राष्ट्रीय समाचार
पैरीमैच सट्टेबाजी मामले की जांच में ईडी ने चार राज्यों में 12 ठिकानों पर की छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप ‘पैरीमैच’ के खिलाफ जारी जांच के सिलसिले में अलग-अलग राज्यों में 10 से अधिक ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई।
जानकारी के अनुसार, ईडी ने पैरीमैच और अन्य से जुड़े मामले में महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में 12 जगहों पर तलाशी ली। महाराष्ट्र में पांच, राजस्थान में दो, गुजरात में एक और दिल्ली-एनसीआर में चार जगहों पर तलाशी ली गई।
एजेंसी के अनुसार, जिन जगहों पर तलाशी ली गई, वे परिसर उन भुगतान कंपनियां से जुड़े थे, जिन पर कथित तौर पर कैश मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) एजेंटों के जरिए सट्टेबाजी से मिली रकम को कैश में बदलने का आरोप था।
इस तलाशी में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) और कंपनी सेक्रेटरी भी शामिल थे, जिन्होंने कथित तौर पर अवैध धन प्रेषण और फर्जी विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (ओडीआई) ट्रांजैक्शन के जरिए देश से बाहर रकम ट्रांसफर करने में मदद की थी।
बताया गया कि बुधवार की छापेमारी के दौरान उन परिसरों की भी जांच की गई, जिन्होंने कथित तौर पर पैरीमैच की ओर से फंड जुटाने और बांटने का काम किया था।
यह ताजा कार्रवाई ईडी के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से इसी साल मई में महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, गुजरात, दमन और उत्तर प्रदेश में 17 जगहों पर तलाशी लेने के कुछ महीनों बाद की गई है।
छापेमारी के दौरान, एजेंसी ने लगभग 1.56 करोड़ रुपए की चल संपत्ति जब्त की, जिसमें लगभग 1.2 करोड़ रुपए नकद शामिल थे। ईडी ने विभिन्न बैंक खातों में मौजूद लगभग 3.8 करोड़ रुपए भी फ्रीज कर दिए। तलाशी अभियान के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद किए गए।
ईडी ने यह जांच मुंबई के साइबर थाने में पैरीमैच.कॉम के खिलाफ ऑनलाइन सट्टेबाजी के जरिए यूजर्स को कथित तौर पर धोखा देने के आरोप में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी।
जांच टीम के अनुसार, प्लेटफॉर्म ने अधिक रिटर्न का वादा करके निवेशकों को लुभाया और एक साल में 3,000 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई की।
जांच से पता चला कि पैरीमैच और उसके सहयोगी कथित तौर पर यूजर्स के धन को एकत्र करने, उसे कई स्तरों पर इस्तेमाल करने और ट्रांसफर करने के लिए ‘म्यूल अकाउंट्स’, भुगतान मध्यस्थों और वित्तीय समावेशन चैनलों के एक जटिल नेटवर्क के जरिए काम करते थे।
जांच टीम ने यह भी पाया कि ऐप ने नए यूजर्स को आकर्षित करने और जोड़ने के लिए प्रमुख क्विक-कॉमर्स एप्लिकेशन के जरिए विज्ञापन दिए और ग्रोसरी डिलीवरी के साथ प्रमोशनल मटीरियल बांटा। ये विज्ञापन ऐप के इस्तेमाल और ऑर्डर प्लेसमेंट के दौरान रणनीतिक रूप से दिखाए जाते थे। ईडी ने कहा है कि उसने इस मामले में अब तक 112 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की है। आगे की जांच चल रही है।
राष्ट्रीय समाचार
बिहार के भागलपुर में दंपती की गोली मारकर हत्या, एक संदिग्ध हिरासत में

बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत इस्माईलपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार की अहले सुबह अपराधियों ने एक दंपती की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतकों की पहचान रंजन मंडल और उनकी पत्नी किरण देवी के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। नाराज ग्रामीणों ने मौके पर पहुंची पुलिस को शव उठाने से रोक दिया और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की।
मिली जानकारी के अनुसार, रंजन मंडल और उनकी पत्नी किरण देवी इस्माईलपुर हटिया में चाय-नाश्ते की दुकान चलाते थे। गुरुवार सुबह करीब तीन-चार बजे दोनों अपनी दुकान में सो रहे थे। इसी दौरान अपराधियों ने हमला कर दिया। हमले में रंजन की मौके पर ही मौत हो गई।
पति को गोली लगने के बाद किरण देवी जान बचाने के लिए भागने लगीं, लेकिन अपराधियों ने उन्हें भी गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल किरण देवी ने भी दम तोड़ दिया। दोनों की हत्या की खबर फैलते ही घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। लोगों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। आक्रोशित ग्रामीणों ने शवों को उठाने से रोक दिया। इसके बाद समझाने बुझाने के बाद आक्रोशित लोग शांत हुए।
पुलिस ने बताया कि परिजनों की निशानदेही पर एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है। घटना की सूचना मिलने पर इस्माईलपुर और गोपालपुर थाने की पुलिस के साथ वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस डॉग स्क्वॉड और तकनीकी अनुसंधान की भी मदद ली जा रही है, ताकि घटना में शामिल अपराधियों की पहचान की जा सके।
इस्माईलपुर थानाध्यक्ष अजीत कुमार के अनुसार, एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। फिलहाल हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस आपसी रंजिश समेत अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध से पूछताछ की जा रही है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है। जांच के बाद घटना के कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
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दिल्ली हवाई अड्डे पर पंजाब सीएम पर कस्टम कार्रवाई, 3 घंटे इंतजार के बाद लगा जुर्माना

आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को दावा किया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पेरिस से लौटने के बाद दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगभग तीन घंटे तक इंतजार कराया गया और बाद में उन पर 50,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया। इस घटना ने पार्टी और भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है।
पंजाब आम आदमी पार्टी के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने बताया कि मुख्यमंत्री मान को इस बहाने से इंतजार कराया गया कि उनका सामान नहीं आया है या अभी भी उसकी जांच चल रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब मुख्यमंत्री हवाई अड्डे से निकलने की तैयारी कर रहे थे, तब अधिकारियों ने उनसे संपर्क किया और बताया कि उन पर ‘ऊपर से भारी दबाव’ है।
आप ने इस घटना को मुख्यमंत्री को अपमानित करने और राज्य की गरिमा को ठेस पहुंचाने का प्रयास बताया।
हालांकि, आम आदमी पार्टी ने शुरुआत में 50,000 रुपए के चालान के आधिकारिक कारणों को स्पष्ट नहीं किया।
सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि सीमा शुल्क विभाग ने कथित तौर पर अघोषित विलासिता वस्तुओं के लिए 50,000 रुपए का जुर्माना लगाया है।
शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने दावा किया कि मान और उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर से सामान या अन्य वस्तुओं से संबंधित कथित उल्लंघनों के सिलसिले में सीमा शुल्क अधिकारियों ने पूछताछ की।
ये दावे अपने आप में कार्रवाई की परिस्थितियों या कानूनी आधार को साबित नहीं करते हैं।
मान 17 से 21 अक्टूबर तक आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय खाद्य व्यापार प्रदर्शनी एसआईएलएल पेरिस 2026 में पंजाब के कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए पेरिस गए थे।
राज्य प्रतिनिधिमंडल पंजाब राज्य सहकारी आपूर्ति और विपणन संघ (मार्कफेड के नाम से लोकप्रिय) से संबद्ध था।
इस यात्रा के दौरान, मान ने पंजाब के उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार का विस्तार करने के प्रयासों के तहत डिब्बाबंद चना और लाल राजमा सहित राज्य के सोहना ब्रांड के उत्पादों का प्रचार किया।
आप नेताओं ने हवाई अड्डे की घटना को मान की विदेश यात्रा के लिए राजनीतिक मंजूरी को लेकर पहले हुए खींचतान से जोड़ा।
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने मंजूरी से इनकार को रद्द कर दिया था और विदेश यात्रा की अनुमति दे दी थी।
पन्नू ने केंद्र पर मान के विदेश कार्यक्रमों में बार-बार बाधा डालने का आरोप लगाया और हवाई अड्डे पर हुई कथित देरी और जुर्माने को पंजाब के प्रति व्यापक राजनीतिक शत्रुता का हिस्सा बताया।
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हजरतगंज हत्याकांड: तीन आरोपियों की 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर, एसटीएफ लखनऊ रवाना

लखनऊ पुलिस एसटीएफ को नागपुर जिला अदालत से बड़ी सफलता मिली है। हजरतगंज हत्याकांड में फरार चल रही श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर अली को लखनऊ ले जाने के लिए कोर्ट ने 72 घंटे का ट्रांजिट रिमांड मंजूर किया है।
उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा अदालत में दिया गया आवेदन सामने आया है। रिपोर्ट कोतवाली हजरतगंज कमिश्नरेट उत्तर प्रदेश की ओर से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, जिला नागपुर, को संबोधित करते हुए कहा गया कि थाना हजरतगंज में 10 अक्टूबर को पंजीकृत मुकदमे में वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार अभियुक्तों में पहली अभियुक्त श्रद्धा दुबे (उम्र 28 से 32) है। उनका हाल का पता 4 बी फ्लैट, अवध्रीन अपार्टमेंट, नारायण रोड, सुल्तानगंज, हजरतगंज है, जबकि उनका मूल निवास 340 पुष्पवाटिका, राजाजीपुरम, मालिकाऊं आईमा, जनपद रायबरेली है।
दूसरी अभियुक्त रश्मि दुबे (28) वर्ष है। उसका पता ओमेक्स आर 2 टावर, फ्लैट नंबर 2, सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ है। तीसरा अभियुक्त तनवीर अली उर्फ दानिश थाना आलमबाग, लखनऊ का निवासी है।
पुलिस ने आवेदन में बताया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लखनऊ द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट और सहायक पुलिस आयुक्त हजरतगंज द्वारा गठित कमेटी के आदेश पर थानाध्यक्ष शिवमंगल सिंह के नेतृत्व में संयुक्त पुलिस टीम ने नागपुर के थाना बेलतरोड़ी के सहयोग से महिला एएसआई 5077 स्नेहलता जयभारे की मौजूदगी में एक अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 1105 से तीनों को 20 अक्टूबर 2026 को शाम 4 बजे नियमानुसार गिरफ्तार किया।
महिला हवालात मौजूद न होने के कारण नागपुर शहर के थाने में ही मेडिकल परीक्षण कराया गया।
पुलिस ने कोर्ट से अपील की कि जनपद नागपुर से लखनऊ की दूरी करीब 900 किलोमीटर है, जिसे उचित साधन से तय करना है, इसलिए 72 घंटे का ट्रांजिट रिमांड दिया जाए ताकि समय पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लखनऊ के समक्ष पेश कर न्यायिक हिरासत ली जा सके।
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