राजनीति
बीएमसी चुनाव 2026 | शिवसेना बनाम शिवसेना: 10 महत्वपूर्ण वार्डों की लड़ाई जो तय करेगी कि मराठी भाषी क्षेत्र पर किसका शासन होगा
SHIVSENA
मुंबई: 15 जनवरी, 2026 को होने वाले बहुचर्चित बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों के लिए मुंबई में जैसे-जैसे माहौल गर्म हो रहा है, शहर में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। पहली बार, ठाकरे ब्रांड में सुलह देखने को मिल रही है, जिसमें उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की एमएनएस ने मराठी मानुष वोट बैंक को सुरक्षित करने के लिए एक रणनीतिक गठबंधन बनाया है।
इनके विरोध में शक्तिशाली महायुति गठबंधन खड़ा है, जहां भाजपा समर्थित एकनाथ शिंदे की शिवसेना यह साबित करने का लक्ष्य रखती है कि ‘असली’ शिवसेना ही विकास कर रही है। चुनाव प्रचार के केंद्र में मराठी पहचान के साथ, यहां 10 प्रमुख चुनावी क्षेत्र हैं जहां शिवसेना बनाम शिवसेना का संघर्ष यह तय कर सकता है कि वास्तव में मराठी खेमे पर किसका दबदबा है।
1. जी-साउथ (वर्ली और प्रभादेवी)
अक्सर शिवसेना की राजनीति का ‘केंद्र’ कहे जाने वाला यह इलाका आदित्य ठाकरे का गढ़ है। यहाँ का विभाजन व्यक्तिगत है; जहाँ एक ओर यूबीटी ने किशोरी पेडनेकर जैसे दिग्गज नेताओं को बरकरार रखा है, वहीं शिंदे गुट ने समाधान सरवणकर जैसे मौजूदा पूर्व पार्षदों को अपने पाले में कर लिया है। यह ठाकरे परिवार की विरासत के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई है।
दादर शिवसेना की जन्मभूमि है। शिवसेना-यूबीटी-एमएनएस गठबंधन के साथ, ठाकरे भाई शिवाजी पार्क जैसे क्षेत्रों में पारंपरिक मराठी वोटों को एकजुट करने का लक्ष्य रख रहे हैं। शिंदे की शिवसेना स्थानीय पुनर्विकास के वादों पर ज़ोर देकर इसका मुकाबला कर रही है।
3. एफ-दक्षिण (परेल, लालबाग और सेवरी)
पूर्व चक्की क्षेत्र का केंद्र, यह वार्ड विशिष्ट रूप से मराठी गढ़ है। ऐतिहासिक रूप से ‘धनुष और बाण’ के प्रति वफादार रहे यहां के मतदाता अब मातोश्री के भावनात्मक आकर्षण और वर्तमान उपमुख्यमंत्री की प्रशासनिक शक्ति के बीच दुविधा में हैं।
4. एस-वार्ड (भांडुप और विक्रोली)
यह एक विशाल उपनगरीय क्षेत्र है जहाँ मराठाओं का गढ़ है और शिवसेना ने कभी अपनी पकड़ नहीं खोई है। इस वार्ड में यह परखा जाएगा कि जमीनी स्तर पर शाखा कार्यकर्ता उद्धव के साथ रहे या बेहतर संसाधनों के लिए शिंदे के पक्ष में चले गए।
5. आर-नॉर्थ (दहिसर)
शहर के उत्तरी छोर पर स्थित दहिसर की मराठी आबादी ने परंपरागत रूप से संतुलन बनाए रखा है। यह एक उच्च-तीव्रता वाला क्षेत्र है जहां शिंदे गुट ने हाल ही में अवसंरचना परियोजनाओं के माध्यम से महत्वपूर्ण पैठ बनाई है।
6. के-ईस्ट (अंधेरी ईस्ट और जोगेश्वरी)
मध्यमवर्गीय आवास और झुग्गी-झोपड़ियों के मिश्रण वाले इस वार्ड में 2022 के चुनावों के दौरान प्रतिद्वंद्विता की झलक देखने को मिली थी। यह वार्ड मराठी भाषी श्रमिक वर्ग को अपने नियंत्रण में रखने की एमवीए-एमएनएस गठबंधन की क्षमता के लिए एक कसौटी बना हुआ है।
7. एम-वेस्ट (चेम्बूर)
चेम्बूर में मराठी भाषी लोगों की घनी आबादी है, जो लगातार बीएमसी में शिवसेना के पार्षदों को भेजती रही है। यहाँ की लड़ाई इस बात पर है कि बालासाहेब ठाकरे की विरासत पर कौन अधिक ठोस दावा कर सकता है।
8. एन-वार्ड (घाटकोपर)
घाटकोपर में गुजराती आबादी काफी अधिक है, जबकि पंत नगर के मराठी बहुल इलाके निर्णायक भूमिका निभाते हैं। शिंदे गुट यहां भाजपा के साथ अपने गठबंधन का फायदा उठाकर यूबीटी-एमएनएस गठबंधन को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।
9. एच-ईस्ट (बांद्रा ईस्ट)
मातोश्री से सटा हुआ यह वार्ड शिवसेना की यूबीटी पार्टी के लिए जीवन-मरण का सवाल है। यहां हार ठाकरे परिवार के स्थानीय प्रभाव के लिए एक बड़ा झटका होगा।
10. टी-वार्ड (मुलुंड)
मुलुंड के मराठी बहुल इलाकों को अक्सर भाजपा का गढ़ माना जाता है, लेकिन ये इलाके ‘अहम’ मतदाता हैं। शिवसेना-यूबीटी-एमएनएस गठबंधन महायुति के वर्चस्व को चुनौती देने के लिए इन मतदाताओं पर बड़ा दांव लगा रहा है।
जैसे-जैसे चुनाव प्रचार अपने अंतिम चरण में पहुँच रहा है, स्थिति स्पष्ट होती जा रही है: एकनाथ शिंदे दोहरे इंजन विकास के मुद्दे पर प्रचार कर रहे हैं, जबकि ठाकरे गठबंधन संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन और मराठी अस्मिता की भावना को जगा रहा है। 16 जनवरी को मुंबई को आखिरकार पता चल जाएगा कि मराठी मानुष ने किसे अपना सच्चा संरक्षक चुना है।
राष्ट्रीय समाचार
पश्चिम बंगाल पोस्ट-पोल हिंसा हत्याकांड में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, फरार अपराधी झरना मिस्त्री गिरफ्तार

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 2021 के पश्चिम बंगाल पोस्ट-पोल हिंसा से जुड़े हत्या के मामले में लंबे समय से फरार चल रही घोषित अपराधी झरना मिस्त्री को गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने मंगलवार को उसे दक्षिण 24 परगना जिले के संतोषपुर के घोषपाड़ा से गिरफ्तार किया।
झरना मिस्त्री सह-आरोपी संजय मिस्त्री की पत्नी है। सीबीआई के मुताबिक, 2021 में एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही वह फरार थी और उसने इस मामले की जांच या सुनवाई की कार्यवाही में कभी हिस्सा नहीं लिया। उसकी गिरफ्तारी के लिए सीबीआई ने 50 हजार रुपये का नकद इनाम भी घोषित किया था।
यह मामला पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा के दौरान एक महिला की हत्या से जुड़ा है। कलकत्ता हाईकोर्ट के 19 अगस्त 2021 के आदेश के अनुपालन में सीबीआई ने 27 अगस्त 2021 को इस मामले की जांच अपने हाथ में लेते हुए जगद्दल थाने में 3 मई 2021 को दर्ज एफआईआर संख्या 345/2021 को टेकओवर किया था।
एफआईआर में शिकायतकर्ता की मां शोभा रानी मंडल की हत्या का आरोप लगाया गया था। मामले की जांच के बाद सीबीआई ने 29 दिसंबर 2021 को कुल 13 आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था। इनमें झरना मिस्त्री भी शामिल थी।
सीबीआई के अनुसार, झरना मिस्त्री लगातार छिपती रही और अदालत की प्रक्रिया से बचती रही। इसके बाद उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर स्थित एसीजेएम अदालत ने 3 अक्टूबर 2023 के आदेश के जरिए उसे घोषित अपराधी घोषित कर दिया था।
सीबीआई ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी को आज बैरकपुर की सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया जा रहा है।
राजनीति
कांग्रेस क्यों चाहती है मृत और डुप्लीकेट वोटरों के नाम रिस्टोर हों?: स्मृति ईरानी

भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर चुनाव आयोग को निशाना बनाने को लेकर तीखा हमला बोला।
स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व ने आज उन 13 करोड़ 30 लाख नामों का उल्लेख किया, जिनके संदर्भ में चुनाव आयोग 26 तारीख को अपना बयान दे चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि इलेक्टोरल रोल में अगर किसी का नाम डुप्लीकेट हो या किसी मृत व्यक्ति का नाम हो, तो कांग्रेस पार्टी क्यों चाहती है कि मृत लोगों के नाम रिस्टोर हों। कांग्रेस क्यों चाहती है कि डुप्लीकेट नाम इलेक्टोरल रोल में चलते रहें। चुनाव आयोग ने अपनी प्रेस नोट में स्पष्ट किया है कि बीएलओ घरों में जाकर ऐसे लोगों को नोटिस जारी कर रहे हैं और एफआईआर के संदर्भ में उनके घर जाकर दस्तावेज कलेक्ट करके खुद पुष्टि करेगा।
उन्होंने कहा कि जब चुनाव आयोग ने सार्वजनिक रूप से यह स्पष्टीकरण दे दिया है, तो फिर क्यों कांग्रेस का नेतृत्व चाहता है कि जो मृत हैं उनका नाम इलेक्टोरल रोल में रिस्टोर रहे और जिनका नाम डुप्लीकेट है, उनका नाम इलेक्टोरल रोल में बना रहे।
स्मृति ईरानी ने कांग्रेस द्वारा लाहौर अधिवेशन का उल्लेख किए जाने पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आज वह स्तब्ध हैं कि कांग्रेस नेतृत्व ने लाहौर कांग्रेस सेशन का उल्लेख किया। अगर कांग्रेस पार्टी इतिहास के पन्ने पलटना चाहती है, तो उसे वह पन्ना भी देश की जनता के सामने रखना चाहिए जिसमें एओ ह्यूम, जो ब्रिटिश एम्पायर के सेक्रेटरी रेवेन्यू, एग्रीकल्चर एंड कॉमर्स थे, उन्होंने वायसराय के साथ यह सुझाव साझा किया था कि अगर ब्रिटिश एम्पायर का संरक्षण करना है तो कांग्रेस पार्टी का गठन होना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि यह हिस्टोरिकल डॉक्यूमेंट में दर्ज है। ब्रिटिश के संरक्षण के लिए जिस कांग्रेस पार्टी को बनाया गया, वह आज भारत के चुनाव आयोग पर लाहौर कांग्रेस सेशन का उल्लेख करके अटैक कर रही है, इससे ज्यादा शर्मनाक बात कोई नहीं हो सकती।
राष्ट्रीय समाचार
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों के 58 लाख विद्यार्थियों को ड्रेस के लिए 600 रुपए मिलेंगे

मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहले से आठवीं तक पढ़ने वाले 58 लाख बच्चों को गणवेश के लिए 600 रुपए दिए जाएंगे।यह फैसला मंगलवार को हुई मोहन सरकार की कैबिनेट में लिया गया । राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया है कि राज्य के शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 तक के 58 लाख विद्यार्थियों को 600 रुपए प्रति गणवेश के अनुसार सीधे बैंक खाता के माध्यम से प्रदान किए जाएंगे, इसके अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा 348 करोड़ रुपए छात्रों को दिए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि बैठक में करीब 24 हजार 500 करोड़ के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें पुनरीक्षित प्रस्ताव, संशोधित प्रस्ताव तथा विभिन्न योजनाओं की निरंतरता से संबंधित प्रस्ताव शामिल रहे। इन सभी प्रस्तावों पर विचार-विमर्श के बाद स्वीकृति प्रदान की गई है। मंत्री चैतन्य काश्यप के मुताबिक यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में भारत के कुल 78 स्थलों को शामिल किया गया है, जिनमें 19 स्थल मध्यप्रदेश के हैं। इनमें बाघ गुफाओं की चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला, चंबल घाटी के मंदिर समूह और उदयगिरि की गुफाएं जैसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थल शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि यह मध्यप्रदेश के पर्यटन के लिए भविष्य की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है। प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और पर्यटन के विकास पर लगातार कार्य किया जा रहा है। साथ ही, प्रदेश में बाघों की संख्या में वृद्धि हो रही है और हमारे सभी टाइगर रिजर्व एवं वन्यजीव अभयारण्यों को भी व्यवस्थित एवं विकसित किया जा रहा है। पर्यटन न केवल हमारी विरासत और संस्कृति को विश्व पटल पर पहचान दिलाता है, बल्कि यह एक बड़ा आर्थिक उपक्रम भी है और रोजगार एवं स्थानीय विकास के नए अवसर पैदा करता है।
मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्ध घुमन्तु वर्गों के विभाग अंतर्गत संचालित छात्रावासों, कल्याण आश्रमों एवं अन्य कल्याणकारी संस्थानों को अभी तक 12 किलो अनाज 5 रुपए प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया जाता था। वहीं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य वर्गों के छात्रावासों तथा इसी प्रकार की कल्याणकारी संस्थाओं को 1 रुपए प्रति किलो की दर से अनाज उपलब्ध कराया जा रहा था।
बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है कि विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्ध घुमन्तु वर्गों के विभाग अंतर्गत आने वाले छात्रावासों एवं संबंधित संस्थानों को भी अब 1 रुपए प्रति किलो की दर से अनाज उपलब्ध कराया जाएगा। यह निर्णय इन संस्थानों में रहने वाले विद्यार्थियों एवं जरूरतमंदों के हित में एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी कदम है।
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