अपराध
बॉम्बे हाई कोर्ट ने पुलिस की चूक पर चिंता जताई, साकिनाका ‘आत्महत्या’ मामला हत्या की जांच में बदल गया, पति गिरफ्तार
मुंबई: अक्टूबर 2024 में साकी नाका पुलिस स्टेशन में आत्महत्या के रूप में दर्ज किया गया मामला अब अदालत की निगरानी में हत्या की जांच में बदल गया है। क्योंकि बॉम्बे हाई कोर्ट ने 34 वर्षीय गीता उर्फ नारंगी चौधरी की मौत के शुरुआती प्रबंधन में गंभीर चूक को उजागर किया है।
साकीनाका निवासी गीता को 14 अक्टूबर, 2024 को फांसी से मृत घोषित कर दिया गया था। हालांकि, उनके परिवार ने लगातार यह दावा किया कि उनका गला घोंटा गया था और पुलिस ने दिखाई देने वाले चोट के निशानों को नजरअंदाज कर दिया था। एक साल से अधिक समय बाद, अदालत के हस्तक्षेप और फोरेंसिक निष्कर्षों के बाद, जिन्होंने आत्महत्या के सिद्धांत पर सवाल उठाए, उनके पति सकाराम चौधरी, 35, सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है
साकीनाका निवासी गीता को 14 अक्टूबर, 2024 को फांसी से मृत घोषित कर दिया गया था। हालांकि, उनके परिवार ने लगातार यही दावा किया कि उनका गला घोंटा गया था और पुलिस ने शरीर पर मौजूद चोट के निशानों को नजरअंदाज कर दिया था। एक साल से अधिक समय बाद, अदालत के हस्तक्षेप के बाद उनके पति सकाराम चौधरी (35) समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गीता के भाई दिनेश बनाराम ने मीडिया को बताया, “पुलिस ने चोट के निशानों को नजरअंदाज कर दिया और केवल आकस्मिक मृत्यु की रिपोर्ट दर्ज की। हमने बार-बार उनसे कहा कि यह हत्या है, लेकिन पुलिस ने हमारी बात अनसुनी कर दी क्योंकि आरोपी के चाचा राजाराम चौधरी कथित तौर पर कुछ पुलिसकर्मियों के करीबी हैं। उन्होंने हमें अपने मोबाइल डिस्प्ले और स्टेटस पर एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ अपनी तस्वीर भी दिखाई। उन्होंने आगे कहा, “मेरी बहन के पति सकाराम, साकिनाका पुलिस स्टेशन के पास एक हार्डवेयर की दुकान चलाते थे। अदालत के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया।
दिनेश ने आगे बताया कि प्रारंभिक जांच सहायक पुलिस अधिकारी विश्वनाथ धवाने ने की थी, जिनका बाद में सपना क्षीरसागर में तबादला हो गया। सुनील यादव साकीनाका पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक हैं। उन्होंने कहा, “इन अधिकारियों ने शुरू में एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया, इसलिए हमने अपने पैतृक स्थान राजस्थान में शून्य एफआईआर दर्ज कराई। बाद में जेजे अस्पताल में दूसरा पोस्टमार्टम कराया गया। परिवार ने सवाल उठाया कि जब तक हाई कोर्ट ने हस्तक्षेप नहीं किया, तब तक वही पुलिस टीम इस मामले को क्यों संभालती रही। दिनेश ने आरोप लगाया कि शुरुआती जांच में शामिल अधिकारी अभी भी सेवा में हैं और उनके खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि डीसीपी ने उन्हें सूचित किया है कि कमियों की आंतरिक जांच चल रही है। मीडिया ने जोन 10 के पुलिस उपायुक्त दत्ता नलवाडे से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
गीता के पिता, अचलराम भानाराम के अनुसार, घटना वाले दिन वह खुशमिजाज लग रही थी। शाम तक, परिवार को सूचित किया गया कि उसने कथित तौर पर फांसी लगा ली है। हालाँकि, जब उन्होंने उसका शव देखा, तो उन्होंने उसकी गर्दन पर स्पष्ट लिगेचर के निशान और खरोंच के घाव देखे
राजस्थान के देसुरी के निवासी उसके माता-पिता ने वहां हत्या के लिए जीरो एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसे 18 अक्टूबर, 2024 को साकीनाका में स्थानांतरित कर दिया गया था।
गीता के शव को तीन महीने बाद कब्र से निकाला गया और दूसरी बार पोस्टमार्टम के लिए जेजे अस्पताल भेजा गया। फोरेंसिक टीम ने कथित तौर पर यह राय दी कि शरीर पर मौजूद दो गांठों के निशान संभवतः गला घोंटने और फिर फांसी लगाने का संकेत देते हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता और आपराधिक वकील आभा सिंह ने कहा कि यह मामला “आपराधिक न्याय व्यवस्था की गंभीर विफलता” को दर्शाता है।
अपराध
सीबीआई ने गुजरात के 11.42 करोड़ रुपए के ‘डिजिटल अरेस्ट’ मामले में दो और आरोपियों को किया गिरफ्तार

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 11.42 करोड़ रुपए के ‘डिजिटल अरेस्ट’ मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी ने रविवार को बताया कि यह कार्रवाई उन सिंडिकेट्स (गिरोहों) के खिलाफ सीबीआई की लगातार चल रही मुहिम का हिस्सा है, जो देशभर के नागरिकों के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं।
एजेंसी के अनुसार, सीबीआई ने ‘ऑपरेशन चक्र-6’ के तहत डिजिटल अरेस्ट से जुड़े अपराधों पर देशव्यापी कार्रवाई को तेज करते हुए 10 राज्यों में 22 जगहों पर एक साथ तलाशी ली। इसी कड़ी में गुजरात के एक बड़े डिजिटल अरेस्ट मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया।
इस मामले में पीड़ित को कथित तौर पर तीन महीने तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा गया था। साइबर अपराधियों ने पुलिस और भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के अधिकारी बनकर पीड़ित को 11.42 करोड़ रुपए ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हिमांशु प्रसाद और यूनिस बिस्वास के रूप में हुई है। सीबीआई जांच के दौरान दोनों आरोपियों की अपराध से मिली रकम प्राप्त करने, उसकी लेयरिंग (कई खातों में घुमाने) और उसे आगे भेजने में भूमिका का पता चला।
जांच से यह भी पता चला कि उन्होंने कथित तौर पर एक कंपनी के बैंक खाते का इस्तेमाल पीड़ित से ठगे गए 11.42 करोड़ रुपए में से 2.5 करोड़ रुपए प्राप्त करने के लिए किया था। साथ ही, ये दोनों मनी ट्रेल को छिपाने के इरादे से इन फंड्स को अपने साथियों के कई खातों में ट्रांसफर करने में सक्रिय रूप से शामिल थे।
जांच में पता चला है कि दोनों आरोपी ‘डिजिटल अरेस्ट’ धोखाधड़ी और दूसरे साइबर अपराधों से कमाए गए पैसे को निकालने के लिए बैंक अकाउंट्स का इस्तेमाल करने और एपीके फाइलें इंस्टॉल करने में शामिल थे। उनके पास से जब्त किए गए डिजिटल डिवाइस से कई ऐसे चैट, मैसेज और दस्तावेज भी मिले हैं, जो अपराध में उनकी भूमिका साबित करते हैं।
मनी ट्रेल के विस्तृत वित्तीय और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर तलाशी की गई। इस दौरान आपत्तिजनक बैंकिंग दस्तावेज, खाते से संबंधित रिकॉर्ड, डिजिटल डिवाइस और अन्य महत्वपूर्ण सबूत जब्त किए गए। सीबीआई ने कहा कि इन सबूतों की फोरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि राज्यों की सीमाओं के पार चल रहे डिजिटल अरेस्ट सिंडिकेट्स के बड़े वित्तीय और तकनीकी ढांचे का पता लगाया जा सके।
एजेंसी ने जानकारी दी कि सीबीआई ने अलग-अलग राज्यों से ‘डिजिटल अरेस्ट’ के कई मामले अपने हाथ में लिए हैं। इनमें से चार मामलों में पिछले 30 दिनों में सीबीआई ने 22 राज्यों में 142 जगहों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी की है और 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
अपराध
पंजाब में 47 किलो हेरोइन और अवैध हथियारों के साथ 4 तस्कर गिरफ्तार, सीमा पार से जुड़े तार

पंजाब पुलिस ने एक बार फिर ड्रग और हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने बड़ी मात्रा में हेरोइन और हथियार के साथ 4 तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कनेक्शन सीमा पार से जुड़े हैं।
पंजाब डीजीपी की ओर से एक्स पोस्ट में कहा गया, “एक बड़ी कामयाबी में फरीदकोट पुलिस ने सीमा पार हेरोइन तस्करी के एक नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 4 लोगों को पकड़ा है। इनके कब्जे से 47.3 किलो हेरोइन, 3 पिस्तौल, 3 मैगजीन, 15 कारतूस और 2 गाड़ियां बरामद की हैं।”
डीजीपी ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि पकड़े गए आरोपी पंजाब में हेरोइन और अवैध हथियारों की सीमा पार तस्करी में शामिल एक नेटवर्क से जुड़े हैं। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पुलिस स्टेशन सादिक और फरीदकोट में एफआईआर दर्ज की गई है। इस बड़े नेटवर्क का पता लगाने और इसके आगे-पीछे के कनेक्शन का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है।
इसके पहले काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर ने सीमा पार नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 3 मुख्य आरोपियों को पकड़ा था और 17 किलो हेरोइन बरामद की थी। शुरुआती जांच से पता चला है कि ये आरोपी सीमा पार के तस्करों के साथ मिलकर काम कर रहे थे और आगे सप्लाई के लिए हेरोइन की खेप ले रहे थे।
पुलिस स्टेशन स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल अमृतसर में पकड़े गए तस्करों के खिलाफ एअफआईआर दर्ज की गई है। आगे की जांच जारी है ताकि तस्करी के पूरे नेटवर्क (आगे और पीछे के कनेक्शन) का पता लगाया जा सके, इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके और सीमा पार नशीले पदार्थों की तस्करी के बड़े नेटवर्क को खत्म किया जा सके। डीजीपी ने दोहराया कि पंजाब पुलिस सीमा पार तस्करी पर कड़ी नजर रख रही है और ड्रग तस्करी व संगठित आपराधिक नेटवर्क को खत्म करने के लिए कड़े कदम उठा रही है।
अपराध
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में खाली घर से मिला नाबालिग लड़की का शव, परिवार ने जताया हत्या का शक

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में शनिवार सुबह एक खाली घर से 16 साल की लड़की का शव मिला है। परिवार का आरोप है कि उसकी हत्या एक नाबालिग लड़के और उसके परिवार वालों ने की है। बताया जा रहा है कि लड़की उस लड़के के साथ रिलेशनशिप में थी। लड़की के परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
लड़की का शव पुरुलिया मुफस्सिल पुलिस स्टेशन इलाके में एक खाली घर से मिला। लड़की के जीजा ने स्थानीय मीडिया को बताया कि वह शुक्रवार रात से लापता थी। हमने पूरी रात उसे ढूंढा लेकिन वह नहीं मिली। आज सुबह वह मृत पाई गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि हमें पता चला कि लड़की का एक स्थानीय लड़के के साथ संबंध था। वह ट्यूशन के लिए उनके घर जाती थी लेकिन बाद में उसने वहां ट्यूशन जाने से मना कर दिया। हमें शक है कि लड़की की हत्या की गई है। हमने सरकार से अपील की है कि उसे उचित न्याय मिले।
शनिवार सुबह लड़की का शव परिवार के ही एक खाली घर के अंदर मिला। उसके गले पर उसका स्कार्फ बंधा हुआ था।पुरुलिया मुफस्सिल पुलिस स्टेशन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को पुरुलिया मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेज दिया।
पुलिस ने कहा कि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही पता चलेगा। अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया है। पुरुलिया जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि शव बरामद कर लिया गया है और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। लड़की के परिवार ने शिकायत दर्ज कराई है। परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
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