Connect with us
Tuesday,11-August-2026
ताज़ा खबर

राजनीति

लोकसभा और राज्यसभा में फिर हंगामा, दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित

Published

on

राज्यसभा और लोकसभा में मंगलवार को एक बार फिर हंगामा व नारेबाजी हुई। संसद में जारी गतिरोध और हंगामे के कारण राज्यसभा व लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर बाद ही स्थगित करनी पड़ी।

लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई, वहीं राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। कार्यवाही स्थगित किए जाने से पहले, राज्यसभा में हंगामे के बीच नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बोलने के लिए सदन में खड़े हुए। हालांकि राज्यसभा में जारी हंगामे के कारण वह अपनी बात नहीं रख सके।

दरअसल राज्यसभा में सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर तक शांति बनी रही। इस दौरान संसद की विभिन्न समितियों से जुड़ी कई रिपोर्टों व पेपर सदन में रखे गए। कई सदस्यों ने यहां अपनी अपनी समितियों से जुड़ी रिपोर्ट व पेपर सदन में प्रस्तुत किए। इस कार्यवाही के बाद राज्यसभा में शून्यकाल की कार्यवाही शुरू की जानी थी। लेकिन तभी विपक्षी सांसदों ने जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।

विपक्ष के कई सांसद दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस बल के उपयोग का मुद्दा सदन में उठाना चाहते है। वहीं कई सांसद राम मंदिर चढ़ावे का मुद्दा उठा रहे हैं। इसको लेकर सदन में लगातार हंगामा व नारेबाजी होती रही। राज्यसभा व लोकसभा दोनों ही सदनों में मंगलवार को यह हंगामा जारी रहा।

लोकसभा में सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही प्रारंभ होने के साथ ही सदन में हंगामा शुरू हो गया। लोकसभा में विपक्षी सांसदों की नारेबाजी को देखते हुए कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर बाद ही सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

वहीं राज्यसभा में भारी हंगामे व नारेबाजी के बीच कुछ देर के लिए सदन की कार्यवाही संचालित की गई। लेकिन कुछ ही देर बाद कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया।

गौरतलब है कि संसद में लगातार हंगामा व गतिरोध बना हुआ है जिससे विधायी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। दोनों सदनों में विशेष उल्लेख शून्यकाल व प्रश्न काल जैसी महत्वपूर्ण कार्यवाही प्रभावित हुई हैं। मानसून सत्र के दौरान लगातार यह स्थिति बनी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

यूक्रेन पर रूसी मिसाइल हमलों में 6 लोगों की मौत, जेलेंस्की ने की कड़े प्रतिबंधों की मांग

Published

on

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूसी हमलों की न‍िंदा करते हुए आरोप लगाया क‍ि रूस जानबूझकर नागर‍िक ढांचे को नुकसान पहुंचाने की अध‍िकतम कोश‍िश कर रहा है। सोमवार रात रूस के मिसाइल हमलों में छह लोगों की मौत हो गई और 19 लोग घायल हुए हैं।

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ”जापोरिज्जिया में रूसी हमले के बाद से रात भर राहत और बचाव कार्य जारी हैं। शहर पर उत्तर कोरियाई बैलिस्टिक मिसाइलों, ‘ज‍िरकॉन’ मिसाइलों और ग्लाइड बमों से हमला किया गया। यह एक बेहद गंभीर हमला था, जिसे नागरिक ढांचे को अधिकतम नुकसान पहुंचाने के इरादे से अंजाम दिया गया।”

जेलेंस्की ने बताया क‍ि इस हमले में शहर में छह लोगों की मौत हुई है और 19 लोग घायल हुए हैं। मैं पीड़ित परिवारों और उनके करीबियों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। बचावकर्मी अभीी हमले वाली एक जगह पर लगी आग बुझाने में जुटे हुए हैं।

यूक्रेनी राष्‍ट्रपत‍ि ने बताया क‍ि कीव में मिसाइल हमले से एक संक्रामक रोग अस्पताल की इमारत और एक औद्योगिक इकाई को नुकसान पहुंचा है। वहीं, अग्रिम मोर्चे के करीब रहने वाले समुदायों पर ड्रोन हमलों का सिलसिला रोज जारी है।

उन्‍होंने बताया क‍ि खेरसोन और खार्किव में रात के दौरान बिजली सब-स्टेशनों पर हमले हुए, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। सभी संबंधित सेवाएं परिवारों तक दोबारा बिजली पहुंचाने के लिए काम कर रही हैं।

इसके अलावा डोनेट्स्क, द्नीप्रोपेत्रोव्स्क और मिकोलाइव क्षेत्रों पर भी हमले किए गए। मिसाइलों के साथ-साथ पूरे यूक्रेन में 120 से ज्यादा ड्रोन इस्तेमाल किए गए, जिनमें अधिकांश जेट इंजन वाले ‘शाहेद’ ड्रोन थे।

जेलेंस्की ने कहा क‍ि रूस के हर कदम, चाहे वह बैलिस्टिक मिसाइलों का उत्पादन बढ़ाना हो, उत्तर कोरियाई हथियारों का इस्तेमाल करना हो या नई सैन्य लामबंदी की तैयारी करना हो, यह साफ दिखाता है कि मॉस्को शांति की दिशा में नहीं बल्कि संघर्ष को और बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।

उन्‍होंने कहा क‍ि दुनिया को इसका जवाब अभी देना होगा, इंतजार नहीं करना चाहिए। रूस के युद्ध प्रयासों को समर्थन देने वाले उद्योगों और संस्थानों पर और अधिक प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए। साथ ही यूक्रेन को वायु रक्षा (एयर डिफेंस) के क्षेत्र में और मदद की जरूरत है। शांति के लिए अवसर बनाने के लिए ये सभी कदम जरूरी हैं। मदद करने वाले सभी देशों और लोगों का धन्यवाद।

यूक्रेन की फर्स्ट लेडी ओलेना जेलेंस्का ने रूसी हमलों की न‍िंदा करते हुए जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्‍यक्‍त की।

ओलेना जेलेंस्का ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट पर ल‍िखा, ”रूस लगातार यूक्रेनियों की जान ले रहा है। बीती रात दुश्मन ने कीव, कीव क्षेत्र, जापोरिज्जिया क्षेत्र, निप्रॉपेट्रोव्स्क क्षेत्र, खार्किव क्षेत्र और कई अन्य इलाकों पर गोलाबारी की। मैं सभी पीड़ितों और जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं।”

उन्‍होंने कहा क‍ि हम दुनिया को इस स्थिति का आदी नहीं होने दे सकते। यूक्रेनियों की मौतों, तबाह हुए घरों और हर नए हमले की खबर को सामान्य बात नहीं माना जाना चाहिए। ये वो लोग हैं, जिनसे रूस हर दिन उनके घर, उनके अपनों और उनकी ज‍िंदगी छीन रहा है।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

तमिलनाडु विधानसभा ने ‘नीट’ को खत्म करने का प्रस्ताव पास किया, भाजपा ने किया वॉकआउट

Published

on

तमिलनाडु विधानसभा ने मंगलवार को एक प्रस्ताव पास किया, जिसमें केंद्र सरकार से अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए ‘नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट’ को खत्म करने की मांग की गई। इस प्रस्ताव के जरिए राज्य ने इस सेंट्रलाइज्ड एंट्रेंस एग्जाम के प्रति अपने लंबे समय से चले आ रहे विरोध को फिर से दोहराया।

इस दौरान सदन में तीखी बहस देखने को मिली और भाजपा विधायक एम. भोजराजन ने प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए वोटिंग से ठीक पहले सदन से वॉकआउट कर दिया।

राज्य के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और परिवार कल्याण मंत्री केजी अरुणराज ने सदन के पटल पर नीट विरोधी प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह मेडिकल प्रवेश की इस केंद्रीकृत व्यवस्था को तुरंत समाप्त करे। सरकार ने अपने प्रस्ताव में नीट को खत्म करने के मुख्य कारण गिनाए, जिनमें परीक्षा के आयोजन में सामने आई कथित अनियमितताएं, महंगी कोचिंग सेंटरों का तेजी से बढ़ता कारोबार और सबसे दुखद, छात्रों द्वारा की जा रही आत्महत्याएं शामिल थीं।

मंत्री अरुणराज ने मांग की है कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम 2019, राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा प्रणाली आयोग अधिनियम 2020 और राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग अधिनियम 2020 सहित अन्य प्रासंगिक केंद्रीय कानूनों में जरूरी संशोधन करे। सरकार की स्पष्ट मांग है कि पुरानी व्यवस्था को बहाल किया जाए, ताकि तमिलनाडु फिर से कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा के अंकों के आधार पर छात्रों को मेडिकल कोर्सेज में प्रवेश दे सके।

प्रस्ताव में इस बात का जिक्र किया गया है कि नीट परीक्षा सामाजिक न्याय और समानता के मूल सिद्धांतों के बिल्कुल खिलाफ है और यह मेडिकल शिक्षा के मामलों में राज्यों के अधिकारों को भी प्रभावित करती है। तर्क दिया गया कि यह परीक्षा ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के छात्रों पर असमान रूप से बुरा असर डाल रही है। विशेषकर उन छात्रों पर जिन्होंने तमिल माध्यम से पढ़ाई की है और जिनके पास महंगी प्राइवेट कोचिंग लेने के साधन नहीं हैं। राज्य सरकार ने आरोप लगाया कि इस प्रणाली ने छात्रों का ध्यान नियमित स्कूली पाठ्यक्रम से हटाकर केवल एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी तक सीमित कर दिया है, जिससे कोचिंग सेंटरों को भारी फीस वसूलने का मौका मिल रहा है।

बता दें कि तमिलनाडु पहले भी नीट से छूट पाने की कोशिश कर चुका है। वर्ष 2021 में जब डीएमके सत्ता में आई थी, तब भी विधानसभा ने एक विधेयक पारित किया था। हालांकि, उस विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए सुरक्षित रख लिया गया था और उसे राष्ट्रपति की स्वीकृति नहीं मिल सकी थी। अब इस नए प्रस्ताव के जरिए राज्य ने अपनी मांग फिर से दोहराई है।

सदन में दूसरा विशेष प्रस्ताव एफसीआरए 2026 कानून से जुड़ा था। मंत्री राजमोहन ने इस प्रस्ताव को लेकर कहा, “विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) साल 2010 से ही लागू है। इस कानून का मुख्य उद्देश्य भारत में आने वाले विदेशी फंड को रेगुलेट करना है ताकि हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और संप्रभुता पर कोई प्रभाव न पड़े।”

उन्होंने सदन को जानकारी दी कि केंद्र ने संसद में एफसीआरए 2026 संशोधन विधेयक पेश किया है। इसी सिलसिले में बीते कल ही अल्पसंख्यक समुदायों के नेताओं ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। नेताओं ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया था कि वे केंद्र पर इस संशोधन बिल को वापस लेने का दबाव बनाएं, क्योंकि इसका असर शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और अन्य संगठनों पर पड़ सकता है।

मंत्री राजमोहन ने स्पष्ट किया कि तमिलनाडु सरकार को इन संशोधनों के जरिए केंद्र सरकार को मिलने वाली अतिरिक्त शक्तियों पर सख्त आपत्ति है। राज्य सरकार यह मानती है कि विदेशी चंदे का विनियमन होना चाहिए, लेकिन यह संविधान और कानून के दायरे में होना चाहिए। प्रस्ताव में कहा गया है कि एफसीआरए से जुड़ा कोई भी नया ढांचा ऐसा होना चाहिए जो न्याय, वैध संपत्तियों की सुरक्षा और सबसे बढ़कर संघवाद के सिद्धांतों का मजबूती से सम्मान करे। इसलिए, तमिलनाडु विधानसभा सर्वसम्मति से केंद्र सरकार से इस संशोधन विधेयक को वापस लेने का आग्रह करती है।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कीमती धातुओं ने पकड़ी रफ्तार, सोने-चांदी में 2 प्रतिशत से ज्यादा तक की बढ़ोतरी

Published

on

GOLD

अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते तनाव के बीच हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को घरेलू कमोडिटी मार्केट में कीमती धातुओं की कीमतों (सोने-चांदी) में तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबारी में पीले धातु (सोने) की कीमतों में 1.5 प्रतिशत यानी 2,000 रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि चांदी की कीमतों में 2 प्रतिशत से ज्यादा यानी 5,000 रुपए से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई।

मंगलवार को अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना अपने पिछले बंद 1,53,099 रुपए से 1.04 प्रतिशत यानी 1,600 रुपए की बढ़त के साथ 1,54,699 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला। वहीं सत्र के दौरान इसने 2,338 रुपए यानी 1.52 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,55,437 रुपए का इंट्रा-डे हाई टच किया।

हालांकि खबर लिखे जाने तक पीली धातु 895 रुपए यानी 0.58 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,53,994 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करते हुए नजर आई।

वहीं, सितंबर डिलीवरी वाली चांदी अपने पिछले बंद 2,36,867 रुपए से 3,132 रुपए यानी 1.32 प्रतिशत की उछाल के साथ 2,39,999 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुली और दिन के दौरान इसने 5,132 रुपए यानी 2.16 प्रतिशत का उच्चतम स्तर छुआ।

हालांकि खबर लिखे जाने तक यह सफेद धातु 371 रुपए यानी 0.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,36,496 रुपए प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती नजर आई।

दरअसल, सोने और चांदी की कीमतों पर वैश्विक व्यापक आर्थिक बदलावों, भू-राजनीतिक जोखिमों और घरेलू मांग में परिवर्तन का गहरा प्रभाव पड़ रहा है।

अमेरिका की उदार मौद्रिक नीति की उम्मीदें बढ़ने से सोने की कीमतों में नई मजबूती आई है, वहीं डॉलर के कमजोर होने से इसकी मांग और भी बढ़ गई है।

वहीं, सिल्वर में निवेश में रुचि और उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताओं के समर्थन से इसकी कीमतों को सपोर्ट मिला। हालांकि, मुद्रास्फीति के आंकड़ों और केंद्रीय बैंक के संकेतों के प्रति दृष्टिकोण संवेदनशील बना हुआ है, जिससे कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव की संभावना है। साथ ही, सोने की ऊंची कीमतों का असर व्यापक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है।

इन सभी कारकों के संयोजन से आने वाले दिनों में कीमती धातुओं के बाजार की दिशा तय होने की उम्मीद है।

Continue Reading
Advertisement
व्यापार8 minutes ago

भारत ने जहाज रीसाइक्लिंग में नंबर 1 का खिताब लक्ष्य से पांच वर्ष पहले हासिल किया, वैश्विक बाजार में हिस्सेदारी 35 प्रतिशत से अधिक हुई

अंतरराष्ट्रीय समाचार16 minutes ago

यूक्रेन पर रूसी मिसाइल हमलों में 6 लोगों की मौत, जेलेंस्की ने की कड़े प्रतिबंधों की मांग

राष्ट्रीय समाचार28 minutes ago

तमिलनाडु विधानसभा ने ‘नीट’ को खत्म करने का प्रस्ताव पास किया, भाजपा ने किया वॉकआउट

राष्ट्रीय समाचार3 hours ago

पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कीमती धातुओं ने पकड़ी रफ्तार, सोने-चांदी में 2 प्रतिशत से ज्यादा तक की बढ़ोतरी

राजनीति3 hours ago

लोकसभा और राज्यसभा में फिर हंगामा, दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित

अंतरराष्ट्रीय समाचार3 hours ago

ईरान को साइबर सुरक्षा और निष्क्रिय रक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत: उपराष्ट्रपति रजा आरिफ

महाराष्ट्र4 hours ago

ममता बनर्जी पर हमला लोकतंत्र पर सीधा आघात: ‘सामना’ शिवसेना (यूबीटी)

महाराष्ट्र4 hours ago

महाराष्ट्र: टीईटी पेपर लीक मामले में पुलिस प्रशिक्षण संस्थान का संचालक गिरफ्तार, भिवंडी कोर्ट में किया जा सकता है पेश

मनोरंजन20 hours ago

अर्जुन कपूर ने शेयर की लंदन डायरीज, जाह्नवी कपूर संग दिखी खास बॉन्डिंग

राष्ट्रीय समाचार21 hours ago

झारखंड छात्र आंदोलन पर राहुल गांधी ने बल प्रयोग को बताया गलत, बातचीत से समाधान की अपील

अपराध2 weeks ago

मुंबई में आतंक! जुल्फिकार गैंग पर बिल्डर से हफ्ता मांगने और उसकी हत्या करने का आरोप, मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 12 गुंडे गिरफ्तार

महाराष्ट्र3 weeks ago

महाराष्ट्र: वर्धा जिले में सड़क हादसे में छह की मौत, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने जताई संवेदना

मनोरंजन3 weeks ago

रणदीप हुड्डा की बेटी न्योमिका की पहली चावल रस्म, परिवार के साथ मनाया खास जश्न

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

सीजेपी प्रदर्शन हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई तेज, अब तक 10 एफआईआर दर्ज

मनोरंजन1 week ago

जाह्नवी कपूर ने शिखर पहाड़िया और परिवार के साथ बिताए गए खास पलों की तस्वीरें शेयर कीं

महाराष्ट्र2 weeks ago

मुंबई: 8 साल के बच्चे के माता-पिता को टी-शर्ट से मिला सुराग, जोगेश्वरी से लापता बच्चा सुरक्षित माता-पिता को सौंपा गया, मुंबई पुलिस की बड़ी कामयाबी

राजनीति2 weeks ago

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र, पैलेट गन के इस्तेमाल पर मांगा जवाब

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

ई20 पेट्रोल विवाद: उपभोक्ता के पक्ष में देश का पहला फैसला, रायपुर कोर्ट ने कंपनी को वाहन बदलने का दिया आदेश

व्यापार2 weeks ago

सोना इस हफ्ते 2 हजार रुपए से अधिक महंगा हुआ , चांदी 2.2 लाख के पार

राजनीति3 weeks ago

टीएमसी के बागी सांसदों को बुलाने पर भड़का विपक्ष, सर्वदलीय बैठक से कांग्रेस, सपा और ‘आप’ का वॉकआउट

रुझान