अंतरराष्ट्रीय समाचार
ईरान के विरोध में उतरे अमेरिका और कई यूरोपीय देश, अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया
नई दिल्ली, 11 जून: अमेरिका, कनाडा, न्यूजीलैंड और कई यूरोपीय देशों ने एक संयुक्त बयान में ईरान की सुरक्षा एजेंसियों पर अस्थिरता फैलाने और लोगों को निशाना बनाने की कोशिशों की कड़ी निंदा की। साथ ही उन्होंने ऐसे सभी हमलों को रोकने और अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने की बात कही है।
यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट के अनुसार, अमेरिका, कनाडा, न्यूजीलैंड, यूनाइटेड किंगडम, अल्बानिया, बेल्जियम, बुल्गारिया, चेकिया, डेनमार्क, एस्टोनिया, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, लातविया, लिथुआनिया, नीदरलैंड, नॉर्थ मैसेडोनिया, नॉर्वे, पुर्तगाल और स्वीडन और ऑस्ट्रेलिया ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की खुफिया इकाई, कुद्स फोर्स और मंत्रालय ऑफ इंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी की ओर से की जा रही जानलेवा साजिशों और अन्य नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों की निंदा की।
इनमें ईरानी असंतुष्टों, पत्रकारों और यहूदी तथा इजरायली समुदायों और उनके हितों के खिलाफ की गई कार्रवाइयां भी शामिल हैं। हम अपने देशों और अपने लोगों को इन खतरों से बचाने के लिए एकजुट हैं।
बयान में कहा गया कि ईरान की सरकार के सुरक्षा तंत्र और अंतरराष्ट्रीय तथा स्थानीय आपराधिक समूहों के बीच लंबे समय से संबंध रहे हैं। इन समूहों का इस्तेमाल करना बहुत निंदनीय है।
यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट के अनुसार, इन देशों ने अपने संयुक्त बयान में कहा कि हम हाल ही में यूरोप में हुए उन हमलों की भी निंदा करते हैं, जो यहूदी समुदायों, ईरानी पत्रकारों और अमेरिका से जुड़े हितों को निशाना बनाकर किए गए। जिन्हें ‘हरकत अशाब अल-यमीन अल-इस्लामिया’ ने अपने सहयोगियों के जरिए अंजाम दिया या समर्थन दिया।
हमारे देशों में लोगों को मारने, अगवा करने, परेशान करने, डराने या किसी भी तरह से हमला करने की कोशिशें हमारे राष्ट्रीय अधिकार और अंतरराष्ट्रीय नियमों को कमजोर करती हैं। ऐसी कार्रवाइयां तुरंत बंद होनी चाहिए। हम इन गतिविधियों को रोकने के लिए मिलकर किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हैं। हम मिलकर आगे और कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि इन्हें रोका जा सके।
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर युद्ध को शोर शुरू हो गया है। ईरानी विदेश मंत्री अराघची का कहना है कि मौजूदा तनाव के लिए अमेरिका जिम्मेदार है। वहीं अमेरिका इसे ईरान के हमलों की जवाबी कार्रवाई बता रहा है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य देशों से अपील की है कि वे संयुक्त राष्ट्र की इस परमाणु निगरानी संस्था को एक बार फिर अमेरिका के राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल न होने दें।
इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) की रिपोर्ट के अनुसार, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में शामिल देशों के विदेश मंत्रियों को भेजे गए एक पत्र में अराघची ने ईरान के खिलाफ अमेरिका की ओर से तैयार किए गए प्रस्ताव को राजनीतिक मकसद से प्रेरित और गलत नीयत वाला बताया। उन्होंने यह पत्र उस समय भेजा है, जब आईएईए बोर्ड की जून महीने की तिमाही बैठक वियना में चल रही है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
ईरान को साइबर सुरक्षा और निष्क्रिय रक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत: उपराष्ट्रपति रजा आरिफ

ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने कहा कि हमारे दुश्मन साजिशें रचेंगे और देश को नुकसान पहुंचाने का मौका तलाशते रहेंगे। इसलिए देश की साइबर सुरक्षा और निष्क्रिय रक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विरोधियों की साजिशों से निपटने के लिए ईरान को पूरी तरह तैयार रहना होगा।
इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विकास मुख्यालय की बैठक में आरिफ ने दुश्मनों की साजिशों को नाकाम करने के लिए देश को साइबर सुरक्षा और निष्क्रिय रक्षा के क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत करनी होगी।
उन्होंने कहा कि शहीद इस्लामी क्रांति के नेता की ओर से तय किए गए विकास दृष्टि कार्यक्रम के तहत ईरान को उन्नत तकनीकों के क्षेत्र में क्षेत्रीय स्तर पर अग्रणी स्थान हासिल करना चाहिए और वैश्विक स्तर पर भी एक प्रभावशाली भूमिका निभानी चाहिए।
आईआरएनए के अनुसार, उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा को मजबूत करना एक जरूरी रणनीति है, क्योंकि दुश्मन ईरानी जनता के सामने हाल की अपनी हार के बावजूद साजिशें रचना बंद नहीं करेगा और हमारे देश को नुकसान पहुंचाने का मौका तलाशता रहेगा। हमें पूरी तरह तैयार रहते हुए विरोधियों की साजिशों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए और निष्क्रिय रक्षा पर भी ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
मोहम्मद रजा आरिफ ने कहा कि अमेरिका और इजराइल ने जून 2025 में ईरान के खिलाफ अपना पहला युद्ध शुरू किया था, जो 12 दिन तक चला। इसके बाद उनका दूसरा सैन्य हमला इस वर्ष 2026 में 28 फरवरी को शुरू हुआ और 40 दिन के बाद अप्रैल की शुरुआत में रुक गया।
मोहम्मद रजा आरिफ ने दावा किया कि दोनों युद्धों में ईरान के मजबूत प्रतिरोध और जवाबी सैन्य अभियानों ने विरोधियों को युद्धविराम स्वीकार करने पर मजबूर कर दिया।
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ईरान की संसदीय समिति ने होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए सुरक्षा कार्य योजना को दी मंजूरी

ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति ने होर्मुज जलडमरूमध्य और खाड़ी की “सुरक्षा और टिकाऊ प्रगति सुनिश्चित करने” के लिए एक रणनीतिक कार्य योजना की रूपरेखा को मंजूरी दे दी है।
सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने कमेटी के प्रवक्ता हसन कशकावी के हवाले से बताया कि इस प्लान पर कमेटी की बैठक में चर्चा हुई और इसे बिना किसी विरोध के मंजूरी दे दी गई।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, कशकावी ने कहा कि प्लान के सामान्य ढांचे को मंजूरी देने से पहले सांसदों ने ईरान की संबंधित संस्थाओं से मिली जानकारियों की समीक्षा की।
आईआरएनए के अनुसार, यह कानून 13 जुलाई को औपचारिक रूप से संसद में पेश किया गया था।
ईरान ने 28 फरवरी को जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी और इजरायल और अमेरिका के जहाजों या उनसे जुड़े जहाजों के सुरक्षित गुजरने पर रोक लगा दी थी। यह कदम ईरानी क्षेत्र पर उनके संयुक्त हमलों के बाद उठाया गया था।
जून में ईरान और अमेरिका ने लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करने के लिए एक समझौते (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) पर हस्ताक्षर किए थे। दोनों पक्षों को अंतिम समझौते पर पहुंचने के लिए 60 दिनों के भीतर बातचीत करनी थी, लेकिन हाल ही में इलाके में तनाव बढ़ने से बातचीत का भविष्य अनिश्चित हो गया है।
जुलाई में अमेरिकी सेना ने ईरान के ठिकानों पर कई बार हमले किए। उनका कहना था कि ये हमले जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) में जहाजों पर ईरान के हमलों के जवाब में और “व्यावसायिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को कम करने” के मकसद से किए गए थे। इसके जवाब में ईरान ने इलाके में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सुविधाओं पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए।
ईरान और ओमान कुछ हफ्तों से जलडमरूमध्य में सुरक्षित समुद्री आवाजाही के लिए एक नया रास्ता तय करने के समझौते पर बातचीत कर रहे हैं।
इससे पहले, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने कहा था कि अभी अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं चल रही है।
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘तस्नीम’ की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्री ने यह बात विदेश मंत्रालय के ‘सेंटर फॉर पॉलिटिकल एंड इंटरनेशनल स्टडीज’ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।
अरागची ने कहा, “अभी अमेरिका के साथ हमारी कोई बातचीत नहीं हो रही है। बातचीत फिर से शुरू करने के रास्ते खोजने के लिए मध्यस्थ अभी भी कोशिश कर रहे हैं। हमारे नजरिए से जब तक अमेरिका ‘मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ का उल्लंघन बंद नहीं करता और अपने किए गए उल्लंघनों की भरपाई नहीं करता, तब तक बातचीत फिर से शुरू नहीं हो सकती।”
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पश्चिमी कनाडा में तेजी से फैल रही जंगल की आग, 20,000 से ज्यादा लोगों को खाली करने पड़े घर

पश्चिमी कनाडा में जंगल की आग तेजी से फैल रही है। आग इतनी भयावह है कि यह ब्रिटिश कोलंबिया की ओकानागन झील के किनारे बसे शहरों की ओर बढ़ रही है और घरों और इमारतों को नष्ट कर रही है। इस वजह से 20,000 से ज्यादा लोगों को रात भर में अपने घर छोड़ने का आदेश दिया गया।
समरलैंड की पूरी कम्युनिटी को इलाके को खाली करने का आदेश दिया गया है। यहां लगभग 12,000 लोग रहते हैं। इसके साथ ही पीचलैंड और उसके आस-पास के लगभग 8,000 लोगों को भी इलाका खाली करने का आदेश दिया गया। अधिकारियों को अब तक यह पता नहीं लग पाया है कि इस आग में कितने घरों को नुकसान पहुंचा।
बाल्ड रेंज जंगल की आग की खबर सबसे पहले शुक्रवार शाम को मिली थी, लेकिन कुछ ही घंटों में यह लगभग 50 वर्ग किलोमीटर (19 वर्ग मील) तक फैल गई। फॉल्डर की छोटी कम्युनिटी भी इस भयावह आग की चपेट में आ गई है और समरलैंड तक लगभग 15 किलोमीटर (9 मील) के रास्ते तक फैली है।
ओकानागन-सिमिलकामीन क्षेत्रीय जिले के आपातकालीन अधिकारी एरिक थॉम्पसन ने इसे इस क्षेत्र की सबसे तेजी से फैलने और बढ़ने वाली जंगल की आग में से एक बताया। थॉम्पसन को इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर छोड़ना पड़ा और अपने परिवार को वहां से निकालना पड़ा। उन्होंने शनिवार सुबह अपनी गाड़ी से पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, “मुझे ईओसी छोड़कर अपने परिवार को इस इलाके से रेस्क्यू करने के लिए आना पड़ा। हम दक्षिण की ओर जा रहे हैं।”
कनाडा ने हाल के सालों में जंगल की आग के बढ़ते खतरनाक मौसम का सामना किया है। इसकी वजह से बड़े पैमाने पर लोगों को निकालना पड़ा और कनाडा तथा अमेरिका के बड़े हिस्सों में बार-बार धुआं फैल रहा है।
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में कई घर जलते हुए दिख रहे हैं, वहीं लोग दोनों तरफ आग की लपटों से खुद को बचाते हुए भाग रहे थे।
एक घर की मालिक केरी गोल्ड और उनके पति, माइक एल्सिंगा, पास के पहाड़ों से आगे आग की लपटें फैलते देखकर रात करीब 12:30 बजे भाग गए। उन्होंने कहा, “यह डरावना है। यह तेजी से बढ़ रहा है।”
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