राजनीति
शिवसेना (यूबीटी) ने सामना में लिखा, “सीएम फडणवीस के लिए पांच से छह मंत्रियों को बाहर करने का सही समय आ गया है
Uddhav Thackeray
मुंबई, 22 जुलाई। शिवसेना (यूबीटी) ने मंगलवार को कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल करना चाहिए और उन पांच से छह मंत्रियों को बाहर करना चाहिए जो विभिन्न विवादों से जुड़े रहे हैं, जिनमें “रम्मी खेलना, रिश्वत लेना और हनी ट्रैप में फंसना” शामिल है।
ठाकरे खेमे ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इन घटनाओं से कथित तौर पर परेशान हैं और उन्होंने इस संबंध में कड़ी कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसमें आगे कहा गया है कि समय आ गया है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस विभिन्न विवादों में फंसे पांच से छह मंत्रियों को हटाकर अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल करें।
शिवसेना (यूबीटी) ने कहा, “महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में कई तरह के लोग हैं। एक मंत्री विधानसभा में रमी खेल रहा है, दूसरा पैसों से भरा बैग दिखा रहा है और सिगरेट पी रहा है, तीसरा मंत्री अपनी प्रेमिका की हत्या की बात पचाकर फडणवीस के बगल में बैठा है, चौथा मंत्री नासिक के हनी ट्रैप से भागने की कोशिश कर रहा है और पाँचवाँ मंत्री दूसरों को फँसाते हुए खुद हनी ट्रैप में फँस गया है।” संपादकीय में सरकार के कुछ मंत्रियों के आचरण और नैतिकता पर सवाल उठाए गए हैं।
संपादकीय में मुख्यमंत्री फडणवीस पर कटाक्ष करते हुए कहा गया है कि उनके नेतृत्व वाली सरकार हिंदुत्व की प्रबल समर्थक है, इसलिए सत्ता में आने से पहले उन्होंने ‘पंचांग (हिंदू पंचांग या कैलेंडर)’ पर अच्छी तरह से नज़र डाली होगी। सरकार में कुछ लोगों ने असम के कामाख्या मंदिर में ‘अघोरी पूजा (देवताओं का आह्वान और प्रसाद चढ़ाने की रस्म)’ करके सत्ता में प्रवेश किया, लेकिन लगता है वे सभी सही समय पर चूक गए। मंत्रियों की हरकतों को देखते हुए, जल्द ही पाँच-छह मंत्रियों को बाहर करके, उन्हें घर भेजकर मंत्रिमंडल में फेरबदल करना होगा।
ठाकरे खेमे ने कहा कि राजनीतिक गलियारों में ऐसे मंत्रियों के नामों पर चर्चा हो रही है। “मंत्री संजय शिरसाट, योगेश कदम, माणिक कोकाटे, दादा भुसे, संजय राठौड़ और नासिक के ‘हनी ट्रैप’ में फँसे पाँच अन्य मंत्रियों में से कुछ को भी जाना होगा।” संपादकीय में आगे कहा गया है, “गृह मंत्री अमित शाह ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए हैं।”
इसके अलावा, संपादकीय में हनी ट्रैप में भाजपा के कुछ मंत्रियों की संलिप्तता का आरोप लगाया गया है। पार्टी ने ये आरोप तब लगाए जब पिछले हफ़्ते मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य विधानसभा में कहा था कि हनी ट्रैप जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने विपक्ष से भी कहा कि वह कमज़ोर तर्कों और ढीले सबूतों के साथ सरकार पर निशाना न साधे, बल्कि ठोस जानकारी और सबूत लेकर सामने आए।
संपादकीय में दावा किया गया है, “पुलिस हनी ट्रैप मामले में सीडी और पेन ड्राइव ढूँढ़ने की कोशिश कर रही है क्योंकि मौजूदा सरकार के मंत्रियों के राज़ इन्हीं में छिपे हैं।”
राजनीति
महिलाओं के वोट खरीदकर सत्ता में आई महायुति सरकार : शिवसेना (यूबीटी) ने उठाई नए चुनाव कराने की मांग

मुंबई, 3 जून: शिवसेना (यूबीटी) ने महायुति सरकार पर महिलाओं के साथ धोखा करने का आरोप लगाया है। पार्टी का आरोप है कि ‘लाडकी बहिन योजना’ के जरिए सरकारी धन का उपयोग कर महिलाओं को प्रभावित किया गया और उनके वोट हासिल कर सत्ता तक पहुंचा गया।
शिवसेना (यूबीटी) ने ई-केवाईसी प्रक्रिया के बाद मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के तहत लाभ पाने वाली करीब 80 लाख महिलाओं के अपात्र घोषित होने के मामले में हाईकोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की है।
पार्टी ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में कहा है कि इस मामले में सरकार एक बड़े घोटाले में शामिल है। मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों की संपत्ति जब्त की जाए।
संपादकीय में कहा गया कि यह कोई राज नहीं है कि देवेंद्र फडणवीस-एकनाथ शिंदे-अजित पवार की तिकड़ी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव ‘हेरफेर’ करके जीता था। चुनावों के ठीक बीच में इन तीनों ‘भाइयों’ ने लाडकी बहिन योजना शुरू की और राज्य सरकार ने 2.38 करोड़ महिलाओं को 1,500 रुपए का मासिक भत्ता देने की घोषणा की। इन महिलाओं की रैलियां आयोजित करने को लेकर इन तीनों के बीच जबरदस्त होड़ मची हुई थी।”
संपादकीय में कहा गया कि ‘केवाईसी’ पूरा न होने का हवाला देते हुए लगभग 80 लाख महिलाओं को अयोग्य घोषित कर दिया गया। इसका मतलब है कि इन लोगों ने वोट खरीदने और चुनाव जीतने के लिए बिना सोचे-समझे सरकारी फंड लाखों अयोग्य महिलाओं के खातों में डाल दिया।
शिवसेना (यूबीटी) ने आरोप लगाया, “इस पूरे खेल में चुनाव आयोग ने बहरे, गूंगे और अंधे की भूमिका निभाई। महिलाओं ने 1,500 रुपए मासिक भत्ते के बदले इस तिकड़ी को वोट दिया। उनके वोटों की संख्या लगभग एक करोड़ बढ़ गई और ये लोगभ्रष्ट तरीकों से सत्ता में आ गए।”
आगे लिखा गया, “लाडकी बहिन योजना के लाभार्थियों को अयोग्य घोषित किए जाने के पीछे की सच्चाई अब सबके सामने आ गई है। सरकार पिछले डेढ़ साल से इन अयोग्य लाभार्थियों को पैसे बांट रही थी। दिसंबर 2024 तक इस तरह से 17,000 करोड़ रुपए से ज्यादा बांटे जा चुके थे। यह पैसा सत्ताधारी तिकड़ी की जेब से नहीं आया था। अगर पैसों का यह बंटवारा गैरकानूनी है तो सरकार को इसे वापस लेना होगा।”
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने कहा कि यह वसूली अयोग्य लाभार्थी महिलाओं की जेब से नहीं की जानी चाहिए। इसके बजाय यह पैसा उन लोगों से वापस लिया जाना चाहिए जिन्होंने यह फिजूलखर्ची और हेराफेरी की है। इस तिकड़ी (एक मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री) की चल और अचल संपत्तियों को जब्त करना जरूरी है।
उस सरकारी मशीनरी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले दर्ज किए जाने चाहिए जिसने बिना किसी जांच-पड़ताल के हजारों करोड़ रुपए अयोग्य महिलाओं में बांट दिए। जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें खासकर संबंधित विभाग के तत्कालीन सचिव को बर्खास्त किया जाना चाहिए।”
संपादकीय के अनुसार, इस तिकड़ी ने कबूल किया कि महिलाओं ने भारी संख्या में वोट इसलिए दिए, क्योंकि उन्हें लाडकी बहिन योजना के तहत फायदे दिए गए थे। तर्क दिया गया, “अब, महिलाओं को पैसे का यह बंटवारा भ्रष्ट और गैर-कानूनी साबित हो गया है। यह साबित हो चुका है कि सरकारी पैसा लाखों महिलाओं में गलत तरीके से बांटा गया था। इसके अलावा, इन्हीं महिलाओं ने अभी सत्ता में मौजूद ‘तिकड़ी’ को वोट दिया था। इसलिए चुनाव आयोग को ऐसी महिलाओं द्वारा किए गए मतदान को अमान्य घोषित करना चाहिए और महाराष्ट्र में नए चुनावों की घोषणा करनी चाहिए।”
राजनीति
मालवीय नगर अग्निकांड: पीएम मोदी ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा

नई दिल्ली, 3 जून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग लगने की घटना पर दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने मृतक के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। इसके साथ ही, घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने बयान में कहा, “दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने की घटना में लोगों की जान जाना बेहद दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है।”
उन्होंने आगे कहा, “प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे।”
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘दिल्ली के मालवीय नगर में भीषण अग्निजनित दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुखद है। इस हादसे में असमय अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।”
वहीं, इस घटना पर दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने भी शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं मृतकों के परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। पुलिस, प्रशासन और अग्निशमन बचाव दल इस समय घटनास्थल पर मौजूद हैं व राहत कार्य में जुटे हुए हैं। अधिकारियों से बात कर उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे इस घटना के पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सहायता और राहत सुनिश्चित करें, साथ ही घटना की गहन जांच करवाएं।”
मालवीय नगर अग्निकांड पर भाजपा सांसद नवीन जिंदल ने लिखा, “दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग का समाचार अत्यंत दुखद है। इस हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोगों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं और घायल हुए सभी लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें।”
मालवीय नगर में एक रेस्टोरेंट के अंदर बुधवार सुबह आग लगी थी। इस घटना में अब तक कम से कम 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 37 लोगों को बचाया जा चुका है।
महाराष्ट्र
मुंबई : आरे कॉलोनी दरगाह शहीद, क्रेट सौम्या के लगातार लैंड जिहाद कैंपेन के बाद बीएमसी ने एक्शन लिया, हालात तनावपूर्ण लेकिन शांति बनी हुई है

मुंबई: मुंबई के गोरेगांव आरे कॉलोनी में उस समय तनाव फैल गया जब यहां स्थित एक प्राचीन दरगाह बाबा सैयद बरकत अली पीर की दरगाह को गिरा दिया गया। दो महीने पहले क्रेट सौम्या ने दरगाह को अवैध बताया था और कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद आज प्रशासन ने दरगाह को गिरा दिया। इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे ताकि मामला सांप्रदायिक रूप न ले। इसलिए पुलिस ने कड़ा पहरा लगा दिया था और आखिरकार दरगाह को गिरा दिया गया। इसके बाद यहां हालात शांतिपूर्ण जरूर हैं, लेकिन तनाव बना हुआ है। दरगाह के साथ-साथ आसपास के भद्दे स्ट्रक्चर को भी गिरा दिया गया। AIMIM नेता वारिस पठान ने इस तोड़फोड़ पर एतराज जताते हुए इसे गलत बताया और कहा कि जो तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई, उसमें सिर्फ दरगाह को टारगेट किया गया। इसके आसपास के चार सौ से ज्यादा अवैध घरों और दूसरे स्ट्रक्चर पर कार्रवाई नहीं की गई है। अगर कानून बराबर है तो उन्हें भी गिरा देना चाहिए। क्रेट सौम्या ने इस कार्रवाई पर खुशी जताई और कहा कि वह दो महीने से लगातार कोशिश कर रहे थे। आज BMC, पुलिस और प्रशासन ने इस अवैध लैंड जिहाद और लैंड माफिया के खिलाफ कार्रवाई की है। दरगाह की आड़ में यहां लैंड जिहाद और लैंड माफिया एक्टिव थे। क्रेट सौम्या ने इस एक्शन पर खुशी जताई। लोकल DCP राज गजानन राज माने ने कहा कि जंगल की ज़मीन पर गैर-कानूनी कब्ज़े हटाए गए। पुलिस ड्यूटी पर थी। यहां लॉ एंड ऑर्डर की कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने कहा कि एडमिनिस्ट्रेशन ने इन गैर-कानूनी स्ट्रक्चर को नोटिस भी भेजा था और कोई जवाब न मिलने पर यह एक्शन लिया गया है। फिलहाल, इंतज़ाम कर दिए गए हैं। शांति बनी हुई है, लेकिन टेंशन भी बनी हुई है। पुलिस ने भी हालात पर नज़र रखना शुरू कर दिया है। दरगाह की शहादत के बाद मुसलमानों में गुस्सा और नाराज़गी है।
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