राजनीति
महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने मराठी भाषा विवाद के बीच शांति की अपील की, राज्य में भाषाई घृणा के खिलाफ चेतावनी दी
मुंबई: राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने लोगों से भाषाई मुद्दों पर नफरत फैलाने से बचने की अपील की है। वह मंगलवार को राजभवन में एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन करते हुए बोल रहे थे।
राज्यपाल की अपील मराठी भाषा लागू करने को लेकर बढ़ते तनाव के बीच आई है
राधाकृष्णन ने कहा, “राज्यपाल का बयान ऐसे समय में महत्वपूर्ण हो जाता है जब राज्य में भाषा के मुद्दे पर झड़पें हो रही हैं, जिसमें मराठी बोलने से इनकार करने पर लोगों की पिटाई की गई। इस तरह के रवैये से राज्य को आगे चलकर नुकसान हो सकता है।”
राज्यपाल ने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर हम ऐसी नफ़रत फैलाते रहेंगे, तो कोई भी यहाँ निवेश करने नहीं आएगा। आगे चलकर हम महाराष्ट्र को ही नुकसान पहुँचाएँगे। हमें जितनी हो सके उतनी भाषाएँ सीखनी चाहिए, साथ ही अपनी मातृभाषा पर गर्व भी करना चाहिए।”
मंत्री गिरीश महाजन ने भाषा आधारित हिंसा पर चिंता व्यक्त की
समारोह में उपस्थित मंत्री गिरीश महाजन ने कहा, “मराठी हमारी मातृभाषा है। लेकिन मराठी न बोल पाने की वजह से किसी की पिटाई करना सही नहीं है। हम देश के दूसरे हिस्सों में भी जाते हैं, और अगर कोई हमसे अपनी भाषा में बात करने को कहे तो क्या होगा?”
त्रिभाषा फार्मूले पर विवाद; राज्य को योजना वापस लेने पर मजबूर होना पड़ा
राज्य द्वारा अपनाए गए त्रिभाषा फॉर्मूले पर उठे विवाद के मद्देनजर राज्यपाल और मंत्री दोनों की टिप्पणियां महत्वपूर्ण हैं। महाराष्ट्र पर हिंदी थोपने के आरोपों के साथ बड़े पैमाने पर विरोध के बाद सरकार को अपना बयान वापस लेना पड़ा था।
राजनीति
राहुल गांधी की बातों से समाज में जाता है गलत संदेश : किरेन रिजिजू

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर दिए गए बयान को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “राहुल गांधी की बातों को समाज में बेवजह फैलाना सही नहीं है क्योंकि इससे समाज में गलत संदेश जाता है।”
बता दें कि राहुल गांधी ने 24 सितंबर को एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिसमें उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए थे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि देश में सत्ता विरोधी लहर यानी एंटी-इनकम्बेंसी कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के खिलाफ तो काम करती है लेकिन भाजपा के खिलाफ गायब हो जाती है। राहुल गांधी ने दावा किया था कि 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है।
राहुल गांधी ने कहा था कि वह एक राजनीतिक परिवार से आते हैं और 50 वर्षों से भारतीय राजनीति को करीब से देख रहे हैं। उनके मुताबिक, भारत में एंटी-इनकम्बेंसी एक स्वाभाविक राजनीतिक ताकत है, जो हर सरकार के खिलाफ समय के साथ उभरती है। उन्होंने कहा था कि इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश युद्ध के बाद भारी लोकप्रियता हासिल की थी लेकिन कुछ ही समय में उनके खिलाफ भी सत्ता विरोधी माहौल बन गया। यही स्थिति कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के नेताओं के साथ भी होती है लेकिन भाजपा के मामले में ऐसा नहीं दिखता।
उन्होंने कहा था, “मैं पूरी निश्चितता के साथ कह सकता हूं कि 2024 के लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनावों में धांधली हुई। मेरे पास इसे साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। यह 99 प्रतिशत नहीं बल्कि 100 प्रतिशत निश्चित है।”
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधते हुए कहा था कि उनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की थी। उन्होंने दावा किया था कि अब चुनाव आयोग के दो अन्य आयुक्त भी विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया में गड़बड़ियों पर आपत्ति जता रहे हैं और ज्ञानेश कुमार को मौजूदा अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार बता रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा था कि चुनाव आयोग का सबसे बड़ा दायित्व मतदाता के वोट की रक्षा करना है। अगर वोट सुरक्षित नहीं रहेगा तो संविधान सही ढंग से काम नहीं करेगा, कानूनों की वैधता पर सवाल उठेंगे और लोकतांत्रिक संस्थाओं का महत्व खत्म हो जाएगा।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि “पहले वोट चोरी हुई, फिर कानून चोरी हुई और अब संस्थाओं की चोरी हो रही है।” उन्होंने यह भी कहा था कि जिन सांसदों का चुनाव कथित “वोट चोरी” के जरिए हुआ है, उनके द्वारा बनाए गए कानून भी अवैध हैं। इस पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई थी और इसे राहुल गांधी की राजनीति का हिस्सा बताया था।
राष्ट्रीय समाचार
बिहार : वाल्मीकिनगर बराज पर बढ़ा गंडक नदी का जलस्राव, 5 लाख क्यूसेक पहुंचने की संभावना

बिहार में गंडक नदी के जलस्तर को लेकर जल संसाधन विभाग ने रविवार को अपडेट जारी किया। विभाग के अनुसार, वाल्मीकिनगर बराज पर रविवार पूर्वाह्न 10 बजे गंडक नदी में 4.16 लाख क्यूसेक जलस्राव दर्ज किया गया। जलस्राव की प्रवृत्ति बढ़ने की है। नेपाल के गंडक जल अधिग्रहण क्षेत्र में पिछले 24 घंटे के दौरान सामान्य से अधिक बारिश होने के कारण नदी में पानी बढ़ा है।
जल संसाधन विभाग के मुताबिक, नेपाल के देवघाट में दर्ज किए गए उच्चतम जलस्तर के प्रभाव से वाल्मीकिनगर बराज पर रविवार शाम तक करीब 5 लाख क्यूसेक जलस्राव पहुंचने की संभावना है। विभाग ने इस स्थिति को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखने और लगातार निगरानी करने की बात कही है। विभाग ने हालांकि यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और गंडक के बढ़ते जलस्राव से व्यापक स्तर पर जलजमाव या बाढ़ की संभावना कम है।
इसका प्रमुख कारण गंगा नदी का जलस्तर कम होना बताया गया है। गंगा का जलस्तर कम रहने से गंडक नदी के पानी की निकासी गंगा में सुचारू रूप से हो रही है। विभाग के अनुसार, गंडक नदी के जलस्राव में वृद्धि के बावजूद पानी की निकासी की स्थिति अनुकूल बनी हुई है। ऐसे में नदी के आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जलजमाव की आशंका फिलहाल कम है। जल संसाधन विभाग ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों और संबंधित तंत्र को आवश्यक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र में बारिश और वहां दर्ज जलस्तर के आधार पर वाल्मीकिनगर बराज पर आने वाले पानी की निगरानी की जा रही है। विभाग ने लोगों से स्थिति को लेकर अनावश्यक रूप से चिंतित नहीं होने की अपील करते हुए कहा कि प्रशासन और विभागीय स्तर पर लगातार निगरानी जारी है। जलस्राव में होने वाले बदलाव के आधार पर आगे आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। कई इलाकों में लोगो को सतर्क रखा गया है।
राष्ट्रीय समाचार
प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज से जुड़े ट्राई के फैसले पर सांसद राघव चड्ढा ने जताई खुशी, किया सरकार का धन्यवाद

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने उपभोक्ताओं को राहत के लिए मोबाइल रिचार्ज से जुड़े भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के फैसले पर केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला भारत में प्रीपेड मोबाइल यूजर्स के लिए अच्छी खबर है।
सांसद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, “सरकार ने हाल ही में ‘टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (तेरहवां संशोधन) रेगुलेशंस, 2026’ पेश किए हैं, जिससे ग्राहकों को कई सुविधाएं मिलेंगी।”
उन्होंने बताया कि 30 दिन के रिचार्ज प्लान से साल में 13 बार रिचार्ज कराने की जरूरत घटकर 12 बार रह जाएगी। इसके अलावा, सिर्फ वॉइस और एसएमएस वाले प्लान होंगे, उन लोगों के लिए, जिन्हें डेटा की जरूरत नहीं है। कम बजट वाले ग्राहकों के लिए अधिक सही विकल्प होंगे, जिन्हें मुख्य रूप से बेसिक वॉइस कॉल की जरूरत होती है।
अपनी पोस्ट में राघव चड्ढा ने कहा, “आप में से कई लोगों ने सीमित और इंफ्लेक्सिबल रिचार्ज विकल्पों के बारे में अपनी चिंताएं मेरे साथ साझा की थीं। मैंने 11 मार्च को संसद में यह मुद्दा उठाया था और ग्राहकों के लिए अधिक विकल्प और सस्ते प्लान की मांग की थी। ग्राहकों की बेहतर पसंद और सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन चिंताओं का समाधान करने के लिए मैं भारत सरकार और ट्राई का आभारी हूं।”
सांसद ने एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें उन्होंने ट्राई की ओर से टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (तेरहवां संशोधन) रेगुलेशंस, 2026 जारी होने के बाद अपनी खुशी जताई और कहा कि सरकार ने सभी मांगों को मान लिया है।
बता दें कि राघव चड्ढा ने 11 मार्च 2026 को मैंने संसद में प्रीपेड मोबाइल यूजर्स की समस्याओं को उठाया था। उन्होंने कहा था कि साल में 12 महीने होते हैं, लेकिन 28 दिन के रिचार्ज के माध्यम से 13 बार रिचार्ज कराना पड़ता है। साथ ही, कहा था कि बहुत से उपभोक्ता डेटा का इस्तेमाल नहीं करते हैं। साथ ही, राघव चड्ढा ने यह समस्या संसद में रखी की कि रिचार्ज खत्म होने के बाद आउटगोइंग के साथ इनकमिंग भी बंद हो जाती है।
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