राष्ट्रीय समाचार
भारत में रूसी कच्चे तेल का आयात जून में 34 प्रतिशत बढ़ा
भारत में रूसी कच्चे तेल का आयात जून में 34 प्रतिशत बढ़कर 4.5 अरब यूरो रहा है। आयात में बढ़ोतरी ऐसे समय पर हुई है, जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई। यह जानकारी सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) की ओर से जारी रिपोर्ट में दी गई।
रिपोर्ट में बताया गया कि भारत की ओर से जून में रूस से 4.5 अरब यूरो का कच्चा तेल आयात किया है। इसमें मई के मुकाबले 34 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जून में भारत के कुल रूसी जीवाश्म ईंधन आयात में कच्चे तेल की हिस्सेदारी 83 प्रतिशत थी, जिसकी कीमत 5.5 अरब यूरो थी। इस तरह भारत, चीन के बाद रूसी हाइड्रोकार्बन का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार बन गया।
खरीद में यह बढ़ोतरी भारत के कुल कच्चे तेल के आयात में मासिक आधार पर 5.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ हुई, जिसमें कई बड़ी रिफाइनरियों को रूसी आपूर्ति में भारी बढ़ोतरी देखी गई।
सीआरईए के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज की जामनगर रिफाइनरी में रूसी कच्चे तेल का आयात पिछले महीने के मुकाबले 150 प्रतिशत बढ़ गया, जबकि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की पारादीप रिफाइनरी में 126 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की कोच्चि रिफाइनरी ने आयात में 83 प्रतिशत की वृद्धि की और नायरा एनर्जी की वाडिनार रिफाइनरी में शिपमेंट 45 प्रतिशत बढ़ गया।
जून में भारत की तरफ से ज्यादा मांग के कारण रूस के कच्चे तेल के निर्यात में 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, कच्चे तेल की कम कीमतों का असर निर्यात से होने वाली कमाई पर पड़ा, जिससे रूस के कच्चे तेल के निर्यात से होने वाली कमाई मासिक आधार पर घटकर 348 मिलियन यूरो प्रति दिन रह गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, कुल मिलाकर रूस के जीवाश्म ईंधन के निर्यात से होने वाली कमाई 1 प्रतिशत घटकर 734 मिलियन यूरो प्रति दिन रह गई, जबकि महीने के दौरान निर्यात की मात्रा में 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी।
सीआरईए ने कहा, “जून 2026 में भारत रूसी जीवाश्म ईंधन का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार था, जिसने कुल 5.5 अरब यूरो के रूसी हाइड्रोकार्बन का आयात किया। भारत की कुल खरीद में कच्चे तेल की हिस्सेदारी 83 प्रतिशत थी, जिसकी कीमत 4.5 अरब यूरो थी।”
रिपोर्ट में आगे कहा गया कि रूस से भारत के बाकी आयात में 488 मिलियन यूरो के तेल उत्पाद और 444 मिलियन यूरो का कोयला शामिल था।
राष्ट्रीय समाचार
नेपाल आपदा: मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के निर्देश पर तेलंगाना सरकार ने शुरू की हेल्पलाइन

तेलंगाना सरकार ने बाढ़ प्रभावित नेपाल में फंसे या प्रभावित राज्य के निवासियों को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए नई दिल्ली स्थित तेलंगाना भवन में एक हेल्पलाइन और समन्वय केंद्र स्थापित किया है। नेपाल में बाढ़ की मौजूदा स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के निर्देश पर यह हेल्पलाइन शुरू की है।
एक बयान में कहा गया है, “राज्य सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है और नई दिल्ली स्थित तेलंगाना भवन को निर्देश दिया गया है कि वह भारत के विदेश मंत्रालय, काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम करे, ताकि तेलंगाना के निवासियों को जरूरी सहायता मिल सके।”
तेलंगाना भवन के अधिकारियों ने कहा कि जो परिवार के सदस्य नेपाल में मौजूद तेलंगाना के अपने रिश्तेदारों, तीर्थयात्रियों या पर्यटकों से संपर्क स्थापित करने में असमर्थ हैं, वे हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं और उपलब्ध जानकारी प्रदान कर सकते हैं। इसमें व्यक्ति का नाम, पासपोर्ट की जानकारी, मोबाइल नंबर, नेपाल में मौजूदा या आखिरी ज्ञात जगह, ट्रैवल/टूर ऑपरेटर की जानकारी और परिवार के सदस्यों की संपर्क जानकारी शामिल है, ताकि संबंधित अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाया जा सके।
अधिकारियों ने कहा कि सरकार संबंधित अधिकारियों के साथ भी लगातार संपर्क बनाए हुए है और घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रही है। उन्होंने बताया कि तेलंगाना के जरूरतमंद निवासियों को आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी और हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त मामलों को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा।
तेलंगाना भवन के अधिकारियों ने कहा कि संबंधित अधिकारियों से मिली जानकारी के आधार पर आगे की जानकारी दी जाएगी।
इसी बीच, आंध्र प्रदेश सरकार भी यह पता लगाने के लिए जानकारी इकट्ठा कर रही है कि क्या राज्य का कोई निवासी या तीर्थयात्री आपदा प्रभावित इलाके में फंसा हुआ है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे नेपाल बाढ़ में फंसे राज्य के निवासियों की पहचान करें और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के उपाय करें।
अधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। दिल्ली में आंध्र प्रदेश भवन में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। कंट्रोल रूम के फोन नंबर 011-23384016, 011-23387089 हैं, जबकि व्हाट्सएप नंबर 9059824101 है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि रियल-टाइम गवर्नेंस (आरटीजी) विंग लगातार निगरानी करके प्रभावित तीर्थयात्रियों को सहायता पहुंचाए।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
नेपाल बाढ़: भारत लगातार सहायता में बढ़ा रहा हाथ, 37.5 टन राहत सामग्री की दूसरी खेप लेकर रवाना हुआ विमान

नेपाल के तीन जिलों में भोटेकोसी नदी में आई अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) से हुई तबाही के बाद भारत की ओर से लगातार सहायता जारी है। नेपाल में जल आपदा को लेकर भारत मदद का हाथ बढ़ाते हुए लगातार राहत सामग्री भेजने का अभियान जारी रखे हुए है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि नेपाल में राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए बुधवार को दस टन मानवीय सहायता की पहली खेप के बाद गुरुवार को भी भारत ने दूसरी 37.5 टन खेप रवाना कर दी है।
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, ”भारत की ओर से नेपाल के लिए राहत सामग्री भेजने का अभियान जारी है। दूसरी उड़ान भी नेपाल के लिए रवाना हो चुकी है, जिसमें 37.5 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) सामग्री, दवाइयां और खाद्य पैकेट भेजे गए हैं।”
उन्होंने बताया कि भारत नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार और करीबी संपर्क में बना हुआ है। राहत और बचाव कार्यों में हर संभव सहयोग जारी रखा जाएगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, ”नेपाल के लिए 37.5 टन एचएडीआर सामग्री, दवाइयां और खाद्य पैकेट लेकर दूसरी उड़ान रवाना हो चुकी है। भारत ने दोहराया है कि वह इस कठिन समय में नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है और चल रहे राहत प्रयासों को पूरा समर्थन देता रहेगा।”
इससे पहले बुधवार को भारत ने नेपाल में राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए 10 टन मानवीय सहायता भेजी है। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने यह राहत सामग्री औपचारिक रूप से नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री खड़क राज पौडेल को सौंपी। इस सहायता में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों के लिए जरूरी राहत सामग्री शामिल है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत इस कठिन समय में नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है और हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह तक नेपाल की भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ में बह गए 162 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस ने एक नोटिस में बताया कि ये शव भोटेकोशी और त्रिशूल नदी प्रणालियों के निचले इलाकों के कई जिलों में नदी के किनारों से बरामद किए गए। इनमें रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन, गोरखा, तनहुं, नवलपरासी (पूर्व) और नवलपरासी (पश्चिम) शामिल हैं।
काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, यह बाढ़ तब आई जब भोटेकोसी नदी की सहायक नदी ‘ल्हेन्डे’ का प्रवाह एक हिमस्खलन के कारण रुक गया। इसके बाद सबसे पहले नेपाल-चीन सीमा के पास रसुवागढ़ी क्षेत्र में स्थित तिमुरे गांव प्रभावित हुआ।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इलाके में बारिश नहीं हुई थी, इसलिए लोगों को इस आपदा के आने का कोई अंदाजा नहीं था। बाढ़ आने के समय लोग अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों में लगे हुए थे।
राष्ट्रीय समाचार
तेलंगाना: मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने मिलाद-उन-नबी की दी बधाई

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और गवर्नर शिव प्रताप शुक्ला ने बुधवार को मुसलमानों को मिलाद-उन-नबी की बधाई दी।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मिलाद-उन-नबी के शुभ अवसर पर मुस्लिम समुदाय को हार्दिक बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पैगंबर मुहम्मद के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला यह शुभ दिन पूरे मुस्लिम समुदाय के लिए बहुत महत्व रखता है।
उन्होंने कहा कि पैगंबर मुहम्मद द्वारा बताए गए मूल्य शांति, प्रेम, भाईचारा, करुणा, मानवता और नेक जीवन-शैली समाज के लिए एक शाश्वत आदर्श हैं। पैगंबर के संदेश वैश्विक शांति और सद्भाव के लिए मार्गदर्शक हैं।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस बात पर जोर दिया कि “जनता की सरकार” ने मुस्लिम अल्पसंख्यकों के कल्याण और विकास को प्राथमिकता दी है।
उन्होंने कहा कि सरकार मुसलमानों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक उत्थान के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने कामना की कि मिलाद-उन-नबी सभी के जीवन को शांति, खुशी और भाईचारे की भावना से भर दे।
गवर्नर शिव प्रताप शुक्ला ने अपने संदेश में कहा कि यह अवसर शांति, सद्भाव और एकजुटता की भावना को मजबूत करे और सभी को दया, करुणा और मानवता की सेवा के लिए प्रेरित करे। उन्होंने सभी के लिए खुशी, शांति और समृद्धि की कामना की।
कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने भी मिलाद-उन-नबी के मौके पर लोगों को बधाई दी। किशन रेड्डी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “ईद मुबारक! मिलाद-उन-नबी के मौके पर ढेर सारी शुभकामनाएं।”
तेलंगाना राज्य विधानसभा में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के उप नेता टी. हरीश राव ने मिलाद-उन-नबी के शुभ अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा, “पैगंबर मुहम्मद की शिक्षाएं हमें शांति, करुणा, एकता और मानवता की सेवा के मूल्यों के लिए प्रेरित करें। यह पवित्र अवसर सभी के लिए खुशियां और समृद्धि लाए।”
तेलंगाना रक्षा समिति (टीआरएस) की नेता के. कविता ने कहा, “मिलाद-उन-नबी के इस शुभ अवसर पर, मैं सभी मुस्लिम भाइयों और बहनों को दिल से बधाई देती हूं। पैगंबर मुहम्मद की दया, शांति, एकता और भाईचारे की सीख हमें एक ऐसे समाज के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रेरित करे जो सौहार्दपूर्ण, समृद्ध और समावेशी हो।”
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