महाराष्ट्र
भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ हरे निशान में बंद, सेंसेक्स 444 अंक उछला, निफ्टी ने छुआ 24,000 का स्तर
वैश्विक बाजारों के मिले-जुले संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ। इस दौरान, सेंसेक्स 443.97 अंकों यानी 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,922.64 के स्तर पर बंद हुआ, तो वहीं निफ्टी 50 140.10 अंकों यानी 0.59 प्रतिशत की उछाल के साथ 24,005.85 पर बंद होने में सफल रहा।
दिन के सत्र में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,478.67 से मामूली बढ़त के साथ 76,545.21 पर फ्लैट शुरुआत की थी, हालांकि दिन के कारोबार में इसने 631.41 अंकों यानी 0.82 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करते हुए 77,110.08 का इंट्रा-डे हाई छुआ।
वहीं एनएसई निफ्टी अपने पिछले बंद 23,865.75 से 0.13 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 23,897.65 पर खुला और दिन के कारोबार में इसने 24,049.90 का दिन का हाई टच किया, जो 0.77 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाता है।
व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप क्रमशः 0.34 प्रतिशत और 0.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी रियल्टी (3.58 प्रतिशत की तेजी), निफ्टी एफएमसीजी (2.08 प्रतिशत की तेजी) और निफ्टी ऑटो (1.15 प्रतिशत की तेजी) ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि निफ्टी आईटी, निफ्टी मेटल और निफ्टी फार्मा का प्रदर्शन खराब रहा।
निफ्टी 50 इंडेक्स में सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाले शेयरों में इटरनल, अदाणी एंटरप्राइजेज, नेस्ले इंडिया, एशियन पेंट्स, एचयूएल और अदाणी पोर्ट्स शामिल रहे, जबकि नुकसान उठाने वाले शेयरों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, टीसीएस, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और टाटा स्टील शामिल रहे।
बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) पिछले सत्र के 474 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 476 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया, जिससे निवेशकों को एक ही सत्र में 2 लाख करोड़ से अधिक का लाभ हुआ।
इस बीच, ब्रेंट क्रूड में 1 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 72 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा था, वहीं भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 67 पैसे गिरकर 95.23 पर बंद हुआ।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, डेली चार्ट पर निफ्टी ने एक बुलिश कैंडल बनाई। यह लगातार 12वां कारोबारी सत्र है, जब निफ्टी 477 अंकों की सीमित रेंज में कारोबार करता रहा, जो बाजार में जारी कंसोलिडेशन (एक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव) को दर्शाता है। 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) मजबूत डायनेमिक सपोर्ट के रूप में काम कर रहा है और हर बार इस स्तर के करीब आने पर खरीदार सक्रिय होते दिखाई दे रहे हैं।
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी रियल्टी सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा, जिसके बाद निफ्टी एफएमसीजी का स्थान रहा। वहीं, निफ्टी आईटी सबसे कमजोर सेक्टर रहा, जबकि निफ्टी मेटल दूसरे स्थान पर रहा।
वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स ने छोटी बॉडी और लंबी ऊपरी विक वाली कैंडल बनाई, जिससे संकेत मिलता है कि ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली देखने को मिली। वहीं मार्केट ब्रेथ सकारात्मक रही और एडवांस-डिक्लाइन रेशियो दिन के अंत में बुल्स के पक्ष में रहा। निफ्टी 500 के कुल 500 शेयरों में से 288 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जो बाजार में व्यापक खरीदारी का संकेत देता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले कारोबारी सत्रों में निफ्टी के लिए 24,130 से 24,150 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस रहेगा। यदि इंडेक्स इस दायरे के ऊपर मजबूती से टिकने में सफल रहता है, तो इसमें 24,300 और उसके बाद 24,450 तक की तेजी देखने को मिल सकती है। दूसरी ओर, गिरावट की स्थिति में 23,870 से 23,850 का स्तर निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट के रूप में काम करेगा।
महाराष्ट्र
मुंबई में अवैध मलबा निस्तारण पर बीएमसी सख्त, ट्रैकिंग नियमों के उल्लंघन पर 25 हजार रुपये का जुर्माना

मानसून की वापसी के बाद मुंबई में वायु गुणवत्ता को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी हैं। इस बीच, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) शहर में निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे के प्रबंधन से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू करने जा रही है। सोमवार से बिना अधिकृत और सक्रिय व्हीकल ट्रैकिंग एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (वीटीएमएस) के निर्माण मलबा या खुदाई से निकली सामग्री ले जाने वाले प्रत्येक वाहन पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
बीएमसी के मुंबई डेब्रिस कंट्रोल एंड ट्रैकिंग सिस्टम (एमडीसीटीएस) पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराने वाली निर्माण परियोजनाओं पर भी प्रत्येक उल्लंघन के लिए 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
यह कदम निर्माण मलबे के अवैध निस्तारण और मुंबई के पर्यावरण एवं वायु गुणवत्ता पर इसके पड़ने वाले प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच उठाया गया है। बीएमसी ने सभी 26 नगर निगम वार्डों को जारी एक सर्कुलर में अधिकारियों को तत्काल निरीक्षण और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है।
मुंबई में प्रतिदिन 8,000 टन से अधिक निर्माण एवं तोड़फोड़ का मलबा निकलता है, जो शहर की प्रसंस्करण क्षमता से काफी ज्यादा है। दहिसर और शिलफाटा स्थित दो प्रसंस्करण केंद्रों की संयुक्त क्षमता प्रतिदिन लगभग 1,200 टन मलबे के निस्तारण की है। मलबे की मात्रा और प्रसंस्करण क्षमता के बीच बड़े अंतर के कारण अवैध तरीके से मलबा फेंकने की समस्या बढ़ रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि निर्माण मलबे को अक्सर सड़कों के किनारे, खाली भूखंडों, नालों, खाड़ियों, जलाशयों और मैंग्रोव क्षेत्रों में फेंक दिया जाता है।
मलबे के परिवहन और निस्तारण की निगरानी बेहतर बनाने के लिए बीएमसी ने 24 अगस्त को एमडीसीटीएस पोर्टल शुरू किया था। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य निर्माण एवं तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे की उसके उत्पादन स्थल से लेकर अधिकृत निस्तारण या प्रसंस्करण केंद्र तक निगरानी करना है।
इस पोर्टल के जरिए नगर निगम अधिकारी मलबा ले जाने वाले वाहनों की वास्तविक समय में निगरानी कर सकते हैं। साथ ही, निर्धारित मार्ग से हटने वाले वाहनों का पता लगाने और मलबे के अवैध निस्तारण के संदिग्ध मामलों की पहचान करने में भी मदद मिलती है।
बीएमसी ने निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों, सरकारी एजेंसियों और निजी डेवलपरों के लिए पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। पंजीकृत संस्थाओं को मलबा प्रबंधन की विस्तृत योजना प्रस्तुत करनी होगी। वहीं, मलबा ले जाने वाले वाहनों में जीपीएस-सक्षम वीटीएमएस उपकरण लगाना और निर्धारित परिवहन मार्गों का पालन करना जरूरी होगा।
बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार, 24 अगस्त से 9 अक्टूबर के बीच एमडीसीटीएस पोर्टल पर कुल 220 पंजीकरण हुए। इनमें 109 बिल्डर और डेवलपर, 44 परिवहनकर्ता, बीएमसी के 19 ठेकेदार, मलबा और मिट्टी के 17 बाहरी खरीदार, 15 कॉरपोरेट संस्थाएं और चार सरकारी एजेंसियां शामिल हैं। इस अवधि में किसी भी व्यक्तिगत नागरिक ने पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया।
महाराष्ट्र
घाटकोपर रोड चौड़ीकरण से प्रभावित 28 स्ट्रक्चर गिराए गए

मुंबई ; घाटकोपर (वेस्ट) में झुनझुनवाला कॉलेज और अंधेरी-घाटकोपर लिंक रोड के बीच सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित 28 स्ट्रक्चर को गिराने का अभियान कल (7 अक्टूबर, 2026) मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के ‘एन’ वार्ड (एन वार्ड) ऑफिस द्वारा चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व असिस्टेंट कमिश्नर (‘एन’ वार्ड) जयदीप मोरे ने किया। ऑपरेशन के दौरान म्युनिसिपल अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पर्याप्त पुलिस सुरक्षा भी तैनात की गई थी।
महाराष्ट्र
नासिक-अहमदाबाद मार्ग पर बस दुर्घटनाग्रस्त; 2 यात्रियों की मौत और 6 घायल

महाराष्ट्र के नासिक जिले के पेठ तालुका में करंजाली के निकट सावलघाट क्षेत्र में नासिक-अहमदाबाद मार्ग पर एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में दो यात्रियों की मौत हो गई जबकि छह यात्री घायल हुए हैं।
जिला नियंत्रण कक्ष को दुर्घटना की सूचना 6 अक्टूबर की रात 11 बजे प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल इमरजेंसी सेवाओं ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घटना के समन्वय के लिए दो पुलिस निरीक्षक और एक अनुविभागीय पुलिस अधिकारी तत्काल घटनास्थल की ओर रवाना हुए। बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला गया और घायलों को अलग-अलग एम्बुलेंस के माध्यम से उपचार के लिए नाशिक लाया गया।
रात 00:30 बजे से 02:15 बजे के बीच नासिक सिविल अस्पताल में आठ लोगों को लाया गया। इनमें सात व्यक्ति जीवित थे जबकि एक व्यक्ति को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया। इसके अलावा दुर्घटना में एक अन्य व्यक्ति की भी मौत हुई है। वर्तमान में दो घायल मरीज सिविल अस्पताल में भर्ती हैं जबकि अन्य घायलों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें अस्पताल में भर्ती किए बिना छुट्टी दे दी गई।
हादसे में घायल प्रमिला राउत (53) को गंभीर चोट के कारण सिविल अस्पताल के ई-वार्ड में भर्ती किया गया है। वहीं, बाल विमल जगदीश (65) के बाएं हाथ की ह्यूमरस हड्डी में फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें एमओडब्ल्यू वार्ड में भर्ती किया गया है। अन्य घायलों में यश देसाई, आरती देसाई, नयन वासोने तथा स्वाति सुरेश बडाणे शामिल हैं।
दुर्घटना में राहुल ओझा और महेंद्र पाल (48) की मौत हुई है। महेंद्र पाल को सिविल अस्पताल, नासिक में मृत अवस्था में लाया गया था। मृतकों के परिजनों से संपर्क कर आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पेठ तालुका के सावलघाट क्षेत्र में हादसे के समय बादल और कोहरे की स्थिति के कारण दृश्यता काफी कम थी। प्रशासन की प्राथमिक जांच में कम दृश्यता को दुर्घटना का प्रमुख कारण माना गया है। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों को लेकर संबंधित एजेंसियों की जांच जारी है।
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