस बनाना शामिल है। साथ ही माइक्रोसॉफ्ट के साथ हैदराबाद और पुणे में बड़े कैंपस विकसित करने की योजना है।
इसके अलावा कंपनी फ्लिपकार्ट के साथ उच्च प्रदर्शन वाले डिजिटल कॉमर्स और बड़े एआई वर्कलोड के लिए एक और एआई-केंद्रित सुविधा विकसित करने पर बातचीत कर रही है।
लेख में कहा गया है कि पारंपरिक डेटा सेंटर परियोजनाओं के विपरीत, यह 5 गीगावाट परियोजना नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन, ट्रांसमिशन नेटवर्क, ऊर्जा भंडारण और हाइपरस्केल एआई कंप्यूटिंग को एक समन्वित ढांचे में जोड़ती है। इससे ऊर्जा बैकअप और कंप्यूटिंग क्षमता का विस्तार साथ-साथ होगा।
लेख के अनुसार, यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एआई वर्कलोड तेजी से अधिक ऊर्जा खपत करने लगे हैं। आधुनिक एआई रैक अक्सर प्रति यूनिट 30 किलोवाट या उससे अधिक बिजली खपत करते हैं।
डेटा संप्रभुता भी प्राथमिकता में है। समर्पित कंप्यूटिंग क्षमता भारतीय बड़े भाषा मॉडल और राष्ट्रीय डेटा पहलों का समर्थन करेगी। इससे संवेदनशील डेटा देश के भीतर ही सुरक्षित रह सकेगा, जबकि वैश्विक स्तर के इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ भी मिलेगा।
एआई की वृद्धि सीधे ऊर्जा उपलब्धता से जुड़ी है। दुनिया भर में एआई अपनाने की तेजी से बिजली की मांग और कार्बन उत्सर्जन को लेकर चिंता बढ़ी है।
अदाणी ग्रुप अपनी एआई विस्तार योजना को नवीकरणीय ऊर्जा पर आधारित करना चाहता है, जिसका प्रमुख आधार गुजरात का 30 गीगावाट क्षमता वाला खावड़ा नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट है, जिसमें से 10 गीगावाट से अधिक पहले ही चालू हो चुका है।
इसके साथ ही समूह ने अपनी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के लिए 55 अरब डॉलर अतिरिक्त निवेश का भी संकल्प लिया है, जिसमें दुनिया के सबसे बड़े बैटरी ऊर्जा भंडारण सिस्टम में से एक शामिल है।
वैश्विक आपूर्ति शृंखला में आई बाधाओं ने ट्रांसफॉर्मर, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रिड सिस्टम की आपूर्ति में कमजोरियां उजागर की हैं। इसलिए अदाणी ग्रुप भारत में ही उच्च क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर, उन्नत पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, इनवर्टर और औद्योगिक ताप प्रबंधन समाधान बनाने के लिए घरेलू साझेदारियों में सह-निवेश की योजना बना रहा है। इससे विदेशी निर्भरता कम होगी और भारत का औद्योगिक आधार मजबूत होगा।
लेख में कहा गया है कि भविष्य में भारत केवल डेटा हब नहीं रहेगा, बल्कि अगली पीढ़ी के एआई इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माता और निर्यातक भी बन सकता है।
अपराध
कर्नाटक: ब्लैकमेल कर व्यापारी से 2.77 करोड़ रुपए वसूलने के आरोप में यूथ कांग्रेस नेता और उसका साथी गिरफ्तार

मंगलुरु, 9 जून: कर्नाटक के मंगलुरु में जबरन वसूली का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने एक प्रमुख व्यापारी को ब्लैकमेल करने और लगभग दो साल में 2.77 करोड़ रुपए वसूलने के आरोप में यूथ कांग्रेस के एक पदाधिकारी और उसके साथी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान मंगलुरु यूथ कांग्रेस के महासचिव निजाम और जितेश के तौर पर हुई है। आरोप है कि जितेश ने पहले व्यापारी को अपने जाल में फंसाया और बाद में उसकी अश्लील तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल करके उसे ब्लैकमेल किया। पुलिस ने बताया कि जितेश ने शुरू में 35 लाख की मांग की और वीडियो को पीड़ित की पत्नी को दिखाने की धमकी दी। अपनी बदनामी के डर से व्यापारी ने चेक के जरिए यह रकम दे दी।
जब पैसों की मांग जारी रही तो व्यापारी ने मदद के लिए निजाम से संपर्क किया, हालांकि पुलिस का आरोप है कि निजाम ने मदद करने के बजाय जितेश का साथ दिया और जबरन वसूली के इस रैकेट में शामिल हो गया।
इसके बाद दोनों ने आत्महत्या की एक झूठी कहानी रची। निजाम ने मई 2024 में व्यापारी को बताया कि जितेश ने आत्महत्या कर ली है और सुसाइड नोट में पीड़ित का नाम लिखा है। कहानी को सच साबित करने के लिए आरोपियों ने जितेश की मौत और अंतिम संस्कार की तस्वीरें दिखाईं और व्यापारी को आपराधिक मामले में फंसाने की धमकी दी।
गिरफ्तारी और सामाजिक बदनामी के डर से व्यापारी पैसे देता रहा। पुलिस ने बताया कि 2024 से 2026 के बीच पीड़ित से कुल 2.77 करोड़ रुपए वसूले गए। यह धोखाधड़ी तब सामने आई जब जून 2026 में व्यापारी ने जितेश को मंगलुरु में जिंदा देखा। जिस व्यक्ति को वह मरा हुआ समझ रहा था, उसे जिंदा देखकर वह हैरान रह गया और उसने उरवा पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने निजाम और जितेश दोनों को गिरफ्तार कर लिया। मामले की और जानकारी के लिए आगे की जांच चल रही है। इस बीच गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर मंगलुरु और पूरे कर्नाटक के कई राजनीतिक नेताओं के साथ निजाम की तस्वीरें वायरल हो गई हैं।
अनन्य
नीट पेपर लीक मामला : दिल्ली की अदालत ने आरोपी शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ाई

नई दिल्ली, 6 जून। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को नीट-यूजी 2026 के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपी शुभम खैरनार को 15 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। 13 मई को सीबीआई ने शुभम खैरनार को नासिक से गिरफ्तार किया था।
आरोपी शुभम खैरनार की शनिवार को न्यायिक हिरासत खत्म होने के बाद उसे राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ाई।
शुभम खैरनार, महाराष्ट्र के नासिक जिले के नंदगांव का रहने वाला है। उसने मध्य प्रदेश की श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी से बीएएमएस (आयुर्वेद) की पढ़ाई की है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का आरोप है कि उसने पुणे के एक संदिग्ध से यह पेपर 10 लाख में खरीदा और इसे हरियाणा के एक खरीदार को 15 लाख में बेच दिया।
बता दें कि नीट पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जानकारी सामने आई कि सीबीआई अधिकारियों ने शुक्रवार को कल्याण के म्हारल क्षेत्र में रहने वाली एक छात्रा से भी पूछताछ की।
सूत्रों ने बताया कि जांच टीम ने म्हारल इलाके में छात्रा के घर पहुंचकर उसका बयान दर्ज किया। सूत्रों का दावा है कि संबंधित छात्रा नाशिक की एक अन्य छात्रा के संपर्क में थी, जिसकी जांच के दौरान उसका मोबाइल नंबर जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में आया। इसी आधार पर सीबीआई ने उससे पूछताछ की है। हालांकि, सीबीआई की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
3 मई को आयोजित नीट यूजी परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोप सामने आए थे। एजेंसियों की शुरुआती जांच में परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठे। इसी आधार पर परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया और अब इसे नए सिरे से आयोजित किया जाएगा। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई थी।
अंतरराष्ट्रीय
हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता से कच्चे तेल में तेजी जारी, ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के पार

हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल में तेजी जारी है और गुरुवार को कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है।
इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट सुबह के कारोबार में 103.35 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से लगभग 4 प्रतिशत अधिक था। वहीं, न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट 1.62 प्रतिशत बढ़कर 94.47 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी की वजह हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता को माना जा रहा है।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी नेताओं द्वारा “यूनिफाइड प्रस्ताव” दिए जाने तक युद्धविराम को बढ़ा दिया, लेकिन उन्होंने ईरान पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाई।
अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा, “ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी के तहत अमेरिकी सेना ने 31 जहाजों को वापस मुड़ने या बंदरगाह पर लौटने का निर्देश दिया है।”
वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि मौजूदा हालात में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया गया है। यह सीजफायर का उल्लंघन है। इससे ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया जा रहा है। आगे कहा कि पूर्ण सीजफायर तभी संभव है, जब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट के ब्लॉक को समाप्त कर देता है।
विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट 50 दिनों से अधिक समय से बंद है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा बाधित हो गया है। कीमतों में लगातार वृद्धि से भारत के आयात बिल पर असर पड़ सकता है और इसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव आ सकता है।
सरकार का कहना है कि देश भर में खुदरा ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
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