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Friday,28-August-2026
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वनडे विश्व कप में कोहली-रोहित की मौजूदगी गिल के लिए होगी फायदेमंद: सुरेश रैना

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नई दिल्ली, 11 जून: भारत के पूर्व बल्लेबाज सुरेश रैना का मानना है कि 2027 विश्व कप में भारतीय टीम के लिए विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि युवा कप्तान शुभमन गिल को इन दोनों दिग्गजों के अनुभव का बहुत फायदा मिलेगा।

रैना के अनुसार, बड़े टूर्नामेंटों में अनुभव अक्सर निर्णायक भूमिका निभाता है और कोहली-रोहित जैसे खिलाड़ी टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकालने की क्षमता रखते हैं। टी20 इंटरनेशनल और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अब कोहली और रोहित केवल वनडे क्रिकेट खेल रहे हैं। दोनों का विश्व कप में शानदार रिकॉर्ड रहा है।

2019 में हुए आईसीसी वनडे विश्व कप में रोहित शर्मा ने 9 मुकाबलों में 648 रन बनाए थे। उन्होंने पांच शतक और एक अर्धशतक लगाया था और वह टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे। इसके साथ ही वह विश्व कप के एक ही संस्करण में पांच शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बने थे।

वहीं, 2023 में भारत की धरती पर खेले गए वनडे विश्व कप में विराट कोहली ने इतिहास रचते हुए 11 पारियों में 765 रन बनाए थे। वह टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे और उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया। कोहली ने एक विश्व कप संस्करण में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया, जो इससे पहले सचिन तेंदुलकर( 673 रन) के नाम था।

रैना का मानना है कि अगर कोहली और रोहित 2027 विश्व कप तक फिट रहते हैं, तो उनका अनुभव और मैच जिताने की क्षमता भारतीय टीम की खिताबी उम्मीदों को और मजबूत कर सकती है। रैना ने ‘जियोस्टार’ से बात करते हुए कहा, “विराट कोहली के लिए शारीरिक और मानसिक तैयारी जरूरी होगी। वह सफेद गेंद की क्रिकेट में बहुत मजबूत दिखते हैं। यही बात रोहित शर्मा पर भी लागू होती है। दोनों आईसीसी वर्ल्ड कप में रन बनाने में माहिर हैं। रोहित 2019 में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में टॉप पर थे, जबकि 2023 में विराट कोहली ने भी ऐसा ही किया था। उन्होंने आईसीसी ट्रॉफी भी जीती हैं, जो उनकी लीडरशिप और मौजूदगी को बहुत ज्यादा अहमियत देती है। वे जानते हैं कि नॉकआउट मैचों में दबाव कैसे झेलना है। वे वहां रहे हैं, ऐसा किया है।”

पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने आगे कहा, “”बड़े टूर्नामेंट में अनुभव मायने रखता है। उनके आस-पास के युवा बल्लेबाज को उनकी सलाह से फायदा होगा। शुभमन गिल के लिए वर्ल्ड कप में भारत की कप्तानी करते हुए रोहित और विराट का उनके साथ होना एक बहुत बड़ा फायदा होगा। उनका अनुभव मैदान पर और मैदान के बाहर बहुत कीमती होगा। वर्ल्ड कप जैसे अधिक दबाव वाले टूर्नामेंट में इस तरह की मौजूदगी बहुत फर्क ला सकती है।”

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भारत दौरे की वजह से न्यूजीलैंड में टिकटों की रिकॉर्ड मांग

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न्यूजीलैंड क्रिकेट के इंटरनेशनल समर क्रिकेट ने रिकॉर्ड तोड़ शुरुआत की है। क्रिकेट नेशन मेंबर्स की प्री-सेल के पहले 48 घंटों के अंदर 26,000 टिकट बिक गए। टिकटों की जबरदस्त मांग भारत दौरे की वजह से है। भारतीय टीम अक्टूबर में मल्टी-फॉर्मेट सीरीज के लिए न्यूजीलैंड का दौरा करेगी। इस दौरे पर 12 मैच खेले जाने हैं।

ऑकलैंड के ईडन पार्क में व्हाइट-बॉल मैच शुरुआती बिक्री में सबसे बड़ा आकर्षण बनकर उभरा हैं। क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में भी टिकटों की जबरदस्त मांग देखी गई है। 9,000 की क्षमता वाले इस वेन्यू पर 22 और 24 अक्टूबर को होने वाले शुरुआती दो टी20 के साथ-साथ 27 नवंबर से 1 दिसंबर तक होने वाले टूर के दूसरे और आखिरी टेस्ट के लिए भी टिकट बिक जाने की उम्मीद है।

वेलिंगटन में भी टिकटों की बिक्री जोरों पर है। यहां तीसरा टी20 और दूसरा वनडे खेला जाना है। पहला टेस्ट, जो 19 नवंबर से शुरू होगा, बेसिन रिजर्व में खेला जाएगा।

न्यूजीलैंड क्रिकेट के चीफ मार्केटिंग और कमर्शियल ऑफिसर ग्लेन क्रिचली ने कहा कि शुरुआती रिस्पॉन्स भारत के दौरे को लेकर उत्साह दिखाता है। शुरू से ही फैन्स के लिए हमारा संदेश यही रहा है कि वे कुछ भी मिस न करने के लिए तैयार रहें। पहले दो दिनों में टिकटों की रिकॉर्ड बिक्री से यह साबित होता है कि बहुतों ने हमारी बात सुनी है। न्यूजीलैंड के लोगों के लिए यह एक बहुत कम मिलने वाला मौका है कि वे भारत से जुड़े क्रिकेट के खेल का जबरदस्त मजा लें और दुनिया के कुछ सबसे बड़े क्रिकेट स्टार को खेलते हुए देखें।”

उन्होंने कहा, “हमने जानबूझकर टिकट की कीमतें पिछले सीजन जितनी ही रखी हैं, और हमारे क्रिकेट नेशन एक्सेस कोड का इस्तेमाल करके एक टिकट 30 डॉलर से कम में मिल रहा है। हमें खुशी है कि फैंस अपनी सीट पक्की करने के लिए जल्दी आ रहे हैं और जनरल पब्लिक सेल में अभी 11 दिन बाकी हैं। हमारा संदेश यही है कि मौका न चूकें।”

क्रिचली ने ‘द फोर’ और ‘द सिक्स’ ग्रुप टिकट पैकेज के साथ-साथ वेन्यू टिकट बंडल को भी हाईलाइट किया, जो उन सपोर्टर्स के लिए अतिरिक्त वैल्यू विकल्प है और जो कई मैच देखने का प्लान बना रहे हैं।

जनरल पब्लिक सेल 7 सितंबर से शुरू होने वाली है। हालांकि, फैंस अभी भी क्रिकेट नेशन के लिए साइन अप करके एक्सक्लूसिव प्री-सेल का फायदा उठा सकते हैं, जो टिकटों पर 15 प्रतिशत का डिस्काउंट भी देता है।

भारतीय टीम 22 अक्टूबर से 27 नवंबर 2026 तक न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 टी20, 5 वनडे और 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी।

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खेल

एशियन गेम्स में जब तक पदक नहीं जीतूंगी, घर नहीं जाऊंगी: मीराबाई चानू

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जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक एशियन गेम्स 2026 का आयोजन होना है। भारत की दिग्गज पावरलिफ्टर साइखोम मीराबाई चानू एशियन गेम्स में अपना पहला पदक जीतने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं। उनकी पहली प्राथमिकता चोट से मुक्त रहना है।

मीराबाई के कोच विजय शर्मा और अमेरिकी स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच डॉ. एरॉन हॉर्शिग हैं। डॉ. हॉर्शिग के साथ उनका जुड़ाव नवंबर 2020 में शुरू हुआ और आज तक जारी है।

साई मीडिया से बात करते हुए मीराबाई ने कहा, “हम हर गुरुवार को उनके साथ वीडियो कॉल पर बात करते हैं और ट्रेनिंग, रिकवरी और अगले स्टेप्स के बारे में चर्चा करते हैं। हर चीज की बारीकी से समीक्षा करते हैं। डॉ. हॉर्शिग खुद एक वेटलिफ्टर थे, इसलिए उन्हें शरीर की हर मसल के बारे में पता है।”

ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के बाद मीराबाई और टीम ने एक दिन भी बर्बाद नहीं किया। कॉमनवेल्थ आयोजकों ने वेटलिफ्टिंग हॉल को हटा दिया था, लेकिन मीराबाई, शर्मा और फिजियो रोहित छाबड़िया ने एक जिम ढूंढा और ग्लासगो में ट्रेनिंग सेशन के लिए पैसे दिए।

मीराबाई ने कहा, “मैं सीधे मोदीनगर में ट्रेनिंग के लिए वापस आ गई। असल में, मैं घर (मणिपुर) नहीं गई। मैंने खुद को एक चुनौती दी है कि जब तक मैं एशियन गेम्स में पदक नहीं जीत लेती, घर नहीं जाऊंगी।”

इंजरी की वजह से मीराबाई का एशियन गेम्स में पदक जीतने का सपना टूटा है। हांगझोउ में पिछले एशियन गेम्स में, मीराबाई 49 किग्रा कैटेगरी में चौथे स्थान पर रही थीं। जकार्ता में 2018 में, मीराबाई पीठ की गंभीर चोट के कारण बाहर हो गई थीं। कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल की हैट्रिक के बावजूद, मीराबाई ग्लासगो में कॉम्पिटिशन के लेवल को ज्यादा अहमियत नहीं दे रही हैं।

उन्होंने कहा, “सच कहूं तो, कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रतियोगिता मेरे लिए मुश्किल नहीं थी। मुझे ग्लासगो में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी। असली टेस्ट तो अभी बाकी है।”

ग्लासगो में, मीराबाई ने कुल 190 किग्रा (स्नैच – 85 किग्रा, क्लीन एंड जर्क – 105 किग्रा) उठाकर महिलाओं की 48 किग्रा श्रेणी में स्वर्ण पदक जीता, जिससे स्नैच, क्लीन एंड जर्क और ओवरऑल टोटल में नए कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बने। मीराबाई का निजी तौर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन 205 किग्रा (89 + 116 किग्रा) है, जो उन्होंने 2021 एशियन चैंपियनशिप में और हाल ही में फरवरी 2026 में नेशनल चैंपियनशिप में बनाया था।

उन्होंने कहा, “मैं देखना चाहती हूं कि मैं जापान में कितना आगे जा सकती हूं। एशियन गेम्स मेरे लिए सबसे मुश्किल रहे हैं। आप शायद इस बार एशियन गेम्स में ‘ओलंपिक’ देखेंगे क्योंकि हमारी वेट कैटेगरी में सबसे मजबूत लिफ्टर एशिया से हैं।”

मीराबाई ने कहा, “मुझे चीनी, नॉर्थ कोरियाई, जापानी और थाई लिफ्टर से सबसे कड़े मुकाबले की उम्मीद है।”

2024 में पेरिस ओलंपिक में, मीराबाई को थाईलैंड की सुरोदचाना खंबाओ ने सिर्फ एक किलो से चौथे नंबर पर धकेल दिया था। थाई लिफ्टर ने कुल 200 किग्रा वजन उठाया था।

मीराबाई फिटनेस को लेकर सावधानी बरत रही हैं। उन्होंने कहा, “हम फिटनेस को लेकर सावधान रहे हैं। अब तक, मुझे अपनी बॉडी अच्छी लग रही है। एशियन गेम्स ही एकमात्र लक्ष्य है। मैं देखूंगी कि एशियन गेम्स में कैसा रहता है। लॉस एंजिल्स में, वेट क्लास 53 किग्रा होगी और मुझे थोड़ा और वजन बढ़ाना होगा। इसमें कोई समस्या नहीं होनी चाहिए, लेकिन सब कुछ नागोया में प्रदर्शन पर निर्भर करेगा और फिर हम दिसंबर में ओलंपिक क्वालीफायर के साथ प्लान बना सकते हैं। मुझे लगता है कि जो भी जापान में खेलेंगे वे अगले ओलंपिक को टारगेट करेंगे, लेकिन अभी के लिए मेरे लिए लक्ष्य सिर्फ एशियन गेम्स है।”

मीराबाई एशियन गेम्स में पांच सदस्यों वाले भारतीय दल का नेतृत्व करेंगी।

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खेल

दलीप ट्रॉफी: क्वार्टर फाइनल में नॉर्थ ईस्ट जोन की करारी हार, ईस्ट जोन ने पारी और 210 रनों से रौंदा

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शाहबाज अहमद के शानदार ऑलराउंडर प्रदर्शन की बदौलत ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी 2026 के क्वार्टर फाइनल-1 में नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ पारी और 210 रन से जीत हासिल की। अब यह टीम ‘सेमीफाइनल-1’ में सेंट्रल जोन से भिड़ेगी। यह मुकाबला 30 अगस्त से खेला जाएगा।

बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ग्राउंड 2 पर खेले गए मुकाबले में टॉस गंवाकर बल्लेबाजी करने उतरी ईस्ट जोन ने अपनी पहली पारी में 467 रन बनाए। इस टीम ने 25 के स्कोर तक दो विकेट गंवा दिए थे, जिसके बाद सुदीप कुमार ने कुमार कुशाग्र के साथ तीसरे विकेट के लिए 92 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 117 रनों तक पहुंचाया।

कुशाग्र 9 चौकों के साथ 55 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद टीम ने 138 के स्कोर तक अपने पांच विकेट गंवा दिए। यहां से शाहबाज अहमद ने सुदीप के साथ छठे विकेट के लिए 150 रन, जबकि अनुकूल रॉय के साथ सातवें विकेट के लिए 103 रन जोड़कर टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाया।

सुदीप 26 बाउंड्री के साथ 146 रन बनाकर आउट हुए, जबकि शाहबाज अहमद 4 छक्कों और 17 चौकों के साथ 167 रन बनाकर पवेलियन लौटे। इनके अलावा, अनुकूल रॉय ने 37 रन टीम के खाते में जोड़े। विपक्षी खेमे से आकाश चौधरी और फेरोइजम जोतिन को 3-3 विकेट हाथ लगे।

इसके जवाब मे नॉर्थ ईस्ट जोन की पहली पारी सिर्फ 111 रन पर सिमट गई। इस टीम ने 81 के स्कोर तक अपने 5 विकेट खो दिए थे। यहां से कप्तान रोंगसेन जोनाथन (21) ने फेरोइजम जोतिन (11) के साथ छठे विकेट के लिए 25 रन जोड़े। इस टीम ने 111 के स्कोर पर अपने अंतिम चार विकेट गंवाए। विपक्षी खेमे से अभिजीत सरकार ने 20 रन देकर सर्वाधिक 5 विकेट हासिल किए, जबकि शाहबाज अहमद ने 3 सफलताएं हासिल कीं।

ईस्ट जोन के पास पहली पारी के आधार पर 356 रन की बढ़त थी। ऐसे में नॉर्थ ईस्ट को फॉलोऑन खेलने पर मजबूर होना पड़ा और ये टीम दूसरी पारी में सिर्फ 146 रन पर ढेर हो गई।

इस पारी में नॉर्थ ईस्ट जोन के लिए फेरोइजम जोतिन ने सर्वाधिक 39 रन बनाए, जबकि आकाश चौधरी ने 27 रन का योगदान दिया। इनके अलावा आकाश थापा ने 20 रन और किशन लिंगदोह ने 25 रन टीम के खाते में जोड़े। विपक्षी खेमे से अनुकूल रॉय ने 37 रन देकर 5 विकेट निकाले, जबकि वैभव सूर्यवंशी ने 3 ओवरों में 11 रन देकर 2 विकेट हासिल किए।

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