व्यापार
कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, सेंसेक्स 300 अंक गिरा, आईटी शेयरों में बढ़त
share market
मुंबई, 6 मार्च : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला।
इस दौरान 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद (80,015.90) से 356.91 अंकों यानी 0.45 प्रतिशत की गिरावट के साथ 79,658.99 पर खुला, तो वहीं एनएसई निफ्टी अपने पिछले बंद (24,765.90) से 109.50 अंक या 0.44 प्रतिशत गिरकर 24,656.40 पर खुला।
खबर लिखे जाने तक (सुबह 9.30 बजे के करीब) सेंसेक्स 316.09 अंकों यानी 0.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ 79,699.81 पर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं निफ्टी 86.60 (0.35 प्रतिशत) अंक गिरकर 24,679.30 पर कारोबार करता नजर आया।
शुरुआती कारोबार में व्यापक बाजार सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन कर रहे थे। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.48 प्रतिशत तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.64 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी आईटी इंडेक्स में सबसे ज्यादा 1.23 प्रतिशत की तेजी देखी गई, जबकि निफ्टी ऑटो (0.60 प्रतिशत), निफ्टी एफएमसीजी (0.02 प्रतिशत) और निफ्टी बैंक (0.85 प्रतिशत) में गिरावट दर्ज की गई।
ध्यान देने वाली बात है कि पिछले कारोबारी दिन गुरुवार को घरेलू बाजार लगातार चार दिन की गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए तेजी के साथ हरे निशान में खुला और अच्छी बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 899.71 अंक या 1.14 प्रतिशत की तेजी के साथ 80,015.90 पर बंद हुआ, तो वहीं निफ्टी 285.40 अंक या 1.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,765.90 पर बंद हुआ।
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने बताया कि निफ्टी में 24,550 से 24,500 का दायरा फिलहाल अहम सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 24,850 का स्तर निकटतम रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है।
एक्सपर्ट के अनुसार, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) 37.55 पर है, जो ओवरसोल्ड स्तर से ऊपर आने के बाद बाजार में धीरे-धीरे सुधार के संकेत दे रहा है।
मार्केट एक्सपर्ट शाह ने आगे कहा कि पिछले सत्र में विदेशी निवेशक (एफआईआई) ने लगातार पांचवें सत्र में बिकवाली जारी रखते हुए करीब 3,752 करोड़ रुपए के शेयर बेच दिए। दूसरी ओर घरेलू निवेशक (डीआईआई) ने सातवें दिन भी खरीदारी जारी रखी और 5,000 करोड़ रुपए से अधिक के शेयर खरीदे। इससे विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावजूद बाजार को कुछ सहारा मिला।
एक्सपर्ट ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और बाजार में बढ़ती अस्थिरता को देखते हुए निवेशकों को फिलहाल संयम और सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। उन्होंने कहा कि गिरावट के दौरान मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ही ध्यान देना बेहतर रहेगा।
नई खरीदारी की रणनीति तभी बनानी चाहिए जब निफ्टी 25,000 के स्तर के ऊपर स्पष्ट और मजबूत ब्रेकआउट दे। ऐसा होने पर बाजार में तेजी की भावना मजबूत होगी और एक स्थायी बुलिश ट्रेंड बनने की पुष्टि हो सकती है।
राष्ट्रीय समाचार
कमजोर वैश्विक संकेतों से गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, फाइनेंशियल स्टॉक्स पर दबाव

भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ खुला। सुबह 9:28 पर सेंसेक्स 267 अंक या 0.34 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 78,686 और निफ्टी 34 अंक या 0.14 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,603 पर था।
शुरुआती कारोबार में बिकवाली का दबाव फाइनेंशियल स्टॉक्स में देखा जा रहा है। सूचकांकों में निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज टॉप लूजर्स था। निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी मीडिया, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी फार्मा और निफ्टी इन्फ्रा भी हरे निशान में थे। दूसरी तरफ निफ्टी आईटी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी ऑयल एंड गैस लाल निशान में थे।
सेंसेक्स पैक में टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इन्फोसिस,एमएंडएम, एनटीपीसी, बीईएल, सन फार्मा, एसबीआई, एलएंडटी, पावर ग्रिड, टाइटन और आईटीसी हरे निशान में थे। बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, इटरनल और अल्ट्राटेक सीमेंट लाल निशान में थे।
मिडकैप और स्मॉलकैप में मिलाजुला कारोबार हो रहा है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 122 अंक या 0.19 प्रतिशत की मजबूती के साथ 63,446 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 38 अंक या 0.19 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 19,839 पर था।
जानकारों ने कहा, “मार्केट में स्थिरता आ रही है और यह धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ रहा है। निकट भविष्य में यह ट्रेंड जारी रहने की संभावना है, जिससे आगे ब्रेकआउट आ सकता है। पहली के नतीजों से कुछ अहम बातें सामने आई हैं, जिन्हें निवेशकों को ध्यान में रखना चाहिए, जिसमें पहली बात, फाइनेंशियल, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स और टेलीकॉम जैसे सेक्टर की अधिकतर कंपनियों ने आय और मुनाफे में दोहरे अंकों की ग्रोथ दर्ज की है। इससे उनके स्टॉक की कीमतों को मजबूती मिली है। दूसरा, आईटी सेक्टर को धीमी ग्रोथ और एआई के असर को लेकर चिंताओं का सामना करना पड़ा रहा है। तीसरा, मेटल्स और ऑयल जैसी कमोडिटीज के मामले में मिली-जुली स्थिति रही है।”
ज्यादातर एशियाई बाजारों में भी मिलाजुला कारोबार हो रहा था। टोक्यो, बैंकॉक और सोल लाल निशान में थे। शंघाई, हांगकांग और जकार्ता हरे निशान में थे। अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को लाल निशान में बंद हुआ था, जिसमें डाओ जोन्स 0.85 प्रतिशत की कमजोरी के साथ और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक 0.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ सपाट बंद हुआ।
राष्ट्रीय समाचार
सोने और चांदी में उछाल, करीब 1.1 प्रतिशत तक बढ़े दाम

GOLD
सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार को उछाल देखने को मिला है और इससे दोनों कीमती धातुओं का दाम करीब 1.1 प्रतिशत तक बढ़ गया है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 5 अक्टूबर, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,48,858 रुपए प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 1,49,355 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला।
सुबह 10 बजे यह 793 रुपए या 0.53 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,49,651 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था।
अब तक के कारोबार में सोने ने 1,49,164 रुपए प्रति 10 ग्राम का न्यूनतम स्तर और 1,49,648 रुपए प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ है।
चांदी का 4 सितंबर, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,25,836 रुपए प्रति किलो के मुकाबले 2,27,993 रुपए प्रति किलो पर खुला।
फिलहाल यह 2,549 रुपए या 1.13 प्रतिशत की मजबूती के साथ 2,28,385 रुपए प्रति किलो पर था।
अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,27,481 रुपए प्रति किलो का न्यूनतम स्तर और 2,28,401 रुपए प्रति किलो का उच्चतम स्तर छुआ।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। सोना 0.56 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,323 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ 62.49 डॉलर प्रति औंस पर था।
जानकारों ने कहा कि हाल की तेजी को कमजोर अमेरिकी डॉलर और संभावित अमेरिका-ईरान परमाणु समझौते को लेकर बढ़ती उम्मीदों का समर्थन मिला है, जिससे भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद बाजार का मूड सकारात्मक बना हुआ है।
उन्होंने आगे कहा कि बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की उम्मीद है क्योंकि निवेशक बातचीत के बारे में और साफ जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिया है कि अगले 48 घंटों में कोई अहम नतीजा सामने आ सकता है। निवेशक शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल्स (एनएफपी) और बेरोजगारी के आंकड़ों पर भी नजर रखेंगे, क्योंकि ये आंकड़े फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों के नजरिए को लेकर उम्मीदें तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। तकनीकी तौर पर, उम्मीद है कि एमसीएक्स गोल्ड की ट्रेडिंग आने वाले समय में 1,47,000–1,52,000 रुपए प्रति 10 ग्राम की रेंज में होगी।
व्यापार
लगातार दूसरे दिन हरे निशान में बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स में 374 अंकों की बढ़त

वैश्विक बाजारों के मिले-जुले संकेतों के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे सत्र में बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ। इस बीच सेंसेक्स में 374 अंकों की बढ़त दर्ज की गई, तो वहीं निफ्टी 24,600 से ऊपर बंद हुआ। इससे पहले मंगलवार की गिरावट से पहले भी घरेलू बाजार ने लगातार चार सत्रों में तेजी दर्ज की थी।
बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 373.76 अंक यानी 0.48 प्रतिशत बढ़कर 78,954.76 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी50 11.35 अंक या 0.05 प्रतिशत बढ़कर 24,636.00 पर बंद हुआ।
व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप में 0.44 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप में 0.48 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी पीएसयू बैंक सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाला सेक्टर रहा, जिसमें 2.20 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसके बाद निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.8 प्रतिशत की तेजी आई। इसके साथ ही निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.17 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
वहीं, इसके विपरीत निफ्टी मीडिया सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा, जिसमें 1.28 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी रियल्टी में भी 1.32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी ऑटो और निफ्टी मेटल में भी क्रमशः 1.01 प्रतिशत और 0.99 की गिरावट देखने को मिली, जबकि निफ्टी आईटी में 0.95 प्रतिशत की गिरावट आई।
निफ्टी50 इंडेक्स में एसबीआई, बीईएल, इटरनल, टाइटन, श्रीराम फाइनेंस और सिप्ला के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त देखी गई, जबकि इसके विपरीत पावर ग्रिड, टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, टीसीएस और बजाज ऑटो के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली।
एक मार्केट एक्सपर्ट ने बताया कि क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी और होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग गतिविधियों को सामान्य करने और क्षेत्रीय स्थिरता बहाल करने के लिए तेज हुई कूटनीतिक कोशिशों से बाजारों को सहारा मिला।
आरबीआई के स्थिर पॉलिसी रुख और विकास के सकारात्मक नजरिए से बाजार का उत्साह और बढ़ा, जिससे हैवीवेट, बैंकिंग और एनर्जी शेयरों में चुनिंदा खरीदारी देखी गई।
एक्सपर्ट ने कहा कि निवेशक आने वाली तिमाहियों में बेहतर कमाई की उम्मीद भी कर रहे हैं, क्योंकि क्रूड की कीमतों में नरमी से महंगाई का दबाव कम हो सकता है और मार्जिन बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
बाजार की इस बदली हुई सोच के बीच, ओ2सी-आधारित कारोबार के लंबे समय तक कमजोर प्रदर्शन के बाद अब इसमें ‘बार्गेन बाइंग’ (कम कीमत पर खरीदारी) देखी जा रही है, क्योंकि बाजार एनर्जी, टेलीकॉम, रिटेल और अन्य क्षेत्रों में इसकी लंबी अवधि की वैल्यू का फिर से आकलन कर रहे हैं।
हालांकि, ऑटो, मेटल, आईटी, रियल्टी और सीमेंट जैसे कई क्षेत्रों में मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) देखी गई, लेकिन स्मॉल-कैप शेयरों में तेजी के कारण व्यापक बाजार मजबूत बना रहा।
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