व्यापार
भारत-ईयू एफटीए और सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार उच्च स्तर पर खुले, सेंसेक्स में करीब 500 अंकों की उछाल
मुंबई, 28 जनवरी : भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप दिए जाने के बाद सकारात्मक माहौल और वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेतों के चलते बुधवार को भारतीय शेयर बाजार शानदार तेजी के साथ उच्च स्तर पर खुले। इस दौरान घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क बीएसई सेंसेक्स जहां पिछले बंद भाव से 34.88 अंक बढ़कर 81,892.36 पर खुला। तो वहीं निफ्टी 83.45 अंक उछलकर 25,258.85 पर खुला।
खबर लिखे जाने तक (सुबह 9.28 बजे) 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 483.28 अंक या 0.59 प्रतिशत की तेजी के साथ 82,340.76 पर कारोबार कर रहा था, तो वहीं निफ्टी 153.45 अंक या 0.61 प्रतिशत की उछाल के साथ 25,328.85 पर था। इस दौरान निफ्टी के तकरीबन सभी इंडेक्स हरे निशान में ट्रेड करते हुए नजर आए।
इस दौरान व्यापक बाजार में अच्छी तेजी देखी गई। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई, तो वहीं निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.6 प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई।
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी प्राइवेट बैंक, रियल्टी और ऑयल एंड गैस सेक्टर सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाले शेयरों में शामिल थे, जिनमें से प्रत्येक में 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, ऑटो और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में गिरावट देखी गई।
सेंसेक्स पैक में, एक्सिस बैंक, ट्रेंट, आईटीसी, पावरग्रिड, आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी, बीईएल, टीसीएस और अदाणी पोर्ट्स टॉप गेनर्स में शामिल रहे, जबकि एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी, इंडिगो, कोटक महिंद्रा बैंक, सन फार्मा और एसबीआई टॉप लूजर्स की लिस्ट में शामिल रहे।
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने कहा कि पिछले सत्र में हालिया कमजोरी के बाद बाजार ने संभलने की कोशिश की। निचले स्तरों पर खरीदारी के चलते निफ्टी50 ने 25,000 के अहम स्तर के ऊपर अपनी पकड़ बनाए रखी, जबकि सेंसेक्स हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ। इस तेजी में बैंकिंग, मेटल और चुनिंदा ऑयल एंड गैस शेयरों का अहम योगदान रहा।
इस उछाल के बावजूद, बाजार का रुख मिला-जुला रहा, जिससे पता चलता है कि जोखिम लेने की प्रवृत्ति अभी भी सीमित है। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का प्रदर्शन प्रमुख सूचकांकों से कम रहा, जो व्यापक बाजार में निरंतर सतर्कता को दर्शाता है।
एक्सपर्ट ने आगे कहा कि तकनीकी नजरिए से देखें तो निफ्टी फिलहाल अस्थिर और सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। 25,300 से 25,400 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस के रूप में उभर रहा है। इस दायरे के ऊपर टिकाऊ मजबूती आने पर ही शॉर्ट कवरिंग देखने को मिल सकती है। नीचे की ओर 25,000 का स्तर मजबूत मनोवैज्ञानिक सपोर्ट है, इसके बाद 24,800 अगला अहम स्तर है। अगर निफ्टी इन सपोर्ट स्तरों से नीचे फिसलता है, तो बिकवाली का दबाव फिर से बढ़ सकता है और सुधार का दौर लंबा खिंच सकता है। मोमेंटम संकेतक अब भी कमजोर हैं, हालांकि कुछ शेयरों में ओवरसोल्ड स्थिति के चलते सीमित रिकवरी संभव है।
एक्सपर्ट के अनुसार, कुल मिलाकर बाजार में सीमित दायरे में कारोबार के साथ न्यूट्रल से हल्की सकारात्मक चाल देखने को मिल सकती है। ट्रेडर्स को सख्त जोखिम प्रबंधन अपनाने, कंपनियों के नतीजों और सेक्टर-विशेष अवसरों पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है। वहीं निवेशक भी नए निवेश से पहले अहम सपोर्ट स्तरों के पास बाजार में स्थिरता का इंतजार करना बेहतर समझ सकते हैं।
व्यापार
शीर्ष 10 में से आठ कंपनियों का मार्केटकैप 1.90 लाख करोड़ रुपए बढ़ा

भारतीय शेयर बाजार में बीते हफ्ते शीर्ष 10 में से आठ कंपनियों का मार्केटकैप 1.90 लाख करोड़ रुपए बढ़ा है। इसकी वजह घरेलू बाजार में मजबूती रैली थी।
इस दौरान सेंसेक्स 1,284.61 अंक या 1.73 प्रतिशत की मजबूती के साथ 75,527.95 और निफ्टी 256.20 अंक या 1.10 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,622.90 पर बंद हुआ।
बाजार में तेजी की वजह अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता आगे बढ़ना है। इससे वैश्विक स्तर पर अस्थिरता में कमी आई, जिसमें भारत के साथ दुनिया के बाजार में खरीदारी देखने को मिली।
विदेशी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों पक्ष एक शांति समझौता करने के अंतिम दौर में है। जल्द ही अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए एक डील हो सकती है।
समीक्षा अवधि में आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, एलएंडटी और एचयूएल के मार्केट कैप में बढ़ोतरी हुई है, जबकि टीसीएस और एलआईसी के वैल्यूएशन में कमी देखने को मिली है।
आईसीआईसीआई बैंक का मार्केटकैप 56,223 करोड़ रुपए बढ़कर 9.61 लाख करोड़ रुपए हो गया है। वहीं, एचडीएफसी बैंक का बाजार मूल्यांकन 38,571 करोड़ रुपए बढ़कर 11.89 लाख करोड़ रुपए हो गया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) का बाजार मूल्यांकन 36,138 करोड़ रुपए बढ़कर 9.39 लाख करोड़ रुपए हो गया है।
बजाज फाइनेंस का मार्केटकैप 18,367 करोड़ रुपए बढ़कर 5.72 लाख करोड़ रुपए हो गया है। भारती एयरटेल का मार्केटकैप 14,380 करोड़ रुपए बढ़कर 11.11 लाख करोड़ रुपए हो गया है।
एलएंडटी का मार्केटकैप 13,241 करोड़ रुपए बढ़कर 5.57 लाख करोड़ रुपए हो गया है। हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केटकैप 10,984 करोड़ रुपए बढ़कर 5.09 करोड़ रुपए हो गया है।
दूसरी तरफ, टीसीएस का मार्केटकैप 13,296 करोड़ रुपए घटकर 7.82 लाख करोड़ रुपए हो गया है। एलआईसी का मार्केटकैप 822 करोड़ रुपए कम होकर 5.05 लाख करोड़ रुपए रह गया है।
व्यापार
सोना एक हफ्ते में करीब 6,400 रुपये और चांदी 14,300 रुपये से अधिक सस्ती हुई

सोने और चांदी में इस हफ्ते गिरावट देखने को मिली, जिससे सोना और चांदी क्रमशः 6,400 रुपये और 14,300 हजार रुपये से अधिक सस्ते हो गए हैं।
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम इस हफ्ते 6,438 रुपये कम होकर 1,47,800 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जबकि पहले यह 1,54,238 रुपए पर था।
22 कैरेट सोने की कीमत कम होकर 1,35,385 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,41,282 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। 18 कैरेट सोने का दाम कम होकर 1,10,850 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,15,679 रुपये प्रति 10 ग्राम था।
इस हफ्ते सोने में सबसे न्यूनतम दाम 11 जून को सुबह के सत्र में 1,44,782 रुपये प्रति 10 ग्राम देखा गया। वहीं, उच्चतम दाम 9 जून को सुबह के सत्र में 1,52,519 रुपये प्रति 10 ग्राम देखा गया। सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली है।
चांदी का दाम 14,326 रुपये कम होकर 2,42,582 रुपये प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,56,908 रुपये प्रति किलो था। इस हफ्ते चांदी में सबसे न्यूनतम दाम 11 जून को शाम के सत्र में 2,32,591 रुपये प्रति किलो देखा गया। वहीं, उच्चतम दाम 9 जून को शाम के सत्र में 2,45,938 रुपये प्रति किलो देखा गया।
वैश्विक अस्थिरता के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का दाम 4,248 डॉलर प्रति औंस और चांदी का दाम 68 डॉलर प्रति औंस के करीब आ गया है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने और चांदी में गिरावट की वजह महंगाई बढ़ने की आशंका और अमेरिका – ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत उच्च स्तर पर रहना है। इसके साथ ही ब्याज दरों के बढ़ाने की आसान कहां है निवेशकों को सोने और चांदी में मुनाफा वसूली पर मजबूर किया है।
बीते एक वर्ष में सोने और चांदी ने शानदार रिटर्न दिया है। डॉलर में इस दौरान सोने ने 24 प्रतिशत से अधिक और चांदी ने 87 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिया है।
व्यापार
स्पेसएक्स के आईपीओ से एलन मस्क की संपत्ति 970 अरब डॉलर के पार पहुंची, दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बनने के करीब

एलन मस्क की अंतरिक्ष और सैटेलाइट कंपनी स्पेस एक्सप्लोरेशन टेक्नोलॉजीज कॉर्प (स्पेसएक्स) ने अपने अब तक के सबसे बड़े प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के साथ इतिहास रच दिया है, जिससे यह सबसे बड़ी सार्वजनिक कंपनियों के टॉप लिस्ट में पहुंच गई है, और इसी के साथ कई रिपोर्टों के अनुसार, इसके संस्थापक एलन मस्क की कुल संपत्ति बढ़कर 970 अरब डॉलर से ज्यादा हो गई है, जिससे वह दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर (1 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति वाले व्यक्ति) बनने के और करीब आ गए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्पेसएक्स ने अपने शेयरों की कीमत 135 डॉलर प्रति शेयर तय की है। इस आईपीओ के जरिए कंपनी ने लगभग 75 अरब डॉलर जुटाए हैं, जिसे इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बताया जा रहा है, जिसके बाद कंपनी का कुल मूल्यांकन करीब 1.77 ट्रिलियन डॉलर हो गया है।
स्पेसएक्स के शेयर 12 जून को नैस्डैक स्टॉक एक्सचेंज पर ‘एसपीसीएक्स’ टिकर नाम से लिस्ट होकर कारोबार शुरू करेंगे।
आईपीओ की कीमत तय होने के बाद एलन मस्क की संपत्ति में लगभग 275 अरब डॉलर की बढ़ोतरी होने का अनुमान है, जिससे उनकी कुल संपत्ति 971 अरब डॉलर तक पहुंच गई है (ब्लूमबर्ग बिलियनर्स इंडेक्स के अनुसार)।
आईपीओ मूल्यांकन के आधार पर स्पेसएक्स में एलन मस्क की हिस्सेदारी और शेयर विकल्पों का मूल्य लगभग 688 अरब डॉलर आंका गया है।
नियामकीय दस्तावेजों के अनुसार, 1 मई तक मस्क के पास 84.94 करोड़ क्लास-ए शेयर और 557 करोड़ क्लास-बी शेयर थे। दोनों श्रेणियों को मिलाकर उनके पास कुल लगभग 642 करोड़ शेयर हैं।
आईपीओ पूरा होने से पहले स्पेसएक्स की दोहरी शेयर संरचना के कारण एलन मस्क कंपनी की लगभग 85 प्रतिशत वोटिंग पावर को नियंत्रित करते हैं।
कंपनी की शेयर संरचना के तहत क्लास-बी शेयर को 10 वोट का अधिकार मिलता है, जबकि क्लास-ए शेयर के पास केवल एक वोट का अधिकार होता है।
नियामकीय दस्तावेजों में कंपनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और बोर्ड सदस्यों की हिस्सेदारी की जानकारी भी दी गई है।
एलन मस्क ने वर्ष 2002 में स्पेसएक्स की स्थापना की थी, और आज यह दुनिया की सबसे प्रमुख अंतरिक्ष कंपनियों में शामिल है।
कंपनी ने अपने पुन: उपयोग किए जा सकने वाले फाल्कन-9 और फाल्कन हेवी रॉकेट, ड्रैगन अंतरिक्ष यान और स्टारशिप लॉन्च कार्यक्रम के जरिए वैश्विक पहचान बनाई है।
स्पेसएक्स ने अपने सैटेलाइट इंटरनेट कारोबार स्टारलिंक के जरिए भी तेजी से विस्तार किया है, जिसने कंपनी की आय और वैश्विक पहुंच को मजबूत किया है।
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