राजनीति
बीएमसी चुनाव 2026: मुंबई में 10,231 मतदान केंद्रों पर महत्वपूर्ण नागरिक चुनावों के लिए मतदान शुरू; मैदान में 1700 उम्मीदवार
ELECTION
मुंबई: लगभग चार साल के अंतराल के बाद, मुंबई में आज सुबह फिर से रौनक लौट आई है क्योंकि बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव 2026 के लिए आधिकारिक तौर पर मतदान शुरू हो गया है। शहर के 227 वार्डों में फैले कई मतदान केंद्रों पर सुबह 7:30 बजे मतदान शुरू होने से पहले ही लंबी कतारें दिखाई दे रही थीं।
बीएमसी के विशाल बजट और राजनीतिक प्रभाव के कारण इन चुनावों को व्यापक रूप से ‘मिनी-विधानसभा’ माना जा रहा है। शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में हुए बड़े विभाजन के बाद ये पहले नगर निगम चुनाव हैं। नगर निगम क्षेत्र में सार्वजनिक अवकाश घोषित होने के साथ, राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) को शहर के 1.03 करोड़ पात्र मतदाताओं में रिकॉर्ड तोड़ मतदान की उम्मीद है।
मुंबई पुलिस ने शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए पूरे शहर को किले में बदल दिया है। राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) और त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) सहित 28,000 से अधिक जवान 10,231 मतदान केंद्रों पर तैनात हैं। नगर निगम ने पहली बार ईवीएम और चुनाव कर्मचारियों की आवाजाही पर वास्तविक समय में नजर रखने के लिए जियो-फेंसिंग और लाइव वाहन ट्रैकिंग प्रणाली शुरू की है।
2026 का चुनाव निष्ठाओं में बदलाव और नए गठबंधनों से परिभाषित है। लगभग 1,700 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें निम्नलिखित प्रमुख मोर्चे सत्ता हासिल करने के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं:
– महायुति: भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना तटीय सड़क जैसी प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं पर भरोसा करते हुए शहर पर अपनी पकड़ मजबूत करने का लक्ष्य बना रही हैं।
– एमवीए-प्लस: उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना यूबीटी ने मराठी अस्मिता और स्थानीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हुए एमएनएस और एनसीपी (एसपी) के साथ एक रणनीतिक गठबंधन बनाया है।
– तीसरा मोर्चा: कांग्रेस और वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) कई वार्डों में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे मुकाबला बहुकोणीय और अप्रत्याशित हो गया है।
आज शाम 5:30 बजे तक मतदान जारी रहेगा। उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम में कल, 16 जनवरी तक बंद रहेगा, जब सुबह 10:00 बजे मतगणना शुरू होगी।
राष्ट्रीय समाचार
जयपुर के मर्सिडीज वर्कशॉप में आग, आठ लग्जरी कारें जलकर हुईं राख

राजस्थान के जयपुर में बालाजी मार्केट स्थित मर्सिडीज वर्कशॉप में भीषण आग लग गई, जिससे लगभग आठ कारें और महंगे स्पेयर पार्ट्स व एक्सेसरीज जलकर खाक हो गए।
आग से निकला घना धुआं लगभग पांच किलोमीटर दूर से ही दिखाई दे रहा था। यह घटना मंगलवार देर रात हुई।
यह वर्कशॉप सांगानेर सदर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है। आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने की कोशिशें शुरू कर दीं। एहतियात के तौर पर आसपास के इलाके की बिजली भी काट दी गई ताकि आग को फैलने से रोका जा सके।
जब आग लगी, तो वर्कशॉप में नई और पुरानी मिलाकर 50 से ज्यादा गाड़ियां खड़ी थीं। इससे पहले कि फायर फाइटर्स आग पर काबू पाते, तेज लपटों ने करीब आठ गाड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। फायर फाइटर्स और पुलिसकर्मियों ने समय रहते कई अन्य गाड़ियों को वर्कशॉप से बाहर निकाल लिया, जिससे और ज्यादा नुकसान होने से बच गया।
फायर ऑफिसर उषा शर्मा ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए करीब 10 फायर टेंडर तैनात किए गए थे। बताया जा रहा है कि फायर टेंडर्स ने लगभग दो घंटे तक आग बुझाने के दौरान 20 से ज्यादा चक्कर लगाए। सांगानेर सदर एसएचओ कमलेश शर्मा ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान कई गाड़ियों को सुरक्षित रूप से परिसर से बाहर निकाला गया। साथ ही, इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
शुरुआती जांच से पता चलता है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी हो सकती है। हालांकि, आग लगने की सही वजह का अभी आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल पाया है। पुलिस और फायर विभाग के अधिकारी वर्कशॉप के अंदर गाड़ियों, स्पेयर पार्ट्स और अन्य सामान को हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं।
इससे पहले दिन में जयपुर में नारायण सिंह सर्कल के पास एक मॉल में भी मंगलवार दोपहर 2 बजे आग लग गई थी, जिससे मॉल के अंदर मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। आग का पता चलते ही मॉल की बिजली सप्लाई तुरंत बंद कर दी गई। दो फायर टेंडर मौके पर पहुंचे और करीब 30 मिनट में आग पर काबू पा लिया।
राष्ट्रीय समाचार
एशियन डेवलपमेंट बैंक ने भारत की 2026 की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7 प्रतिशत किया

एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) ने 2026 (वित्त वर्ष 2026-27) के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 7.0 प्रतिशत कर दिया है। यह उसके पहले के 6.6 प्रतिशत के अनुमान से 40 आधार अंक अधिक है।
एडीबी ने एक बयान में कहा कि दक्षिण एशिया के लिए इस साल की आर्थिक वृद्धि का अनुमान जुलाई के 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.4 प्रतिशत कर दिया गया है। इसमें भारत के आर्थिक विकास में मजबूत सरकारी निवेश और निर्यात में ठोस वृद्धि की अहम भूमिका है।
हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार विकासशील एशिया और प्रशांत क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि 2025 के 5.5 प्रतिशत से घटकर इस साल 5 प्रतिशत रह सकती है। इसके बाद 2027 (वित्त वर्ष 2027-28) में यह मामूली बढ़कर 5.1 प्रतिशत हो सकती है।
2026 का यह अनुमान जुलाई में जारी पिछले अनुमान से 0.1 प्रतिशत अंक अधिक है।
एडीबी के अध्यक्ष मासातो कांडा ने कहा, “क्षेत्र लचीला बना हुआ है, लेकिन जोखिम बढ़ रहे हैं।”
मजबूत हो रहा ला नीना के विपरीत अल नीनो और शुष्क परिस्थितियों के कारण फसल उत्पादन कम हो सकता है और जलविद्युत उत्पादन घट सकता है। इससे खाद्य और ऊर्जा की कीमतें बढ़ सकती हैं और सबसे कमजोर वर्गों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ सकता है।
कांडा ने कहा कि लंबे समय से जारी ऊर्जा संकट और वित्तीय बाजारों में फिर से बढ़ते जोखिमों के बीच सरकारों के लिए सबसे अधिक प्रभावित लोगों की सुरक्षा और तैयारी करना और भी महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि एडीबी ऐसे प्रयासों का मजबूती से समर्थन कर रहा है।
एडीबी ने कहा कि मजबूत निवेश, सरकार का प्रोत्साहन और वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) निवेश चक्र से बढ़े मजबूत टेक्नोलॉजी निर्यात आर्थिक वृद्धि को समर्थन दे रहे हैं। हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव और मजबूत होता अल नीनो ऊर्जा तथा खाद्य कीमतों पर दबाव बढ़ा रहे हैं।
एशियन डेवलपमेंट आउटलुक (एडीओ) सितंबर 2026 में एडीबी ने 2026 के लिए क्षेत्रीय महंगाई का अनुमान जुलाई के 4.3 प्रतिशत से घटाकर 4.2 प्रतिशत कर दिया है। कीमतों को स्थिर करने के उपायों ने लगातार ऊंची ऊर्जा कीमतों के प्रभाव को आंशिक रूप से कम किया है।
एडीओ सितंबर 2026 के अनुसार, क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि और महंगाई के परिदृश्य के सामने दो प्रमुख जोखिम हैं।
पहला जोखिम बढ़ता संघर्ष है, विशेष रूप से मध्य पूर्व में संघर्ष के विस्तार और रूस-यूक्रेन युद्ध के तेज होने का। इससे वैश्विक ऊर्जा कीमतें ऊंची और अस्थिर बनी रह सकती हैं तथा इसका असर अन्य जिंसों पर भी पड़ सकता है।
दूसरा जोखिम बहुत मजबूत अल नीनो है, जिसके 2027 की पहली तिमाही तक बने रहने का अनुमान है। इससे ऊर्जा की मांग बढ़ सकती है और कृषि उत्पादन घट सकता है, जिससे ईंधन और खाद्य कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।
एडीबी ने कहा कि एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयरों के मूल्यांकन में तेज गिरावट, वित्तीय परिस्थितियों का सख्त होना और व्यापार नीति को लेकर फिर से बढ़ती अनिश्चितता भी आर्थिक वृद्धि के लिए नकारात्मक जोखिम पैदा कर सकती है।
राष्ट्रीय समाचार
भारत के निजी क्षेत्र में सितंबर में आर्थिक गतिविधियां रहीं मजबूत, पीएमआई 56 के पार

भारत के निजी क्षेत्र में सितंबर में आर्थिक गतिविधियां मजबूत रही हैं और इससे कंपोजिट पीएमआई 56.5 पर रहा है, जो कि अगस्त में 54.3 पर था। यह जानकारी एचएसबीसी फ्लैश पीएमआई डेटा में बुधवार को दी गई।
एचएसबीसी फ्लैश इंडिया कंपोजिट पीएमआई में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज दोनों सेक्टर्स के डेटा को शामिल किया जाता है।
आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज दोनों कंपनियों ने मजबूत ग्रोथ दिखाई है। इस दौरान नए ऑर्डर और नौकरियों में भी बढ़ोतरी हुई है। साथ ही, महंगाई का दबाव कम हुआ और कारोबारी भरोसा मजबूत हुआ।
आंकड़े के अनुसार, सितंबर में निजी क्षेत्र की गतिविधियों में तेजी आई है और यह जून के बाद सबसे उच्चतम स्तर पर हैं। साथ ही, संबंधित इंडेक्स अपने लंबे समय के औसत से ऊपर पहुंच गया है।
एचएसबीसी की चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट प्रांजुल भंडारी ने कहा, “मैन्युफैक्चरिंग में मजबूती के कारण प्राइवेट सेक्टर की गतिविधियों में तेजी आई है। आउटपुट और नए घरेलू ऑर्डर तेजी से बढ़े हैं। मध्य पूर्व में फिर से बढ़े तनाव के कारण कंपनियों ने अनिश्चितताओं से निपटने के लिए बफर बनाना शुरू कर दिया है।”
भंडारी ने बताया कि इनपुट की खरीद में तेजी आई है और तैयार माल के स्टॉक का इंडेक्स अब साढ़े 11 साल के उच्चतम स्तर पर है। मैन्युफैक्चरर्स के लिए कीमतों का दबाव बढ़ा है और आउटपुट की कीमतों में महंगाई तेजी से बढ़ रही है, जो मार्जिन बचाने की नई कोशिश का संकेत है।
सितंबर में भारतीय प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों के कुल नए बिजनेस में तेजी से बढ़ोतरी हुई।
दोनों सेक्टर में डिमांड बढ़ी, लेकिन सामान बनाने वाली कंपनियों में यह तेजी ज्यादा साफ तौर पर देखी गई। यहां, सेल्स में बढ़ोतरी सर्विस कंपनियों के मुकाबले ज्यादा रही और यह सात महीनों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई।
सर्विस क्षेत्र की कंपनियों ने बताया कि मार्केटिंग की कोशिशों से ऑर्डर मिलने में मदद मिली, सर्वे के क्वालिटेटिव हिस्से में प्रॉपर्टी, ट्रांसपोर्ट सर्विस और नई ट्रैवल बुकिंग के लिए ज्यादा मांग का जिक्र किया गया है।
वहीं, डेटा से पता चला कि सामान बनाने वाली कंपनियों ने एल्युमीनियम प्रोडक्ट, इलेक्ट्रॉनिक आइटम, खाने-पीने की चीजों, फार्मास्युटिकल सामान और आम तौर पर नए मॉडलों की डिमांड में बढ़ोतरी की सूचना दी।
इसके अलावा, सितंबर में कुल रोजगार में मजबूत बढ़ोतरी हुई, क्योंकि कंपनियों ने आउटपुट और नए ऑर्डर में लगातार बढ़ोतरी के बीच अपनी स्टाफिंग क्षमता को बढ़ाना जारी रखा। मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस, दोनों सेक्टर में नौकरियां पैदा हुईं और विस्तार की दरें लगभग एक जैसी रहीं।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
