Connect with us
Tuesday,01-September-2026
ताज़ा खबर

राजनीति

‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र कर पीएम मोदी बोले, ‘22 अप्रैल का बदला 22 मिनट में लिया’

Published

on

बीकानेर, 22 मई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राजस्थान के बीकानेर में एक सभा को संबोधित करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि हमने 22 अप्रैल का बदला 22 मिनट में ले लिया।

पीएम मोदी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “22 अप्रैल के हमले के जवाब में हमने 22 मिनट में आतंकियों के 9 सबसे बड़े ठिकाने तबाह कर दिए। दुनिया ने और देश के दुश्मनों ने भी देख लिया है कि जब सिंदूर बारूद बन जाता है तो नतीजा क्या होता है।”

उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने तीनों सेनाओं को खुली छूट दी। तीनों सेनाओं ने मिलकर ऐसा चक्रव्यूह रचा कि पाकिस्तान को घुटने टेकने के लिए मजबूर कर दिया। राजस्थान की ये वीर धरा हमें सिखाती है कि देश और देशवासियों से बड़ा और कुछ नहीं है। 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने धर्म पूछकर हमारी बहनों की मांग का सिंदूर उजाड़ दिया था। वो गोलियां पहलगाम में चली थी, लेकिन उन गोलियों से 140 करोड़ देशवासियों का सीना छलनी हुआ था। इसके बाद हर देशवासी ने एकजुट होकर संकल्प लिया था कि आतंकवादियों को मिट्टी में मिला देंगे। उन्हें कल्पना से भी बड़ी सजा देंगे। आज आपके आशीर्वाद से देश की सेना के शौर्य से हम सब उस प्रण पर खरे उतरे हैं।”

प्रधानमंत्री ने आतंकवाद से निपटने के लिए तीन सूत्रों पर भी बात की। पीएम मोदी ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद से निपटने के तीन सूत्र तय कर दिए हैं। पहला- भारत पर आतंकी हमला हुआ तो करारा जवाब मिलेगा। समय हमारी सेनाएं तय करेंगी, तरीका भी हमारी सेनाएं तय करेंगी और शर्तें भी हमारी होंगी। दूसरा- एटम बम की गीदड़ भभकियों से भारत डरने वाला नहीं है। तीसरा- हम आतंक के आकाओं और आतंक की सरपरस्त सरकार को अलग-अलग नहीं देखेंगे, उन्हें एक ही मानेंगे। पाकिस्तान का ये खेल अब नहीं चलेगा।”

पीएम मोदी ने पाकिस्तान को भारी कीमत चुकाने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अब भारत ने दो टूक साफ कर दिया है कि हर आतंकी हमले की पाकिस्तान को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ये कीमत पाकिस्तान की सेना और वहां की अर्थव्यवस्था चुकाएगी। पाकिस्तान ने अगर आतंकियों को एक्सपोर्ट करना जारी रखा तो उसको पाई-पाई के लिए मोहताज होना होगा। पाकिस्तान को भारत के हक का पानी नहीं मिलेगा। भारतीयों के खून से खेलना पाकिस्तान को अब महंगा पड़ेगा।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ये संयोग ही है कि 5 साल पहले जब बालाकोट में देश ने एयर स्ट्राइक की थी, उसके बाद मेरी पहली जनसभा राजस्थान में ही सीमा पर हुई थी। वीरभूमि का ही ये तप है कि ऐसा संयोग बन जाता है। अब इस बार जब ऑपरेशन सिंदूर हुआ, तो उसके बाद मेरी पहली जनसभा फिर यहां बीकानेर में आप सभी के बीच हो रही है।

उन्होंने आगे कहा, “एयर स्ट्राइक के बाद मैं जब चुरू आया था, तो मैंने कहा था कि “सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं देश नहीं मिटने दूंगा, मैं देश नहीं झुकने दूंगा।” आज मैं राजस्थान की धरती से देशवासियों से बड़ी नम्रता से कहना चाहता हूं कि जो सिंदूर मिटाने निकले थे, उन्हें मिट्टी में मिलाया गया है। जो हिंदुस्तान का लहू बहाते थे, आज कतरे-कतरे का हिसाब चुकाया है। जो सोच चुके थे कि भारत चुप रहेगा, आज वो घरों में दुबके पड़े हैं। जो अपने हथियारों पर घमंड करते थे, आज वो मलबे के ढेर में दबे हुए हैं।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “ये शोध-प्रतिशोध का खेल नहीं, ये न्याय का नया स्वरूप है। ये ‘ऑपरेशन सिंदूर’ है। ये सिर्फ आक्रोश नहीं है, ये समग्र भारत का रौद्र रूप है। ये भारत का नया स्वरूप है। पहले घर में घुसकर वार किया था, अब सीधा सीने पर प्रहार किया है। आतंक का फन कुचलने की यही नीति है, यही रीति है। यही भारत है, नया भारत है।”

राष्ट्रीय समाचार

जी-20 में भारत ने किया अमेरिका के ग्रोथ एजेंडे का समर्थन, सीतारमण बोलीं-वैश्विक असंतुलन दूर करना जरूरी

Published

on

भारत ने जी20 की अमेरिकी अध्यक्षता के तहत आर्थिक विकास, वैश्विक असंतुलन और वित्तीय साक्षरता पर फोकस का समर्थन किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के साथ ‘सकारात्मक और रचनात्मक’ द्विपक्षीय बैठक के बाद यह बात कही।

आईएएनएस को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में वित्त मंत्री ने कहा कि नई दिल्ली और वाशिंगटन अमेरिकी अध्यक्षता में चर्चा किए जा रहे मुख्य मुद्दों पर एक ही राय रखते हैं।

उन्होंने कहा, “अमेरिकी अध्यक्षता ने विकास को प्राथमिकता बताया है। इसने वैश्विक असंतुलन को एक चिंता के रूप में बताया है। अमेरिका ने वित्तीय साक्षरता को भी बहुत स्पष्ट रूप से उच्च महत्व दिया है, जो वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के लिए व्यक्तिगत रूप से बहुत प्रिय विषय है। तो इन सभी मुद्दों पर हम अमेरिका के साथ पूरी तरह से हैं।”

उन्होंने कहा कि भारत चाहता है कि जी20 सदस्य अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाली चुनौतियों पर खुलकर चर्चा करें। उन्होंने कहा, “ये वो बिंदु हैं जिन पर हम भी निष्पक्ष, खुली चर्चा चाहते हैं। विकास जी20 के वित्तीय ट्रैक के लिए एक केंद्रीय बिंदु है। इसी तरह वैश्विक असंतुलन को भी सुलझाना होगा।”

वित्त मंत्री ने वाशिंगटन द्वारा तय की गई प्राथमिकताओं का स्वागत किया और कहा कि भारत एशविले में चल रही चर्चाओं में सक्रिय योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा, “मैं इन बिंदुओं को उठाने के लिए अमेरिकी अध्यक्षता की सराहना करती हूं, और आज हुई चर्चाओं में हमने योगदान दिया है।”

वित्त मंत्री सीतारमण ने दिन में आर्थिक और वित्तीय मुद्दों पर द्विपक्षीय बातचीत के लिए बेसेंट से मुलाकात भी की। उन्होंने कहा, “मैं यहां यह भी जोड़ना चाहती हूं कि आज वित्त मंत्री बेसेंट के साथ मेरी बहुत ही सकारात्मक, रचनात्मक द्विपक्षीय चर्चा हुई है।”

उन्होंने इंटरव्यू में बैठक का कोई खास विवरण नहीं दिया। हालांकि, उनके बयान से संकेत मिला कि जी-20 के वित्तीय ट्रैक में विकास को केंद्र में रखने और वैश्विक अर्थव्यवस्था में असंतुलन को दूर करने की जरूरत पर भारत और अमेरिका के बीच व्यापक सहमति है।

वित्त मंत्री ने जी20 बैठक के दौरान पोलैंड, कतर, दक्षिण कोरिया और रूस के प्रतिनिधियों के साथ भी अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं।

उन्होंने कहा, “पोलैंड, कतर, कोरिया, रूस के साथ भी मेरी बैठकें हुई हैं। ये सभी आज हुईं और बहुत ही सकारात्मक रहीं। सभी के हाथों में भारत के बारे में तथ्य थे और वे भारत के साथ अपने संबंधों को और गहरा करने के लिए उत्सुक हैं।”

वित्त मंत्री ने कहा कि कुछ चर्चाओं के बाद आगे और द्विपक्षीय आर्थिक बैठकें होंगी। दक्षिण कोरिया के साथ एक संवाद इस साल के अंत में होगा, जबकि कतर के साथ भी इसी साल संवाद होगा। उन्होंने कहा, “ऐसी कई गतिविधियां हैं जो हमने भारत और अर्थव्यवस्था और वित्त पर द्विपक्षीय जुड़ाव के लिए तय की हैं।”

जी20 बैठक में वित्त मंत्री की भागीदारी ऐसे समय में हो रही है जब भारत ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने बताया कि मैन्युफैक्चरिंग में 9.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि वित्तीय और पेशेवर सेवा क्षेत्र में 12.1 प्रतिशत का विस्तार हुआ है।

वित्त मंत्री ने इन आंकड़ों को वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की आर्थिक मजबूती का सबूत बताया। उन्होंने कहा कि जब भी नई चुनौतियां सामने आएंगी तो सरकार भारत को फायदेमंद स्थिति में लाने के लिए काम करेगी।

वित्त मंत्री सीतारमण ने अपनी विदेश यात्रा कनाडा से शुरू की थी, जहां उन्होंने कनाडा के वित्त मंत्री के साथ बातचीत की। इसके बाद वह फंडिंग एजेंसियों के साथ चर्चा के लिए शिकागो गईं और फिर जी20 बैठक के लिए एशविले पहुंचीं। यहां के कार्यक्रम पूरे करने के बाद वित्त मंत्री न्यूयॉर्क जाएंगी, जहां वह भारतीय बाजार में प्रवेश करने के इच्छुक निवेशकों से मिलेंगी।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

अमेरिकी राजदूत गोर किर्गिस्तान के राष्ट्रपति जापारोव से मिले, साझेदारी बढ़ाने पर जताई प्रतिबद्धता

Published

on

अमेरिका ने किर्गिस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की इच्छा जताई है। अमेरिकी पक्ष ने सोमवार को बिश्केक में किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव से मुलाकात के बाद कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग के कई नए अवसर मौजूद हैं।

अमेरिका के नई दिल्ली में राजदूत और दक्षिण और मध्य एशिया में राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के प्रतिनिधि सर्जियो गोर ने कहा, “बिश्केक में किर्गिज गणराज्य के राष्ट्रपति झापारोव से मुलाकात की। हमारे पास दोनों देशों के लिए मिलकर काम करने के कई बेहतरीन अवसर हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका अगले महीने राष्ट्रपति जापारोव के स्वागत के लिए उत्सुक है। इस दौरान दोनों देश अपनी बढ़ती साझेदारी को और आगे ले जाने की दिशा में बातचीत करेंगे।

दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय सहयोग, निवेश, डिजिटल तकनीक और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर चर्चा हुई। जापारोव आने वाले समय में अमेरिका की यात्रा पर भी जाने वाले हैं।

इस मुलाकात को मध्य एशिया में अमेरिका की बढ़ती सक्रियता के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमेरिका और किर्गिस्तान के बीच व्यापार, निवेश, सुरक्षा, ऊर्जा और क्षेत्रीय संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

अमेरिका शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का सदस्य नहीं है। गोर के दौरे को आधिकारिक रूप से किर्गिजस्तान की स्वतंत्रता दिवस की 35वीं वर्षगांठ और विश्व नोमैड गेम्स के उद्घाटन से जोड़ा गया है।

पिछले साल तियानजिन में हुए एससीओ सम्मेलन के दौरान मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग की एक साथ तस्वीरें अमेरिका में चर्चा का कारण बनी थीं। ट्रंप प्रशासन की टैरिफ नीति और रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर दबाव के बीच पीएम मोदी की चीन यात्रा से वॉशिंगटन काफी असहज हो गया था।

विपक्ष और आलोचकों ने ट्रंप पर आरोप लगाया था कि उनकी नीतियों की वजह से भारत अमेरिका से दूर जा रहा है। ट्रंप ने खुद सोशल मीडिया पर कहा था कि अमेरिका ने भारत और रूस को चीन के पाले में खो दिया है।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से पहले उद्योग जगत से चर्चा करेगा वाणिज्य मंत्रालय, निर्यातकों की चिंताओं पर होगा मंथन

Published

on

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर जारी बातचीत के बीच वाणिज्य मंत्रालय मंगलवार को उद्योग संगठनों और निर्यात संवर्धन परिषदों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेगा, जिसका उद्देश्य भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करना और विभिन्न क्षेत्रों की चिंताओं एवं सुझावों को समझना है।

बैठक की अध्यक्षता वाणिज्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन करेंगे, जो भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए भारत के मुख्य वार्ताकार भी हैं। बैठक में हाल के व्यापारिक रुझानों, विभिन्न क्षेत्रों के निर्यात प्रदर्शन और अमेरिकी बाजार से जुड़े मौजूदा मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।

बैठक में फार्मास्युटिकल्स, इंजीनियरिंग, वस्त्र, कृषि, रसायन, समुद्री उत्पाद, चमड़ा, ऑटोमोबाइल, ऑटो कंपोनेंट्स, हस्तशिल्प और प्लास्टिक उद्योग के प्रतिनिधियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। इसके अलावा सीआईआई, फिक्की, एसोचैम और फियो जैसे प्रमुख उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि भी विचार-विमर्श में शामिल होंगे।

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सितंबर के अंत में अमेरिका की यात्रा पर जाने वाले हैं। वह 30 सितंबर से मिल्वौकी में आयोजित होने वाली जी-20 व्यापार मंत्रिस्तरीय बैठक में हिस्सा लेंगे और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर के साथ द्विपक्षीय चर्चा भी करेंगे।

हाल ही में पीयूष गोयल ने कहा था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का पहला चरण तभी लागू होगा जब अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर या कम से कम तुलनात्मक लाभ प्राप्त हो। इसी कारण मंत्रालय उद्योग जगत से सीधे फीडबैक लेकर यह समझना चाहता है कि मौजूदा शुल्क व्यवस्था और व्यापारिक बाधाओं का विभिन्न क्षेत्रों पर क्या प्रभाव पड़ रहा है।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने हाल ही में कहा था कि भारत और अमेरिका दोनों फरवरी में तय किए गए ढांचे के आधार पर व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर नियमित संपर्क बना हुआ है और वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।

हालांकि, फरवरी में पहले चरण की प्रगति के बाद अमेरिका में कुछ नए घटनाक्रम सामने आए हैं, जिनसे अनिश्चितता बढ़ी है। वर्तमान में भारतीय निर्यात पर अमेरिका में सेक्शन 301 जांच के तहत लगाए गए अतिरिक्त 10 प्रतिशत शुल्क का असर पड़ रहा है। यह जांच कथित जबरन श्रम संबंधी चिंताओं से जुड़ी हुई है।

इसके अलावा, अमेरिकी सीनेट ने हाल ही में एक प्रतिबंध संबंधी विधेयक को मंजूरी दी है, जिसके तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से तेल खरीदने वाले प्रमुख देशों के निर्यात पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का अधिकार मिल सकता है। भारत उन देशों में शामिल है जो बड़ी मात्रा में रूसी कच्चे तेल का आयात कर रहे हैं। जुलाई में भारत के कुल कच्चे तेल आयात में रूसी तेल की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक रही थी।

हालांकि इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए वाणिज्य सचिव ने कहा कि यह अमेरिका की आंतरिक विधायी प्रक्रिया का हिस्सा है और भारत फिलहाल व्यापार समझौते पर रचनात्मक बातचीत जारी रखे हुए है।

Continue Reading
Advertisement
राष्ट्रीय समाचार4 minutes ago

जी-20 में भारत ने किया अमेरिका के ग्रोथ एजेंडे का समर्थन, सीतारमण बोलीं-वैश्विक असंतुलन दूर करना जरूरी

राष्ट्रीय समाचार16 hours ago

दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर बोले अरविंद केजरीवाल- 1.5 करोड़ में से 47 लाख मतदाता गायब

खेल18 hours ago

प्रीमियर लीग: फर्नांडीस की हैट्रिक, मैनचेस्टर यूनाइटेड ने इप्सविच को 5-2 से हराया

व्यापार18 hours ago

सोने में बड़ी तेजी की संभावना, बुल केस में साल के अंत तक 5,600 डॉलर और चांदी 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है: रिपोर्ट

अंतरराष्ट्रीय समाचार18 hours ago

अमेरिकी राजदूत गोर किर्गिस्तान के राष्ट्रपति जापारोव से मिले, साझेदारी बढ़ाने पर जताई प्रतिबद्धता

राष्ट्रीय समाचार19 hours ago

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से पहले उद्योग जगत से चर्चा करेगा वाणिज्य मंत्रालय, निर्यातकों की चिंताओं पर होगा मंथन

राजनीति19 hours ago

राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर पर भड़की मध्य प्रदेश कांग्रेस कांग्रेस, कहा- कार्रवाई शुद्धिकरण कराने वालों पर होनी चाहिए

राष्ट्रीय समाचार21 hours ago

राहुल गांधी पर एफआईआर के बाद कांग्रेस का भाजपा पर हमला, देशभर में प्रदर्शन का ऐलान

राष्ट्रीय समाचार21 hours ago

जम्मू-कश्मीर में एमबीबीएस-बीडीएस इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन, स्टाइपेंड को 30 हजार रुपये करने की मांग

राष्ट्रीय समाचार21 hours ago

जज को प्रभावित करने की कोशिश मामले में सुकेश की अर्जी पर दिल्ली पुलिस ने उठाए सवाल, 3 नवंबर को होगी सुनवाई

महाराष्ट्र4 weeks ago

महाराष्ट्र में मछली पकड़ने पर 15 अगस्त तक पाबंदी, मंत्री नितेश राणे ने गोवा से मांगा सहयोग

मनोरंजन4 weeks ago

जाह्नवी कपूर ने शिखर पहाड़िया और परिवार के साथ बिताए गए खास पलों की तस्वीरें शेयर कीं

व्यापार3 weeks ago

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का पहली तिमाही में घाटा बढ़ा, 249 करोड़ रुपए का हुआ नुकसान

मनोरंजन4 weeks ago

‘खतरनाक स्टंट करने की हिम्मत देते हैं’, फरहाना भट्ट ने रोहित शेट्टी को बताया मजबूत सपोर्ट

महाराष्ट्र3 weeks ago

महाराष्ट्र: टीईटी पेपर लीक मामले में पुलिस प्रशिक्षण संस्थान का संचालक गिरफ्तार, भिवंडी कोर्ट में किया जा सकता है पेश

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

भारत का लक्ष्य 2030 तक 10,000 जीआई पंजीकरण और एफटीए के लिए वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाना

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

ओडिशा पुलिस की बड़ी सफलता, 6 महीने में 17,590 गुमशुदा महिलाएं और बच्चे खोजे गए

राजनीति3 weeks ago

केजरीवाल के कार्यकाल में सरकार को भारी जीएसटी नुकसान, रिश्वत-वसूली के लिए नहीं की गई कार्रवाई: प्रवेश वर्मा

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

सरकारी योजनाओं के दम पर भारतीय विनिर्माण क्षेत्र की रफ्तार मजबूत, 10.88 प्रतिशत सीएजीआर से बढ़ रहा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर

अंतरराष्ट्रीय समाचार3 days ago

जापान: 11 साल बाद जन्मदर में मामूली सुधार, इस साल छह महीने में 3.42 लाख बच्चों का जन्म

रुझान