महाराष्ट्र
मुंबई के सरकारी अस्पतालों में मरीज़ों के लिए दवाओं की कमी और एमआरआई मशीन भी खराब चिंताजनक स्थिति पैदा, अबू आसिम ने अस्पतालों में सुविधाएँ उपलब्ध कराने की मांग की।
मुंबई; अबू आसिम आज़मी ने मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा में अस्पतालों में मेडिकल सुविधाओं की कमी और खराब व्यवस्था और बिगड़ते हालात पर चिंता जताई और सरकार का ध्यान इन ज़रूरी मुद्दों की ओर दिलाया। उन्होंने सदन को बताया कि सरकारी और नगर निगम के अस्पतालों में मरीज़ों की हालत बहुत खराब है। यहां मरीज़ों को इलाज के साथ दवाइयां भी नहीं दी जातीं, जिससे मरीज़ों को बाहर से दवाइयां मंगवानी पड़ती हैं। ऐसे में सरकारी अस्पतालों में खराब व्यवस्थाओं की वजह से हालात और भी खराब हैं। मुंबई के जेजे अस्पताल में एक मरीज़ को हर दिन 5 से 6 हज़ार रुपये दिए जाते थे और ये दवाएं अस्पताल में नहीं मिलती थीं, उन्हें प्राइवेट क्लीनिक से खरीदना पड़ता था। जब मैंने इस बारे में डीन से शिकायत की तो उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं थी। इस पर डीन ने कहा कि मरीज़ को सारी दवाएं यहीं से दी जाएंगी। उन्होंने मुझसे पूछा कि मरीज़ ने मुझसे इस बारे में शिकायत क्यों नहीं की? जिस पर आज़मी ने कहा कि डॉक्टर मरीज़ों को विज़िट के दौरान किसी भी डॉक्टर से बात करने से मना करते हैं। अस्पताल में एमआरआई मशीन न होने की वजह से भी बहुत दिक्कतें होती हैं। जेजे हॉस्पिटल में हर दिन तीन हज़ार मरीज़ इलाज के लिए आते हैं, जिनमें से सिर्फ़ चालीस मरीज़ों की ही एमआरआई मशीन से जांच हो पाती है। बाकी मरीज़ों की बीमारी का पता कब चलेगा? दूर-दराज़ के ग्रामीण इलाकों से मुंबई आने वाले मरीज़ों के लिए एमआरआई, सोनोग्राफी और दूसरे टेस्ट कितने दिनों में तय किए जाएंगे, यह तय किया जाना चाहिए? आज़मी ने सदन का ध्यान इस ओर दिलाया और कहा कि मुंबई के वाडिया हॉस्पिटल में एक बच्चे को इलाज के लिए लाया गया था। मैंने उसे बुलाया और उससे 300 रुपये का फॉर्म लिया और फिर उसे भर्ती नहीं किया गया और हॉस्पिटल से निकलने के बाद बच्चे की मौत हो जाती है। अस्पतालों की यही हालत है। अस्पतालों में खराब इंतज़ाम समेत सुविधाओं की कमी है। आज़मी ने कहा कि नायर और दूसरे अस्पतालों में एमआरआई और दूसरी जांच मशीनें बंद हैं। जिन अस्पतालों में मशीन बंद है। जिन अस्पतालों में मेडिकल कॉलेज हैं, वहां भी मशीन बंद है, तो मेडिकल के छात्र इन मशीनों पर पढ़ाई कैसे कर सकते हैं? राज्य मंत्री मेघा स्कोरेकर बोर्डेकर ने कहा कि अस्पतालों में ज़रूरी कदम उठाए जाएंगे। इस पर आज़मी ने पूछा कि नए अस्पताल शुरू हुए हैं, तो अब तक अस्पतालों में इंतज़ाम क्यों नहीं किए गए? आजमी की मांग पर उस महिला ने कहा कि वह आजमी के साथ एक दिन अचानक अस्पताल का दौरा करेगी। मंत्री ने कहा कि जून तक चार अस्पतालों केएम, साइन, कूपर नायर में एमआरआई मशीन शुरू कर दी जाएगी। इसके सिस्टम के लिए दो महीने चाहिए। अक्टूबर में चार अस्पतालों में एमआरआई मिल जाएगी। दूसरी जगहों पर सरकारी फीस पर एमआरआई मिल रही है। 16 अस्पतालों में पीपी मॉडल में एमआरआई मशीन और दूसरी मशीनें लगाई जाएंगी, जिसके बाद सरकारी फीस पर टेस्टिंग की जाएगी। मंत्री ने अस्पतालों में ज़रूरी कदम उठाने का भी भरोसा दिया।
महाराष्ट्र
सीएम फडणवीस का विपक्ष पर हमला, प्रशांत भूषण की टिप्पणी के बाद कहा- ‘आखिर होठों पर आ गई मन में छुपी बात’

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को विपक्ष और कॉकरोच जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के विवादित ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) बयान के बाद छिपा हुआ सच आखिरकार सामने आ गया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रशांत भूषण का एक वीडियो क्लिप शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “हो गया भाई, सब कुछ सामने आ गया। आखिरकार, यह सब ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) के बारे में ही तो था।”
मुख्यमंत्री फडणवीस ने विपक्ष पर अराजकता फैलाने और सत्ता हथियाने के लिए विरोध प्रदर्शनों को एक बहाने के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। फडणवीस ने अपने पोस्ट में लिखा, “आखिर मन में छुपी बात होठों पर आ ही गई। सारा खेल सत्ता की कुर्सी पाने का है, फिर उसके लिए विद्यार्थियों और किसानों को उकसाना ही क्यों ना पडे। जाति और भाषा के नाम पर द्वेष फैलाना पडे, या देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं की प्रतिमा मलीन करनी पडे।”
विपक्षी दलों और प्रशांत भूषण पर हमला जारी करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाना ही ‘इनका’ उद्देश्य है।”
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब प्रशांत भूषण ने सीजेपी प्रतिनिधियों और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खुले तौर पर ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) से जुड़े उद्देश्यों पर चर्चा की।
इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष पर शांतिपूर्ण आंदोलन की आड़ में सुनियोजित तरीके से अराजकता फैलाने के आरोप लगाए। सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं का कहना है कि इन बयानों (प्रशांत भूषण की टिप्पणी) ने विपक्ष के असली एजेंडे को उजागर कर दिया है।
तीखी आलोचना के बाद सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने सफाई देने की कोशिश की। देर रात हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिपके ने कहा कि उनके विरोध-प्रदर्शन का मकसद ‘सत्ता परिवर्तन’ नहीं था, बल्कि वे सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
महाराष्ट्र
विरार में महिला ने की आत्महत्या, फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने के नाम पर ब्लैकमेलिंग का आरोप, आरोपी की तलाश जारी

महाराष्ट्र के विरार में एक महिला की आत्महत्या का मामला सामने आया है। महिला ने ओलांडा स्थित एक सार्वजनिक पार्क में कीटनाशक पी लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटनास्थल पर मिले सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अर्नाला सागरी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम ने बताया कि मृतका (ननीली जोशी ) जेपी नगर की रहने वाली थी। आत्महत्या से पहले लिखे गए सुसाइड नोट में ‘पतकी’ नामक व्यक्ति पर फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने के बहाने महिला से समय-समय पर पैसे लेने और बाद में निजी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर कथित तौर पर ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट में उल्लेख है कि महिला जनवरी से आरोपी के संपर्क में थी। आरोप है कि फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने का भरोसा देकर उससे पैसे लिए गए। इसके बाद दोनों के बीच संबंध बने और इस दौरान महिला के कुछ निजी वीडियो बनाए गए। महिला को कथित तौर पर इन वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर दोबारा पैसों की मांग की जा रही थी।
चिट्ठी में करीब एक करोड़ रुपए की रकम का उल्लेख किया गया है। हालांकि, पैसों के लेन-देन और कथित मांग की सटीक रकम की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
मृतका के भाई ने भी पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि महिला और आरोपी जनवरी से एक-दूसरे के संपर्क में थे। शिकायत के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर अलग-अलग बहानों से महिला को परेशान और ब्लैकमेल कर रहा था। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम के मुताबिक, आरोपी मुंबई का रहने वाला है और मृतका का परिचित बताया जा रहा है। फिलहाल उसका मोबाइल फोन बंद है। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। मृतका के भाई को भी आरोपी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होने के कारण पुलिस उसके अन्य विवरण जुटाने में लगी है।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और धारा 308 (जबरन वसूली) के तहत मामला दर्ज किया है। घटनास्थल का पंचनामा और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम के अनुसार, फिलहाल जांच शुरुआती चरण में है और आरोपी (योगेश म्हापणकर उर्फ सौरभ पतकी) की गिरफ्तारी पुलिस की प्राथमिकता है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र : एसटी बस में बुजुर्ग यात्री से जेवर और नकदी चोरी, 4 महिला चोर गिरफ्तार

ARREST
महाराष्ट्र के वाशिम जिले में एक स्टेट ट्रांसपोर्ट (एसटी) बस में यात्रा कर रही 70 वर्षीय महिला से 1.5 लाख रुपये के सोने के गहने और 28,000 रुपये नकद चुराने के आरोप में चार महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को इस बारे में जानकारी दी।
पुलिस ने चोरी हुए गहने और नकदी बरामद कर बुजुर्ग महिला, जिनकी पहचान चंद्रकला बोडखे के रूप में हुई है, को वापस कर दिए।
यह घटना मंगरुलपीर से अकोला जा रही एसटी बस में हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, चारों आरोपियों ने यात्रा के दौरान बुजुर्ग यात्री के उस बैग को निशाना बनाया जिसमें सोने के गहने और नकदी थी।
जब बस शेलू बाजार पहुंची, तो चारों महिलाएं उतर गईं। अन्य यात्रियों को शक हुआ, जिसके बाद बोडखे ने अपना बैग चेक किया और पाया कि उनके सोने के गहने और 28,000 रुपये नकद वाला बैग गायब था। बुजुर्ग महिला ने शोर मचाया और अन्य यात्रियों से मदद मांगी।
घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि चारों महिलाएं ऑटो-रिक्शा से उस इलाके से चली गई थीं।
तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने संदिग्धों का पीछा किया और चारों महिलाओं को पकड़ लिया। उनके पास से चोरी हुए सोने के गहने और नकदी बरामद की गई और बाद में बुजुर्ग महिला को वापस सौंप दी गई।
यह घटना भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करने वाले यात्रियों, खासकर कीमती सामान ले जाने वाले बुजुर्ग यात्रियों के लिए सतर्क रहने की जरूरत को उजागर करती है।
एक अलग घटना में, पुणे पुलिस ने शहर में दर्ज चोरी के नौ मामलों के सिलसिले में हरियाणा के तीन लोगों को गिरफ्तार किया। कई राज्यों में लगभग 4,600 किलोमीटर की यात्रा वाली जांच के बाद पुलिस ने लगभग 23 लाख रुपये का कीमती सामान जब्त किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने गणेशोत्सव समारोह और गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान भीड़-भाड़ वाली जगहों पर लोगों को निशाना बनाया था। इन मामलों की जांच विश्रामबाग पुलिस ने की, जिसने संदिग्धों की पहचान हरियाणा के पलवल के रहने वालों के तौर पर की।
इस बीच, गुजरात की अरावली पुलिस ने एक अन्य मामले के सिलसिले में उन्हीं तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। गुजरात पुलिस की मदद से पुणे पुलिस की एक टीम ने आरोपियों को हिरासत में लिया। उनकी पहचान अजय शमशेर विनोद कुमार रूपसिंह कोली (20), अमन शमशेर अनिल कुमार नारायणसिंह कोली (24) और दीपक शमशेर राजूभाई सापसिंह (21) के तौर पर हुई।
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