Connect with us
Saturday,15-August-2026
ताज़ा खबर

अंतरराष्ट्रीय समाचार

अमेरिकी जज का आदेश सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा, अदाणी मामले पर बोले कानून विशेषज्ञ

Published

on

उद्योगपति गौतम अदाणी के खिलाफ आपराधिक आरोप हटाने की जस्टिस डिपार्टमेंट की अर्जी मंजूर करने से पहले, अमेरिकी फेडरल जज का डिपार्टमेंट से और अधिक जानकारी मांगने का फैसला एक सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और इससे मामले के रद्द होने पर प्रक्रिया पर शायद ही कोई असर होगा। यह जानकारी अमेरिकी और भारतीय विशेषज्ञ की ओर से आईएएनएस को दी गई।

साथ ही कहा कि मुकदमा चलाने या न चलाने का फैसला आखिरकार कार्यकारी शाखा के हाथ में होता है।

कोलंबिया लॉ स्कूल में लॉ के एडॉल्फ ए. बर्ले प्रोफेसर और सिक्योरिटीज लॉ व कॉर्पोरेट मुकदमों के मामलों में अमेरिका के प्रमुख विशेषज्ञों में से एक, जॉन सी. कॉफी ने कहा कि जज निकोलस गैराफिस अभियोजकों से उनके फैसले को सही ठहराने के लिए कह सकते हैं, लेकिन वे एग्जीक्यूटिव ब्रांच के फैसले की जगह कोर्ट का फैसला नहीं थोप सकते।

कॉफी ने आईएएनएस से कहा, “सामान्यतः, हमारे संविधान के तहत, अभियोजन संबंधी विवेकाधिकार को एक कार्यकारी शक्ति के रूप में देखा जाता है, जो अंततः राष्ट्रपति के पास होती है, क्योंकि वह कार्यपालिका शाखा के प्रमुख हैं।”

उन्होंने कहा, “हालांकि कोर्ट वजह पूछ सकती है, लेकिन वह प्रॉसिक्यूटर के फैसले को पलट नहीं सकती, क्योंकि हमारे संविधान के तहत शक्तियों के बंटवारे के अनुसार यह फैसला लेने का अधिकार कार्यपालिका के पास है। कोर्ट का यह फैसला असामान्य है और इसे इतना नहीं बढ़ाया जा सकता कि कोर्ट प्रॉसिक्यूटर के केस खत्म करने के फैसले की गहराई से समीक्षा कर सके।”

कॉफी का यह आकलन तब आया है, जब जज गैराफिस ने जस्टिस डिपार्टमेंट को आदेश दिया था कि वह अदाणी और सात अन्य आरोपियों के खिलाफ लगे आरोपों को ‘हमेशा के लिए’खत्म करने की अपनी अपील के लिए विस्तृत कारण और सहायक तथ्य पेश करे।

पांच पेज के आदेश में जज ने कहा कि सरकार की संक्षिप्त अर्जी में इतनी जानकारी नहीं थी कि कोर्ट ‘फेडरल रूल्स ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर’ के नियम 48(ए) के तहत अपनी जिम्मेदारियां निभा सके।

जस्टिस डिपार्टमेंट ने सिर्फ इतना कहा था कि उसने मामले की समीक्षा की है और अपने अभियोजन संबंधी अधिकार का इस्तेमाल करते हुए यह फैसला किया है कि आपराधिक आरोपों को आगे बढ़ाने में और संसाधन नहीं लगाए जाएंगे।

अमेरिका की पूर्व अटॉर्नी बारबरा मैकक्वेड ने कहा कि जज की यह मांग असामान्य थी, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में थी।

मैकक्वेड ने आईएएनएस को बताया, “मुझे इस मामले के बारे में जानकारी नहीं है, लेकिन किसी जज का केस खारिज करने के कारणों पर सवाल उठाना असामान्य बात है।”

अकसर ऐसा होता है कि जो सरकारी पक्ष केस लाता है, अगर वह उसे खारिज करना चाहता है, तो आमतौर पर बिना किसी जांच-पड़ताल के उसे मंजूरी दे दी जाती है।

उन्होंने आगे कहा कि जज और स्पष्टीकरण मांग सकते हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि न्याय विभाग अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल नहीं कर रहा है।

हालांकि, जज के लिए यह पता लगाना सही है कि कहीं जस्टिस डिपार्टमेंट अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल तो नहीं कर रहा है जैसे कि किसी एक ही व्यक्ति के खिलाफ बार-बार आरोप लगाना और फिर उन्हें वापस लेना।

मैकक्वेड ने कहा कि भले ही कोर्ट सरकारी वकीलों को केस आगे बढ़ाने के लिए मजबूर नहीं कर सकता, लेकिन उसके पास कुछ सीमित प्रक्रियात्मक अधिकार होते हैं।

मैकक्वेड के मुताबिक,”जज किसी को केस आगे बढ़ाने के लिए मजबूर नहीं कर सकते, लेकिन वे यह तय कर सकते हैं कि केस को ‘विद प्रीज्यूडिस’ (दोबारा आरोप लगाने की मनाही के साथ) या ‘विदाउट प्रीज्यूडिस’ (दोबारा आरोप लगाने की गुंजाइश के साथ) खारिज किया जाए, जिससे यह तय होता है कि भविष्य में दोबारा आरोप लगाए जा सकते हैं या नहीं।”

जाने-माने भारतीय सीनियर वकील और पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे ने जज के आदेश को जस्टिस डिपार्टमेंट के फैसले के खिलाफ कोई बड़ी चुनौती नहीं, बल्कि एक सामान्य प्रक्रिया

साल्वे ने आईएएनएस से ​​कहा, “दुनिया की हर अदालत में, जब भी कोई केस दायर किया जाता है, तो वह केस अदालत की संपत्ति बन जाता है।”

उन्होंने कहा, “इस कारण, जब आप अदालत से केस खत्म करने के लिए कहते हैं, तो वे पूछते हैं, ‘क्यों?’ फिर सरकार अपनी वजहें बताती है… तो यह एक आम बात है और इसमें कुछ और सोचने की जरूरत नहीं है। नियम के मुताबिक, जज को वजह देखनी होती है और फिर केस खत्म करना होता है।”

जब उनसे पूछा गया कि क्या जज गैराफिस सरकार की अपील ठुकरा सकते हैं, तो साल्वे ने कहा, “यह एक औपचारिकता है। अगर वे उन्हें कारण बताने से मना करते हैं, तो वह कहेंगे कि मुझे कारण बताएं। एक बार जब वे कारण बता देंगे… तो वह कहेंगे, ठीक है… जज का काम उनके फैसलों पर सवाल उठाना नहीं है।”

साल्वे ने उन बातों को भी खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि इस नए आदेश से लंबी कानूनी लड़ाई शुरू हो सकती है। उन्होंने कहा, “अपील की कोई जरूरत नहीं है। यह प्रक्रिया से जुड़ा एक छोटा सा आदेश है। अदाणी ग्रुप का इससे कोई लेना-देना नहीं है। यह मामला सरकारी वकील और जज के बीच का है।”

पूर्व फेडरल प्रॉसिक्यूटर और नेशनल सिक्योरिटी लॉयर पॉल रोसेनजवेग भी इस बात से सहमत थे कि आखिरकार जस्टिस डिपार्टमेंट की ही जीत होने की संभावना है, हालांकि उन्होंने जज गैराफिस के आदेश को प्रक्रिया के सामान्य कदम से कहीं अधिक अहम बताया।

रोसेनजवेग ने आईएएनएसको बताया, “आखिरकार, जिन भी जजों के सामने यह सवाल आया है, उन्होंने यही तय किया है कि उनके पास केस को खारिज करने के डिपार्टमेंट के अनुरोध को ठुकराने का अधिकार नहीं है।”

रोसेनजवेग ने कहा, “अमेरिका में मुकदमा चलाने का अधिकार एग्जीक्यूटिव ब्रांच यानी डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस के पास होता है, और आप डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस को ऐसा केस चलाने के लिए मजबूर नहीं कर सकते जिसे वे चलाना नहीं चाहते। इसलिए, मुझे लगता है कि लंबे समय में यह केस खारिज हो जाएगा।”

रोसेनजवेग ने कहा कि अगर कोर्ट जस्टिस डिपार्टमेंट की दलील मान लेती है, तो कार्यवाही कुछ हफ्तों में पूरी हो सकती है, लेकिन अगर जज गारौफिस फैसला सुनाने से पहले सरकार के कारणों की जांच के लिए किसी स्वतंत्र वकील को नियुक्त करते हैं, तो इसमें अधिक समय लग सकता है।

जज गारौफिस ने जस्टिस डिपार्टमेंट को निर्देश दिया है कि वे 13 जुलाई तक अपना विस्तृत स्पष्टीकरण जमा करें।

अक्टूबर 2024 में न्यूयॉर्क के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट में एक फेडरल ग्रैंड जूरी द्वारा जारी और अगले महीने सार्वजनिक किए गए आरोप-पत्र में, अदाणी ग्रुप के वरिष्ठ अधिकारियों और छह अन्य लोगों पर भारत में सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट्स से जुड़े रिश्वत, सिक्योरिटीज फ़्रॉड और न्याय में बाधा डालने की कथित साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। सभी आरोपियों ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है।

पिछले महीने, अमेरिकी न्याय विभाग ने सिक्योरिटीज और वायर फ्रॉड के कथित मामले में अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी के खिलाफ सभी आपराधिक आरोप हमेशा के लिए हटा दिए।

न्याय विभाग ने कहा, “विभाग ने इस मामले की समीक्षा की है और अपने कानूनी अधिकार का इस्तेमाल करते हुए यह तय किया है कि इन आरोपियों के खिलाफ आपराधिक आरोपों पर आगे और संसाधन खर्च नहीं किए जाएंगे।”

इसके बाद कोर्ट ने आदेश दिया कि अदाणी और अन्य के खिलाफ लगाए गए आरोपों को “हमेशा के लिए खारिज” कर दिया जाए।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

भारत ने भूकंपग्रस्त कोलंबिया की तरफ बढ़ाया मदद का हाथ, राहत सामग्री की पहली खेप भेजी

Published

on

कोलंबिया में आए भयानक भूकंप के बाद भारत ने शुक्रवार को राहत सामग्री भेजी है। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, भारत ने कोलंबिया को 20 मीट्रिक टन राहत सामग्री की पहली खेप भेजी।

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने इस मुश्किल समय में कोलंबिया के लोगों के साथ भारत की एकजुटता दिखाई और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “भूकंप के बाद चल रहे रिकवरी के कामों में मदद के लिए कोलंबिया को 20 एमटी राहत सप्लाई की पहली खेप भेजी गई। इस मदद में दवाएं और मेडिकल इक्विपमेंट, कुछ समय के लिए रहने की जगह और साफ-सफाई में मदद और आपदा के बाद जरूरी दूसरी चीजें शामिल हैं। भारत इस मुश्किल समय में कोलंबिया के लोगों के साथ एकजुटता में खड़ा है।”

बता दें, सोमवार को कोलंबिया में आए 7.3-तीव्रता के भूकंप में 281 लोगों की जान चली गई, 3,971 लोग घायल हुए, जबकि 391 लोग अभी भी लापता हैं।

कोलंबियाई जियोलॉजिकल सर्विस के मुताबिक, भूकंप पश्चिमी कोलंबिया में सुबह 7:34 बजे (स्थानीय समय) आया था। भूकंप का केंद्र सैन जोस डेल पालमार के पास था और यह 96 किलोमीटर की गहराई में आया था।

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल यूनिट फॉर डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट ने कहा कि कोलंबिया में भूकंप से 15 डिपार्टमेंट और 426 म्युनिसिपैलिटी में 44,936 परिवार और 102,105 लोग प्रभावित हुए हैं।

इसमें आगे बताया गया कि भूकंप से 10,677 घर तबाह हो गए हैं, जबकि 65,841 दूसरे घरों को नुकसान हुआ है। इससे पहले मंगलवार को विदेश मंत्री जयशंकर ने भूकंप में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना की।

विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पर लिखा, “कोलंबिया में भूकंप से हुई दुखद मौतों और तबाही से बहुत दुखी हूं। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति दिल से संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। साथ ही घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूं। भारत हर संभव मदद देने के लिए तैयार है।”

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

चीन में वायु गुणवत्ता के सुधार के लिए नए दौर की कार्रवाई योजना जोरों पर

Published

on

चीनी उप पारिस्थितिकी और पर्यावरण मंत्री शु पीच्यो ने 13 अगस्त को एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि चीन में अब वायु गुणवत्ता के सुधार के लिए नए दौर की कार्रवाई योजना बनाने का काम जोरों पर है। उन्होंने कहा कि 18वीं सीपीसी कांग्रेस के बाद चीन ने वायु सुधार के लिए लगातार तीन कार्रवाई योजनाएं जारी कीं, जिससे वायु गुणवत्ता में बड़ा सुधार आया है।

आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में चीन में पीएम 2.5 (पीएम 2.5) का राष्ट्रीय औसत घनत्व घटकर 28 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर हो गया, जो 2013 की तुलना में 59 प्रतिशत कम है। भारी प्रदूषित दिनों की संख्या का अनुपात 0.9 प्रतिशत तक घट गया, जो निगरानी शुरू होने के बाद सबसे अच्छा रिकॉर्ड है।

शु पीच्यो ने बताया कि वर्तमान में वायु प्रदूषण के निपटारे में अपर्याप्त, अस्थिर और असंतुलित सवाल उल्लेखनीय बना रहा है। वायु गुणवत्ता का सुधार स्पष्ट सुधार से सर्वांगीण सुधार की ओर संक्रमण के कुंजीभूत काल से गुजर रहा है। नई कार्रवाई योजना का मापदंड अधिक ऊंचा होगा। विभिन्न इलाकों के प्रति उसका कार्यांवयन अधिक लक्षित होगा और कदम अधिक वैज्ञानिक होंगे।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

कोलंबिया भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 273 हुई, 3,824 घायल और 377 लोग लापता

Published

on

कोलंबिया में सोमवार को आए भूकंप से तबाही मची हुई है। नेशनल यूनिट फॉर डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट के डायरेक्टर डेविड तमायो ने बताया कि सोमवार को आए 7.4 तीव्रता के भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 273 हो गई है।

तामायो ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हमारे पास 40,753 प्रभावित परिवारों, 97,515 प्रभावित लोगों और 273 मौतों की रिपोर्ट है। उन 273 मौतों में से 250 शव चिकित्सा विभाग में आ चुके हैं, 227 की पहचान की जा चुकी है और 189 को उनके परिवारों को सौंप दिया गया है।”

उन्होंने यह भी कहा कि भूकंप में 3,824 लोग घायल हुए और 377 लोग लापता हो गए।

बुनियादी ढांचे के संदर्भ में, तामायो ने कहा कि 12,584 घर नष्ट हो गए और 74,873 क्षतिग्रस्त हो गए। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने यह भी कहा कि भूकंप के कारण 172 इमारतें ढह गईं और 2,198 स्कूल और शैक्षणिक संस्थान, 825 सामुदायिक केंद्र, 216 स्वास्थ्य केंद्र और पांच हवाई अड्डे प्रभावित हुए।

कोलंबिया भूकंप से हुए नुकसान की निगरानी के लिए उपग्रह प्रौद्योगिकी और हाई-रिजॉल्यूशन इमेज का उपयोग किया जा रहा है। जमीन पर, खोज और बचाव दल मलबे के नीचे लापता लोगों का पता लगाने के लिए डॉग स्क्वायड के साथ काम करते रहे।

कोलंबियाई भूवैज्ञानिक सेवा ने कहा कि चोको के उत्तर-पश्चिमी विभाग में सैन जोस डेल पालमार में गुरुवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 9:42 बजे 4.2 तीव्रता का एक नया झटका दर्ज किया गया, जो सोमवार के भूकंप का केंद्र था।

इस बीच, मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (ओसीएचए) और उसके सहयोगी कोलंबिया में विनाशकारी भूकंप के लिए सरकार के नेतृत्व वाली प्रतिक्रिया का समर्थन किया। ओसीएचए ने अपने दैनिक समाचार अपडेट में कहा कि घरों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भी बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।

कार्यालय ने कहा, आपातकालीन आश्रय, भोजन सहायता, सुरक्षित पेयजल तक पहुंच और प्रभावित समुदायों के लिए स्वास्थ्य देखभाल सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से हैं। संयुक्त राष्ट्र और उसके सहयोगी भी संसाधन जुटा रहे हैं। ओसीएचए ने कहा कि विश्व खाद्य कार्यक्रम भोजन भेज रहा है, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन देश में अपने गोदामों से चिकित्सा आपूर्ति भेज रहा है।

Continue Reading
Advertisement
अंतरराष्ट्रीय समाचार1 day ago

भारत ने भूकंपग्रस्त कोलंबिया की तरफ बढ़ाया मदद का हाथ, राहत सामग्री की पहली खेप भेजी

मनोरंजन1 day ago

मनोज कुमार से लेकर विक्की कौशल तक, हिंदी सिनेमा के वो एक्टर जिन्हें देशभक्ति के किरदारों ने दी मजबूत पहचान

महाराष्ट्र1 day ago

मुंबई: गणेश मंडल बनाने की परमिशन के लिए ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम लॉन्च, आम लोग एक साल या पांच साल की परमिशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं

महाराष्ट्र1 day ago

मुंबई: देवनार और बांद्रा में फर्जी झूला छाप डॉक्टरों पर बीएमसी और क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, दवाइयां और दूसरा सामान जब्त, पांच डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज

राजनीति1 day ago

16 अगस्त से आम जनता के लिए खुलेगा राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान, घूमने के लिए होगी ऑनलाइन बुकिंग

राष्ट्रीय समाचार1 day ago

एनआईए ने बंगाल में पकड़े गए आईएसआई से जुड़े पाकिस्तानी नागरिक के मामले की जांच शुरू की

मनोरंजन1 day ago

‘वी गॉट यू गर्ल’ का ट्रेलर आउट, दोस्ती-स्टाइल और सपोर्ट का परफेक्ट कॉम्बो 18 अगस्त को होगा रिलीज

राष्ट्रीय समाचार1 day ago

ऑयल ग्रीन एनर्जी में लीगल ऑफिसर सहित कई पदों पर नौकरी का मौका, 12 सितंबर तक करें आवेदन

अंतरराष्ट्रीय समाचार1 day ago

चीन में वायु गुणवत्ता के सुधार के लिए नए दौर की कार्रवाई योजना जोरों पर

राष्ट्रीय समाचार1 day ago

स्‍वतंत्रता दिवस समारोह से पहले असम में बढ़ाई गई सुरक्षा

अपराध3 weeks ago

मुंबई में आतंक! जुल्फिकार गैंग पर बिल्डर से हफ्ता मांगने और उसकी हत्या करने का आरोप, मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 12 गुंडे गिरफ्तार

महाराष्ट्र4 weeks ago

महाराष्ट्र: वर्धा जिले में सड़क हादसे में छह की मौत, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने जताई संवेदना

मनोरंजन2 weeks ago

जाह्नवी कपूर ने शिखर पहाड़िया और परिवार के साथ बिताए गए खास पलों की तस्वीरें शेयर कीं

मनोरंजन4 weeks ago

रणदीप हुड्डा की बेटी न्योमिका की पहली चावल रस्म, परिवार के साथ मनाया खास जश्न

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

सीजेपी प्रदर्शन हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई तेज, अब तक 10 एफआईआर दर्ज

महाराष्ट्र2 weeks ago

मुंबई: 8 साल के बच्चे के माता-पिता को टी-शर्ट से मिला सुराग, जोगेश्वरी से लापता बच्चा सुरक्षित माता-पिता को सौंपा गया, मुंबई पुलिस की बड़ी कामयाबी

राजनीति3 weeks ago

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र, पैलेट गन के इस्तेमाल पर मांगा जवाब

व्यापार3 weeks ago

सोना इस हफ्ते 2 हजार रुपए से अधिक महंगा हुआ , चांदी 2.2 लाख के पार

राजनीति4 weeks ago

टीएमसी के बागी सांसदों को बुलाने पर भड़का विपक्ष, सर्वदलीय बैठक से कांग्रेस, सपा और ‘आप’ का वॉकआउट

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

ओडिशा पुलिस की बड़ी सफलता, 6 महीने में 17,590 गुमशुदा महिलाएं और बच्चे खोजे गए

रुझान