राष्ट्रीय
ऑपरेशन सीवाई-हॉक-4: दिल्ली में साइबर और फाइनेंशियल फ्रॉड गिरोहों का भंडाफोड़, 113 आरोपी गिरफ्तार
नई दिल्ली, 9 अप्रैल : साउथ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की साइबर पुलिस ने ऑपरेशन सीवाई-हॉक-4 के तहत एक बड़ा कदम उठाया है। इस ऑपरेशन में अंतरराज्यीय साइबर और फाइनेंशियल फ्रॉड से जुड़े कई गिरोहों का पर्दाफाश किया गया। कुल 57 मामलों में 113 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 303 शिकायतों को सीधे जुड़े म्यूल अकाउंट्स और मोबाइल नेटवर्क्स से लिंक किया गया।
जानकारी के अनुसार, लगभग 22 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी वाली रकम को अलग-अलग म्यूल और स्कैमस्टर अकाउंट्स से जोड़ा गया। पुलिस की सक्रिय कोशिशों की वजह से 17 लाख को बेनिफिशियरी अकाउंट्स में रोक दिया गया।
इस ऑपरेशन में कुल 47 लाख 79 हजार की रकम, 1 मर्सिडीज एस क्लास कार, 6 लैपटॉप, 85 मोबाइल फोन, 11 पासबुक, 42 डेबिट कार्ड, 135 म्यूल सिम, 1 वाई-फाई राउटर और 1 पैन कार्ड जब्त किया गया। इसके अलावा 488 लोगों से पूछताछ और वेरिफिकेशन की गई और 164 नोटिसेज जारी की गई। इसके साथ ही 23 नए एफआईआर भी दर्ज किए गए।
ऑपरेशन सीवाई-हॉक-4 के तहत सबसे बड़ी कार्रवाई एयर टिकट फ्रॉड रैकेट के खिलाफ की गई। यह गिरोह दिल्ली, गोवा और मुंबई से चल रहा था और एनआरआई को धोखा दे रहा था। इसके मुख्य मास्टरमाइंड मृदुल जोशी को गिरफ्तार किया गया, जो दिल्ली पटेल नगर और गोवा में फेक कॉल सेंटर चलाता था। उसके साथ जुड़े म्यूल अकाउंट्स और सहयोगियों की भी गिरफ्तारी हुई। इस रैकेट में लगभग 47 लाख रुपए कैश, 1 मर्सिडीज कार, कई मोबाइल, लैपटॉप, एटीएम कार्ड और फेक एसआईएम कार्ड जब्त किए गए। एक शिकायतकर्ता को 3.8 लाख रुपए का नुकसान हुआ था।
साइबर टीम ने इस पूरे गिरोह की गतिविधियों को डिजिटल और तकनीकी तरीके से ट्रेस किया। इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, गूगल और मोबाइल नेटवर्क्स के डाटा का विश्लेषण करके मास्टरमाइंड और उसके सहयोगियों की लोकेशन का पता लगाया गया। म्यूल अकाउंट्स और नकली बैंक अकाउंट्स का नेटवर्क भी सामने आया, जिसके जरिए धोखाधड़ी की रकम निकाली जा रही थी।
दूसरे बड़े ऑपरेशन में फेक लोन ऐप फ्रॉड रैकेट का खुलासा हुआ। इस गिरोह के छह आरोपी पकड़े गए। उन्होंने पाकिस्तान और बांग्लादेश के वर्चुअल नंबरों का इस्तेमाल करके लोन ऐप के पीड़ितों को निशाना बनाया। आरोपी ने अपने यूपीआई क्यूआर को अन्य गिरोह सदस्यों को दे दिया, जिससे धोखाधड़ी की रकम म्यूल अकाउंट्स में ट्रांसफर होती रही। तकनीकी जांच में व्हाट्सएप चैट और डिजिटल ट्रेल्स मिली, जिससे पूरे नेटवर्क की पहचान हुई। इस मामले में कुल 7 एनआरसीपी शिकायतें लिंक हुईं।
इस गिरोह का काम करने का तरीका बहुत संगठित था। पीड़ितों को लोन देने के बहाने मोबाइल और डाटा पर नियंत्रण कर लिया जाता और उन्हें धमकियां दी जाती थीं। धोखाधड़ी की रकम म्यूल अकाउंट्स में आती, जिसे गिरोह के सदस्य निकालकर यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी में बदल देते थे, ताकि पैसे का कोई ट्रेल न रहे।
इन आरोपियों के पास से 6 मोबाइल फोन जब्त किए गए, जिनमें सभी डिजिटल सबूत और वित्तीय डेटा मौजूद थे।
राष्ट्रीय
मध्य प्रदेश में दुर्लभ कछुए के अंतरराष्ट्रीय तस्कर रहेंगे जेल में

भोपाल, 11 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में दुर्लभ कछुआ की तस्करी करने वाले आरोपी जेल में ही रहेंगे, क्योंकि सागर के अपर सत्र न्यायालय ने दोनों आरोपियों की अपील खारिज करते हुए सजा और अर्थ दंड को बरकरार रखा है। दरअसल, स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) ने अत्यंत दुर्लभ जलीय जीव रेड-क्राउंड रूफ कछुओं की अंतर्राष्ट्रीय तस्करी के मामले में शेखर दास और मोहम्मद सुल्तान को गिरफ्तार किया था, जिस पर उन्होंने अपील की थी।
इस अपील को विशेष न्यायालय द्वारा खारिज किया गया है। सजा एवं अर्थदंड को बरकरार रखा है। न्यायालय ने आरोपियों की अपील को निरस्त करते हुए उन दोनों को 3 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा भुगतने के लिए केंद्रीय जेल सागर भेजने के आदेश जारी किए हैं। दोनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है।
स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स और वन विभाग की संयुक्त टीम ने वर्ष 2017 में राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य एवं उसके पारिस्थितिकी क्षेत्र से दुर्लभ लाल तिलकधारी कछुओं तथा पैंगोलिन शल्क की तस्करी का पर्दाफाश किया था। जांच में सामने आया कि आरोपी एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का हिस्सा थे, जो चंबल नदी से इन दुर्लभ कछुओं को एकत्र कर कोलकाता तथा भारत-बांग्लादेश सीमा के माध्यम से विदेशों में अवैध रूप से भेजता था। गिरोह द्वारा वन्यजीव तस्करी के साथ हवाला के जरिये अवैध वित्तीय लेनदेन का नेटवर्क भी संचालित किया जा रहा था।
स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्य प्रदेश द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, बयानों और जांच रिपोर्ट के आधार पर विशेष न्यायालय सागर ने 29 मार्च 2022 को दोनों आरोपियों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधन 2022) के उल्लंघन का दोषी पाते हुए 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई थी। इसके विरुद्ध आरोपियों ने अपील की थी।
अपीलीय न्यायालय ने एसटीएसएफ द्वारा की गई विवेचना और प्रस्तुत साक्ष्यों को तथ्यपरक मानते हुए कहा कि विशेष न्यायालय के निर्णय में कोई वैधानिक त्रुटि नहीं है। अपीलीय न्यायालय ने दोनों आरोपियों की अपीलें निरस्त कर उन्हें सजा भुगतने के लिए केंद्रीय जेल सागर भेजने के आदेश जारी कर दिए हैं।
दुर्घटना
जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर चार वाहनों की टक्कर, 18 अमरनाथ यात्री हुए घायल

जम्मू, 13 जुलाई: रामबन जिले में जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर सोमवार को भीषण सड़क हादसा हो गया। अधिकारियों ने बताया कि इस सड़क हादसे में अमरनाथ यात्रा के 18 यात्री घायल हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, रामबन के चंदरकोट में लंगर पॉइंट पर पहलगाम जा रहे काफिले में शामिल दो एसआरटीसी बसों, एक कार और एक प्राइवेट बस की टक्कर हो गई।
अधिकारियों के मुताबिक, पहले एसआरटीसी की बस (जेके 01वाई-1044) दूसरी एसआरटीसी (जेके 01 वाई-1052) बस से टकरा गई। टक्कर की वजह से दूसरी बस एक कार (जेके21के-8115) से जा टकराई और फिर उस कार ने एक प्राइवेट बस (जेके02 सीएल-5499) को टक्कर मार दी। 4 वाहनों में टक्कर के कारण 18 अमरनाथ यात्री घायल हो गए।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी 18 घायल तीर्थयात्रियों को इलाज के लिए तुरंत रामबन के ज़िला अस्पताल पहुंचाया। अधिकारियों ने बताया कि सभी को मामूली चोटें आई हैं और उनकी हालत स्थिर है।
अभी तक 10 घायलों की पहचान हुई है। उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले कमलेश राजपूत के 23 वर्षीय बेटे हर्ष राजपूत, सुरेश गुप्ता के 18 वर्षीय बेटे विशाल गुप्ता, हीरा लाल शंकर के 23 वर्षीय बेटे पंकज सुवनकर, महाराष्ट्र के यवतमाल के जीवन मोवाडे के 29 वर्षीय बेटे सुहास जीवन मोवाडे, राजस्थान के गंगानगर के रतन के 45 वर्षीय बेटे भारत भूषण, शिव के 51 वर्षीय बेटे विनोद कुमार घायल हुए हैं। वहीं, राजस्थान के बीकानेर के सत्तासर के रतन, राजस्थान के विनोद बागला की 48 वर्षीय पत्नी किरण, पंजाब के अक्षय कुमार की 50 वर्षीय पत्नी सीमा रानी, राजस्थान के शिव रतन के 67 वर्षीय बेटे पवन कुमार और राजस्थान के जनता सिंघा के 41 वर्षीय बेटे गंगा सिन्हा भी हादसे में घायल हुए हैं। बाकी 8 घायलों की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
हादसे के बाद जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक कुछ देर के लिए प्रभावित हुआ। पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है और आगे की जांच चल रही है।
3 जुलाई को शुरू हुई श्री अमरनाथ यात्रा 57 दिनों के बाद 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के त्योहारों के साथ संपन्न होगी। इस साल की यात्रा शुरू होने के बाद से, कश्मीर हिमालय में समुद्र तल से 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा मंदिर में 2.45 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए हैं।
अपराध
कर्नाटक: ब्लैकमेल कर व्यापारी से 2.77 करोड़ रुपए वसूलने के आरोप में यूथ कांग्रेस नेता और उसका साथी गिरफ्तार

मंगलुरु, 9 जून: कर्नाटक के मंगलुरु में जबरन वसूली का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने एक प्रमुख व्यापारी को ब्लैकमेल करने और लगभग दो साल में 2.77 करोड़ रुपए वसूलने के आरोप में यूथ कांग्रेस के एक पदाधिकारी और उसके साथी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान मंगलुरु यूथ कांग्रेस के महासचिव निजाम और जितेश के तौर पर हुई है। आरोप है कि जितेश ने पहले व्यापारी को अपने जाल में फंसाया और बाद में उसकी अश्लील तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल करके उसे ब्लैकमेल किया। पुलिस ने बताया कि जितेश ने शुरू में 35 लाख की मांग की और वीडियो को पीड़ित की पत्नी को दिखाने की धमकी दी। अपनी बदनामी के डर से व्यापारी ने चेक के जरिए यह रकम दे दी।
जब पैसों की मांग जारी रही तो व्यापारी ने मदद के लिए निजाम से संपर्क किया, हालांकि पुलिस का आरोप है कि निजाम ने मदद करने के बजाय जितेश का साथ दिया और जबरन वसूली के इस रैकेट में शामिल हो गया।
इसके बाद दोनों ने आत्महत्या की एक झूठी कहानी रची। निजाम ने मई 2024 में व्यापारी को बताया कि जितेश ने आत्महत्या कर ली है और सुसाइड नोट में पीड़ित का नाम लिखा है। कहानी को सच साबित करने के लिए आरोपियों ने जितेश की मौत और अंतिम संस्कार की तस्वीरें दिखाईं और व्यापारी को आपराधिक मामले में फंसाने की धमकी दी।
गिरफ्तारी और सामाजिक बदनामी के डर से व्यापारी पैसे देता रहा। पुलिस ने बताया कि 2024 से 2026 के बीच पीड़ित से कुल 2.77 करोड़ रुपए वसूले गए। यह धोखाधड़ी तब सामने आई जब जून 2026 में व्यापारी ने जितेश को मंगलुरु में जिंदा देखा। जिस व्यक्ति को वह मरा हुआ समझ रहा था, उसे जिंदा देखकर वह हैरान रह गया और उसने उरवा पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने निजाम और जितेश दोनों को गिरफ्तार कर लिया। मामले की और जानकारी के लिए आगे की जांच चल रही है। इस बीच गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर मंगलुरु और पूरे कर्नाटक के कई राजनीतिक नेताओं के साथ निजाम की तस्वीरें वायरल हो गई हैं।
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