Connect with us
Friday,21-August-2026
ताज़ा खबर

मनोरंजन

6 साल बाद फिर चर्चा में आया ‘क्लास ऑफ 83’ का किरदार, अनूप सोनी बोले- ‘सबसे दिलचस्प भूमिकाओं में से एक’

Published

on

अभिनेता और टीवी होस्ट अनूप सोनी ने अपनी क्राइम थ्रिलर फिल्म ‘क्लास ऑफ 83’ के छह साल पूरे होने पर फिल्म से जुड़ी यादें ताजा की हैं। उन्होंने इस फिल्म में निभाए किरदार को अपने करियर के सबसे दिलचस्प रोल्स में से एक बताया। अनूप ने सोशल मीडिया पर फिल्म से जुड़ी कुछ तस्वीरें शेयर कीं और बताया कि इस फिल्म में काम करना उनके लिए क्यों यादगार रहा। इस दौरान उन्होंने निर्देशक अतुल सभरवाल का भी शुक्रिया अदा किया।

अनूप सोनी ने इंस्टाग्राम पर फिल्म की कुछ तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, ”’क्लास ऑफ 83′ को छह साल पूरे हो गए हैं। फिल्म में निभाया गया किरदार मेरे करियर का सबसे दिलचस्प रोल है। इस किरदार को निभाने के दौरान मुझे एक ही व्यक्ति की जिंदगी के अलग-अलग दौर को दिखाने का मौका मिला, जिसके चलते यह किरदार मेरे लिए बाकी किरदारों से थोड़ा अलग और खास बन गया।”

अनूप ने कहा, ”फिल्म में मुझे एक राजनेता का किरदार निभाना था, जिसकी जिंदगी करीब 20 साल के अलग-अलग समय में दिखाई गई। मेरे के लिए यह समझना जरूरी था कि समय के साथ उस व्यक्ति का व्यक्तित्व और उसका अंदाज किस तरह बदलता है। फिल्म ने मुझे एक राजनेता को कई पहुलओं से निभाने का मौका दिया। मैंने इस पूरी प्रक्रिया को काफी एन्जॉय लिया।”

उन्होंने आगे बताया, ”मैंने अपने किरदार के लुक और उसके अलग-अलग पड़ावों को तैयार करने में काफी मेहनत की। एक ही व्यक्ति को अलग उम्र और अलग परिस्थितियों में दिखाना मेरे लिए अभिनय के तरीके से काफी दिलचस्प अनुभव था।”

अनूप ने फिल्म के सेट से अपनी कुछ तस्वीरें भी साझा कीं, जिनमें वह अपने किरदार में नजर आए। एक तस्वीर में वह अभिनेता बॉबी देओल के साथ भी दिखाई दिए।

इस फिल्म के अनुभव को याद करते हुए अनूप सोनी ने निर्देशक अतुल सभरवाल का खास तौर पर शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, ”अतुल सभरवाल के निर्देशन और पूरी टीम की वजह से यह प्रोजेक्ट मेरे लिए यादगार बन पाया। मैं फिल्म से जुड़े सभी लोगों को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मेरा इतना सहयोग किया। इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना मेरे लिए एक यादगार अनुभव रहा।”

‘क्लास ऑफ 83’ में अनूप सोनी ने मुख्यमंत्री मनोहर पाटकर का किरदार निभाया था। वहीं बॉबी देओल फिल्म में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विजय सिंह की भूमिका में नजर आए थे। फिल्म की कहानी पुलिस और अपराध की दुनिया के इर्द-गिर्द घूमती है और इसमें कई ऐसे किरदार दिखाए गए हैं, जिनकी अपनी अलग कहानी है। गीतिका त्यागी ने बॉबी देओल के किरदार की पत्नी सुधा सिंह की भूमिका निभाई थी, जबकि भूपेंद्र जदावत प्रमोद शुक्ला के किरदार में नजर आए थे।

‘क्लास ऑफ 83’ का निर्देशन अतुल सभरवाल ने किया था और इसे रेड चिलीज एंटरटेनमेंट ने बनाया था। फिल्म 21 अगस्त 2020 को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी।

मनोरंजन

जबरदस्ती के एजेंट्स लेकर आए कुणाल खेमू, ‘वाइब’ का टीजर रिलीज

Published

on

अभिनेता कुणाल खेमू फिल्म ‘वाइब’ के जरिए एक बार फिर दर्शकों को हंसी से लोट-पोट करने के लिए आ रहे हैं। मेकर्स ने शुक्रवार को फिल्म का टीजर रिलीज कर दिया है।

मेकर्स ने इंस्टाग्राम पर टीजर रिलीज कर दिया है। टीजर रिलीज कर उन्होंने लिखा, “जबरदस्त एजेंट्स तो देखे होंगे, अब जबरदस्ती के एजेंट्स देखो। फिल्म का टीजर रिलीज कर दिया गया है।”

टीजर की जानकारी मिलते ही कुणाल के इंडस्ट्री के दोस्तों ने तुरंत कमेंट सेक्शन पर प्रतिक्रिया दी। अभिनेता राज अंदकत और अंशुमन पुष्कर ने फिल्म रिलीज को लेकर अपनी उत्सुकता जाहिर की।

इस मल्टीस्टारर फिल्म में स्पाई वर्ल्ड को एक मजाकिया अंदाज में दर्शकों को दिखाया जाएगा।

1 मिनट 20 सेकंड के टीजर में दिखाया गया है कि कुणाल खेमू और स्पर्श श्रीवास्तव आपस में दोस्त है, जो अनजाने में एक बड़े खतरे के बीच फंसकर एक्सीडेंटल हीरोज बन जाते हैं। फिल्म में प्रीति जिंटा खुफिया एजेंसी की अधिकारी की भूमिका में नजर आ रही हैं।

टीजर की शुरुआत प्रीति जिंटा की एंट्री से होती है, जिसमें वे एक मिशन को नियंत्रित करती हैं। उन्हें देश में होने वाले एक आतंकी हमले की जानकारी मिलती है, जिसके प्रीति कुणाल और स्पर्श को मिशन पर भेजती हैं, जिनमें जिम्मेदारी उठाने लायक कोई साहस नहीं है। यहीं से कहानी हंसी, अराजकता और मजेदार कॉमेडी को जन्म देती है।

टीजर में आगे दिखाया जाता है कि कुणाल खेमू और बग्स को एजेंट बनाने की ट्रेनिंग दी जाती है। टीजर में स्पर्श एक गंभीर लड़के कि भूमिका में नजर आ रहे हैं, तो कुणाल एक लापरवाह रोल में नजर आ रहे।

कुणाल खेमू द्वारा निर्देशित और लिखित फिल्म में कुणाल मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। इस फिल्म में उनके अलावा, प्रीति जिंटा, स्पर्श श्रीवास्तव और वंशिका धीर भी नजर आएंगी। ‘वाइब’ का निर्माण कुणाल खेमू और चिराग निहलानी ने ड्रोंगो फिल्म्स के बैनर तले किया है। फिल्म 18 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

Continue Reading

मनोरंजन

दिल्ली की सामान्य लड़की से बॉलीवुड-साउथ की स्टार बनीं भूमि चावला, संघर्ष से मिली पहचान

Published

on

सिनेमा की दुनिया में अपने चेहरे की संजीदगी और मासूमियत भरी मुस्कान के साथ अभिनेत्री भूमि चावला ने पहली फिल्म के साथ हिंदी सिनेमा में धमाल मचा दिया था। फिल्म ‘तेरे नाम’ में उनके अभिनय ने दर्शकों के दिलों में गहरा छाप छोड़ा था।

अभिनेत्री ने हिंदी से लेकर साउथ सिनेमा तक बड़े-बड़े स्टार्स के साथ काम करके अपनी अलग पहचान बनाई है। अभिनेत्री ने अभिनय की दुनिया में कदम रखने से पहले ही घर-घर में नाम बना चुकी थी। दरअसल, अभिनेत्री ने मॉडलिंग के दिनों में फेयर क्रीम में विज्ञापन के तौर पर काम किया था, जिसके बाद वे घर-घर में मशहूर हो गई थीं और यही विज्ञापन उनके करियर का टर्निंग पॉइंट बना था।

21 अगस्त 1978 को दिल्ली के एक पंजाबी परिवार में जन्मी अभिनेत्री भूमि चावला सामान्य परिवार से ताल्लुक रखती थीं। उनके पिता कर्नल अहंकार चावला भारतीय सेना में अधिकारी थे और उनकी माता का नाम बाली है। उनके परिवार में एक भाई और बहन भी हैं।

उनकी शुरुआती स्कूली शिक्षा दिल्ली में हुई और उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी की। कॉलेज लाइफ में अभिनेत्री को काफी कॉम्प्लीमेंट्स मिलते थे। इन सब से प्रभावित हो कर उन्होंने एक्टिंग और मॉडलिंग की दुनिया में किस्मत आजमाने का मन बनाया था। पढ़ाई पूरी करने के बाद भूमिका ने मुंबई का रुख किया जिसके बाद उन्हें कमर्शियल फिल्म्स और म्यूजिक वीडियो एल्बम्स के ऑफर मिलने लगे।

इसी दौरान भूमिका को जी टीवी पर प्रसारित टीवी सीरियल हिप हिप हुर्रे में काम मिल गया था। सीरियल हिप हिप हुर्रे ने भूमिका को उस वक्त का एक चर्चित चेहरा बना दिया था। इसके अलावा, भूमि चावला ने कई म्यूजिक वीडियोज में भी काम किया था।

उन्होंने साल 2000 में तेलुगु फिल्म ‘युवकुडु’ से अपने अभिनय सफर की शुरुआत की। वर्ष 2001 में आई तेलुगु फिल्म ‘कुशी’ उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई, जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। इसके बाद उन्होंने ‘ओक्काडु’ और ‘सिम्हाद्रि’ जैसी कई सफल दक्षिण भारतीय फिल्में दीं।

साल 2003 में उन्होंने निर्देशक सतीश कौशिक की फिल्म ‘तेरे नाम’ में सलमान खान के साथ मुख्य भूमिका निभाई। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर रही और उन्हें रातों-रात बॉलीवुड में बड़ी पहचान मिली। इस फिल्म में दर्शकों को भूमि चावला और सलमान खान की जोड़ी काफी पसंद आई थी।

इसके बाद उन्होंने ‘रन’, ‘दिल ने जो भी कहा’, ‘गांधी माई फादर’ और बाद में एमएस धोनी की बायोपिक (‘एम एस धोनी – द अनटोल्ड स्टोरी’) जैसी फिल्मों में भी काम किया। अभिनेत्री हाल ही में फिल्म ‘यूफोरिया’ में नजर आई थी। इस फिल्म में उन्होंने एक ऐसी मां का दमदार किरदार निभाया था, जो अपने बेटे के कुकर्मों से बचाने के बजाय उसे सजा दिलाती है।

दरअसल, अभिनेत्री ने फिल्म में एक सम्मानित और प्रमुख स्कूल की प्रिंसिपल के रूप में नजर आती हैं। उनकी दुनिया तब बिखर जाती है जब उन्हें पता चलता है कि एक क्रूर यौन उत्पीड़न मामले में उनका अपना बेटा विकास मुख्य आरोपी है। अपने बेटे को बचाने के बजाय, वह एक मां के रूप में अपनी नैतिक जवाबदेही और सामाजिक जिम्मेदारी का सामना करती हैं।

Continue Reading

मनोरंजन

कभी ‘बेबी नाज’ बनकर जीता था दिल, फिर बनीं श्रीदेवी की आवाज, ऐसा था कुमारी नाज का सफर

Published

on

हिंदी सिनेमा में कुछ कलाकार ऐसे रहे हैं, जिन्होंने पर्दे पर जितना काम किया, उससे कहीं ज्यादा अपनी प्रतिभा से लोगों के दिल में जगह बनाई। कुमारी नाज भी ऐसी ही कलाकार थीं। बचपन में उन्हें ‘बेबी नाज’ के नाम से पहचान मिली और उनकी मासूम अदाकारी ने दर्शकों को अपना दीवाना बना दिया। आगे चलकर उन्होंने फिल्मों में बड़े किरदार किए, भोजपुरी सिनेमा में भी पहचान बनाई और जब अभिनय के मौके कम होने लगे तो उन्होंने अपनी आवाज को ही अपना हुनर बना लिया। इसी दौर में वह श्रीदेवी की शुरुआती हिंदी फिल्मों की आवाज बनीं।

कुमारी नाज का असली नाम सलमा बेग था। उनका जन्म 20 अगस्त 1944 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता मिर्जा दाऊद बेग लेखक थे, लेकिन परिवार की आर्थिक हालत अच्छी नहीं थी। इसी वजह से नाज को बहुत छोटी उम्र में ही काम करना पड़ा। उन्होंने करीब चार साल की उम्र से काम शुरू कर दिया था। जिस उम्र में बच्चे खेलते और पढ़ते है, उस उम्र में नाज का समय कैमरे और शूटिंग के बीच बीतता था।

बाल कलाकार के रूप में नाज ने कई फिल्मों में काम किया, लेकिन साल 1954 में आई ‘बूट पॉलिश’ ने उनकी किस्मत बदल दी। फिल्म में उन्होंने बेलू नाम की बच्ची का किरदार निभाया था। उनका अभिनय इतना असरदार था कि इस फिल्म ने उन्हें देश के साथ-साथ विदेश में भी पहचान दिलाई। ‘बूट पॉलिश’ को 1955 के कान फिल्म फेस्टिवल में प्रतियोगिता के लिए चुना गया था। कुमारी नाज को उनके अभिनय के लिए विशेष सम्मान भी मिला।

‘बूट पॉलिश’ के बाद बेबी नाज उस दौर की चर्चित बाल कलाकारों में शामिल हो गईं। उन्होंने ‘देवदास’, ‘मुसाफिर’, ‘लाजवंती’, ‘दो फूल’ और ‘कागज के फूल’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। जैसे-जैसे उनकी उम्र बढ़ी, उन्होंने बड़े किरदार निभाने शुरू किए और धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बनाई।

बड़े होने के बाद हिंदी फिल्मों में उन्हें कई सहायक भूमिकाएं मिलीं। साल 1970 की ‘सच्चा झूठा’ में उन्होंने राजेश खन्ना की बहन का किरदार निभाया। इसके अलावा, वह ‘बहू बेगम’, ‘कटी पतंग’ और ‘हाथी मेरे साथी’ जैसी फिल्मों में भी नजर आईं। लेकिन उनके करियर की एक मुश्किल यह रही कि दर्शकों के मन में बनी ‘बेबी नाज’ की छवि से बाहर निकलना उनके लिए आसान नहीं था।

इसी बीच उन्होंने भोजपुरी सिनेमा का रुख किया। साल 1963 में आई ‘बिदेसिया’ से उन्हें भोजपुरी फिल्मों में भी बड़ी पहचान मिली। इसके बाद ‘सैंया से नेहा लगाइबे’ और ‘अईल बसंत बहार’ जैसी फिल्मों में उन्होंने मुख्य भूमिकाएं निभाईं। इस दौर में वह भोजपुरी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में गिनी जाने लगीं।

लेकिन कुमारी नाज के करियर का सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया, जब फिल्मों में अभिनय के मौके धीरे-धीरे कम होने लगे। उन्होंने डबिंग आर्टिस्ट के तौर पर काम शुरू किया। इसी दौरान उनकी आवाज श्रीदेवी से जुड़ी। श्रीदेवी जब हिंदी फिल्मों में अपनी पहचान बना रही थीं, उस समय कुमारी नाज ने उनकी शुरुआती हिंदी फिल्मों के लिए आवाज दी। कई रिपोर्ट्स में खास तौर पर ‘हिम्मतवाला’, ‘मवाली’ और ‘तोहफा’ का जिक्र है। पर्दे पर श्रीदेवी नजर आती थीं, लेकिन उनकी आवाज के पीछे कुमारी नाज की मेहनत होती थी।

निजी जिंदगी में कुमारी नाज ने अभिनेता सुबीराज से शादी की। दोनों ने साथ में काम भी किया था। उनके रिश्ते की शुरुआत फिल्म ‘देखा प्यार तुम्हारा’ के दौरान हुई थी। बाद में दोनों ने शादी कर ली और उनके दो बच्चे हुए। सुबीराज कपूर परिवार से जुड़े थे।

कुमारी नाज का निधन 19 अक्टूबर 1995 को 51 साल की उम्र में हुआ। उनके निधन की वजह गंभीर लिवर की बीमारी बताई जाती है।

Continue Reading
Advertisement
राष्ट्रीय समाचार23 minutes ago

7,756 मीटर ऊंची माउंट कामेट फतह करेंगे भारत-अर्जेंटीना के 35 जवान

राष्ट्रीय समाचार1 hour ago

कर्नाटक : विधान परिषद में सत्तापक्ष का विपक्ष पर कार्यवाही बाधित करने का आरोप, कार्रवाई की मांग

राष्ट्रीय समाचार1 hour ago

एथेनॉल उत्पादन से चीनी कीमतों में बढ़ोतरी को केंद्र ने किया खारिज, कहा- मक्के का हो रहा उपयोग

राष्ट्रीय समाचार2 hours ago

भारतीय शेयर बाजार सपाट बंद, मेटल और बैंकिंग स्टॉक्स में हुई खरीदारी

अंतरराष्ट्रीय समाचार2 hours ago

दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान ने प्योंगयांग के मिसाइल प्रक्षेपण पर की चर्चा

मनोरंजन3 hours ago

6 साल बाद फिर चर्चा में आया ‘क्लास ऑफ 83’ का किरदार, अनूप सोनी बोले- ‘सबसे दिलचस्प भूमिकाओं में से एक’

खेल4 hours ago

लॉजेन डायमंड लीग: नीरज चोपड़ा को श्रीलंका के रुमेश पाथिरगे से फिर मिलेगी चुनौती

राष्ट्रीय समाचार4 hours ago

कोलकाता होटल अग्निकांड के बाद एक्शन, मिर्जा गालिब स्ट्रीट के 17 और होटलों को नोटिस

मनोरंजन4 hours ago

जबरदस्ती के एजेंट्स लेकर आए कुणाल खेमू, ‘वाइब’ का टीजर रिलीज

राष्ट्रीय समाचार5 hours ago

वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत का बड़ा फैसला, अपनी ऑयल रिफाइनिंग क्षमता को 300 एमएमटीपीए तक बढ़ाएगा

अपराध3 weeks ago

मुंबई में आतंक! जुल्फिकार गैंग पर बिल्डर से हफ्ता मांगने और उसकी हत्या करने का आरोप, मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 12 गुंडे गिरफ्तार

मनोरंजन3 weeks ago

जाह्नवी कपूर ने शिखर पहाड़िया और परिवार के साथ बिताए गए खास पलों की तस्वीरें शेयर कीं

महाराष्ट्र2 weeks ago

महाराष्ट्र में मछली पकड़ने पर 15 अगस्त तक पाबंदी, मंत्री नितेश राणे ने गोवा से मांगा सहयोग

व्यापार4 weeks ago

सोना इस हफ्ते 2 हजार रुपए से अधिक महंगा हुआ , चांदी 2.2 लाख के पार

महाराष्ट्र3 weeks ago

मुंबई: 8 साल के बच्चे के माता-पिता को टी-शर्ट से मिला सुराग, जोगेश्वरी से लापता बच्चा सुरक्षित माता-पिता को सौंपा गया, मुंबई पुलिस की बड़ी कामयाबी

राजनीति4 weeks ago

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र, पैलेट गन के इस्तेमाल पर मांगा जवाब

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

ओडिशा पुलिस की बड़ी सफलता, 6 महीने में 17,590 गुमशुदा महिलाएं और बच्चे खोजे गए

व्यापार2 weeks ago

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का पहली तिमाही में घाटा बढ़ा, 249 करोड़ रुपए का हुआ नुकसान

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

भारत का लक्ष्य 2030 तक 10,000 जीआई पंजीकरण और एफटीए के लिए वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाना

राजनीति2 weeks ago

केजरीवाल के कार्यकाल में सरकार को भारी जीएसटी नुकसान, रिश्वत-वसूली के लिए नहीं की गई कार्रवाई: प्रवेश वर्मा

रुझान