राष्ट्रीय समाचार
कर्नाटक के कलबुर्गी में हॉस्टल का खाना खाने के बाद 45 से ज्यादा छात्र बीमार, अस्पतालों में भर्ती कराया गया
कर्नाटक के कलबुर्गी जिले के चित्तापुर तालुक स्थित डंडोती गांव में एक हॉस्टल के करीब 45 से ज्यादा छात्र रात का खाना खाने के बाद बीमार हो गए। घटना मोरारजी देसाई आवासीय हॉस्टल की है, जहां कक्षा 6 से 10 तक के छात्र रहते हैं। खाना खाने के कुछ घंटों बाद छात्रों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी, जिसके बाद हॉस्टल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के मुताबिक, हॉस्टल के मेस में गुरुवार रात छात्रों को चावल और सांभर दिया गया था। भोजन करने के बाद कई छात्रों की अचानक तबीयत बिगड़ने लगी। छात्रों ने पेट में तेज दर्द, मरोड़ और लगातार उल्टी होने की शिकायत की। देखते ही देखते करीब 45 से ज्यादा छात्र बीमारी हो गए।
स्थिति गंभीर होने पर हॉस्टल प्रबंधन ने तुरंत स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी दी। इसके बाद बीमार छात्रों को इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें 35 से ज्यादा छात्रों को चित्तापुर तालुक अस्पताल और 5 छात्रों को मल्खेड अस्पताल और एक छात्र को डंडोती अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई छात्रों का प्राथमिक उपचार डंडोती प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी किया गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद कलबुर्गी जिले के उपायुक्त इकरामउल्ला शरीफ और जिला स्वास्थ्य अधिकारी (डीएचओ) शरणबसप्पा मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। इसके अलावा माइनॉरिटी विभाग के जिला अधिकारी संगमेश ने भी हॉस्टल का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
प्रारंभिक जांच में छात्रों के बीमार होने की वजह दूषित पानी या खराब गुणवत्ता वाले भोजन को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि हॉस्टल में छात्र एक टैंकर के पानी का इस्तेमाल कर रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि दूषित पानी पीने या भोजन में किसी तरह की गड़बड़ी के कारण छात्रों की तबीयत खराब हुई।
घटना के बाद बड़ी संख्या में अभिभावक हॉस्टल पहुंच गए और अपने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई। प्रशासन ने छात्रों की हालत पर नजर रखने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में भर्ती छात्रों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
अधिकारियों ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है। पानी और भोजन के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जा सकती है, ताकि छात्रों के बीमार होने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके
राजनीति
मुख्यमंत्री विजय करूर भगदड़ के पीड़ितों के परिजनों को सरकारी नौकरियां सौंपेंगे

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय शुक्रवार सुबह करूर के लिए रवाना हुए। वे हाल ही में करूर में हुई भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र और कल्याणकारी सहायता प्रदान करेंगे।
मुख्यमंत्री विजय अपने दौरे के दौरान एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे और कई आधिकारिक सरकारी कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
मुख्यमंत्री शुक्रवार सुबह हवाई मार्ग से चेन्नई से रवाना हुए और उनके तिरुचिरापल्ली (तिरुची) हवाई अड्डे पहुंचने के बाद सड़क मार्ग से करूर जाने की उम्मीद है। उनके स्वागत के लिए पूरे मार्ग पर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों द्वारा भव्य स्वागत की तैयारियां की गई हैं।
विजय करूर-सेलम बाइपास रोड स्थित एटलस कलैयारंगम मैदान पहुंचने से पहले लगभग 10 किलोमीटर लंबा रोड शो करेंगे। इसके बाद वह वहां आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे।
जनसभा में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए कार्यक्रम स्थल पर एक विशाल पंडाल बनाया गया है।
जनसभा के बाद मुख्यमंत्री कुछ समय के लिए सरकारी पर्यटक गृह में रुकेंगे और फिर एक आधिकारिक सरकारी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए करूर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे।
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विजय करूर भगदड़ में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के पात्र सदस्यों को अनुकंपा नियुक्ति के तहत सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। इसके अलावा, वह विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत चयनित लाभार्थियों को कल्याणकारी सहायता और अन्य लाभ भी वितरित करेंगे।
अनुकंपा नियुक्तियां राज्य सरकार द्वारा राहत और पुनर्वास उपायों के तहत दी जा रही हैं, जिनका उद्देश्य शोकाकुल परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। कार्यक्रम में वितरित की जाने वाली कल्याणकारी सहायता में विभिन्न सरकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को मिलने वाले लाभ शामिल हैं।
आधिकारिक कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से तिरुचिरापल्ली हवाई अड्डे लौटेंगे और वहीं से शाम को चेन्नई के लिए रवाना होंगे।
मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। करूर जिले में लगभग 6,500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
मुख्यमंत्री के यात्रा मार्ग, जनसभा स्थल, जिला कलेक्ट्रेट और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इसके अलावा, पुलिस ने मुख्यमंत्री के काफिले की निर्बाध आवाजाही और सभी निर्धारित कार्यक्रमों के सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के विशेष इंतजाम किए हैं।
राष्ट्रीय समाचार
केतन अग्रवाल हत्याकांड : पिता की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से न्याय की गुहार, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई का आग्रह

केतन अग्रवाल हत्याकांड में पीड़ित परिवार ने शीघ्र न्याय की मांग करते हुए भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भावुक पत्र लिखा है। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने ईमेल के माध्यम से मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का आग्रह किया है।
अपने पत्र में विशाल अग्रवाल ने लिखा कि वह आग्रह किसी व्यवसायी या प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे पिता के रूप में कर रहे हैं जिसने अपने बेटे को खो दिया है। उन्होंने कहा कि केतन की नृशंस हत्या के बाद उनका पूरा परिवार गहरे सदमे में है और हर दिन एक ही सवाल उन्हें परेशान करता है कि उनके बेटे को न्याय आखिर कब मिलेगा?
उन्होंने पत्र में एक और व्यक्तिगत त्रासदी का जिक्र करते हुए बताया कि केतन की मौत के मात्र 20 दिनों के भीतर उनके पिता का भी निधन हो गया। उनके अनुसार, पोते की असमय मृत्यु का सदमा उनके पिता सहन नहीं कर सके और उनकी जान चली गई। उन्होंने कहा कि महज 20 दिनों के भीतर उन्होंने अपने बेटे और पिता, दोनों को खो दिया, जिससे पूरा परिवार बिखर गया।
राष्ट्रपति को संबोधित पत्र में विशाल अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि उनका परिवार किसी विशेष रियायत या विशेषाधिकार की मांग नहीं कर रहा है। उनकी केवल यही मांग है कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए, ताकि न्याय में अनावश्यक देरी न हो और दोषियों को जल्द सजा मिल सके।
उन्होंने कहा कि न्याय में होने वाली देरी पीड़ित परिवार के दर्द को और गहरा कर देती है। साथ ही, यह भी जरूरी है कि समाज में यह संदेश जाए कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है और अपराध करने वालों को समयबद्ध तरीके से सजा मिलती है।
पत्र के अंत में विशाल अग्रवाल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मामले पर व्यक्तिगत ध्यान देने और शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने की भावुक अपील की। उन्होंने लिखा कि उनका परिवार अपना सबकुछ खो चुका है और अब केवल न्याय ही उनकी अंतिम उम्मीद है। उन्होंने अनुरोध किया कि उनके बेटे के मामले को ‘सिर्फ एक और फाइल’ बनकर न रहने दिया जाए, बल्कि इसे संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ देखा जाए।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने पीएसीटीएस लॉन्च किया, साइबर और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने मिलकर गुरुवार को पार्टनरशिप ऑन साइबर, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी एंड सप्लाई चेन (पीएसीटीएस) को लॉन्च किया। इसका उद्देश्य साइबर और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी क्षेत्र में दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ाना है।
विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, “पीएसीटीएस का मकसद राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा में हमारे साझा हितों का समर्थन करना, हमारे सहयोगियों को अधिक डिजिटल विकल्प देकर सशक्त बनाना, अहम सप्लाई चेन को अधिक मजबूत बनाना और ग्लोबल साइबर क्षमता को मजबूत करना है।”
पीएसीटीएस पांच आपस में जुड़े हुए स्तंभों पर एक साझा रणनीतिक विजन के साथ आगे बढ़ेगा, इनमें सप्लाई चेन की मजबूती और विविधता, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा, डिजिटल मजबूती और डिफेंस रिसर्च में सहयोग शामिल है।
मंत्रालय ने कहा कि इनमें से हर स्तंभ के तहत, भारत और ऑस्ट्रेलिया प्राइवेट सेक्टर, यूनिवर्सिटीज, रिसर्च संस्थानों और सरकारी एजेंसियों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए मौकों और खास प्रोजेक्ट्स की पहचान करेंगे।
बयान में कहा गया, “ऑस्ट्रेलिया और भारत मिलकर दोनों देशों के बढ़ते तकनीकी उद्योगों को सहारा देने के लिए सुरक्षित, मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन बनाने की दिशा में काम करेंगे। इसमें सुरक्षा से जुड़े नियमों को बढ़ावा देना, साथ ही नियमों पर आधारित द्विपक्षीय टेक्नोलॉजी व्यापार और सप्लाई चेन को मजबूत करना शामिल है।”
इसमें सेमीकंडक्टर और जरूरी खनिजों की सप्लाई चेन – जिसमें रीसाइक्लिंग और रिकवरी भी शामिल है – पर मिलकर काम किया जाएगा। साथ ही, ऑस्ट्रेलियाई और भारतीय व्यवसायों के बीच कमर्शियल सहयोग और व्यापार में विविधता लाने को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
पीएसीटीएस लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित, आम सहमति वाले और कई पक्षों को शामिल करने वाले फ्रेमवर्क विकसित करके भरोसेमंद और सुरक्षित एआई के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों और बेंचमार्क को आगे बढ़ाने की वैश्विक कोशिशों का लाभ उठाएगा।
बयान में कहा गया कि ऑस्ट्रेलिया और भारत, मल्टी-डोमेन रक्षा चुनौतियों और क्षमताओं की साझा समझ को आगे बढ़ाने के लिए रक्षा अनुसंधान साझेदारियों का लाभ उठाने की दिशा में मिलकर काम करेंगे।
-
दुर्घटना10 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
