राष्ट्रीय समाचार
ईसीएलजीएस 5.0 के तहत 4.11 लाख से अधिक गारंटी जारी, 1.55 लाख करोड़ रुपए का ऋण हुआ स्वीकृत: सरकार
केंद्र सरकार ने मंगलवार को बताया कि इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस) 5.0 के तहत लॉन्च होने के बाद से अब तक 4,11,497 गारंटी जारी की जा चुकी हैं, और इसके तहत कुल 1,55,229 करोड़ रुपए की गारंटी दी गई है, जो यह दर्शाता है कि बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली ने इस योजना को तेजी से अपनाया है।
सरकार के अनुसार, 5 मई 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर की गई यह योजना पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव से प्रभावित कारोबारों को तेजी से और बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
यह योजना बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों के लिए जोखिम को कम करने का काम करती है, ताकि वे पात्र उधारकर्ताओं को अतिरिक्त ऋण उपलब्ध करा सकें। इससे कंपनियों को नकदी प्रवाह (कैश फ्लो) से जुड़ी समस्याओं से उबरने और अपने कारोबार को सुचारू रूप से जारी रखने में मदद मिलती है।
वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि योजना के तहत एमएसएमई को दिए जाने वाले अतिरिक्त ऋण पर 100 प्रतिशत गारंटी और अन्य कारोबारी वर्गों के लिए 90 प्रतिशत गारंटी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वित्तीय संस्थानों का भरोसा बढ़ा है और जरूरतमंद क्षेत्रों तक तेजी से ऋण पहुंचाना संभव हुआ है।
मंत्रालय ने कहा कि ईसीएलजीएस 5.0 के शुरुआती नतीजे यह साबित करते हैं कि सरकार एक मजबूत, त्वरित और भरोसेमंद ऋण व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकार का मानना है कि जैसे-जैसे इस योजना का दायरा बढ़ेगा और अधिक लोगों तक इसकी पहुंच बनेगी, यह विशेष रूप से एमएसएमई और उद्यमियों को बाहरी चुनौतियों के दौरान आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सरकार के मुताबिक, इस योजना का सबसे बड़ा लाभ छोटे और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को मिला है। जारी की गई कुल गारंटियों में से करीब 98 प्रतिशत संख्या के हिसाब से एमएसएमई को दी गई हैं, जबकि कुल गारंटी राशि का 82 प्रतिशत भी इसी क्षेत्र के हिस्से में आया है।
योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र कारोबारियों तक पहुंचाने के लिए वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने देश भर में व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया है।
पहला चरण नौ स्थानों पर पूरा किया जा चुका है। यह अभियान स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) के माध्यम से चलाया गया, जिसमें नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी (एनसीजीटीसी), पीएसबी अलायंस, विभिन्न बैंक, उद्योग संगठनों और उद्यमियों ने भाग लिया।
वर्तमान में अभियान का दूसरा चरण चल रहा है, जिसके तहत 10 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें से चार स्थानों पर कार्यक्रम पूरे हो चुके हैं।
सरकार का कहना है कि इन जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य पात्र उधारकर्ताओं को योजना की जानकारी देना और सदस्य ऋणदाता संस्थानों (एमएलआई) को इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तैयार करना है, ताकि जरूरतमंद कारोबारियों को समय पर वित्तीय सहायता मिल सके।
राष्ट्रीय समाचार
भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में अगले चरण का विकास डाउनस्ट्रीम एप्लीकेशन और निजी कंपनियां तय करेंगी: एक्सपर्ट्स

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के मौके पर रविवार को एक्सपर्ट्स ने कहा कि भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में अगले चरण का विकास सैटेलाइट और लॉन्च क्षमता से तय नहीं होगा, बल्कि डाउनस्ट्रीम एप्लीकेशन, निजी क्षेत्र की भागीदारी और सैटेलाइट आधारित सर्विसेज से निर्धारित होगा।
इंडियन स्पेस एसोसिएशन (आईएसपीए) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल एके भट्ट ने कहा कि भारत के प्राइवेट स्पेस इकोसिस्टम ने बहुत कम समय में बड़ी प्रगति की है और अब इसकी क्षमताएं वास्तविक बाजार के अवसरों में बदल रही हैं।
उन्होंने कहा कि भारत एक ‘फुल-स्टैक’ स्पेस इकॉनमी के तौर पर उभर रहा है, जिसमें लॉन्च, सैटेलाइट इंफ्रास्ट्रक्चर और कई तरह के डाउनस्ट्रीम एप्लीकेशन के क्षेत्रों में देश की ताकत बढ़ रही है।
भट्ट ने कहा कि प्राइवेट स्पेस कंपनियों की हालिया कामयाबियों ने यह साबित कर दिया है कि भारत में ग्लोबल लेवल पर मुकाबला करने लायक क्षमताएं विकसित करने की काबिलियत है। इससे निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को एक अहम संकेत मिला है कि भारतीय स्पेस कंपनियां इनोवेशन से आगे बढ़कर उसे असल में लागू करने और बड़े पैमाने पर काम करने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।
उन्होंने इस तरक्की का श्रेय एक मजबूत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप को दिया, जिसमें इसरो की तकनीकी विशेषज्ञता, प्रगतिशील पॉलिसी और रेगुलेटरी सुधार, और नई पीढ़ी की प्राइवेट कंपनियों की काम करने की क्षमता शामिल है।
सुहोरा टेक्नोलॉजीज के सीईओ और को-फाउंडर कृषानु आचार्य ने कहा कि भारत की प्राइवेट स्पेस की कहानी ज्यादातर रॉकेट और लॉन्च व्हीकल से जुड़ी रही है, लेकिन डाउनस्ट्रीम एप्लीकेशन इस सेक्टर के लिए ज्यादा टिकाऊ ग्रोथ इंजन के तौर पर उभर सकते हैं।
आचार्य ने कहा, “जैसे-जैसे और सैटेलाइट ऑर्बिट में पहुंचेंगे, रॉ डेटा तभी काम का होगा जब उसे इस्तेमाल लायक जानकारी में बदला जाएगा। यहीं पर डाउनस्ट्रीम कंपनियां भारत की स्पेस इकॉनमी के लिए ज्यादा राजस्व बनाएंगी। हम इसे एक ऐसे स्तर के तौर पर देखते हैं जहां भारत लंबे समय तक चलने वाली और निर्यात करने लायक विशेषज्ञता बना सकता है। इससे न सिर्फ घरेलू क्षमता को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्पेस डेटा पर आधारित एनालिटिक्स और एप्लीकेशन के मामले में भारत दुनिया भर में मुकाबला भी कर सकेगा।”
वियासैट इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम शर्मा ने कहा कि स्पेस के क्षेत्र में अग्रणी देशों में से एक बनने की दिशा में भारत ने काफी तरक्की की है। उन्होंने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए वर्ल्ड-क्लास स्पेस इकोसिस्टम बनाने में सरकार और इसरो की भूमिका पर भी जोर दिया।
राजनीति
दक्षिण बंगाल में तेज हवाओं के साथ होगी बारिश, मौसम विभाग ने समुद्र में न जाने की दी सलाह

बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का एक नया क्षेत्र बना है, जिससे सोमवार से दक्षिण पश्चिम बंगाल के जिलों में और बारिश होगी। कोलकाता में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने रविवार को कहा कि इसके असर से कोलकाता में रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी।
मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून ट्रफ सक्रिय है और इस वजह से अभी बारिश से कोई राहत नहीं मिलेगी।
मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा, “पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटों से सटे उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बना हुआ है। यह समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके असर से रविवार सुबह बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना। इसके अलावा, मानसून ट्रफ भी सक्रिय है। यह पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और झारखंड से होते हुए दीघा तक और फिर बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है। इसके असर से सोमवार को दक्षिण बंगाल के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।”
कोलकाता में सोमवार तक कहीं-कहीं बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है, साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हावड़ा, हुगली, उत्तर 24 परगना, पूर्वी बर्दवान, पश्चिमी बर्दवान, बीरभूम, मुर्शिदाबाद और नदिया जिलों के लिए भी यही अनुमान लगाया गया है। हालांकि, दक्षिण 24 परगना, पूर्वी मिदनापुर, पश्चिमी मिदनापुर और झाड़ग्राम समेत कुछ ज़िलों में भारी बारिश हो सकती है।
सोमवार को पुरुलिया, बांकुरा और झाड़ग्राम जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों में मंगलवार तक कहीं-कहीं बारिश होती रहेगी। हालांकि, मंगलवार से कोलकाता समेत दक्षिण-पश्चिम बंगाल के बाकी जिलों में तूफान की ऐसी कोई चेतावनी नहीं है।
इस बीच, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के पास उत्तरी बंगाल की खाड़ी में 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं। मछुआरों से कहा गया है कि वे सोमवार तक इस इलाके में समुद्र में न जाएं।
दूसरी ओर, उत्तरी बंगाल में आंधी-तूफान का दौर जारी रहेगा। सोमवार से बुधवार तक जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। सोमवार और मंगलवार को कलिम्पोंग जिले में भारी बारिश की संभावना है। कूचबिहार जिले के लिए यह चेतावनी सिर्फ सोमवार के लिए जारी की गई है। दार्जिलिंग जिले में मंगलवार को ज्यादा बारिश होने की संभावना है। उत्तर के बाकी तीन जिले, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर और मालदा में मंगलवार तक छिटपुट बारिश होगी।
रविवार सुबह कोलकाता में न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.2 डिग्री ज्यादा था। शनिवार को शहर में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस था, जो सामान्य से 2.2 डिग्री ज्यादा था।
राजनीति
अखिलेश के ‘चवन्नी’ वाले बयान पर भाजपा नेताओं ने निशाना साधा, बोले-अब चरम पर है उनका अहंकार

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव की ‘चवन्नी’ वाली टिप्पणी का केंद्रीय राज्यमंत्री और राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) प्रमुख जयंत चौधरी की ओर से दिए गए जवाब के एक दिन बाद रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सपा प्रमुख पर जाट समुदाय का ‘अपमान’ करने का आरोप लगाया।
हाल ही में अखिलेश यादव ने कहा था, “पता नहीं हमारे (सपा) साथ गठबंधन करने के लिए ये सब लोग कहां से आ गए। हमने उनकी कीमत ‘चवन्नी’ (25 पैसे) से बढ़ाकर पूरा एक रुपया कर दी थी, फिर भी वे हमें छोड़कर चले गए।” उनकी इस बात को रालोद अध्यक्ष का मजाक उड़ाने के तौर पर देखा गया।
शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए जयंत चौधरी ने कहा था, “राजनीति की लड़ाई में, अगर आपको कुछ सस्ती बातें कहनी ही थीं, तो कम से कम मेरा नाम लेकर कहते, तो कोई बात नहीं होती।” उन्होंने कहा, “जाट समुदाय को निशाना बनाना और यह कहना कि हमने उन्हें ‘एबीसीडी’ सिखाई? मैंने यह अहंकार बहुत करीब से देखा है और मेरा मानना है कि ऐसे व्यवहार से सिर्फ पतन ही होता है!”
आईएएनएस से बात करते हुए भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि अगर अखिलेश यादव बिना नाम लिए जयंत चौधरी को ‘चवन्नी’ कह रहे हैं, तो इसका मतलब है कि वह “पूरे जाट समुदाय” को ऐसा कह रहे हैं। उन्होंने कहा, “चौधरी चरण सिंह (जयंत के दादा) न सिर्फ जाट समुदाय के बल्कि किसान नेताओं में भी एक बड़े नेता थे। उनके पोते को ‘चवन्नी’ कहना पूरे समुदाय का अपमान है।”
जयंत चौधरी का जिक्र करते हुए दिनेश शर्मा ने कहा, “वह ऐसे परिवार में पैदा हुए हैं जिनके खून में राष्ट्रवाद और देशभक्ति है।”
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने कहा, “अखिलेश यादव का अहंकार अब चरम पर है। वह आरएलडी नेताओं और चौधरी चरण सिंह का अपमान कर रहे हैं। वह जाट समुदाय का भी अपमान कर रहे हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा, “चूंकि आरएलडी, एनडीए का एक भरोसेमंद सहयोगी है, इसलिए गठबंधन के सभी साथी पार्टी के साथ खड़े हैं।” सपा प्रमुख को चेतावनी देते हुए कश्यप ने कहा, “आपको (अखिलेश) आरएलडी का अपमान करने का नतीजा भुगतना होगा।”
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