राष्ट्रीय समाचार
मंडल रेल यात्री परामर्शदात्री समिति की हुई बैठक, कई नई ट्रेन चलाने का फैसला
समस्तीपुर, 20 नवंबर: बिहार के समस्तीपुर स्थित रेल मंडल मुख्यालय स्थित मंथन सभागार में बुधवार को मंडल रेल यात्री परामर्शदात्री समिति की द्वितीय बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें कई ट्रेनों को चलाने का फैसला लिया गया।
बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई, जिसमें रेलवे यात्रियों की सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता को प्रमुखता दी गई। बैठक की अध्यक्षता मंडल रेल प्रबंधक ज्योति प्रकाश मिश्रा और संचालन वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनन्या स्मृति ने की।
समस्तीपुर से लोकमान्य तिलक टर्मिनल तक चलने वाली स्पेशल ट्रेन को फिर से नियमित रूप से चलाने की मांग भी उठाई गई। इसके साथ ही कैंसर मरीजों और अन्य जरूरतमंद यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने की भी मांग की गई।
इसके अतिरिक्त, हायाघाट स्टेशन पर कंप्यूटरीकृत आरक्षण केंद्र खोलने और समस्तीपुर स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर 2-3 और 4-5 के पास महिला और पुरुष शौचालयों के निर्माण की भी मांग की गई, जिससे यात्रियों की समस्याएं दूर हो सकें।
जेडआरयूसीसी सदस्य कृष्ण कुमार ने विशेष रूप से जयनगर से मनिहारी तक चलने वाली जानकी एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव मंडल के महत्वपूर्ण स्टेशनों हायाघाट और किशनपुर पर करने की मांग उठाई। इसके अलावा, मुजफ्फरपुर से आनंद विहार के बीच चलने वाली सप्तक्रांति और गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन के मार्ग विस्तार की मांग की गई, ताकि ये ट्रेनें समस्तीपुर या कर्पूरी ग्राम स्टेशन से चल सकें।
बैठक में जेडआरयूसीसी और डीआरयूसीसी के कई सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों में यात्री सुविधाओं के विकास के लिए सुझाव और मांगें प्रस्तुत किए। इन सदस्यों में पारस जैन, राजीव सिंह, कृष्ण देव प्रसाद सिंह, राजेश सिंह, मनोज झा, शैलेंद्र कुमार मिश्रा और अन्य प्रमुख सदस्य शामिल थे।
रेलवे के अधिकारियों ने कहा कि हमें दो और पत्र और परामर्श मिले हैं, जल्द ही उस पर विचार कर शुरू किया जाएगा, जिससे यात्रियों को अधिक से अधिक सुविधा मिल सके। बैठक में अपर मंडल रेल प्रबंधक सन्नी सिन्हा, डीसीएम आरके सिन्हा, एसीएम राजेश कुमार और अन्य रेलवे अधिकारी भी मौजूद थे। इन अधिकारियों ने सभी प्रस्तुत मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया।
राजनीति
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद केंद्र की योजनाओं को मिलेगा बढ़ावा, अब लागू होने की उम्मीद

PM MODI
पश्चिम बंगाल में 15 साल के तृणमूल कांग्रेस शासन का अंत कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने के साथ ही उन केंद्र प्रायोजित योजनाओं को लेकर अनिश्चितता खत्म हो गई है, जिन्हें अब तक राज्य प्रशासन और निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा लागू नहीं किया गया था।
अब, जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी रैलियों में वादा किया था, इन योजनाओं को पूरी तरह लागू किया जाएगा। इनमें सबसे प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत योजना है।
अब तक ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली कैबिनेट ने इस योजना को लागू नहीं होने दिया, क्योंकि राज्य में पहले से ही ‘स्वास्थ्य साथी’ नामक अपनी स्वास्थ्य बीमा योजना संचालित थी। जहां आयुष्मान भारत राष्ट्रीय स्तर पर लागू योजना है, वहीं ‘स्वास्थ्य साथी’ की सीमाएं केवल पश्चिम बंगाल तक थीं।
इसके अलावा कई अन्य केंद्र प्रायोजित योजनाएं भी हैं, जिन्हें प्रशासनिक कारणों से पूरी तरह लागू नहीं किया गया था, जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, मातृशक्ति भरोसा, युवा शक्ति भरोसा आदि। अब इन योजनाओं के लागू होने की संभावना है।
जल जीवन मिशन: इस योजना के तहत हर घर तक नल के जरिए पानी पहुंचाने का लक्ष्य है। 2019-20 से 2023-24 के बीच राज्य को मिले 24,645 करोड़ रुपये में से केवल 53 प्रतिशत राशि ही उपयोग की गई। प्रस्ताव और दस्तावेजों में देरी इसके प्रमुख कारण रहे। अब ‘डबल इंजन’ सरकार के तहत लोगों को इस योजना का पूरा लाभ मिलने की उम्मीद है। तृणमूल सरकार भी हर घर तक पाइपलाइन से पानी पहुंचाने का दावा करती रही, लेकिन केंद्र की योजना लागू होने से दायरा और बढ़ सकता है।
प्रधानमंत्री आवास योजना: इस योजना के तहत केंद्र सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को घर बनाने के लिए सहायता देती है। राज्य में इसका समानांतर प्रोजेक्ट ‘बांग्लार बाड़ी’ नाम से चल रहा था। अब केंद्र की योजना लागू होने से अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है, खासकर वे जो अब तक वंचित रह गए थे। दोनों योजनाएं साथ चलती हैं तो लाभार्थियों की संख्या और बढ़ सकती है।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना: इस योजना के लागू होने से मछुआरों को वित्तीय सहायता, बीमा और आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, केंद्र की योजना लागू होने से ज्यादा मछुआरों को लाभ मिल सकेगा।
युवा शक्ति भरोसा: इस योजना के तहत केंद्र सरकार बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर महीने 3,000 रुपये देने की घोषणा कर चुकी है। हालांकि इसके लिए कुछ शर्तें निर्धारित हैं। राज्य सरकार ने अप्रैल में ‘युवाश्री’ योजना शुरू की थी, जिसमें 1,500 रुपये मासिक देने का प्रावधान था। केंद्र की योजना लागू होने पर युवाओं को सीधे उनके बैंक खाते में 3,000 रुपये मिलेंगे।
मातृशक्ति भरोसा: केंद्र सरकार की इस योजना के तहत निश्चित आय वर्ग की महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये दिए जाएंगे। तृणमूल सरकार पिछले पांच वर्षों से ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना चला रही थी, जिसके तहत महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह मिलते थे। यह राज्य की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक रही है। केंद्र की योजना लागू होने पर यह राशि दोगुनी हो सकती है।
प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम श्री): पश्चिम बंगाल में इसके समकक्ष ‘कन्याश्री’ योजना है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान मिला है। इसके तहत राज्य की लड़कियों को कक्षा 1 से 12 तक और आगे कॉलेज-विश्वविद्यालय स्तर तक मुफ्त शिक्षा मिलती है। साथ ही 25,000 रुपये की एकमुश्त सहायता भी दी जाती है। अब पीएम श्री योजना लागू होने से छात्राओं को और अधिक आर्थिक सहायता मिलने की संभावना है।
केंद्र के साथ मतभेदों के चलते तृणमूल कांग्रेस सरकार ने इन योजनाओं को लागू नहीं किया, क्योंकि इससे केंद्र सरकार की योजनाओं को बढ़ावा मिलता। हालांकि सत्ता परिवर्तन के बाद अब उम्मीद है कि ये सभी योजनाएं राज्य में पूरी तरह लागू होंगी।
गौरतलब है कि 15 साल बाद राज्य में बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ है। भारतीय जनता पार्टी ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतकर सरकार बनाई है, जबकि तृणमूल कांग्रेस 2021 में मिली 215 सीटों से घटकर इस बार 80 सीटों पर सिमट गई।
राष्ट्रीय समाचार
भारतीय कंपनियां अमेरिका में 20.5 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करने के लिए तैयार: सर्जियो गोर

भारतीय कंपनियां अमेरिका में टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, फार्मा और अन्य क्षेत्रों में 20.5 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश करने की योजना बना रही है। यह बयान बुधवार को भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की ओर से दिया गया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गौर ने लिखा कि एक ही दिन में 12 भारतीय कंपनियों ने 1.1 अरब डॉलर के नए निवेश की घोषणा की। साथ कहा कि यह निवेश अमेरिका में नौकरियां पैदा कर रहा है और दोनों देशों के बीच आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत बना रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि यह निवेश इस बात का प्रमाण है कि जब दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र आपस में व्यापार करते हैं, तो सभी को लाभ होता है।
अमेरिकी राजदूत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका कई मोर्चों पर आर्थिक संबंधों को मजबूत कर रहे हैं, और दोनों देशों की मौजूदा सरकारें तेजी से द्विपक्षीय व्यापार, रक्षा सहयोग और प्रौद्योगिकी साझेदारी को आगे बढ़ा रही हैं।
हालांकि, गौर ने उन 12 कंपनियों के नाम का ऐलान नहीं किया, जिन्होंने अमेरिका में निवेश का ऐलान किया है।
अमेरिकी सरकार के आधिकारिक डेटा के मुताबिक, अमेरिका का भारत के साथ व्यापार घाटा मार्च 2026 में 3.8 अरब डॉलर रहा है, जो कि पिछले साल की समान अवधि के घाटे 7.4 अरब डॉलर से 48.64 प्रतिशत कम है।
अमेरिकी सरकार की ओर से बताया गया कि मार्च 2026 में अमेरिका का भारत को निर्यात बढ़कर 4.3 अरब डॉलर हो गया है। वहीं, भारत से आयात 8.4 अरब डॉलर रहा है।
भारत के साथ आयात-निर्यात में अंतर कम होने के बावजूद अमेरिका के व्यापार घाटे में बढ़ोतरी हुई है। मार्च में वस्तुओं और सेवाओं का कुल व्यापार घाटा बढ़कर 60.3 अरब डॉलर हो गया, जो फरवरी के संशोधित 57.8 अरब डॉलर से 2.5 अरब डॉलर अधिक है।
राजनीति
राहुल गांधी का भाजपा पर तंज, कहा-वोट चोरी से सीटें चुराई जाती हैं तो कभी पूरी सरकार

चार राज्यों सहित एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनावी परिणाम के बाद विपक्ष लगातार भाजपा पर वोट चोरी का आरोप लगा रहा है। वहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी भाजपा पर वोट चोरी का आरोप लगाया है।
काग्रेंस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “वोट चोरी से कभी सीटें चुराई जाती हैं, कभी पूरी सरकार। लोकसभा के 240 भाजपा सांसदों में से, मोटे तौर पर हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता है। पहचानना मुश्किल नहीं- क्या उन्हें भाजपा की भाषा में “घुसपैठिए” कहें? और हरियाणा, वहां तो पूरी सरकार ही “घुसपैठिया” है।”
उन्होंने लिखा कि जो संस्थाएं अपनी जेब में रखते हैं, जो मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया को तोड़-मरोड़ देते हैं- वो खुद रिमोट से नियंत्रित हैं। उन्हें असली डर सच्चाई का है। क्योंकि निष्पक्ष चुनाव हो जाएं, तो आज ये 140 के पास भी नहीं जीत सकते।
राहुल गांधी ने कहा कि वोट चोरी से कभी सीटें चुराई जाती हैं, कभी पूरी सरकार। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी होती है और अगर चुनाव पूरी तरह साफ-सुथरे हों तो नतीजे अलग हो सकते हैं।
वहीं, इससे पहले चुनावी नतीजों के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि असम और पश्चिम बंगाल में चुनाव ‘चोरी’ किए गए हैं।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा था कि असम और पश्चिम बंगाल ऐसे स्पष्ट उदाहरण हैं, जहां भाजपा ने चुनाव आयोग के समर्थन से चुनाव चुराया है। हम सीएम ममता बनर्जी से सहमत हैं। पश्चिम बंगाल में 100 से ज्यादा सीटें चुराई गईं। हमने पहले भी मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और 2024 के लोकसभा चुनाव में यह तरीका देखा है।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि चुनाव चोरी, संस्था चोरी- अब और चारा ही क्या है।
इससे पहले, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने भी भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने 100 से ज्यादा सीटें लूट लीं। चुनाव आयोग भाजपा का आयोग बन गया है। आपको लगता है कि यह जीत है? यह एक अनैतिक जीत है। चुनाव आयोग ने जो कुछ भी किया, वह पूरी तरह से गैर-कानूनी और लूट है।
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