राजनीति
सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल में एसआईआर के खिलाफ ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई
नई दिल्ली, 4 फरवरी : सुप्रीम कोर्ट बुधवार को पश्चिम बंगाल में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की वैधता को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। इनमें से एक याचिका मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दायर की है, जिसमें उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) पर राजनीतिक भेदभाव करने और एसआईआर कराने में तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड की गई कॉजलिस्ट के अनुसार, भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और विपुल एम. पंचोली वाली बेंच बुधवार को इस मामले की सुनवाई करेगी।
मुख्यमंत्री बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी याचिका दायर कर एसआईआर प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठाया था और आरोप लगाया था कि जिस तरह से इसे किया जा रहा है, उससे लाखों वोटर्स, खासकर समाज के हाशिए पर पड़े वर्गों के लोगों के वोट देने का अधिकार छीना जा सकता है।
अपनी याचिका में, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने ईसीआई पर राजनीतिक इरादे से काम करने का आरोप लगाया और दावा किया कि एक संवैधानिक संस्था, जिससे निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की उम्मीद की जाती है, एक ऐसे मुकाम पर पहुंच गई है जो ‘किसी भी लोकतांत्रिक समाज के लिए बेहद चिंताजनक है।’
उन्होंने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से सीधे दखल देने की मांग की है और चुनाव आयोग को उचित निर्देश देने की प्रार्थना की है।
इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा, राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन और डोला सेन ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सत्तारूढ़ पार्टी की ओर से सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
उन याचिकाओं को भी मंगलवार को सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने सुनवाई के लिए लिस्ट किया गया है।
यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ममता बनर्जी ने सोमवार को पहले नई दिल्ली में ईसीआई मुख्यालय में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलकर एसआईआर पर आपत्तियां जताई थीं।
बैठक के बाद, मुख्यमंत्री ने सीईसी पर तीखे आरोप लगाए, उन्हें ‘घमंडी’ बताया और उन पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इशारे पर पश्चिम बंगाल को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया था कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से असली मतदाताओं के नाम बड़े पैमाने पर हटाए गए हैं और दावा किया था कि रिवीजन प्रक्रिया की निगरानी के लिए विशेष चुनावी रोल ऑब्जर्वर और माइक्रो-ऑब्जर्वर सिर्फ पश्चिम बंगाल के लिए नियुक्त किए गए हैं।
अपराध
ओडिशा में 2.60 करोड़ के घोटाले में वन विभाग का अधिकारी गिरफ्तार

भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ओडिशा विजिलेंस ने रविवार को राज्य वन विभाग के सीनियर क्लर्क को 2.60 करोड़ रुपए से अधिक की सरकारी धनराशि के गबन के आरोप में गिरफ्तार किया।
आरोपी की पहचान बबलू सुना के रूप में हुई है, जो सुनाबेड़ा वन्यजीव प्रभाग, नुआपाड़ा के मंडल वन अधिकारी (डीएफओ) कार्यालय में स्थापना अनुभाग के प्रभारी वरिष्ठ सहायक के रूप में तैनात था।
आरोप है कि उसने 2023 से संशोधित सुनिश्चित करियर प्रगति (एमएसीपी) और संशोधित सुनिश्चित करियर प्रगति (आरएसीपी) योजनाओं के तहत फर्जी बिल बनाकर 2.60 करोड़ रुपए से अधिक की सरकारी धनराशि का गबन किया।
ओडिशा विजिलेंस के अनुसार, विस्तृत सत्यापन और जांच में पता चला कि बबलू सुना ने एमएसीपी और आरएसीपी योजनाओं के तहत फर्जी एरियर बिल बनाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया।
विजिलेंस ने रविवार को एक बयान में कहा, “सुनाबेड़ा वन्यजीव प्रभाग के पूर्व, सेवानिवृत्त और मृत कर्मचारियों की साख और पहचान का उपयोग करके फर्जी बिलों को संसाधित किया गया ताकि सार्वजनिक धन को उसके परिवार के सदस्यों (पत्नी, भाई, बहन और दो करीबी सहयोगियों) के निजी बैंक खातों में भेजा जा सके।”
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कथित तौर पर अपने वैध अधिकार से अधिक समय-समय पर वेतन वृद्धि हासिल करने के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड में हेरफेर किया। उसने लंबी अवधि तक अतिरिक्त मासिक वेतन बिल भी बनाए, जिससे गलत तरीके से 10.58 लाख रुपए से अधिक की निकासी की गई। कथित तौर पर गबन की गई कुल राशि 2,60,21,306 रुपए आंकी गई है।
इस संबंध में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत आरोपी के खिलाफ कोरापुट विजिलेंस पुलिस स्टेशन में दो मामले दर्ज किए गए हैं।
आरोपी पिछले छह महीनों से कथित तौर पर फरार था। उसे ओडिशा विजिलेंस ने शनिवार रात बलांगीर में उसके ठिकाने से पकड़ा।
18 अक्टूबर को विजिलेंस ने ढेंकानाल जिले में वन विभाग के एक सीनियर क्लर्क और उसके दो सहयोगियों को 2016 से 2026 की अवधि में 65,90,773 रुपए की सरकारी धनराशि के गबन के आरोप में गिरफ्तार किया था।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
प्रदर्शन की आग में झुलस रहा यूरोप: फ्रांस में कई जगह भड़की हिंसा, इटली-स्पेन में सुरक्षा बलों से टकराए प्रदर्शनकारी

यूरोप के कई देश फ्रांस, इटली, स्पेन और अल्बानिया प्रदर्शन की आग में झुलस रहे हैं। लोग बढ़ती मकान की कीमतों और महंगे जीवनयापन के खर्चों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं। फ्रांस में बढ़ती महंगाई और स्कूलों की खराब होती स्थिति के खिलाफ शनिवार शाम लोग हिंसक हो गए। स्पेन के बार्सिलोना शहर में भी प्रदर्शनकारियों ने लूटपाट कर सरकारी सपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस में शनिवार को 4,10,000 लोग सड़कों पर उतर आए। इस दौरान 70 हजार पुलिसकर्मियों की तैनात की गई। लगभग एक हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया।
इटली के मिलान में सैकड़ों सैनिकों को तैनात किया गया। बोलोग्ना में कुछ प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ। स्पेन के मैड्रिड में हजारों सेवानिवृत्त लोगों और अन्य प्रदर्शनकारियों ने मार्च निकाला और सम्मानजनक पेंशन की मांग की। वहीं, अल्बानिया में प्रदर्शनकारियों ने कृषि मंत्रालय के प्रवेश द्वार पर आग लगा दी।
तुर्किए टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस में बढ़ती महंगाई और स्कूलों की खराब होती स्थिति के खिलाफ शनिवार को हुए ज्यादातर शांतिपूर्ण प्रदर्शनों ने रात होते-होते कई शहरों में हिंसक रूप ले लिया। राजधानी पेरिस समेत कई जगहों पर झड़पें हुईं और पुलिस ने करीब 1,000 लोगों को गिरफ्तार किया। फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने बताया कि सभी जगह पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, इसके बावजूद कई जगह हालात बिगड़ गए।
पेरिस में मुख्य मार्च के खत्म होने के बाद करीब 500 नकाबपोश युवाओं और पुलिस के बीच टकराव हुआ। हालात काबू में करने के लिए दंगा-रोधी पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछारों (वॉटर कैनन) का इस्तेमाल किया। यह सब ऐसे समय हुआ है जब पिछले सप्ताह भी देशभर में दंगे और लूटपाट की घटनाएं हुई थीं।
गृह मंत्रालय के मुताबिक, पूरे देश में 289 जगहों पर प्रदर्शन हुए। गृह मंत्री नुनेज ने कहा कि गिरफ्तार लोगों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि अभी सभी आंकड़े पूरी तरह सामने नहीं आए हैं। उन्होंने बताया कि दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
सीबीएस न्यूज के मुताबिक, स्पेन के बार्सिलोना शहर में हुए एक सरकार-विरोधी प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने दुकानों में लूटपाट की और शहर के केंद्रीय इलाके प्लाजा दे कातालुन्या के आसपास सड़क पर लगी सार्वजनिक संपत्ति में आग लगा दी।
यह विरोध प्रदर्शन लोगों की उन समस्याओं और चिंताओं को दिखाता है, जो बढ़ती महंगाई और आवास से जुड़ी मुश्किलों के कारण सामने आ रही हैं।
राष्ट्रीय समाचार
आंध्र तट से 28 अक्टूबर को को गंभीर चक्रवाती तूफान हो सकता है पार, सीएम नायडू ने दिए अलर्ट रहने के निर्देश

बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्व में बना डिप्रेशन 28 अक्टूबर को एक बहुत गंभीर साइक्लोनिक तूफान में बदलने की आशंका है। बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश के तट को पार कर सकता है।
रविवार सुबह इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (आईएमडी) के बुलेटिन के मुताबिक, पिछले छह घंटों में डिप्रेशन 5 किमी प्रति घंटे की स्पीड से साउथ-ईस्ट की ओर बढ़ा है, और सुबह 05:30 बजे उसी इलाके में सेंटर में था, जो श्री विजया पुरम (अंडमान आइलैंड्स) से लगभग 440 किमी उत्तर-उत्तर-पश्चिम में, विशाखापट्टनम से 880 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व में, काकीनाडा से 980 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व में, मछलीपट्टनम से 1080 किमी पूर्व में और बापटला से 1150 किमी पूर्व में है।
इसके लगभग दक्षिण की ओर बढ़ने, एक गहरे डिप्रेशन में बदलने और फिर धीरे-धीरे रविवार को ईस्ट-सेंट्रल और उससे सटे साउथ-ईस्ट बंगाल की खाड़ी के ऊपर वेस्ट-नॉर्थ-वेस्ट की ओर मुड़ने की बहुत संभावना है। आईएमडी ने कहा कि पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए इसके 26 अक्टूबर की सुबह तक ईस्ट-सेंट्रल और उससे सटे वेस्ट-सेंट्रल बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक साइक्लोनिक तूफान में और तेज होने की बहुत संभावना है और 27 अक्टूबर की सुबह के आसपास वेस्ट-सेंट्रल बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक गंभीर साइक्लोनिक तूफान में बदल सकता है।
इसके बाद, इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने, और तेज होकर एक बहुत गंभीर साइक्लोनिक तूफान में बदलने और 28 अक्टूबर की सुबह के आसपास आंध्र प्रदेश के तट के पास वेस्टसेंट्रल बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने की बहुत संभावना है।
इसके बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश और यनम तटों को एक बहुत गंभीर साइक्लोनिक तूफान के रूप में पार करने की बहुत संभावना है, जिसमें अधिकतम लगातार हवा की गति 115-125 किमी प्रति घंटा होगी, जो 28 अक्टूबर की सुबह तक 140 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। आंध्र प्रदेश स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने लोगों को बहुत सतर्क रहने की सलाह दी है।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों के साथ एक रिव्यू मीटिंग की। मुख्यमंत्री ने एडमिनिस्ट्रेटिव मशीनरी को हाई अलर्ट पर रहने और जनता के लिए एडवांस एडवाइजरी जारी करने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने सीएम को बताया कि एक लो-प्रेशर एरिया, जो अभी बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य में है, एक साइक्लोन में बदल सकता है, जिससे मंगलवार और बुधवार को तटीय आंध्र क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। तट पर तेज आंधी-तूफान की संभावना को देखते हुए, सीएम ने निर्देश दिया कि मछुआरों को समुद्र में जाने से रोकने के लिए कदम उठाए जाएं।
उन्होंने निर्देश दिया कि संभावित असर वाले जोन के निचले इलाकों में रहने वालों को अलर्ट किया जाए। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि इमरजेंसी मदद या जानकारी मांगने वाली जनता के लिए टोल-फ्री नंबर उपलब्ध कराए जाएं।
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