राष्ट्रीय समाचार
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को हजारों हाथों और दिलों ने मिलकर बनाया : गौतम अदाणी
नई दिल्ली, 1 अक्टूबर: अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने बुधवार को कहा कि नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक ऐसा स्मारक है, जिसे हजारों हाथों और दिलों ने मिलकर बनाया है।
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन 8 अक्टूबर को प्रस्तावित है।
अरबपति उद्योगपति ने एयरपोर्ट के डेवलपमेंट के लिए काम करने वाले दिव्यांग सहयोगियों, निर्माण श्रमिकों और अन्य स्टाफ सदस्यों के प्रयासों को सलाम किया और अपना आभार व्यक्त किया।
गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “8 अक्टूबर को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन से पहले, मैंने हमारे दिव्यांग सहयोगियों, निर्माण श्रमिकों, महिला कर्मचारियों, इंजीनियरों, कारीगरों, अग्निशमन कर्मियों और उन गार्डों से मुलाकात की, जिन्होंने इस विजन को साकार करने में मदद की।”
उन्होंने आगे लिखा, “मैंने यहां एक लिविंग वंडर की धड़कन महसूस की है और यह एक ऐसा स्मारक है, जिसे हजारों हाथों और दिलों ने मिलकर बनाया है।”
गौतम अदाणी के मुताबिक, “जब लाखों उड़ानें आसमान में उड़ेंगी और अरबों लोग इन हॉलों से गुजरेंगे, तो इन लोगों की आत्मा हर उड़ान और हर कदम पर गूंजेगी और मैं उनके प्रति अपनी हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। जय हिंद।”
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों यात्रियों की सुविधा के लिए डिजाइन किया गया है और इसमें अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
इसमें 3,700 मीटर लंबा रनवे, बड़े वाणिज्यिक विमानों को संभालने की क्षमता, आधुनिक यात्री टर्मिनल और उन्नत हवाई यातायात नियंत्रण प्रणालियां शामिल हैं।
इसके प्रति वर्ष 2 करोड़ यात्रियों को संभालने और मुंबई महानगर क्षेत्र और पश्चिमी भारत की बढ़ती हवाई यातायात मांगों को पूरा करने के साथ-साथ भारत की वैश्विक कनेक्टिविटी को मजबूत करने की उम्मीद है।
यह एयरपोर्ट जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) बंदरगाह से 14 किलोमीटर, महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी), तलोजा औद्योगिक क्षेत्र से 22 किमी, मुंबई पोर्ट ट्रस्ट (मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक के माध्यम से) से 35 किमी, ठाणे से 32 किमी और पावरलूम शहर भिवंडी से 40 किमी दूर होगा।
इस एयरपोर्ट ने मंगलवार को नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से एयरपोर्ट लाइसेंस प्राप्त करने की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी हासिल की, यह परिचालन शुरू करने के लिए आवश्यक है। इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी एयरलाइनों ने एयरपोर्ट से परिचालन शुरू करने की योजना की घोषणा की है, जिसमें शुरुआती उड़ानें विभिन्न घरेलू शहरों को जोड़ेंगी।
राष्ट्रीय समाचार
कमजोर वैश्विक संकेतों से गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, फाइनेंशियल स्टॉक्स पर दबाव

भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ खुला। सुबह 9:28 पर सेंसेक्स 267 अंक या 0.34 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 78,686 और निफ्टी 34 अंक या 0.14 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,603 पर था।
शुरुआती कारोबार में बिकवाली का दबाव फाइनेंशियल स्टॉक्स में देखा जा रहा है। सूचकांकों में निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज टॉप लूजर्स था। निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी मीडिया, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी फार्मा और निफ्टी इन्फ्रा भी हरे निशान में थे। दूसरी तरफ निफ्टी आईटी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी ऑयल एंड गैस लाल निशान में थे।
सेंसेक्स पैक में टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इन्फोसिस,एमएंडएम, एनटीपीसी, बीईएल, सन फार्मा, एसबीआई, एलएंडटी, पावर ग्रिड, टाइटन और आईटीसी हरे निशान में थे। बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, इटरनल और अल्ट्राटेक सीमेंट लाल निशान में थे।
मिडकैप और स्मॉलकैप में मिलाजुला कारोबार हो रहा है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 122 अंक या 0.19 प्रतिशत की मजबूती के साथ 63,446 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 38 अंक या 0.19 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 19,839 पर था।
जानकारों ने कहा, “मार्केट में स्थिरता आ रही है और यह धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ रहा है। निकट भविष्य में यह ट्रेंड जारी रहने की संभावना है, जिससे आगे ब्रेकआउट आ सकता है। पहली के नतीजों से कुछ अहम बातें सामने आई हैं, जिन्हें निवेशकों को ध्यान में रखना चाहिए, जिसमें पहली बात, फाइनेंशियल, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स और टेलीकॉम जैसे सेक्टर की अधिकतर कंपनियों ने आय और मुनाफे में दोहरे अंकों की ग्रोथ दर्ज की है। इससे उनके स्टॉक की कीमतों को मजबूती मिली है। दूसरा, आईटी सेक्टर को धीमी ग्रोथ और एआई के असर को लेकर चिंताओं का सामना करना पड़ा रहा है। तीसरा, मेटल्स और ऑयल जैसी कमोडिटीज के मामले में मिली-जुली स्थिति रही है।”
ज्यादातर एशियाई बाजारों में भी मिलाजुला कारोबार हो रहा था। टोक्यो, बैंकॉक और सोल लाल निशान में थे। शंघाई, हांगकांग और जकार्ता हरे निशान में थे। अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को लाल निशान में बंद हुआ था, जिसमें डाओ जोन्स 0.85 प्रतिशत की कमजोरी के साथ और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक 0.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ सपाट बंद हुआ।
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विपक्ष के हंगामे पर स्पीकर ओम बिरला बोले- ‘महात्मा गांधी से लें प्रेरणा’, लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित

संसद का मानसून सत्र विपक्ष के हंगामे के कारण लगातार बाधित है। शुक्रवार को भी सदन की कार्यवाही हंगामे के साथ शुरू हुई। बार-बार अनुरोध के बावजूद विपक्षी सदस्यों के शांत नहीं होने पर स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया।
विपक्षी सांसद लगातार 20 जुलाई को सीजेपी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ‘पुलिस कार्रवाई’ और अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के मुद्दे को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से जवाब दिए जाने की मांग कर रहे हैं। शुक्रवार को भी विपक्ष ने सदन में यह मुद्दा उठाते हुए हंगामा किया।
सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर स्पीकर ओम बिरला ने महात्मा गांधी को याद किया। उन्होंने कहा, “9 अगस्त को ‘भारत छोड़ आंदोलन’ की 84वीं वर्षगांठ है। साल 1942 में इसी दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देशवासियों को ‘करो या मरो’ का मंत्र दिया था। भारत छोड़ो आंदोलन, भारत के लोगों की एकता, अदम्य साहस और अन्याय के विरूद्ध सत्य और अहिंसा पर आधारित संघर्ष का अमर प्रतीक है।”
उन्होंने कहा कि इस आंदोलन ने स्वतंत्रता प्राप्ति की दिशा में निर्णायक जनजागरण का मार्ग प्रशस्त किया और राष्ट्र के आत्मविश्वास को नई ऊर्जा प्रदान की गई। यह सभा महात्मा गांधी और भारत की स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने वाले अमर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करती है।
इसके बाद, सदन में सभी सदस्यों ने 2 मिनट का मौन रखा। हालांकि, प्रश्नकाल शुरू होते ही हंगामा होने लगा।
स्पीकर ओम बिरला ने विपक्ष के सदस्यों से सदन की कार्यवाही जारी रखने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा, “महात्मा गांधी का योगदान सिर्फ भारत नहीं, बल्कि पूरी दुनिया मानती है। इसलिए दुनिया भी उनसे प्रेरणा लेती है। देश के अंदर लोकतंत्र को सशक्त और मजबूत करने के लिए आप सब भी उनसे प्रेरणा लो। यहां चर्चा, संवाद और अपने विचारों को अभिव्यक्त करो।”
उन्होंने आगे कहा, “प्रश्नकाल महत्वपूर्ण समय होता है। बाबासाहेब अंबेडकर ने यही विचार दिया था कि देश के अंदर लोकतंत्र को सशक्त और मजबूत करना है, तो चर्चा और संवाद ही इसका रास्ता है।”
विपक्ष के सदस्यों से फिर से आग्रह करते पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि आपका आचरण संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। इस पर आपको विचार करना चाहिए। सदन चर्चा और संवाद, खासकर प्रश्नकाल संसद सदस्यों के सवालों के लिए होता है। आपसे अनुरोध है कि आप प्रश्नकाल को चलने दें।
इसके बावजूद सदन में विपक्ष के सदस्यों का हंगामा जारी रहा। बाद में स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
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नीट पेपर लीक केस : सुप्रीम कोर्ट में 19 अगस्त को अगली सुनवाई, केंद्र के हलफनामे पर मांगा जवाब

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले की सुनवाई को लेकर राउज एवेन्यू की फास्ट ट्रैक कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों ने इस मुद्दे पर अहम टिप्पणियां कीं।
राऊज एवेन्यू कोर्ट के फास्ट ट्रैक जज अजय गुप्ता ने सुनवाई के दौरान कहा, “इस केस में हर एक मिनट बहुत कीमती है। मेरी चिंताओं को समझिए।” उन्होंने सभी वकीलों से अपील की कि वे सुबह 10 बजे तक कोर्ट में पहुंच जाएं। साथ ही, जज ने निर्देश दिया कि न्यायिक हिरासत में जेल में बंद आरोपियों को भी समय पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पेश किया जाए ताकि सुनवाई में देरी न हो।
वहीं नीट-यूजी 2026 पेपर लीक से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा दाखिल हलफनामे पर याचिकाकर्ताओं से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई अब 19 अगस्त को होगी। सुनवाई के दौरान बेंच ने कहा, “हलफनामे में कई ऐसी बातें हैं जिन पर विचार और चर्चा की जाएगी।”
याचिकाओं में परीक्षा कराने वाली संस्था एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि कोर्ट केंद्र सरकार को निर्देश दे कि एनटीए को बदला जाए या उसकी जगह एक नई संस्था बनाई जाए।उनकी मांग है कि नई संस्था तकनीकी रूप से मजबूत हो, ज्यादा सुरक्षित हो और स्वतंत्र तरीके से काम कर सके ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाएं न हों।
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कहा है कि परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। सरकार के मुताबिक 2026 में बने नए कानून के तहत अब पेपर लीक या नकल जैसे अपराधों में 10 साल तक की जेल और 5 करोड़ रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।
इसके अलावा इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स भी बनाई गई है। यह टास्क फोर्स मौजूदा परीक्षा सिस्टम में सुधार के सुझाव देगी।
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