राष्ट्रीय समाचार
आईबीपीएस आरआरबी सीआरपी भर्ती 2026: ऑफिसर समेत 13,706 पदों पर बंपर भर्ती शुरू, जानें डिटेल्स
बैंकिंग सेक्टर में नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए एक बेहतरीन नौका सामने आया है। दरअसल, इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सलेक्शन (आईबीपीएस) ने ऐसे योग्य और इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर आमंत्रित किए हैं, जो किसी भी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी) में ग्रुप ‘ए’-अधिकारी (स्केल- I, II और III) और ग्रुप ‘बी’-कार्यालय सहायक (बहुउद्देशीय) के रूप में शामिल होना चाहते हैं।
आईबीपीएस ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी) में ग्रुप ‘ए’-ऑफिसर (स्केल-I, II और III) और ग्रुप ‘बी’-ऑफिस असिस्टेंट (मल्टीपर्पज) के रूप में उम्मीदवारों को नियुक्त करने के लिए 13,706 पदों पर बंपर भर्ती निकाली है।
आईबीपीएस की ओर से जारी 13,706 रिक्तियों में ऑफिस असिस्टेंट (मल्टीपर्पस) – ग्रुप ‘बी’ के 8,183, ऑफिसर स्केल-I (असिस्टेंट मैनेजर) – ग्रुप ‘ए’ के 4,256, ऑफिसर स्केल-II – ग्रुप ‘ए’ (सभी स्पेशलाइजेशन मिलाकर: जनरल बैंकिंग ऑफिसर, आईटी ऑफिसर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, लॉ ऑफिसर, ट्रेजरी मैनेजर, मार्केटिंग ऑफिसर, एग्रीकल्चरल ऑफिसर) के 1,047 और ऑफिसर स्केल-III (सीनियर मैनेजर) – ग्रुप ‘ए’ के 220 पद शामिल हैं।
इन सभी रिक्तियों के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू हो गई है और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 21 सितंबर तय की गई है। ऐसे में जो उम्मीदवार इन पदों पर नियुक्ति होने के लिए एप्लीकेशन फॉर्म भरना चाहते हैं, वे आईबीपीएस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर तय अंतिम तिथि तक या उससे पहले अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। वहीं, जिन अभ्यर्थियों से आवेदन पत्र भरते समय कुछ गलती हो जाएगी, उनके लिए आवेदन फॉर्म में बदलाव/सुधार करने हेतु एडिट विंडो (एडिट के लिए ऑनलाइन भुगतान सहित) रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बंद होने के 2 दिन बाद तक आईबीपीएस की आधिकारिक वेबसाइट पर सक्रिय रहेगी।
आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से संबंधित पद और क्षेत्र के अनुसार कम के कम ग्रेजुएशन की डिग्री का होना अनिवार्य है। इसके अलावा, कैंडिडेट्स को पास निर्धारित स्थानीय भाषा में दक्षता, कंप्यूटर का कामकाजी ज्ञान और योग्यता प्राप्त करने के बाद प्रासंगिक क्षेत्र में एक से दो वर्षों का अनुभव होना भी जरूरी है।
ऑफिस असिस्टेंट (मल्टीपर्पस) पद के लिए आवेदकों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 28 वर्ष तय की गई है। वहीं, ऑफिसर स्केल-I (असिस्टेंट मैनेजर) के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष, ऑफिसर स्केल-II (मैनेजर) के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 32 वर्ष और ऑफिसर स्केल-III (सीनियर मैनेजर) के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष तय की गई है। सभी पदों के लिए आयु की गणना 1 सितंबर के आधार पर की जाएगी और आरक्षित श्रेणी से आने वाले कैंडिडेट्स को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी।
योग्य अभ्यर्थियों का चयन ऑनलाइन परीक्षा (प्रारंभिक/मुख्य/एकल), परीक्षा-पूर्व प्रशिक्षण (पीईटी), इंटरव्यू और दस्तावेज सत्यापन के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद चयनित कैंडिडेट्स की सैलरी आईबीपीएस के वेतनमान नियमों के अनुसार प्रति माह होगी।
आवेदन पत्र भरते समय उम्मीदवारों को अपने वर्ग अनुसार निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा, जो सामान्य/ईडब्ल्यूएस/ओबीसी (एनसीएल) के लिए 850 रुपए और एससी/एसटी/पीडब्ल्यूबीडी/ईएसएम/डीईएसएम के लिए 175 रुपए तय किया गया है।
उम्मीदवारों को भर्ती, योग्यता, चयन प्रक्रिया, आदि से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए आईबीपीएस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर संबंधित पोस्ट के लिए जारी विस्तृत नोटिफिकेशन को चेक करने की सलाह दी जाती है।
राष्ट्रीय समाचार
‘विंग्स ओवर गंगा’ भारतीय वायुसेना के शौर्य और शक्ति का उत्सव : राजनाथ सिंह

वाराणसी में रविवार को गंगा की लहरों के ऊपर भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों की गर्जना गूंजी। नमो घाट पर आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ हवाई प्रदर्शन में वायुसेना के राफेल, सुखोई और तेजस जैसे लड़ाकू विमानों के हवाई करतब आकर्षण का केंद्र रहे।
भारतीय वायुसेना के विमानों और हेलीकॉप्टरों ने आसमान में अपनी उड़ान क्षमता, सटीक नियंत्रण और पायलटों के असाधारण कौशल का प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस आयोजन के पर मौजूद रहे व इस ऐतिहासिक क्षण के गवाह बने। भारतीय वायुसेना के 94 गौरवशाली वर्षों के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में गंगा के ऊपर विमानों की तेज उड़ान और रोमांचक हवाई करतबों ने आयोजन को खास बनाया। आसमान में विमानों की गर्जना और उनकी कलाबाजियों ने भारतीय वायुसेना की ताकत और पेशेवर दक्षता की झलक पेश की। इस प्रदर्शन के जरिए वायुसेना की तकनीकी क्षमता, सटीक उड़ान और हवाई अभियानों में उसके कौशल को सामने लाया गया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘विंग्स ओवर गंगा’ को भारतीय वायुसेना के शौर्य और शक्ति का उत्सव बताया। उन्होंने वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि काशी भारतीय वायुसेना के पराक्रम को देखने के लिए तैयार है। उन्होंने वाराणसी को सशक्त, आत्मनिर्भर और नए भारत की उभरती ताकत का प्रतीक भी बताया। गंगा के ऊपर आसमान में उड़ान भरते लड़ाकू विमानों की गर्जना ने हवाई प्रदर्शन को खास बना दिया। तेज रफ्तार से उड़ान भरना, हवा में दिशा बदलना और सटीक नियंत्रण के साथ अलग-अलग हवाई करतब दिखाना लड़ाकू विमानों की क्षमताओं को सामने लाता है। राफेल, सुखोई और स्वदेशी तेजस जैसे विमानों की मौजूदगी ने भारतीय वायुसेना की विविध लड़ाकू क्षमताओं की झलक पेश की। इन विमानों को उड़ाने वाले पायलटों के लिए बेहद सटीक नियंत्रण, समय का सही आकलन और परिस्थितियों के अनुसार तुरंत निर्णय लेना जरूरी होता है।
गौरतलब है कि हवाई प्रदर्शन केवल रोमांच और मनोरंजन तक सीमित नहीं है। ऐसे आयोजनों के जरिए वायुसेना अपनी उड़ान दक्षता, तकनीकी क्षमता और हवाई अभियानों के लिए जरूरी तालमेल को भी प्रदर्शित करती है। लड़ाकू विमानों की गति, उनके संचालन और हवा में सटीक गतिविधियों के पीछे पायलटों का कठोर प्रशिक्षण और तकनीकी तैयारी होती है। इस तरह के प्रदर्शन आम लोगों को भी यह समझने का अवसर देते हैं कि देश की हवाई सुरक्षा के लिए वायुसेना किस स्तर की तैयारी और कौशल के साथ काम करती है।
इस आयोजन में भारतीय वायुसेना के विमानों और हेलीकॉप्टरों ने अपनी उड़ान क्षमताओं का प्रदर्शन किया। गंगा के विस्तृत जलक्षेत्र के ऊपर हवाई करतबों ने कार्यक्रम को अलग पहचान दी। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाली काशी में इस तरह का आयोजन भारतीय वायुसेना की शक्ति को आम लोगों के करीब लाने का अवसर भी बना। कार्यक्रम के लिए वाराणसी में विशेष स्वागत तैयारियां भी की गईं। विभिन्न स्थानों पर स्वागत केंद्र बनाए गए, जहां पारंपरिक ढोल-नगाड़ों, डमरू की गूंज, शंखनाद और पुष्पवर्षा के साथ लोगों का स्वागत किया गया। इस तरह आयोजन में काशी की सांस्कृतिक विरासत और भारतीय वायुसेना के शौर्य का संगम देखने को मिला।
भारतीय वायुसेना का ध्येय वाक्य ‘नभः स्पृशं दीप्तम्’ है, जिसका अर्थ है ‘गर्व के साथ आकाश को छुओ’। वाराणसी में आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ ने इसी भावना को केंद्र में रखते हुए भारतीय वायुसेना की हवाई क्षमताओं और उसके पायलटों के कौशल को प्रदर्शित किया।
अपराध
तेलंगाना में मिठाई की दुकानों पर छापा, गंदगी और मिलावट का खुलासा

तेलंगाना में मिठाई बनाने और बेचने वाली दुकानों पर की गई स्पेशल ड्राइव में कई तरह की गड़बड़ियां सामने आई हैं। तेलंगाना स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी फॉर फूड एंड एसेंशियल ड्रग्स (टीजी सेफ) ने पूरे राज्य में यह अभियान चलाया।
‘टीजी सेफ’ के फूड सेफ्टी ऑफिसर्स ने 53 मिठाई बनाने और रिटेल यूनिट्स पर छापेमारी की। ‘टीजी सेफ’ ने रविवार को एक बयान में बताया कि शुक्रवार को हुई जांच के दौरान अधिकारियों ने कुछ दुकानों में कई खामियां पाईं।
जांच में फर्श टूटा हुआ मिला और वहां खाने का कचरा बिखरा पड़ा था। धुलाई वाली जगह गंदी थी, नालियां खाने के कचरे से जाम थीं। दीवारों पर गंदगी, धूल और खाने के कचरे के दाग लगे थे। कई जगह कीट नियंत्रण रिकॉर्ड, फूड हैंडलर्स के हेल्थ रिकॉर्ड जैसे जरूरी कागजात भी नहीं थे। फूड हैंडलर्स बिना हेयरनेट और दस्तानों के काम कर रहे थे। एग्जॉस्ट और चिमनियां चिकनाई से भरी थीं और स्टोरेज का तरीका भी गलत था, जैसे खाने का सामान जमीन पर रखा होना और खाने और गैर-खाने के सामान को एक साथ रखना।
अधिकारियों ने मिलावट के शक में 38 सैंपल लिए। जांच में मिली खामियों को सुधारने के लिए 20 दुकानों को सुधार नोटिस दिया जाएगा।
‘टीजी सेफ’ कमिश्नर ने कहा कि इन दुकानों का दोबारा निरीक्षण किया जाएगा ताकि यह देखा जा सके कि उन्होंने फूड सेफ्टी के नियमों का पालन किया है या नहीं। दोबारा जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और एक दुकान को जांच के दौरान मिली खामियों के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा और जुर्माना लगाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
यह स्पेशल ड्राइव मंचेरियल, जंगांव, सिद्दीपेट, खम्मम, नारायणपेट, जोगुलाम्बा गडवाल, वनपर्थी, नलगोंडा, सूर्यापेट, पेद्दापल्ली, कामारेड्डी, नागरकुरनूल, निर्मल, निजामाबाद, हनुमाकोंडा, मेडक, वारंगल, राजन्ना सिरसिला, जगतियाल, महबूबनगर और कोठागुडेम जैसे जिलों में चलाई गई।
इससे पहले पिछले हफ्ते हैदराबाद में ‘टीजी सेफ’ की छापेमारी के बाद तीन मिठाई की दुकानों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए थे। अधिकारियों ने जांच के दौरान साफ-सफाई में कमी और फूड सेफ्टी से जुड़ी दूसरी गड़बड़ियां पाईं और जनहित में तीन दुकानों को तुरंत कारोबार बंद करने का निर्देश दिया।
छापेमारी में मकड़ी के जाले, चिकनाई से भरे एग्जॉस्ट, गलत स्टोरेज और फूड हैंडलर्स की खराब व्यक्तिगत सफाई मिली, जिनमें से कुछ के नाखून बढ़े हुए थे। अधिकारियों ने खाने के सामान में कीड़े, कॉकरोच और अचार में फंगल संदूषण की भी सूचना दी।
ये तीन दुकानें उन 21 खोवा और मिठाई बनाने और बेचने वाली इकाइयों में से थीं, जिनकी 11 प्रवर्तन टीमों ने जांच की थी, जिसमें फूड सेफ्टी ऑफिसर और पुलिस कर्मी शामिल थे।
पूरी जांच के दौरान अधिकारियों ने मिलावट के शक में 21 सैंपल लिए और 7,75,850 रुपए मूल्य के 1,035 किलो खाद्य पदार्थ जब्त किए।
राजनीति
तेलंगाना में सूखे और अल नीनो के असर पर सर्वदलीय बैठक, 28 अक्टूबर को होगा मंथन

तेलंगाना सरकार ने राज्य में कम बारिश और अल नीनो के प्रभाव से पैदा हुए सूखे के खतरे पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने का फैसला किया है।
यह बैठक 28 अक्टूबर को होगी। बैठक की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क करेंगे। बैठक दोपहर 2:30 बजे हैदराबाद में डॉ. बीआर अंबेडकर तेलंगाना राज्य सचिवालय की छठी मंजिल पर कमरा नंबर 33 में होगी।
इस बैठक में मुख्य रूप से मौजूदा बारिश की कमी, सूखे की स्थिति की गंभीरता और उसके असर को कम करने के उपायों पर फोकस किया जाएगा। सरकार विपक्षी नेताओं से कई अहम मुद्दों पर सुझाव और सिफारिशें मांगेगी। इनमें पीने के पानी की कमी को रोकना, जल संसाधनों का संरक्षण, खेती के लिए पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना और किसानों की मदद के लिए वैकल्पिक फसल योजनाएं तैयार करना शामिल है।
सरकार का लक्ष्य सभी राजनीतिक दलों के साथ समन्वित प्रयासों और रचनात्मक परामर्श के जरिए उभरती सूखे की स्थिति से निपटना है।
इस सर्वदलीय बैठक के जरिए सरकार सभी राजनीतिक दलों से राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सूखे के खतरे से निपटने और किसानों व आम जनता के हितों की रक्षा करने में सहयोग करने का आह्वान करेगी।
बता दें कि राज्य में इस बार बारिश सामान्य से कम हुई है, जिससे कई जिलों में सूखे जैसे हालात बन गए हैं। अल नीनो के असर से स्थिति और गंभीर होने की आशंका है। ऐसे में सरकार नहीं चाहती कि लोगों को पीने के पानी या किसानों को खेती के लिए परेशानी हो।
इसी को देखते हुए सरकार ने सभी दलों को एक मंच पर लाने का फैसला किया है ताकि एक साझा रणनीति बनाई जा सके। सरकार का मानना है कि इस तरह की चुनौती से निपटने के लिए सबका साथ जरूरी है।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति2 years agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
बॉलीवुड4 weeks agoटीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल2 years agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
