महाराष्ट्र
मुंबई नगर निगम और कस्टम विभाग ने माहिम किले के संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए एमओयू पर साइन किए
मुंबई माहिम किले के बचाव और रेस्टोरेशन का मकसद इसकी ऐतिहासिक सुंदरता को फिर से ज़िंदा करना है। म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने कहा कि यह गर्व और सम्मान की बात है कि म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन इस किले को बचा रहा है। मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और कस्टम डिपार्टमेंट के बीच आज (18 जून, 2026) मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन हेडक्वार्टर में माहिम किले के बचाव और रेस्टोरेशन के काम के लिए एक एमओयू साइन किया गया, जिसे स्टेट प्रोटेक्टेड मॉन्यूमेंट घोषित किया गया है। इस मौके पर एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (सिटी) डॉ. अश्विनी जोशी, कस्टम डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल कमिश्नर श्री अजय कुमार पांडे, कस्टम डिपार्टमेंट के एडिशनल कमिश्नर नितिन तागड़े, विक्रम फड़के, मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के डिप्टी कमिश्नर (कमिश्नर ऑफिस) प्रशांत गायकवाड़, डिप्टी कमिश्नर (साउथ ज़ोन) प्रशांत गायकवाड़, असिस्टेंट कमिश्नर (साउथ ज़ोन) प्रशांत गायकवाड़ भी मौजूद थे। इस मौके पर प्राचीन धरोहरों के संरक्षण के सलाहकार योगेश देसाई, वीरमाता जीजाबाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के हेड डॉ. के. के. सांगले वगैरह मौजूद थे।
मनपा कमिश्नर अश्विनी भिड़े के निर्देश पर, एडिशनल मनपा कमिश्नर (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी के मार्गदर्शन में मुंबई में प्राचीन इमारतों के संरक्षण और बचाव का काम किया जा रहा है। इसी आधार पर मनपा ने माहिम किले के संरक्षण और उसे फिर से बनाने की पहल की है।
इस समझौते के तहत, माहिम किले के जीर्ण-शीर्ण ढांचे को मजबूत और फिर से बनाया जाएगा। किले के इलाके में मौजूद ऐतिहासिक कुएं की खोज और खुदाई की जाएगी। किले के अंदर चारों तरफ पैदल चलने वालों का रास्ता बनाया जाएगा। इसके अलावा, किले की नींव की सुरक्षा के लिए एक सुरक्षा दीवार भी बनाई जाएगी। इसके लिए 20 करोड़ रुपये भी दिए गए हैं। मनपा कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने बताया कि मनपा के जी (उत्तर) विभाग ने माहिम किले पर से अतिक्रमण हटाकर स्थानीय निवासियों का पुनर्वास किया है। इसलिए अब इस किले की शान को वापस लाने में मदद की जाएगी। एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (सिटी) डॉ. अश्विनी जोशी ने कहा कि म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने ऐतिहासिक और पुरानी धरोहर माहिम किले पर से कब्ज़ा हटाने और इसे बचाने के लिए बहुत कोशिशें की हैं। अब एडमिनिस्ट्रेशन इस किले को टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तौर पर डेवलप करने की प्लानिंग कर रहा है।
कस्टम डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल कमिश्नर अजय कुमार पांडे ने कहा कि ऐतिहासिक धरोहर होने के अलावा, माहिम किला कस्टम डिपार्टमेंट के कस्टम स्टेशन के तौर पर जाना जाता है। म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा किए गए कंज़र्वेशन और रेस्टोरेशन के काम से यह किला मशहूर होगा। साथ ही, यह किला मुंबईकरों के लिए एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तौर पर डेवलप होगा। माहिम एक पुराना किला है और राजा बिंबदेव के वंशजों ने लगभग 12वीं और 13वीं सदी में इस किले को बनवाया था। माहिम मुंबई के सात द्वीपों में से सत्ता का मुख्य सेंटर था और यह किला उस शानदार इतिहास की निशानी है। महाराष्ट्र सरकार ने 1975 में माहिम किले को स्टेट प्रोटेक्टेड मॉन्यूमेंट घोषित किया था। किले का कुल एरिया लगभग 3,796.02 वर्ग मीटर है। अभी, किला कस्टम डिपार्टमेंट के अधिकार क्षेत्र में है। माहिम किले के मौजूदा स्ट्रक्चर पर झुग्गियों के रूप में कब्ज़ा कर लिया गया था। पूरे इलाके का सर्वे करने के बाद, सही डॉक्यूमेंट्स वेरिफाई किए गए और 275 झुग्गियों को कुर्ला और मलाड में प्रोजेक्ट पीड़ितों के लिए उपलब्ध फ्लैटों में बसाया गया है। हालांकि, एक धार्मिक स्ट्रक्चर का रेस्टोरेशन चल रहा है।
किले के रेस्टोरेशन और कंजर्वेशन का काम मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के जी (नॉर्थ) डिवीजन ऑफिस, कस्टम डिपार्टमेंट, प्राचीन सांस्कृतिक विरासत के कंजर्वेशन के एडवाइजर विकास दिलावारी और वीरमाता के स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की हेड डॉ. संगल के. जीजाबाई की गाइडेंस में किए जाने का प्रस्ताव है।
महाराष्ट्र
मुंबई में गणेश विसर्जन के दौरान दो गुटों में हुआ विवाद, 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज

मुंबई के मालवणी (मलाड) इलाके में गणपति विसर्जन के दौरान विवाद, मारपीट, गाली-गलौज और जुलूस में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मालवाणी पुलिस ने शिकायतकर्ता के आधार पर आदिल (24), सुनील शेख (25), गौस (22), अजगर (23), जाकिर (26), जुबेर (25) और हुसेन (24) के खिलाफ का मामला दर्ज कर इनकी तलाश कर रही है।
पुलिस के अनुसार, 25 सितंबर की शाम करीब 7:15 बजे निरंकार नगर, एनटीसी स्कूल रोड, गेट नंबर 7, मालवणी, मालाड पश्चिम में गणपति विसर्जन के दौरान गणपति मंडप के प्रवेश द्वार के पास कोल्ड पायरो उपकरण लगाया गया था। इससे निकलने वाले कृत्रिम आग जैसे प्रभाव को लेकर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और कहा कि इससे सामने स्थित दुकान में आग लग सकती है। इसी बात को लेकर आदिल, सुनील शेख, गौस, अजगर और जाकिर ने गणपति मंडल के कार्यकर्ताओं से विवाद करने लगे।
पुलिस के मुताबिक, जुबेर और हुसैन ने रोहित ठाकुर और सुशील महतो के साथ हाथापाई की। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अयान शेख नामक व्यक्ति हाथ में एक मटका लेकर आया और महिला कार्यकर्ताओं के सामने गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने के लिए दौड़ा।
अनंत चतुर्दशी के दिन शुक्रवार सुबह, लालबाग, परेल, गिरगांव और अन्य क्षेत्रों के पूजनीय गणपति प्रतिमाओं की विसर्जन यात्रा शुरू हुई। ढोल-ताशा, नासिक बाजा और बैंजो की थापों पर लाउडस्पीकर के साथ-साथ गुलाल उड़ाते हुए और भीलतू वाद्ययंत्रों (बीम) का प्रयोग करते हुए जुलूस रवाना हुआ। ‘लालबागचा राजा,’ ‘मुंबईचा राजा,’ ‘परेलचा राजा,’ ‘गिरगांवचा राजा,’ ‘गिरगांवचा महाराजा,’ ‘भगवान गणपति’ और गणेशोत्सव मंडलों की गणेश प्रतिमाएं सुबह की ध्वनि के साथ विसर्जन स्थलों की ओर रवाना हुईं। ‘लालबागचा राजा’ के दर्शन के लिए लालबाग बाजार के बाहर भक्तों की भारी भीड़ जमा थी। पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। भगदड़ से बचने के लिए ‘सड़क अवरोध’ लगाकर भीड़ को नियंत्रित किया गया।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र के 265 तालुकों को सीएम फडणवीस ने किया सूखा घोषित, और सूखे से निपटने के कई उपायों की घोषणा

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सूखे से प्रभावित किसानों और नागरिकों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। राज्य के 358 तालुकों (तहसील) में से 265 में सूखा घोषित किया गया है। जिन 265 तालुकों में ‘ट्रिगर-1’ के मानक पूरे हुए हैं, उन्हें सूखा-प्रभावित घोषित किया गया है। इससे पता चलता है कि राज्य के लगभग 75 प्रतिशत तालुकों में अब सूखे जैसे हालात हैं।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने सूखे से निपटने के कई उपायों की घोषणा की है। इसके तहत लैंड रेवेन्यू में छूट, फसल लोन का रीस्ट्रक्चर, खेती से जुड़े लोन की रिकवरी पर रोक, खेती के पंपों के मौजूदा बिजली बिल में छूट (7.5 हॉर्सपावर कैपेसिटी वाले इलेक्ट्रिक पंपों का बिजली बिल पहले ही माफ है, अब उससे ज़्यादा कैपेसिटी वाले इलेक्ट्रिक पंपों को भी छूट), स्कूल-कॉलेज के छात्रों की परीक्षा शुल्क में छूट, एम्प्लॉयमेंट गारंटी स्कीम के तहत नियमों में ढील देकर अधिक से अधिक काम शुरू किए जाएंगे।
इसके अलावा, जहां जरूरी होगा वहां पीने के टैंकर पहुंचाए जाएंगे। किसानों के खेती के पंपों का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा, खेती पर निर्भर किसानों-खेती मजदूरों को अनाज मिलेगा, जानवरों के लिए चारे का इंतजाम, बड़े पैमाने पर पानी बचाने का काम किया जाएगा। पिछले आदेश के मुताबिक, पेयजल और जानवरों के लिए पानी की प्लानिंग जारी रहेगी। सभी डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को पंचनामा प्रक्रिया तुरंत पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही फसलों की हालत दिखाने वाली तस्वीरें और जीपीएस से डेटा इकट्ठा करने के आदेश जारी किए गए हैं।
इसके पहले 24 सितंबर वाशिम दौरे पर पहुंचे देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की थी कि राज्य सरकार जल्द ही प्रभावित इलाकों में गंभीर सूखा घोषित करने के लिए एक सरकारी आदेश (जीआर) जारी करेगी। साथ ही, खेती-किसानी के बढ़ते संकट से जूझ रहे राज्य में उन सभी पात्र किसानों को फसल कर्ज माफी का लाभ दिया जाएगा, जो पिछली योजनाओं में छूट गए थे।
सीएम ने गांव में किसानों को संबोधित करते हुए लोगों को भरोसा दिलाया था कि सरकारी तंत्र ग्रामीण राहत कार्यों को प्राथमिकता देगा। मुख्यमंत्री ने कहा था कि आर्थिक मदद के अलावा, राज्य प्रशासन पीने के पानी की बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित करने, मवेशियों के लिए चारा बांटने और फसल के नुकसान का आकलन (पंचनामा) तेजी से करने के लिए आपातकालीन उपाय कर रहा है।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र यूसीसी कमेटी से पूर्व जज के इस्तीफे पर जयराम रमेश बोले-‘हर राज्य का अलग यूसीसी संविधान की भावना के खिलाफ’

महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए गठित समिति से हाईकोर्ट के एक पूर्व जज के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव (संचार) और सांसद जयराम रमेश ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि इस इस्तीफे ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं और समिति के कामकाज पर भी गंभीर चिंताएं जताई गई हैं।
जयराम रमेश ने कहा कि क्या संविधान सभा ने कभी ऐसी स्थिति की कल्पना की थी, जिसमें हर राज्य अपना अलग-अलग समान नागरिक संहिता बनाए? इसका जवाब है बिल्कुल नहीं। क्या डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नेतृत्व में संविधान निर्माताओं ने कभी सोचा था कि एक राजनीतिक दल की राजनीतिक चालों के हिसाब से राज्य अलग-अलग यूसीसी बनाने की होड़ करेंगे? इसका जवाब भी नहीं है।
कांग्रेस नेता ने 21वें विधि आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 17 जून 2016 को मोदी सरकार ने ही यूसीसी के सवाल को विस्तृत अध्ययन के लिए विधि आयोग के पास भेजा था। आयोग ने व्यापक रिसर्च के बाद 31 अगस्त 2018 को अपना कंसल्टेशन पेपर प्रकाशित किया था। इसके पेज 7 के पैराग्राफ 1.15 में स्पष्ट कहा गया था कि “इस स्तर पर समान नागरिक संहिता बनाना न तो आवश्यक है और न ही वांछनीय।” आयोग ने अलग-अलग पारिवारिक कानूनों में मौजूद भेदभाव को दूर करने की सिफारिश की थी।
रमेश ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने उसी आयोग की सिफारिशों को नजरअंदाज कर दिया, जिसे उसने खुद जिम्मा सौंपा था क्योंकि तथ्य उसके राजनीतिक एजेंडे से मेल नहीं खाते थे। पिछले तीन वर्षों में भाजपा शासित राज्यों ने यूसीसी के अपने-अपने वर्जन जबरन पारित कराए हैं। उत्तराखंड में 27 जनवरी 2025 से यूसीसी लागू हो गया जबकि गुजरात में 24 मार्च 2026, असम में 27 मई 2026 और मध्य प्रदेश में 21 जुलाई 2026 को विधानसभा में विधेयक पारित किया गया।
उन्होंने कहा कि ये राज्यस्तरीय यूसीसी एक जैसे भी नहीं हैं। इनमें अलग-अलग प्रावधान, अलग-अलग दंड और कई छूट हैं। उत्तराखंड का यूसीसी कई पितृसत्तात्मक परंपराओं को आज भी जारी रखे हुए है और कानून का पालन करने वाले निवासियों के लिए भी समस्याएं पैदा कर रहा है।
जयराम रमेश ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने घोषणा की है कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले एनडीए शासित सभी राज्यों में यूसीसी लागू कर दिया जाएगा। एनडीए के बाकी दलों की आवाज को दबा दिया गया है। कांग्रेस के अनुसार, मोदी सरकार के लिए यूसीसी कोई कानूनी सुधार नहीं बल्कि विभाजन, व्यवधान और ध्यान भटकाने का औजार है, जो समाज को स्थायी ध्रुवीकरण में बनाए रखने का साधन है।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
