व्यापार
सपाट खुला भारतीय शेयर बाजार, निफ्टी 25,900 स्तर से ऊपर बना हुआ
मुंबई, 25 नवंबर: भारतीय शेयर बाजार मिश्रित ग्लोबल संकेतों के बीच मंगलवार को सपाट खुला। शुरुआती कारोबार में आईटी, एफएमसीजी और मीडिया सेक्टर में बिकवाली देखी जा रही थी।
सुबह 9 बजकर 22 मिनट पर सेंसेक्स 42.14 अंक या 0.05 प्रतिशत की मामूली गिरावट के बाद 84,858.57 स्तर पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी 13.15 अंक या 0.05 प्रतिशत की गिरावट के बाद 25,946.35 स्तर पर बना हुआ था।
वहीं, निफ्टी बैंक 17.50 अंक या 0.03 प्रतिशत की बढ़त के साथ 58,852.85 स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 16.95 अंक या 0.03 प्रतिशत की बढ़त के बाद 60,098.55 स्तर पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 5.25 अंक या 0.03 प्रतिशत की तेजी के साथ 17,701.75 स्तर पर था।
बाजार के जानकारों ने कहा, “निफ्टी की 2024 सितंबर के हाई को ब्रेक करने और एक नया रिकॉर्ड बनाने की कोशिश में एफआईआई की बिकवाली एक बड़ी रुकावट बन रही है, जो कल कैश मार्केट में 4171 करोड़ तक पहुंच गई थी।”
उन्होंने आगे कहा, “आज ग्लोबल संकेत मिले-जुले बने हुए हैं, यूएस मार्केट में रैली और फेड से 25 बेसिस प्वाइंट रेट कट की उम्मीदें ग्लोबल इक्विटी मार्केट के लिए पॉजिटिव हैं। लेकिन नैस्डैक में 2.69 प्रतिशत की तेज रैली और एमएजी 7 स्टॉक्स में बड़ा रिबाउंड फिर से एआई बबल का डर पैदा करेगा। भारत को लगातार तभी फायदा होगा जब एआई ट्रेड कमजोर होगा और नॉन-एआई स्टॉक्स में फ्लो होने लगेगा।”
इस बीच सेंसेक्स पैक में इंफोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, एमएंडएम, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और भारती एयरटेल टॉप लूजर्स थे। वहीं, बीईएल, इटरनल, बजाज फिनसर्व, टाइटन, मारुति सुजुकी और एलएंडटी टॉप गेनर्स थे।
एशियाई बाजारों में, बैंकॉक, जापान, सोल और चीन हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। वहीं, केवल जकार्ता लाल निशान में बना हुआ था।
अमेरिकी बाजार आखिरी कारोबारी दिन हरे निशान में बंद हुए। डाउ जोंस 0.44 प्रतिशत या 202.86 अंक की तेजी के बाद 46,448.27 पर बंद हुआ। वहीं, एसएंडपी 500 इंडेक्स 1.55 प्रतिशत या 102.13 अंक की बढ़त के बाद 6,705.12 स्तर और नैस्डेक 2.69 प्रतिशत या 598.92 अंक की तेजी के बाद 22,872.01 पर बंद हुआ।
विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) 24 नवंबर को शुद्ध विक्रेता रहे और उन्होंने 4,171.75 करोड़ रुपए के भारतीय शेयर बेचे। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) इसी कारोबारी दिन शुद्ध खरीदार रहे और उन्होंने 4,512.87 करोड़ रुपए के शेयरों की खरीदारी की।
व्यापार
बजट 2026 से पहले इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में आई तेजी

मुंबई, 31 जनवरी : केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में करीब 1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, पूरे सप्ताह बाजार में काफी उतार-चढ़ाव बना रहा और वैश्विक संकेतों के मिलेजुले रहने तथा बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण बाजार का रुख सतर्क लेकिन सकारात्मक बना रहा।
सप्ताह के अंत में निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता कमजोर होती दिखी। विदेशी निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली और रुपये की कमजोरी के कारण आखिरी कारोबारी सत्र में बाजार में गिरावट देखने को मिली।
हफ्ते भर में निफ्टी 1.09 प्रतिशत चढ़ा, लेकिन अंतिम कारोबारी दिन यह 0.39 प्रतिशत फिसलकर 25,320 पर बंद हुआ। वहीं, सेंसेक्स 296 अंक या 0.36 प्रतिशत गिरकर 81,537 पर बंद हुआ, हालांकि पूरे सप्ताह में इसमें 0.90 प्रतिशत की बढ़त रही।
इस हफ्ते सेक्टर आधारित सूचकांकों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। कंज्यूमर सर्विसेज और हार्डवेयर टेक्नोलॉजी शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी रही और इनमें 2.5 से 3.7 प्रतिशत तक की गिरावट आई। इसके अलावा एफएमसीजी, मीडिया और सॉफ्टवेयर शेयरों में भी 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
इसके उलट, मेटल, ऑयल और गैस स्टॉक्स इस हफ्ते के टॉप गेनर्स रहे और इनमें 2 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई, हालांकि आखिरी कारोबारी सत्र में निफ्टी मेटल इंडेक्स 5 प्रतिशत से अधिक टूट गया। मजबूत डॉलर, वैश्विक लिक्विडिटी को लेकर चिंताओं और अमेरिकी फेड चेयरमैन से जुड़ी अनिश्चितताओं के चलते आईटी शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली।
ऑटो और बेवरेज सेक्टर में भी बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण चुनिंदा शेयरों में कमजोरी रही।
ब्रॉडर मार्केट की बात करें तो इस हफ्ते इनमें बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 में 2.25 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 3.2 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
हफ्ते की शुरुआत में टैरिफ से जुड़ी नई चिंताओं और कॉरपोरेट नतीजों के मिलेजुले रहने से बाजार का माहौल कमजोर था, लेकिन भारत-ईयू ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर बनी सकारात्मक उम्मीदों ने ट्रेड से जुड़े सेक्टरों को सहारा दिया।
वहीं सप्ताह के मध्य में आए अनुकूल आर्थिक सर्वेक्षण से बाजार में भरोसा बढ़ा और वित्त वर्ष 2026-27 में मजबूत आर्थिक वृद्धि और नियंत्रित महंगाई की उम्मीदें जताई गईं, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में बाजार मुख्य रूप से बड़ी घटनाओं पर निर्भर रहेगा। घरेलू स्तर पर केंद्रीय बजट सबसे बड़ा कारक होगा, जो बाजार की दिशा तय करेगा।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर सरकार की नीतियों से समर्थन मिला तो अर्थव्यवस्था से जुड़े सेक्टरों में मजबूती बनी रह सकती है। वहीं आईटी और निर्यात से जुड़े शेयर वैश्विक आर्थिक संकेतों के प्रति आगे भी संवेदनशील बने रह सकते हैं।
व्यापार
बजट वाले दिन भी खुला रहेगा शेयर बाजार, बीएसई और एनएसई में होगी सामान्य ट्रेडिंग

मुंबई, 31 जनवरी : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी यानी रविवार को यूनियन बजट 2026 पेश करने वाली हैं। आम तौर पर शनिवार और रविवार को शेयर बाजार बंद रहता है, लेकिन बजट के चलते इस बार रविवार को घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क बीएसई और एनएसई खुले रहेंगे। इसके साथ ही कमोडिटी मार्केट यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) भी स्पेशल ट्रेडिंग सेशन के तौर पर खुला रहेगा।
यह कोई पहली बार नहीं है जब छुट्टी वाले दिन शेयर बाजार खुला रहेगा, पहले भी कई बार ऐसा हुआ है कि जब 1 फरवरी को बजट पेश हुआ है और उस दिन छुट्टी रहा है, तब भी शेयर बाजार में ट्रेडिंग कराई गई है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को सुबह 11 बजे लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने अपने सर्कुलर में कहा है कि “केंद्रीय बजट पेश होने के चलते, सदस्यों से अनुरोध है कि वे ध्यान दें कि एक्सचेंज 1 फरवरी 2026 को मानक बाजार समय (सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक) के अनुसार लाइव ट्रेडिंग सत्र आयोजित करेगा।
चूंकि यह सेटलमेंट हॉलिडे है, इसलिए 30 जनवरी को खरीदे गए शेयर 1 फरवरी को बेचे नहीं जा सकेंगे। इसी तरह, बजट वाले दिन खरीदे गए शेयर अगले दिन बेचना संभव नहीं होगा।
निर्मला सीतारमण लगातार 9वीं बार केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं। यह किसी भी वित्त मंत्री के लिए सबसे लंबे लगातार कार्यकालों में से एक है। यह 2024 में एनडीए सरकार के तीसरी बार सत्ता में आने के बाद दूसरा पूर्ण बजट भी होगा।
एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, निवेशकों का ध्यान सरकार के कर्ज, राजकोषीय घाटे और अगले साल की उधारी योजना पर रहेगा। विश्लेषकों का मानना है कि उधारी में साल-दर-साल करीब 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीडीपी के लगभग 4.1 से 4.2 प्रतिशत के आसपास रह सकता है।
बजट से जुड़े सभी दस्तावेज आर्थिक मामलों का विभाग तैयार करता है। इनमें सरकार के खर्च, आमदनी और आने वाले वित्त वर्ष के लिए नई योजनाओं का पूरा ब्योरा होता है।
इससे पहले 29 जनवरी को इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 संसद में पेश किया गया था। इसके बाद मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रेस को इसकी जानकारी दी थी।
राजनीति
पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की पर्यावरण संरक्षण प्रतिबद्धता को मिल रही वैश्विक पहचान: सीएम योगी

नई दिल्ली, 31 जनवरी : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को एटा की पटना बर्ड सेंचुरी को रामसर साइट के रूप में मान्यता मिलने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को लगातार वैश्विक पहचान मिल रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “एटा की पटना बर्ड सेंचुरी और गुजरात के कच्छ में स्थित छारी-ढांड को रामसर साइट्स में शामिल करना पॉलिसी, सुरक्षा और संरक्षण की एक यात्रा को दिखाता है, जहां इकोलॉजी और विकास साथ-साथ आगे बढ़ते हैं।”
उन्होंने आगे लिखा, “यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान सतत संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन और जैव विविधता की रक्षा के प्रति भारत के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। एटा के लोगों और वेटलैंड संरक्षण के लिए समर्पित सभी स्टेक होल्डर्स को बधाई।”
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश के एटा जिले में पटना पक्षी अभयारण्य और गुजरात के कच्छ जिले में छारी-ढंड को रामसर साइट्स की सूची में शामिल किया गया है। भूपेंद्र यादव ने दो फरवरी को ‘विश्व वेटलैंड्स दिवस’ से पहले भारत के रामसर नेटवर्क में दो नई वेटलैंड्स को शामिल करने की घोषणा की।
उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “विश्व वेटलैंड दिवस नजदीक होने के कारण मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत के बढ़ते रामसर नेटवर्क में दो नए नाम जुड़ गए हैं। उत्तर प्रदेश के एटा में पटना पक्षी अभयारण्य और गुजरात के कच्छ में छारी-ढांड प्रतिष्ठित रामसर साइटों की सूची में नए नाम हैं।”
इस पर प्रधानमंत्री ने खुशी जताते हुए कहा कि ये मान्यताएं जैव विविधता को संरक्षित करने और महत्वपूर्ण इकोसिस्टम की रक्षा करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “खुशी है कि एटा (उत्तर प्रदेश) में पटना पक्षी अभयारण्य और कच्छ (गुजरात) में छारी-ढांड रामसर साइट बन गए हैं। वहां की स्थानीय आबादी के साथ-साथ वेटलैंड संरक्षण के प्रति उत्साही सभी लोगों को बधाई। ये मान्यताएं जैव विविधता को संरक्षित करने और महत्वपूर्ण इकोसिस्टम की रक्षा करने की हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती हैं। ये वेटलैंड अनगिनत प्रवासी और स्थानीय प्रजातियों के लिए सुरक्षित आवास के रूप में फलते-फूलते रहें।”
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध3 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र7 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
-
न्याय1 year agoमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर
-
अपराध3 years agoबिल्डर पे लापरवाही का आरोप, सात दिनों के अंदर बिल्डिंग खाली करने का आदेश, दारुल फैज बिल्डिंग के टेंट आ सकते हैं सड़कों पे
-
अपराध3 years agoपिता की मौत के सदमे से छोटे बेटे को पड़ा दिल का दौरा
-
राष्ट्रीय समाचार12 months agoनासिक: पुराना कसारा घाट 24 से 28 फरवरी तक डामरीकरण कार्य के लिए बंद रहेगा
