राष्ट्रीय समाचार
मुंबई में बारिश से वसई रेल सेवा बाधित, कई ट्रेनें रद्द
मुंबई : भारी बारिश और भीषण जलभराव ने एक बार फिर मुंबई की उपनगरीय और लंबी दूरी की रेल सेवाओं को बाधित कर दिया है, जिससे हज़ारों दैनिक यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को वसई रोड कॉरिडोर सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ, जहाँ पटरियों पर पानी भर जाने के कारण कई मेमू (मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) ट्रेनें रद्द कर दी गईं।
डीआरएम – मुंबई सेंट्रल, डब्ल्यूआर द्वारा एक्स पर साझा किए गए अपडेट के अनुसार, निम्नलिखित सेवाएं दिन के लिए रद्द कर दी गई हैं:
ट्रेन नंबर 69167 पनवेल-वसई रोड मेमू
ट्रेन नंबर 69166 वसई रोड-पनवेल मेमू
ट्रेन नंबर 61021 वसई रोड-दिवा मेमू
ट्रेन नंबर 61008 दिवा-वसई रोड मेमू
ट्रेन नंबर 61009 वसई रोड-दिवा मेमू
इसके अलावा, दादर से भुज तक चलने वाली सयाजीनगरी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 20907) का समय पुनर्निर्धारित किया गया है और अब यह दादर स्टेशन से 16:15 बजे रवाना होगी।
दिवा और वसई रोड के बीच चलने वाली एमईएमयू सेवाओं के लिए और भी रद्दीकरण की घोषणा की गई, जिनमें शामिल हैं:
69162 वसई रोड (आगमन 16:10) और 69161 वसई रोड (प्रस्थान 16:40)
61002 वसई रोड (आगमन 17:25) और 61021 वसई रोड (प्रस्थान 17:35)
61008 वसई रोड (आगमन 18:55) और 61009 वसई रोड (प्रस्थान 19:05)
लगातार हो रही बारिश के कारण वसई रेलवे यार्ड का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया है, जिससे परिचालन असुरक्षित हो गया है और परिणामस्वरूप सेवाएं स्थगित करनी पड़ी हैं।
यह व्यवधान ऐसे समय में आया है जब मुंबई लगातार मानसून की बारिश के दौर से जूझ रहा है, जिसके कारण पहले ही कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया है, मुख्य सड़कों पर यातायात जाम हो गया है, तथा शहर की जीवनरेखा, रेल नेटवर्क में देरी हो रही है।
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है और यात्रियों को स्टेशन पर जाने से पहले लाइव अपडेट देखने की सलाह दी है।
राष्ट्रीय समाचार
भविष्य के युद्धों की तैयारी: सेना और नौसेना के बीच हुआ अहम समझौता

देश की सुरक्षा को और मजबूती देने के लिए भारतीय सेना व भारतीय नौसेना ने ‘मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन ऑन अफिलिएशन’ को मंजूरी दी है। गुरुवार 14 मई को दोनों सेनाओं के बीच ‘संबद्धता समझौता ज्ञापन’ पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य थलसेना और नौसेना के बीच बेहतर तालमेल, आपसी समझ और संयुक्त कार्यप्रणाली को बढ़ावा देना है। भविष्य के बदलते युद्ध स्वरूप को देखते हुए आर्मी और नौसेना के बीच हुआ यह समझौता काफी अहम माना जा रहा है।
सैन्य बलों के अनुसार यह समझौता भारतीय सशस्त्र बलों के बीच संयुक्तता, एकीकरण और बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इसका उद्देश्य भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप आधुनिक, एकीकृत और बहु-आयामी सैन्य क्षमता विकसित करना है। यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है ताकि देश की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सके।
गौरतलब है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान तीनों सेनाओं के बीच उत्कृष्ट तालमेल देखने को मिला था। सेना, नौसेना और वायुसेना के समन्वित प्रयासों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को उल्लेखनीय सफलता दिलाई। इस अभियान ने यह साबित किया कि भविष्य के सैन्य ऑपरेशन में संयुक्त और बहु-आयामी सैन्य संचालन कितने महत्वपूर्ण होंगे। इस समझौता ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना और भारतीय नौसेना की विभिन्न संरचनाओं, रेजीमेंटों, संस्थानों, प्रतिष्ठानों और युद्धपोतों के बीच संस्थागत सहयोग को औपचारिक रूप देना है।
इसके माध्यम से दोनों सेनाओं के बीच आपसी समझ बढ़ाने, परिचालन समन्वय मजबूत करने और दीर्घकालिक पेशेवर संबंध विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। समझौते के तहत आर्मी और नौसेना के अधिकारियों तथा जवानों को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली, संचालन प्रणाली, प्रशिक्षण व्यवस्था और जिम्मेदारियों को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। दोनों सेनाओं के बीच संयुक्त गतिविधियों, पेशेवर आदान-प्रदान, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और परिचयात्मक दौरों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
इससे विभिन्न सैन्य इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग विकसित होगा। गुरुवार को हुए इस समझौता ज्ञापन पर भारतीय सेना की ओर से एडजुटेंट जनरल लेफ्टिनेंट जनरल वीपीएस कौशिक और भारतीय नौसेना की ओर से चीफ ऑफ पर्सोनल वाइस एडमिरल गुरचरण सिंह ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ और नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल संजय वात्सायन भी मौजूद रहे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कई मौकों पर कह चुके हैं कि वर्तमान समय में सुरक्षा वातावरण लगातार जटिल बना हुआ है और तेजी से बदल रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा अब केवल देश की सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत के समुद्री और आर्थिक हितों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है। भारतीय नौसेना देश के समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने, समुद्री व्यापार मार्गों को सुरक्षित रखने और निर्बाध व्यापार संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
वहीं, भारतीय सेना भारतीय उपमहाद्वीप की रक्षा, स्थिरता और सुरक्षा की मुख्य जिम्मेदारी निभाती है। भविष्य के सैन्य अभियानों में तेजी से निर्णय लेने, अलग-अलग क्षेत्रों में समन्वय स्थापित करने और साझा संचालन क्षमता विकसित करने की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। इसी कारण सेना और नौसेना के बीच मजबूत तालमेल और निर्बाध सहयोग को आवश्यक माना जा रहा है।
समझौता ज्ञापन भविष्य में भारतीय सेना और भारतीय नौसेना के बीच और अधिक अंतर-सेवा संबद्धताओं का मार्ग भी प्रशस्त करेगा। साथ ही, यह संबद्ध गतिविधियों के संचालन के लिए व्यापक दिशा-निर्देश उपलब्ध कराएगा, ताकि दोनों सेनाओं के बीच सहयोग को संस्थागत रूप से और मजबूत बनाया जा सके।
राष्ट्रीय समाचार
गुजरात में 20,667 करोड़ रुपए की डबल लाइन रेलवे परियोजना को मिली कैबिनेट की मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने बुधवार को अहमदाबाद (सरखेज)-धोलेरा सेमी-हाईस्पीड डबल लाइन रेलवे परियोजना को मंजूरी दे दी। यह भारतीय रेलवे की पहली ऐसी परियोजना होगी, जिसे स्वदेशी तकनीक के जरिए विकसित किया जाएगा। इस परियोजना की कुल लागत 20,667 करोड़ रुपए होगी।
कैबिनेट के बयान के अनुसार, यह रेलवे परियोजना अहमदाबाद, धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (एसआईआर), आगामी धोलेरा एयरपोर्ट और लोथल नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स (एनएचएमसी) के बीच तेज कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
अहमदाबाद और धोलेरा के बीच यह नई रेल लाइन यात्रियों के सफर का समय कम करेगी, जिससे लोग आरामदायक दैनिक यात्रा और एक ही दिन में आने-जाने की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। यह सेमी-हाईस्पीड रेलवे न केवल दोनों शहरों को करीब लाएगी, बल्कि सैकड़ों किलोमीटर दूर रहने वाले लोगों को भी फायदा पहुंचाएगी।
सरकार ने कहा कि यह परियोजना देश भर में चरणबद्ध तरीके से सेमी-हाईस्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार के लिए एक मॉडल परियोजना के रूप में काम करेगी।
गुजरात के अहमदाबाद जिले में बनने वाली इस परियोजना से भारतीय रेलवे नेटवर्क में करीब 134 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी। प्रस्तावित रेल लाइन से लगभग 284 गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जहां करीब 5 लाख लोग रहते हैं।
नई रेल लाइन से सीधी कनेक्टिविटी और आवाजाही में सुधार होगा, जिससे भारतीय रेलवे की कार्यक्षमता और सेवाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी। बयान में कहा गया कि यह परियोजना प्रधानमंत्री मोदी के ‘न्यू इंडिया’ विजन के अनुरूप है, जो क्षेत्र के लोगों को व्यापक विकास के जरिए आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद करेगी।
यह परियोजना पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार की गई है, जिसमें मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स दक्षता को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है। इसके लिए विभिन्न हितधारकों के साथ समन्वित योजना बनाई गई है।
सरकार के अनुसार, यह परियोजना लोगों, सामान और सेवाओं की आवाजाही को सुगम बनाएगी। रेलवे पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा-कुशल परिवहन माध्यम होने के कारण देश के जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने में भी मदद करेगा।
इस परियोजना से तेल आयात में लगभग 0.48 करोड़ लीटर की कमी आएगी और करीब 2 करोड़ किलोग्राम सीओ2 उत्सर्जन कम होगा। यह प्रभाव लगभग 10 लाख पेड़ लगाने के बराबर माना गया है।
राजनीति
प्रतीक यादव के निधन से दुखी अखिलेश, बोले- कानून और परिवार जो तय करेगा, वही मानेंगे

सपा मुखिया अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव के बुधवार को हुए निधन से यादव परिवार और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई। प्रतीक यादव के निधन के बाद अखिलेश यादव लखनऊ स्थित पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे, जहां वह काफी देर तक मौजूद रहे।
बाहर निकलने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में गहरा दुख जताते हुए कहा कि कुछ महीने पहले उनकी प्रतीक से मुलाकात हुई थी और उन्होंने उन्हें अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी थी। अखिलेश यादव ने कहा, “करीब दो महीने पहले हमारी मुलाकात हुई थी। मैंने उनसे कहा था कि अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और अपने कारोबार को आगे बढ़ाएं। कई बार कारोबार में नुकसान होने पर व्यक्ति अंदर से टूट जाता है।”
उन्होंने अपने छोटे भाई को याद करते हुए कहा, “मैंने प्रतीक को बचपन से देखा है। यह बेहद दुखद है कि वह आज हमारे बीच नहीं हैं। वह जीवन में आगे बढ़कर काम करना चाहते थे। उनके जाने से परिवार को गहरा आघात पहुंचा है।”
मौत के कारणों को लेकर पूछे गए सवाल पर सपा प्रमुख ने संयमित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि परिवार और कानून जो तय करेगा, वही स्वीकार किया जाएगा। उन्होंने कहा, “कानून और परिवार के लोग जो कहेंगे, हम उसी बात को मानेंगे। हम पूरी तरह कानूनी रास्ता अपनाएंगे।”
उधर, सैफई स्थित यादव परिवार के पैतृक आवास के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है। परिवार के अधिकांश सदस्य लखनऊ रवाना हो गए हैं। इटावा और सैफई क्षेत्र में भी शोक का माहौल देखा जा रहा है। समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का शव, पोस्टमॉर्टम के लिए लखनऊ स्थित केजीएमयू लाया गया है।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान, भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव के निधन के बाद उनके आवास पर पहुंचीं। उन्होंने कहा, “यह एक बहुत ही दुखद घटना है… ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। भगवान परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति दें।”
ज्ञात हो कि समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का आज सुबह निधन हो गया। उनका शव, पोस्टमॉर्टम के लिए लखनऊ स्थित केजीएमयू लाया गया है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान, भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव के निधन के बाद उनके आवास पर पहुंचीं।
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